<rss version="2.0" xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/" xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/" xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"><channel><lastBuildDate>Mon, 07 Sep 2026 18:54:06 +0530</lastBuildDate><title><![CDATA[ Bhakti Times]]></title><link>https://www.bhaktitimes.in/latest</link><language/><description><![CDATA[ Bhakti Times ]]> </description><item><guid isPermaLink="false">156103996</guid><pubDate>Mon, 07 Sep 2026 18:46:44 +0530</pubDate><title><![CDATA[ सुबह उठते ही आईने में देखना क्यों माना जाता है अशुभ? जानें वास्तु की मान्यता ]]></title><description><![CDATA[ Mirror Vastu: सुबह उठते ही आईने में देखने को लेकर वास्तु शास्त्र में कुछ मान्यताएं जरूर मिलती हैं। इसलिए अगर आप वास्तु में विश्वास करते हैं तो ये खबर आपके काम आ सकती है। ]]></description><link><![CDATA[ https://www.bhaktitimes.in/vastu-tips/vastu-shastra-tips-mirror-rules-according-to-vastu-article-156103996 ]]></link><content:encoded><![CDATA[ <div><img class="type:primaryImage" src="https://images.bhaktitimes.in/thumb/msid-156103991,thumbsize-107458,width-1280,height-720,resizemode-75/156103991.jpg" alt="vastu shastra tips mirror rules according to vastu" /></div><p><strong>Mirror Vastu: </strong>सुबह उठते ही बहुत से लोगों की नजर सबसे पहले आईने पर जाती है। कोई चेहरा देखता है तो कोई उठते ही अपना लुक चेक करने लगता है। वास्तु शास्त्र में सुबह के समय आईने में देखने को लेकर कुछ खास बातें कही गई हैं जो आपके बेहद काम आ सकती हैं। वास्तु की मान्यताओं के अनुसार, सुबह उठने के तुरंत बाद आईने में अपना चेहरा देखने से बचना चाहिए। इसके पीछे नकारात्मक ऊर्जा और दिन की शुरुआत से जुड़ी कुछ धारणाएं बताई जाती हैं। आइए जानते हैं कि आखिर सुबह आईना देखने को लेकर ऐसी बातें क्यों कही जाती हैं।</p><p><h2>सुबह का समय माना जाता है खास</h2></p><p>सुबह उठने के बाद का समय दिन की शुरुआत का समय होता है। इस दौरान मन अपेक्षाकृत शांत रहता है। भारतीय परंपरा में सुबह उठकर प्रार्थना, ध्यान या भगवान का स्मरण करने की सलाह दी जाती रही है। वास्तु और धार्मिक मान्यताओं में भी सुबह की पहली सोच और पहला काम महत्वपूर्ण माना जाता है। इसलिए कहा जाता है कि दिन की शुरुआत सकारात्मक विचारों के साथ करनी चाहिए, न कि तुरंत अपने प्रतिबिंब को देखने से।</p><p><h2>रातभर आईने में नकारात्मक ऊर्जा जमा होने की मान्यता</h2></p><p>वास्तु से जुड़ी मान्यताओं में आईने को ऊर्जा को प्रतिबिंबित करने वाली वस्तु माना जाता है। कहा जाता है कि रात के समय कमरे में मौजूद ऊर्जा का प्रभाव आईने पर पड़ सकता है। इसी धारणा के आधार पर कुछ वास्तु विशेषज्ञ सुबह उठते ही आईने में देखने से बचने की सलाह देते हैं।</p><p><h2>बेड के सामने आईना लगाने से भी बचें</h2></p><p>वास्तु में सिर्फ सुबह आईना देखने को लेकर ही नहीं, बल्कि आईना कहां लगाया जाए, इसे लेकर भी कई नियम बताए गए हैं। खासतौर पर बेड के ठीक सामने आईना लगाने से बचने की सलाह दी जाती है। मान्यता है कि सोते समय व्यक्ति का प्रतिबिंब आईने में दिखाई देना मानसिक बेचैनी का कारण बन सकता है। इसी वजह से कई लोग बेड के सामने लगे आईने को रात में ढककर रखते हैं।</p><p><h2>दिन की शुरुआत सकारात्मक सोच से करने की सलाह</h2></p><p>भारतीय परंपरा में सुबह उठकर भगवान का नाम लेने, अपने इष्ट का स्मरण करने या कुछ सकारात्मक सोचने की परंपरा रही है। इसका मकसद दिन की शुरुआत अच्छे विचारों के साथ करना है। अगर आप वास्तु की मान्यताओं को मानते हैं तो सुबह उठकर सबसे पहले आईना देखने के बजाय कुछ मिनट प्रार्थना या ध्यान कर सकते हैं। इससे मन को भी शांति मिल सकती है और दिन की शुरुआत सुकून के साथ होगी।</p> ]]></content:encoded><dc:creator><![CDATA[ Bhakti Times ]]></dc:creator></item><item><guid isPermaLink="false">156103036</guid><pubDate>Mon, 07 Sep 2026 18:31:39 +0530</pubDate><title><![CDATA[ मंगल का कर्क राशि में गोचर: अगले 66 दिनों तक इन 5 राशियों के लिए रहेगा विशेष समय ]]></title><description><![CDATA[ ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रहों के सेनापति मंगल जल्द ही चंद्रमा की राशि कर्क में प्रवेश करने जा रहे हैं। यह गोचर अगले 66 दिनों तक चलेगा, जिससे 5 विशेष राशियों को लाभ मिलने की संभावना है। ]]></description><link><![CDATA[ https://www.bhaktitimes.in/rashifal/mangal-gochar-in-cancer-horoscope-impact-on-5-zodiac-signs-article-156103036 ]]></link><content:encoded><![CDATA[ <div><img class="type:primaryImage" src="https://images.bhaktitimes.in/thumb/msid-156103035,thumbsize-794403,width-1280,height-720,resizemode-75/156103035.jpg" alt="mangal-gochar-in-cancer-horoscope-impact-on-5-zodiac-signs" /></div><p>ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों के सेनापति कहे जाने वाले मंगल का गोचर अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। मंगल की चाल में होने वाला परिवर्तन न केवल व्यक्तिगत जीवन को प्रभावित करता है, बल्कि यह विभिन्न राशियों के लिए अलग-अलग परिणाम भी लेकर आता है। हालिया ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, मंगल ग्रह जल्द ही चंद्रमा की राशि कर्क में प्रवेश करने वाले हैं। यह गोचर कुल 66 दिनों की अवधि तक प्रभावी रहेगा।</p><p>ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, मंगल का यह गोचर कुछ विशेष राशियों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो सकता है। माना जा रहा है कि इस अवधि के दौरान इन राशियों के जातकों की किस्मत में सकारात्मक बदलाव आ सकते हैं और उन्हें विभिन्न क्षेत्रों में सफलता प्राप्त हो सकती है। हालांकि, ज्योतिष में ग्रहों के प्रभाव को एक पारंपरिक दृष्टिकोण से देखा जाता है और इसे व्यक्तिगत जीवन के अनुभवों के साथ जोड़कर समझा जाता है।</p><p><h2>मंगल के गोचर का प्रभाव और विशेष राशियां</h2>मंगल के कर्क राशि में प्रवेश करने से बनने वाली स्थिति को ज्योतिष के जानकारों द्वारा काफी प्रभावशाली माना जा रहा है। अगले 66 दिनों तक चलने वाली इस खगोलीय स्थिति का लाभ मुख्य रूप से 5 राशियों को मिलने की संभावना जताई गई है। इन राशियों के जातकों के लिए यह समय विशेष रूप से फलदायी हो सकता है, जिसमें उन्हें कार्यक्षेत्र और व्यक्तिगत जीवन में उन्नति के अवसर मिल सकते हैं।</p><p>ज्योतिषीय परंपराओं में मंगल को साहस, ऊर्जा और पराक्रम का कारक माना गया है। जब मंगल जैसे शक्तिशाली ग्रह का गोचर होता है, तो इसका प्रभाव सभी राशियों पर पड़ता है, लेकिन कर्क राशि में मंगल का यह गोचर विशेष रूप से उन 5 राशियों के लिए शुभ संकेत लेकर आ रहा है। इन राशियों के जातकों को इस दौरान धैर्य और समझदारी के साथ अपने कार्यों को आगे बढ़ाने की सलाह दी जाती है ताकि वे इस समय का अधिकतम लाभ उठा सकें।</p><p>यह ध्यान रखना आवश्यक है कि ज्योतिषीय भविष्यवाणियां और गोचर के परिणाम पूरी तरह से पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित होते हैं। इन 66 दिनों की अवधि में मंगल की स्थिति में होने वाले बदलावों को लेकर ज्योतिष प्रेमियों में काफी उत्साह है। आने वाले समय में यह गोचर किस प्रकार से इन राशियों के जीवन में बदलाव लाता है, यह देखना दिलचस्प होगा।</p> ]]></content:encoded><dc:creator><![CDATA[ Bhakti Times ]]></dc:creator></item><item><guid isPermaLink="false">156103042</guid><pubDate>Mon, 07 Sep 2026 18:30:05 +0530</pubDate><title><![CDATA[ कुशाग्रहणी अमावस्या 2026: साल भर की पूजा के लिए इस दिन एकत्र की जाती है कुशा, जानें महत्व और नियम ]]></title><description><![CDATA[ पितृपक्ष से पहले आने वाली कुशाग्रहणी अमावस्या का विशेष महत्व है। इस दिन साल भर के धार्मिक कार्यों के लिए कुशा एकत्र की जाती है। जानें कुशा उखाड़ने की विधि और इससे जुड़ी परंपराएं। ]]></description><link><![CDATA[ https://www.bhaktitimes.in/rashifal/kushagrahani-amavasya-2026-significance-and-rituals-article-156103042 ]]></link><content:encoded><![CDATA[ <div><img class="type:primaryImage" src="https://images.bhaktitimes.in/thumb/msid-156103041,thumbsize-853002,width-1280,height-720,resizemode-75/156103041.jpg" alt="kushagrahani-amavasya-2026-significance-and-rituals" /></div><p>सनातन धर्म में अमावस्या तिथि का विशेष महत्व है, लेकिन भाद्रपद माह की अमावस्या को 'कुशाग्रहणी अमावस्या' के रूप में जाना जाता है। इसे कुशोत्पाटिनी और पिठौरी अमावस्या के नाम से भी पुकारा जाता है। यह तिथि पितृपक्ष के आगमन से ठीक पहले आती है, इसलिए इसका धार्मिक महत्व और अधिक बढ़ जाता है। इस दिन साल भर के लिए आवश्यक 'कुशा' (एक प्रकार की पवित्र घास) को विधि-विधान के साथ एकत्र करने की परंपरा है।</p><p>धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पूजा-पाठ, यज्ञ, हवन, तर्पण और श्राद्ध जैसे कार्यों में कुशा का उपयोग अनिवार्य माना गया है। माना जाता है कि कुशा के बिना किए गए धार्मिक अनुष्ठान अधूरे रह सकते हैं। इस वर्ष कुशाग्रहणी अमावस्या 10 सितंबर, गुरुवार को मनाई जाएगी। इस दिन एकत्र की गई कुशा का उपयोग पूरे वर्ष पितृपक्ष, गणपति महोत्सव, संकल्प और ग्रह शांति जैसे विभिन्न अनुष्ठानों में किया जाता है।</p><p><h2>कुशा एकत्र करने के नियम और परंपरा</h2>शास्त्रों के अनुसार, कुशा को किसी भी दिन नहीं उखाड़ा जाता है, बल्कि इसके लिए साल में केवल एक ही दिन निर्धारित है। कुशा को उखाड़ने के लिए सूर्योदय का समय सबसे उपयुक्त माना गया है। सूर्यास्त के बाद कुशा नहीं उखाड़नी चाहिए। परंपरा के अनुसार, कुशा को किसी औजार या कैंची से काटने के बजाय हाथों से सावधानीपूर्वक उखाड़ा जाता है, ताकि इसका अग्रभाग (ऊपरी हिस्सा) सुरक्षित रहे।</p><p>कुशा उखाड़ते समय मंत्रोच्चार की भी परंपरा है। मान्यता है कि 'विरंचिना सहोत्पन्न परमेष्ठिन्निसर्गज, नुद सर्वाणि पापानि दर्भ स्वस्तिकरो भव' मंत्र का जाप करते हुए इसे ग्रहण करना चाहिए। हालांकि, विभिन्न संप्रदायों और परंपराओं के अनुसार मंत्रों और विधि में थोड़ा अंतर हो सकता है। कुशा को उखाड़ने के बाद इसे साफ-सुथरे स्थान पर सुरक्षित रख लिया जाता है ताकि साल भर की पूजा में इसका उपयोग किया जा सके।</p><p><h2>धार्मिक अनुष्ठानों में कुशा का महत्व</h2>कुशा का उपयोग मुख्य रूप से 'पवित्री' बनाने में किया जाता है, जिसे पुरोहित यजमान की अनामिका अंगुली में धारण कराते हैं। पितृपक्ष के दौरान तर्पण और पिंडदान में कुशा का विशेष स्थान है। इसके अलावा, यज्ञोपवीत संस्कार, हवन और अन्य मांगलिक कार्यों में भी कुशा का प्रयोग अनिवार्य माना गया है। कुशाग्रहणी अमावस्या के अगले दिन स्नान और दान की अमावस्या होती है, जिसका अपना अलग महत्व है।</p> ]]></content:encoded><dc:creator><![CDATA[ Bhakti Times ]]></dc:creator></item><item><guid isPermaLink="false">156102753</guid><pubDate>Mon, 07 Sep 2026 18:28:19 +0530</pubDate><title><![CDATA[ राशिफल 8 सितंबर: इन 6 राशियों के लिए कल का दिन रहेगा रोमांचक और सुखद ]]></title><description><![CDATA[ 8 सितंबर 2026 का दिन कुछ राशियों के लिए बेहद खास रहने वाला है। वैदिक ज्योतिष के अनुसार, ग्रहों की चाल से प्रभावित होकर 6 राशियों के जीवन में उत्साह और सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे। ]]></description><link><![CDATA[ https://www.bhaktitimes.in/rashifal/rashifal-8-september-2026-horoscope-prediction-article-156102753 ]]></link><content:encoded><![CDATA[ <div><img class="type:primaryImage" src="https://images.bhaktitimes.in/thumb/msid-156102752,thumbsize-697082,width-1280,height-720,resizemode-75/156102752.jpg" alt="rashifal-8-september-2026-horoscope-prediction" /></div><p>वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, ग्रहों और नक्षत्रों की निरंतर बदलती चाल का सीधा असर हमारे दैनिक जीवन पर पड़ता है। इसी गणना के आधार पर 8 सितंबर 2026 के लिए ज्योतिषीय आकलन किया गया है, जो बताता है कि आने वाला दिन सभी 12 राशियों के लिए किस प्रकार के संकेत लेकर आ रहा है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, 8 सितंबर का दिन विशेष रूप से 6 राशियों के जातकों के लिए काफी रोमांचक और सुखद रहने की संभावना है। इन राशियों के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा, जिससे उन्हें विभिन्न क्षेत्रों में लाभ मिलने के योग बन रहे हैं।</p><p><h2>किन राशियों के लिए रहेगा विशेष दिन</h2>ज्योतिष शास्त्र में कुल 12 राशियों का वर्णन किया गया है, जिनमें मेष से लेकर मीन राशि तक शामिल हैं। 8 सितंबर के दिन ग्रहों की स्थिति के कारण 6 राशियों के जातकों को विशेष रूप से सतर्कता और उत्साह के साथ आगे बढ़ने की सलाह दी गई है। इन राशियों के लिए यह दिन न केवल व्यक्तिगत जीवन में बल्कि अन्य कार्यों में भी नई संभावनाएं लेकर आ सकता है।</p><p>हालांकि, ज्योतिषीय दृष्टिकोण से यह दिन सभी के लिए एक समान नहीं होता है। जहां कुछ राशियों के लिए यह दिन लाभ और रोमांच से भरा रहने वाला है, वहीं कुछ अन्य राशियों के जातकों को अपने दैनिक कार्यों में सावधानी बरतने की आवश्यकता हो सकती है। ग्रहों की स्थिति के अनुसार, यह दिन उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण है जो अपने कार्यों में निरंतरता और सकारात्मकता बनाए रखना चाहते हैं।</p><p><h2>ज्योतिषीय गणना और सावधानी</h2>ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों की चाल को ही राशिफल का मुख्य आधार माना जाता है। 8 सितंबर के दिन जिन राशियों के लिए शुभ संकेत मिल रहे हैं, उन्हें अपने अवसरों का लाभ उठाने का प्रयास करना चाहिए। वहीं, जिन राशियों के लिए सतर्क रहने की बात कही गई है, उन्हें अपने निर्णयों में सावधानी बरतनी चाहिए ताकि किसी भी प्रकार की बाधा से बचा जा सके।</p><p>यह राशिफल केवल ग्रहों की चाल पर आधारित एक सामान्य आकलन है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, व्यक्ति को अपने कर्म और विवेक के साथ ही इन संकेतों को देखना चाहिए। 8 सितंबर का दिन सभी राशियों के लिए एक नया अनुभव लेकर आएगा, जिसमें ग्रहों का प्रभाव स्पष्ट रूप से देखा जा सकेगा।</p> ]]></content:encoded><dc:creator><![CDATA[ Bhakti Times ]]></dc:creator></item><item><guid isPermaLink="false">156103505</guid><pubDate>Mon, 07 Sep 2026 17:18:50 +0530</pubDate><title><![CDATA[ शाम ढलते ही तुलसी को हाथ लगाने से क्यों किया जाता है मना? जानें धार्मिक मान्यता ]]></title><description><![CDATA[ Tulsi Puja Rules: तुलसी का पौधा भारतीय घरों में आस्था, परंपरा और संस्कृति से गहराई से जुड़ा हुआ है। सूर्यास्त के बाद इसके पत्ते न तोड़ना और न छूना धार्मिक मान्यताओं का हिस्सा है। ]]></description><link><![CDATA[ https://www.bhaktitimes.in/festivals/tulsi-religious-significance-tulsi-puja-rules-article-156103505 ]]></link><content:encoded><![CDATA[ <div><img class="type:primaryImage" src="https://images.bhaktitimes.in/thumb/msid-156103498,thumbsize-139676,width-1280,height-720,resizemode-75/156103498.jpg" alt="tulsi religious significance tulsi puja rules" /></div><p><strong>Tulsi Puja Rules: </strong>भारत के ज्यादातर घरों में तुलसी का पौधा आसानी से देखने को मिल जाता है। तुलसी का पौधा बेहद पवित्र माना जाता है। घर के आंगन या बालकनी में तुलसी का पौधा रखना और रोज इसकी पूजा करना सदियों पुरानी परंपरा है। धार्मिक मान्यताओं में तुलसी को देवी तुलसी का स्वरूप माना गया है और इसका संबंध भगवान विष्णु से भी बताया जाता है। तुलसी को लेकर कुछ खास नियमों का पालन किया जाता है। आखिर ऐसा क्यों है? आइए आसान भाषा में समझते हैं।</p><p><h2>तुलसी को माना जाता है बेहद पवित्र</h2></p><p>हिंदू धर्म में तुलसी को पवित्रता और शुभता का प्रतीक माना जाता है। कई घरों में सुबह तुलसी के पौधे के पास दीपक जलाया जाता है और पूजा की जाती है। भगवान विष्णु की पूजा में भी तुलसी दल का विशेष महत्व बताया गया है। धार्मिक मान्यता है कि घर में तुलसी का पौधा होने से सकारात्मक माहौल बना रहता है। इसलिए इसके साथ भी सामान्य पौधों की तरह व्यवहार नहीं किया जाता। तुलसी के पत्ते तोड़ने से लेकर उसमें पानी देने तक के लिए कुछ परंपरागत नियम बताए गए हैं।</p><p><h2>सूर्यास्त के बाद तुलसी के पत्ते क्यों नहीं तोड़ते?</h2></p><p>मान्यता के अनुसार सूर्यास्त के बाद तुलसी के पौधे को छूना या उसके पत्ते तोड़ना उचित नहीं माना जाता। इसके पीछे धार्मिक सोच यह है कि शाम के बाद तुलसी माता विश्राम करती हैं। इसी वजह से सूर्यास्त के बाद तुलसी के पत्ते तोड़ने से बचने की परंपरा चली आ रही है। माना जाता है कि तुलसी का इस्तेमाल पूजा के लिए करना हो तो दिन के समय ही इसके पत्ते ले लेने चाहिए।</p><p><h2>रविवार को तुलसी में पानी देने की भी है मनाही</h2></p><p>रविवार का दिन भी तुलसी से जुड़े खास नियमों में शामिल है। कई हिंदू परिवारों में रविवार को तुलसी में पानी नहीं दिया जाता और इसके पत्ते भी नहीं तोड़े जाते। धार्मिक मान्यता के अनुसार रविवार को देवी तुलसी भगवान विष्णु के लिए व्रत रखती हैं। इसलिए इस दिन तुलसी के पौधे को छेड़ने से बचने की परंपरा है। यही कारण है कि घर के बड़े अक्सर कहते हैं कि रविवार को तुलसी को न तोड़ें, न ही उसमें पानी डालें।</p><p><h2>बिना स्नान किए तुलसी को छूने से क्यों बचते हैं?</h2></p><p>तुलसी को पवित्र पौधा माना जाता है, इसलिए इसकी पूजा से पहले शरीर और मन की शुद्धता पर जोर दिया जाता है। इसी वजह से बिना स्नान किए तुलसी को छूने या उसके पत्ते तोड़ने से बचने की परंपरा है। सुबह स्नान करने के बाद तुलसी को जल देना, दीपक जलाना और पूजा करना कई घरों की रोजाना की परंपरा है। इसका उद्देश्य तुलसी के प्रति सम्मान और श्रद्धा बनाए रखना है।</p><p><h2>तुलसी के पत्ते तोड़ते समय इन बातों का रखें ध्यान</h2></p><p>तुलसी के प्रति सम्मान रखना इस पूरी परंपरा का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। अगर पूजा के लिए तुलसी के पत्ते लेने हैं तो सुबह का समय बेहतर माना जाता है। पत्ते तोड़ते समय पौधे को नुकसान न पहुंचे, इसका ध्यान रखना चाहिए। एक साथ बहुत सारे पत्ते तोड़ने के बजाय जरूरत के अनुसार ही पत्ते लेना अच्छा माना जाता है।</p> ]]></content:encoded><dc:creator><![CDATA[ Bhakti Times ]]></dc:creator></item><item><guid isPermaLink="false">156103376</guid><pubDate>Mon, 07 Sep 2026 17:02:55 +0530</pubDate><title><![CDATA[ राशि के अनुसार चुनें 8 सितंबर 2026 का शुभ रंग, जानिए कौन सा कलर रहेगा आपके लिए खास ]]></title><description><![CDATA[ Zodiac Lucky Color: राशि के अनुसार सही रंग का चुनाव करना और उसी रंग का चयन करना पॉजिटिव एनर्जी लेकर आता है। तो चलिए जानते हैं 8 सितंबर 2026 के दिन सभी 12 राशियों के अनुसार शुभ रंग। ]]></description><link><![CDATA[ https://www.bhaktitimes.in/rashifal/aaj-ka-shubh-rang-lucky-color-today-zodiac-sign-lucky-color-article-156103376 ]]></link><content:encoded><![CDATA[ <div><img class="type:primaryImage" src="https://images.bhaktitimes.in/thumb/msid-156103375,thumbsize-140035,width-1280,height-720,resizemode-75/156103375.jpg" alt="aaj ka shubh rang lucky color today zodiac sign lucky color" /></div><p><strong>Zodiac Lucky Color: </strong>सही रंगों का चुनाव न केवल आपका आत्मविश्वास बढ़ाता है, बल्कि दिन को भी अधिक सकारात्मक और सफल बना सकता है। 8 सितंबर 2026 के दिन अगर आप अपनी राशि के अनुसार शुभ रंग चुनते हैं, तो यह आपके जीवन में संतुलन, सौभाग्य और प्रगति के नए अवसर खोल सकता है। ऐसे में अपनी राशि के अनुसार शुभ रंग (Today Lucky Color) अपनाना आपके लिए लाभकारी हो सकता है। आइए जानते हैं कि आज आपके लिए कौन सा रंग सबसे ज्यादा शुभ रहेगा।</p><p><h2>1. मेष- सफेद और पीला</p><p></h2></p><p>सफेद शांति और सकारात्मकता का प्रतीक है, जबकि पीला ज्ञान, उत्साह और शुभता से जुड़ा माना जाता है।</p><p><h2>2. वृषभ- हरा और नीला</h2></p><p>हरा विकास और आर्थिक स्थिरता का प्रतीक है, जबकि नीला शांति, धैर्य और संतुलन से जुड़ा माना जाता है।</p><p><h2>3. मिथुन- हरा और आसमानी</h2></p><p>हरा बुद्धि, विकास और नई संभावनाओं का प्रतीक है, जबकि आसमानी मन को शांत रखने और सकारात्मक सोच बढ़ाने वाला माना जाता है।</p><p><h2>4. कर्क- नारंगी और लाल</h2></p><p>नारंगी उत्साह और आध्यात्मिक ऊर्जा से जुड़ा है, जबकि लाल आत्मविश्वास, साहस और सक्रियता का प्रतीक माना जाता है।</p><p><h2>5. सिंह- पीला और नारंगी</h2></p><p>पीला आत्मविश्वास और सफलता की ऊर्जा से जुड़ा है, जबकि नारंगी उत्साह, रचनात्मकता और सकारात्मकता बढ़ाने वाला माना जाता है।</p><p><h2>6. कन्या- बैंगनी और आसमानी</h2></p><p>बैंगनी आध्यात्मिकता और मानसिक स्पष्टता का प्रतीक है, जबकि आसमानी शांति और संतुलित सोच से जुड़ा माना जाता है।</p><p><h2>7. तुला- हरा और सफेद</h2></p><p>हरा संतुलन, तरक्की और समृद्धि का प्रतीक है, जबकि सफेद शांति, सौहार्द और सकारात्मक ऊर्जा से जुड़ा माना जाता है।</p><p><h2>8. वृश्चिक- लाल और पीला</p><p></h2></p><p>लाल साहस और ऊर्जा का प्रतीक है, जबकि पीला शुभता, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच से जुड़ा माना जाता है।</p><p><h2>9. धनु- पीला और लाल</h2></p><p>पीला ज्ञान, भाग्य और शुभता का प्रतीक है, जबकि लाल उत्साह, आत्मविश्वास और ऊर्जा को बढ़ाने वाला माना जाता है।</p><p><h2>10. मकर- हरा और आसमानी</h2></p><p>हरा प्रगति और स्थिरता का प्रतीक है, जबकि आसमानी मानसिक शांति और सकारात्मक सोच से जुड़ा माना जाता है।</p><p><h2>11. कुंभ- हरा और नीला</h2></p><p>हरा विकास और नई संभावनाओं का प्रतीक है, जबकि नीला धैर्य, स्थिरता और मानसिक संतुलन से जुड़ा माना जाता है।</p><p><h2>12. मीन- लाल और नारंगी</h2></p><p>लाल ऊर्जा और आत्मविश्वास का प्रतीक है, जबकि नारंगी आध्यात्मिकता, सकारात्मकता और नई ऊर्जा से जुड़ा माना जाता है।</p><p><strong>डिसक्लेमर: </strong>यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। भक्ति Times इसकी पुष्टि नहीं करता है।</p> ]]></content:encoded><dc:creator><![CDATA[ Bhakti Times ]]></dc:creator></item><item><guid isPermaLink="false">156102850</guid><pubDate>Mon, 07 Sep 2026 15:27:05 +0530</pubDate><title><![CDATA[ महाप्रसाद से कीर्तन तक, दिल्ली के जगन्नाथ मंदिरों में ऐसे दिखता है ओडिशा ]]></title><description><![CDATA[ Jagannath Temple Delhi: दिल्ली जैसी व्यस्त जगह में धार्मिक स्थल लोगों को कुछ पल ठहरने का मौका देते हैं। जगन्नाथ मंदिर भी इसी तरह का अनुभव देते हैं।  ]]></description><link><![CDATA[ https://www.bhaktitimes.in/festivals/jagannath-temple-delhi-spiritual-places-in-delhi-article-156102850 ]]></link><content:encoded><![CDATA[ <div><img class="type:primaryImage" src="https://images.bhaktitimes.in/thumb/msid-156102849,thumbsize-216060,width-1280,height-720,resizemode-75/156102849.jpg" alt="jagannath temple delhi spiritual places in delhi" /></div><p><strong>Jagannath Temple Delhi:</strong> दिल्ली शहर के बीचों-बीच कई ऐसी जगहें हैं, जहां आपको अलग-अलग राज्यों की संस्कृति और परंपराओं की झलक देखने को मिल जाती है। दिल्ली का जगन्नाथ मंदिर बेहद खास है। ये मंदिर सिर्फ पूजा-पाठ की जगह नहीं हैं, बल्कि यहां ओडिशा की संस्कृति, खान-पान और धार्मिक परंपराओं को भी करीब से महसूस करने का मौका मिलता है। यहां होने वाले कीर्तन, महाप्रसाद और ओडिशा के पारंपरिक पकवान बेहद खास हैं। खासकर चना पोडो और रसगुल्ला जैसे व्यंजन मंदिर से जुड़े आपको अनुभव को और खास बना देगें।</p><p><h2>दिल्ली में मिलता है ओडिशा जैसा माहौल</h2></p><p>शहर की भागदौड़ के बीच जब लोग मंदिर पहुंचते हैं तो उन्हें सिर्फ पूजा करने का मौका नहीं मिलता, बल्कि अपने घर और अपनी संस्कृति से जुड़ने का एहसास भी होता है। हौज खास का श्री जगन्नाथ मंदिर और त्यागराज नगर का जगन्नाथ मंदिर ऐसे ही प्रमुख स्थानों में गिने जाते हैं। यहां होने वाले धार्मिक कार्यक्रमों और अनुष्ठानों में ओडिशा की परंपराओं की झलक देखने को मिलती है। मंदिर परिसर में पहुंचते ही माहौल कुछ अलग महसूस होता है। कहीं भजन-कीर्तन चल रहा होता है, तो कहीं भक्त भगवान जगन्नाथ के दर्शन के लिए इंतजार करते नजर आते हैं। कई लोगों के लिए यह जगह कुछ समय के लिए शहर की तेज रफ्तार जिंदगी से दूर होने का जरिया भी बन जाती है।</p><p><h2>भगवान जगन्नाथ की भक्ति से जुड़ता है समुदाय</h2></p><p>भगवान जगन्नाथ की भक्ति सिर्फ ओडिशा तक सीमित नहीं है। देश के अलग-अलग हिस्सों में भगवान जगन्नाथ के मंदिर और उनसे जुड़ी परंपराएं देखने को मिलती हैं। दिल्ली में भी इन मंदिरों ने ओडिया समुदाय को एक साथ जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। त्योहारों और खास धार्मिक अवसरों पर मंदिरों में भक्तों की संख्या बढ़ जाती है। पूजा, कीर्तन और दूसरे कार्यक्रमों में लोग परिवार के साथ शामिल होते हैं। ऐसे मौकों पर मंदिर सिर्फ धार्मिक स्थल नहीं रहता, बल्कि समुदाय के लोगों के मिलने-जुलने की जगह भी बन जाता है।</p><p><h2>महाप्रसाद में छिपी है ओडिशा की खास पहचान</h2></p><p>जगन्नाथ परंपरा में महाप्रसाद का अपना विशेष महत्व है। भगवान को भोग लगाने के बाद इसे भक्तों के बीच प्रसाद के रूप में बांटा जाता है। इसे सिर्फ खाना समझना सही नहीं होगा, क्योंकि इसके साथ धार्मिक आस्था और परंपरा भी जुड़ी हुई है। महाप्रसाद की सबसे खास बात इसकी सादगी है। पारंपरिक भोजन में दाल, चावल, अलग-अलग तरह की सब्जियां और खीर जैसे व्यंजन शामिल हो सकते हैं। भोजन में प्याज और लहसुन का इस्तेमाल नहीं किया जाता, फिर भी इसका स्वाद काफी खास होता है। भक्तों के लिए महाप्रसाद का अनुभव इसलिए भी खास होता है क्योंकि यहां भोजन को भगवान का प्रसाद मानकर ग्रहण किया जाता है। यही वजह है कि मंदिर आने वाले कई लोगों के लिए दर्शन के साथ महाप्रसाद का अनुभव भी यात्रा का अहम हिस्सा बन जाता है।</p><p><h2>सुबह की पूजा से शाम की आरती तक</h2></p><p>अगर आप दिल्ली के किसी जगन्नाथ मंदिर में कुछ समय बिताते हैं तो यहां दिन की शुरुआत धार्मिक गतिविधियों से होती दिखाई दे सकती है। सुबह पूजा और भोग की परंपरा के बाद दिन में अलग-अलग समय पर भगवान को भोग लगाया जाता है। शाम के समय मंदिर का माहौल और भी भक्तिमय हो जाता है। आरती के दौरान घंटियों और शंख की आवाज के साथ भजन-कीर्तन का माहौल बनता है। भक्त कुछ देर के लिए शांत होकर पूजा में शामिल होते हैं।</p> ]]></content:encoded><dc:creator><![CDATA[ Bhakti Times ]]></dc:creator></item><item><guid isPermaLink="false">156102559</guid><pubDate>Mon, 07 Sep 2026 14:51:45 +0530</pubDate><title><![CDATA[ सुख-दुख की लहरों से ऊपर कैसे उठें? अष्टावक्र गीता में जनक का जवाब ]]></title><description><![CDATA[ Ashtavakra Gita Hindi: अष्टावक्र गीता के इन श्लोकों में राजा जनक आत्मज्ञान की स्थिति को बहुत गहराई से समझाते हैं। इन शब्दों में आत्मज्ञान का रहस्य छिपा है। ]]></description><link><![CDATA[ https://www.bhaktitimes.in/dharm/ashtavakra-gita-hindi-chapter-18-advaita-vedanta-non-attachment-article-156102559 ]]></link><content:encoded><![CDATA[ <div><img class="type:primaryImage" src="https://images.bhaktitimes.in/thumb/msid-156102558,thumbsize-98203,width-1280,height-720,resizemode-75/156102558.jpg" alt="ashtavakra gita hindi chapter 18 advaita vedanta non attachment" /></div><p><strong>Ashtavakra Gita Hindi: </strong>भारतीय दर्शन के प्रमुख ग्रंथों में से एक अष्टावक्र गीता (Ashtavakra Gita) में राजा जनक और ऋषि अष्टावक्र के बीच संवाद के जरिए जीवन के कई बड़े सवालों के जवाब मिलते हैं। अष्टावक्र गीता की अपनी इस सीरीज के 12वें भाग में आज हम आपको श्लोक 74 से श्लोक 78 तक के अर्थों का सार बता रहे हैं। अष्टावक्र गीता के इन श्लोकों में राजा जनक आत्मज्ञान की स्थिति को बहुत गहराई से समझाते हैं।</p><p><strong>मय्यनन्तमहाम्भोधौ विश्वपोत इतस्ततः।</p><p>भ्रमति स्वान्तवातेन न ममास्त्यसहिष्णुता।। 74।।</strong></p><p>राजा जनक कह रहे हैं, 'मैं अनंत महासागर के समान हूं और यह संसार एक नाव की तरह मेरे भीतर इधर-उधर घूम रहा है। लेकिन यह सब मन रूपी हवा के कारण हो रहा है। इसलिए मुझे किसी तरह की बेचैनी या असहिष्णुता नहीं है।'</p><p><strong>मय्यनन्तमहाम्भोधौ जगद्वीचिः स्वभावतः।</p><p>उदेतु वास्तमायातु न मे वृद्धिर्न न क्षतिः।। 75।।</strong></p><p>राजा जनक कह रहे हैं, 'मैं अनंत महासागर के समान हूं और संसार रूपी लहरें अपने स्वभाव से उठती और फिर शांत हो जाती हैं। उनके उठने या मिटने से मुझमें न कोई वृद्धि होती है और न कोई कमी।'</p><p><strong>मय्यनन्तमहाम्भोधौ विश्वं नाम विकल्पना।</p><p>अतिशान्तो निराकार एतदेवाहमास्थितः।। 76।।</strong></p><p>राजा जनक कह रहे हैं, 'मैं अनंत महासागर के समान हूं और यह पूरा संसार केवल एक कल्पना या विचार के रूप में मेरे भीतर दिखाई देता है। मैं अत्यंत शांत, निराकार और स्थिर हूं। इसी अवस्था में मैं स्थित हूं।'</p><p><strong>नात्मा भावेषु नो भावस्तत्रानन्ते निरंजने।</p><p>इत्यसक्तोऽस्पृहः शान्त एतदेवाहमास्थिताः।। 77।।</strong></p><p>राजा जनक कह रहे हैं, 'आत्मा किसी वस्तु या भाव में नहीं है और कोई भी वस्तु उस अनंत, निर्मल आत्मा में वास्तव में बंधी हुई नहीं है। इस सत्य को जानकर मैं आसक्ति और इच्छाओं से मुक्त होकर शांत अवस्था में स्थित हूं।'</p><p><strong>अहो चिन्मात्रमेवाह मिन्द्रजालोपमं जगत्‌।</p><p>अतो मम कथं कुत्र हेयोपादेयकल्पना।। 78।।</strong></p><p>राजा जनक कह रहे हैं, 'अहो! यह पूरा संसार केवल चेतना मात्र में दिखाई देने वाला इंद्रजाल अर्थात जादू जैसा है। इसलिए मेरे लिए अब यह तय करने की कोई आवश्यकता नहीं कि क्या छोड़ना है और क्या अपनाना है।'</p><p><h2>इन पांचों श्लोकों का सार</h2></p><p>जनक का संदेश है कि हम अपनी परिस्थितियां नहीं हैं। हमारा वास्तविक स्वरूप उनसे कहीं अधिक विशाल और शांत है। जब व्यक्ति इस बात को अनुभव करने लगता है, तब आसक्ति, इच्छा, भय और पाना-खोना जैसी मानसिक उलझनें धीरे-धीरे कमजोर पड़ने लगती हैं।</p> ]]></content:encoded><dc:creator><![CDATA[ Bhakti Times ]]></dc:creator></item><item><guid isPermaLink="false">156102292</guid><pubDate>Mon, 07 Sep 2026 13:56:49 +0530</pubDate><title><![CDATA[ वास्तु के हिसाब से ऐसे व्यवस्थित करें अपना पूजा घर, बना रहेगा सकारात्मक माहौल ]]></title><description><![CDATA[ Puja Room Vastu: पूजा घर घर का वह हिस्सा है जहां सिर्फ सजावट नहीं, बल्कि शांति, आस्था और सकारात्मक सोच का माहौल बनना चाहिए। वास्तु के इन सुझावों को आप अपने घर की जगह और सुविधा के अनुसार अपना सकते हैं। ]]></description><link><![CDATA[ https://www.bhaktitimes.in/vastu-tips/vastu-shastra-for-home-temple-puja-room-vastu-article-156102292 ]]></link><content:encoded><![CDATA[ <div><img class="type:primaryImage" src="https://images.bhaktitimes.in/thumb/msid-156102282,thumbsize-172798,width-1280,height-720,resizemode-75/156102282.jpg" alt="vastu shastra for home temple puja room vastu" /></div><p><strong>Puja Room Vastu: </strong>घर में पूजा का कमरा वह स्थान होता है जहां हम कुछ देर के लिए रोजमर्रा की भागदौड़ से दूर होकर शांत बैठते हैं। सुबह की पूजा हो या शाम की आरती, पूजा घर का माहौल मन को सुकून देने वाला होना चाहिए। वास्तु शास्त्र में भी पूजा घर की दिशा, साफ-सफाई, मूर्तियों की स्थिति और रंगों को लेकर कई मान्यताएं बताई गई हैं। अगर आप अपने पूजा घर को नए तरीके से सजाने की सोच रहे हैं तो कुछ छोटी-छोटी बातों का ध्यान रख सकते हैं।</p><p><h2>पूजा घर के लिए कौन सी दिशा मानी जाती है सबसे अच्छी</h2></p><p>वास्तु की मान्यताओं में घर का उत्तर-पूर्व यानी ईशान कोण पूजा स्थान के लिए सबसे शुभ माना जाता है। अगर घर में ईशान कोण में पूजा घर बनाना संभव नहीं है तो पूर्व या उत्तर दिशा को भी विकल्प के तौर पर चुना जाता है।</p><p><h2>पूजा घर बहुत बड़ा होना जरूरी नहीं</h2></p><p>कई लोगों को लगता है कि पूजा के लिए अलग बड़ा कमरा होना चाहिए। ऐसा जरूरी नहीं है। अगर घर छोटा है तो एक साफ-सुथरी जगह पर छोटा मंदिर भी बनाया जा सकता है। वास्तु की मान्यताओं के अनुसार पूजा स्थान का आकार बहुत ज्यादा अजीब या अनियमित रखने से बचना चाहिए। चौकोर या आयताकार डिजाइन को सामान्य तौर पर बेहतर माना जाता है। सबसे जरूरी बात यह है कि पूजा की जगह साफ, व्यवस्थित और शांत हो।</p><p><h2>मंदिर का दरवाजा कैसा रखें?</h2></p><p>अगर आपके पूजा घर में दरवाजा है तो पूर्व या उत्तर दिशा की ओर खुलने वाला प्रवेश शुभ माना जाता है। लकड़ी के दरवाजे को भी पूजा स्थान के लिए पसंद किया जाता है। मंदिर का दरवाजा ऐसा हो जिसे आसानी से खोला-बंद किया जा सके। पूजा घर के सामने जूते-चप्पल, कपड़े या घर का बेकार सामान जमा न होने दें।</p><p><h2>भगवान की मूर्तियां कहां रखें?</h2></p><p>पूजा घर सजाते समय सबसे ज्यादा ध्यान भगवान की मूर्तियों पर दिया जाता है। वास्तु मान्यताओं में मूर्तियों को व्यवस्थित तरीके से रखने की सलाह दी जाती है। मूर्तियों को सीधे जमीन पर रखने के बजाय किसी साफ और उचित ऊंचाई वाले आसन या चौकी पर रखना बेहतर माना जाता है। एक और बात का ध्यान रखें कि मंदिर में जरूरत से ज्यादा मूर्तियां और तस्वीरें भरने से जगह अस्त-व्यस्त न लगे। जिस देवी-देवता की आप नियमित पूजा करते हैं, उनके लिए साफ और सम्मानजनक स्थान रखें।</p><p><h2>पूजा करते समय किस दिशा में मुंह करें?</h2></p><p>वास्तु के अनुसार पूजा करते समय पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुंह करना शुभ माना जाता है। यही वजह है कि मंदिर और पूजा करने की जगह की दिशा तय करते समय इस बात का भी ध्यान रखा जाता है। हालांकि घर की बनावट के कारण अगर यह संभव न हो तो पूजा के लिए उपलब्ध साफ और शांत स्थान का इस्तेमाल किया जा सकता है।</p><p><h2>पूजा घर के लिए कौन से रंग अच्छे हैं?</h2></p><p>पूजा घर में बहुत गहरे और आंखों को चुभने वाले रंगों की बजाय हल्के रंग ज्यादा शांत माहौल देते हैं। सफेद, क्रीम, हल्का पीला, हल्का गुलाबी या हल्का नीला जैसे रंग इस्तेमाल किए जा सकते हैं। अगर पूजा घर छोटा है तो हल्के रंग उसे ज्यादा खुला और साफ दिखाने में भी मदद कर सकते हैं।</p> ]]></content:encoded><dc:creator><![CDATA[ Bhakti Times ]]></dc:creator></item><item><guid isPermaLink="false">156101669</guid><pubDate>Mon, 07 Sep 2026 13:48:34 +0530</pubDate><title><![CDATA[ क्या सांप और कछुए की अंगूठी एक साथ पहनना शुभ है? जानें ज्योतिषीय नियम ]]></title><description><![CDATA[ ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सांप और कछुए की अंगूठी पहनने के अपने नियम हैं। क्या इन्हें एक साथ पहना जा सकता है और रत्न धारण करने से पहले किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है, जानें। ]]></description><link><![CDATA[ https://www.bhaktitimes.in/panchang/astrological-rules-for-wearing-snake-and-tortoise-rings-article-156101669 ]]></link><content:encoded><![CDATA[ <div><img class="type:primaryImage" src="https://images.bhaktitimes.in/thumb/msid-156101668,thumbsize-637814,width-1280,height-720,resizemode-75/156101668.jpg" alt="astrological-rules-for-wearing-snake-and-tortoise-rings" /></div><p>आजकल फैशन और ज्योतिषीय मान्यताओं के चलते बहुत से लोग सांप या कछुए की आकृति वाली अंगूठियां पहनते हैं। कई लोग इन्हें एक साथ भी धारण करते हैं, लेकिन क्या ऐसा करना ज्योतिष की दृष्टि से सही है? अक्सर लोग किसी को देखकर या बिना सोचे-समझे ऐसी अंगूठियां पहन लेते हैं, जबकि ज्योतिष शास्त्र में इसे लेकर कुछ महत्वपूर्ण नियम बताए गए हैं।</p><p>ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, किसी भी अंगूठी को केवल उसकी आकृति के आधार पर धारण करना उचित नहीं है। विशेष रूप से जब बात रत्न जड़ित अंगूठियों की हो, तो कुंडली का विश्लेषण करना अनिवार्य हो जाता है। यदि आप बिना किसी विशेषज्ञ की सलाह के इन्हें पहनते हैं, तो यह आपकी जन्मकुंडली में ग्रहों की स्थिति के विपरीत प्रभाव डाल सकता है।</p><p><h2>अंगूठी और ग्रहों का संबंध</h2>अक्सर लोग सांप की आकृति को राहु-केतु और कछुए को शनि का प्रतीक मान लेते हैं, लेकिन ज्योतिष के नजरिए से यह पूरी तरह सही नहीं है। किसी अंगूठी का प्रभाव उसमें लगे रत्न और उससे संबंधित ग्रह पर निर्भर करता है। उदाहरण के लिए, यदि सांप की अंगूठी में गोमेद लगा है, तो वह राहु से संबंधित मानी जाएगी, वहीं लहसुनिया होने पर केतु का प्रभाव देखा जाएगा।</p><p>इसी तरह, कछुए की आकृति को स्थिरता और संरक्षण का प्रतीक माना जाता है, लेकिन इसे किसी एक ग्रह से जोड़कर देखना गलत है। जब अंगूठी में रत्न जड़ा हो, तो उस रत्न के स्वामी ग्रह की स्थिति के अनुसार ही उसका फल मिलता है। इसलिए, केवल आकृति देखकर उसे किसी ग्रह का प्रतिनिधि मान लेना उचित नहीं है।</p><p><h2>धारण करने के नियम और सावधानियां</h2>यदि अंगूठी केवल धातु (जैसे सोना या चांदी) की बनी है और उसमें कोई रत्न नहीं है, तो उसे सीधे अशुभ नहीं कहा जा सकता। हालांकि, रत्न वाली अंगूठी के लिए दिन का चयन संबंधित ग्रह के अनुसार ही करना चाहिए। ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों के लिए अलग-अलग दिन निर्धारित हैं, जैसे रविवार सूर्य के लिए, सोमवार चंद्र के लिए, मंगलवार मंगल के लिए, बुधवार बुध के लिए, गुरुवार गुरु के लिए, शुक्रवार शुक्र के लिए और शनिवार शनि के लिए शुभ माना जाता है।</p><p>विशेषज्ञों की सलाह है कि बिना अपनी कुंडली दिखाए कई शक्तिशाली रत्नों को एक साथ धारण करने से बचें। सांप और कछुए की अंगूठी को एक साथ पहनने के मामले में भी यही नियम लागू होता है। यदि आप इन्हें पहनना चाहते हैं, तो पहले किसी कुशल ज्योतिषी से अपनी जन्मकुंडली का विश्लेषण करवाएं। अंगूठी धारण करते समय धातु, रत्न, संबंधित ग्रह और कुंडली में उस ग्रह की वर्तमान स्थिति का तालमेल बिठाना सबसे महत्वपूर्ण है। बिना सोचे-समझे किया गया चयन शुभ फल देने के बजाय विपरीत परिणाम भी दे सकता है।</p> ]]></content:encoded><dc:creator><![CDATA[ Bhakti Times ]]></dc:creator></item><item><guid isPermaLink="false">156102004</guid><pubDate>Mon, 07 Sep 2026 13:36:42 +0530</pubDate><title><![CDATA[ अपनी स्वराशि कन्या में विराजे बुध, इन 3 राशियों का चमकेगा भाग्य और पूरे होंगे रुके काम ]]></title><description><![CDATA[ Budh Gochar 2026: ग्रहों के राजकुमार बुध ने आज अपनी स्वराशि कन्या में गोचर कर लिया है। चलिए जानें इस राशि गोचर के सही समय, महत्व और प्रभाव आदि के बारे में। ]]></description><link><![CDATA[ https://www.bhaktitimes.in/rashifal/kanya-rashi-mai-budh-gochar-ka-fal-mercury-transit-2026-in-virgo-today-effect-on-zodiac-signs-article-156102004 ]]></link><content:encoded><![CDATA[ <div><img class="type:primaryImage" src="https://images.bhaktitimes.in/thumb/msid-156102150,thumbsize-151951,width-1280,height-720,resizemode-75/156102150.jpg" alt="kanya rashi mai budh gochar ka fal mercury transit 2026 in virgo today effect on zodiac signs" /></div><p><strong>Budh Gochar 2026 Date, Time &amp; Effect:</strong> आज 7 सितंबर 2026 को एक बड़ी ज्योतिषीय घटना घटी है। ग्रहों के राजकुमार बुध ने आज अपनी स्वराशि कन्या में गोचर किया है। इस साल पहली बार बुध ने अपनी राशि में प्रवेश किया है। वैदिक ज्योतिष शास्त्र में बताया गया है कि जब-जब बुध अपनी राशि में जाते हैं तो वो अधिक बलवान हो जाते हैं और राशियों पर गहरा प्रभाव डालते हैं। अब 26 सितंबर 2026 तक बुध बलवान ही रहेंगे। </p><p>द्रिक पंचांग के अनुसार, आज दोपहर में 1 बजकर 35 मिनट पर बुध की चाल बदली है, जो बुद्धि, त्वचा, वाणी, विवेक, संवाद, तर्क क्षमता, गणित, रिश्ते और व्यापार के दाता हैं। वहीं, अब 26 सितंबर को दोपहर 12 बजकर 41 मिनट पर बुध की चाल बदलेगी। आज हुए बुध के इस ज्योतिषीय गोचर से किन 3 राशियों को सितंबर 2026 के अंत तक लाभ होने के योग हैं, चलिए इस बारे में जानें।</p><p><h2><strong>मेष राशि</p><p></strong></h2>ग्रहों के राजकुमार बुध का आज दोपहर में गोचर करना मेष राशि वालों के लिए बढ़िया रहा है। यदि करियर से जुड़ी आपको कोई समस्या है तो वो दूर होगी। साथ ही समाज के प्रतिष्ठित लोगों से मेलजोल बढ़ेगा। आमदनी की बात करें तो उसमें उम्मीद से ज्यादा उछाल आने के योग हैं। जो लोग नई नौकरी की तलाश में हैं, उन्हें 26 सितंबर को दोपहर से पहले खुशखबरी मिलने की संभावना है। </p><p><h2><strong>तुला राशि</p><p></strong></h2>मेष के अलावा तुला राशि वालों के जीवन पर भी 26 सितंबर तक बुध गोचर का सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए किए गए प्रयास रंग लाएंगे। साथ ही समाज में नाम कमाने वाले लोगों से मेलजोल बढ़ेगा। पारिवारिक मामलों से छुटकारा मिलने की भी बुध गोचर के दौरान विवाहित जातकों को संभावना है। इसके अलावा लंबे समय से रुके हुए काम दोबारा गति पकड़ेंगे और आपको मोटा लाभ करवाएंगे। भौतिक सुखों की भी प्राप्ति आपको जल्द हो सकती है। </p><p><h2><strong>कुंभ राशि</p><p></strong></h2>आज दोपहर में हुए बुध गोचर से कुंभ राशि वालों के लिए अवसरों के नए द्वार खुलेंगे। जिन लोगों का खुद का कामकाज है, उन्हें कार्यों में आ रही बाधाओं से मुक्ति मिलेगी। नौकरी कर रहे लोग नई जिम्मेदारियों को अच्छे से निभाएंगे और खुश रहेंगे। बड़े और छोटे, हर तरह का निवेश करने के लिए बुध गोचर का समय कुंभ राशि वालों के लिए शुभ है। इसके अलावा घर की उलझनों से मुक्ति मिलेगी।</p><p>भक्ति टाइम्स पर ये भी पढ़ें- <a href="https://www.bhaktitimes.in/rashifal/mercury-transit-2026-uttaraphalguni-nakshatra-good-impact-on-3-zodiac-signs-budh-gochar-kitne-din-tak-rahega-article-156095923" data-type="tilCustomLink" target="_blank"><strong>अगले हफ्ते तक मजे करेंगे इन 3 राशियों के लोग, ग्रहों के राजा के नक्षत्र में स्थित राजकुमार रहेंगे मेहरबान</strong></a></p><p><h2><strong>बुध गोचर के दौरान इन बातों पर दें विशेष ध्यान</p><p></strong></h2></p><p>यदि आप चाहते हैं कि बुध ग्रह का नकारात्मक प्रभाव आपके जीवन पर न पड़े तो 26 सितंबर 2026 यानी बुध गोचर के दौरान किसी से भी झूठ न बोलें, दूसरों को धोखा न दें, महिला रिश्तेदारों का अनादर न करें, अपने आसपास सफाई रखें और अपने काम के प्रति ईमानदार रहें। इसके अलावा व्यापारिक मित्रों से संबंध खराब न करें।</p><p><strong>नोट: बुध राशि गोचर का प्रभाव आपकी व्यक्तिगत जन्म कुंडली में ग्रहों की स्थिति और महादशाओं पर भी निर्भर करेगा। यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है, जो केवल सूचना के लिए दी जा रही है। Bhakti Times इसकी पुष्टि नहीं करता है।</strong></p> ]]></content:encoded><dc:creator><![CDATA[ Bhakti Times ]]></dc:creator></item><item><guid isPermaLink="false">156102166</guid><pubDate>Mon, 07 Sep 2026 13:30:23 +0530</pubDate><title><![CDATA[ अधूरे काम पूरे करने और नई शुरुआत का महीना है सितंबर, जानें आध्यात्मिक मान्यता ]]></title><description><![CDATA[ Spiritual Journey: सितंबर को सिर्फ कैलेंडर का एक और पन्ना समझने के बजाय आप इसे अपने लिए एक छोटा सा reset month बना सकते हैं। ]]></description><link><![CDATA[ https://www.bhaktitimes.in/dharm/spiritual-journey-self-reflection-september-spiritual-meaning-article-156102166 ]]></link><content:encoded><![CDATA[ <div><img class="type:primaryImage" src="https://images.bhaktitimes.in/thumb/msid-156102163,thumbsize-102383,width-1280,height-720,resizemode-75/156102163.jpg" alt="spiritual journey self reflection september spiritual meaning" /></div><p><strong>Spiritual Journey: </strong>सितंबर का महीना हमें थोड़ा रुकने, पीछे देखने और आगे की दिशा तय करने का मौका देता है। आध्यात्मिक नजरिए से सितंबर महीने को आत्मचिंतन और बदलाव से जोड़कर देखा जाता है। यह समय खुद से यह पूछने का होता है कि हम जिस रास्ते पर चल रहे हैं, क्या वह सच में हमारे लिए सही है? किन चीजों को पीछे छोड़ना है और किन सपनों पर अब दोबारा ध्यान देना है?</p><p><h2>सितंबर और अंक 9 का कनेक्शन</h2></p><p>सितंबर साल का नौवां महीना है और अंक ज्योतिष में 9 को एक खास संख्या माना जाता है। अंक 9 को पूर्णता, अनुभव और किसी चक्र के पूरा होने से जोड़ा जाता है। इसलिए सितंबर आपके लिए यह सोचने का अच्छा समय हो सकता है कि इस साल अब तक आपने क्या सीखा, कहां गलती हुई और आगे क्या सुधार करना है।</p><p><h2>पुरानी चीजों को छोड़ने का समय</h2></p><p>हम अक्सर अपने साथ ऐसी कई बातें लेकर चलते रहते हैं जिनकी अब जरूरत नहीं होती। कोई पुरानी नाराजगी, किसी रिश्ते की कड़वाहट, असफलता का डर या किसी फैसले को लेकर पछतावा। सितंबर को आध्यात्मिक नजरिए से इन भावनाओं को पहचानने और धीरे-धीरे छोड़ने का समय माना जा सकता है।</p><p><h2>दिनचर्या में थोड़ा बदलाव करें</h2></p><p>आध्यात्मिक जागरण के लिए हमेशा कोई बड़ा अनुष्ठान करना जरूरी नहीं है। कई बार छोटे बदलाव ही काफी होते हैं। सुबह कुछ मिनट शांत बैठना, खुली हवा में टहलना या कुछ देर धूप में रहना दिन की शुरुआत को बेहतर बना सकता है। अगर संभव हो तो सुबह उठने के बाद कुछ समय मोबाइल से दूरी बनाकर रखें। आप चाहें तो 5 से 10 मिनट ध्यान कर सकते हैं। इस दौरान किसी खास विचार पर जोर देने की जरूरत नहीं है। बस अपनी सांसों पर ध्यान दें और मन को शांत होने दें।</p><p><h2>अपने अधूरे लक्ष्यों पर एक नजर डालें</h2></p><p>साल की शुरुआत में आपने भी कुछ लक्ष्य बनाए होंगे। सितंबर में एक बार उन्हें दोबारा देखना उपयोगी हो सकता है। खुद से पूछें-इनमें से कौन-सा लक्ष्य अभी भी मेरे लिए महत्वपूर्ण है? कौन-सी चीज सिर्फ इसलिए कर रहा हूं क्योंकि मैंने उसे साल की शुरुआत में तय किया था? सितंबर आपको प्राथमिकताएं दोबारा तय करने का मौका दे सकता है।</p><p><h2>संतुलन का संदेश भी देता है सितंबर</h2></p><p>सितंबर के आसपास उत्तरी गोलार्ध में मौसम में बदलाव महसूस होने लगता है। आगे चलकर शरद विषुव के समय दिन और रात लगभग बराबर होते हैं। इसी वजह से कई संस्कृतियों में इस समय को संतुलन से जोड़कर देखा गया है। आध्यात्मिक रूपक के तौर पर इसे जिंदगी में बैलेंस लाने का संकेत भी माना जा सकता है।</p> ]]></content:encoded><dc:creator><![CDATA[ Bhakti Times ]]></dc:creator></item><item><guid isPermaLink="false">156101970</guid><pubDate>Mon, 07 Sep 2026 12:57:52 +0530</pubDate><title><![CDATA[ बार-बार एक ही सपना क्यों आता है? आध्यात्मिक मान्यताओं में छिपा है इसका खास संकेत ]]></title><description><![CDATA[ Dream Psychology: इस नजरिए से अगर कोई सपना बार-बार आता है तो संभव है कि उसके पीछे कोई ऐसी भावना या अनुभव हो जिसे व्यक्ति जागते हुए नजरअंदाज कर रहा हो।  ]]></description><link><![CDATA[ https://www.bhaktitimes.in/dharm/dream-psychology-repeated-dreams-meaning-dream-symbols-article-156101970 ]]></link><content:encoded><![CDATA[ <div><img class="type:primaryImage" src="https://images.bhaktitimes.in/thumb/msid-156101969,thumbsize-112640,width-1280,height-720,resizemode-75/156101969.jpg" alt="dream psychology repeated dreams meaning dream symbols" /></div><p><strong>Dream Psychology: </strong>क्या आपके साथ कभी ऐसा हुआ है कि कोई सपना बार-बार आपको आता है? सपना खत्म हो जाता है, लेकिन उसकी कहानी दिमाग में चलती ही रहती है? कई बार एक ही सपना महीनों या सालों बाद दोबारा दिखाई दे जाता है? आध्यात्मिक परंपराओं में अगर आप सपनों को समझेंगे तो जानेंगे कि इसका तरीका थोड़ा अलग है। अलग-अलग धर्मों और संस्कृतियों में बार-बार आने वाले सपनों को भीतर चल रही किसी प्रक्रिया, भावना या संदेश से जोड़कर देखा गया है। आइए समझते हैं कि अलग-अलग आध्यात्मिक परंपराएं बार-बार आने वाले सपनों को किस नजर से देखती हैं।</p><p><h2>हिंदू परंपरा में सपने और संस्कारों का संबंध</h2></p><p>आध्यात्मिक मान्यता के अनुसार, अगर कोई सपना बार-बार आता है तो यह मन में मौजूद किसी अधूरी भावना या पुराने प्रभाव की ओर इशारा कर सकता है। जरूरी नहीं कि इसका मतलब कोई बुरी घटना हो। मसलन, अगर कोई व्यक्ति बार-बार किसी पुराने घर का सपना देखता है, तो आध्यात्मिक नजरिए से इसे उसके अतीत से जुड़े भावों का प्रतीक माना जा सकता है। इसी तरह किसी से भागने वाला सपना डर, तनाव या किसी ऐसी स्थिति की ओर संकेत माना जा सकता है जिसका सामना व्यक्ति भीतर से करना चाहता है।</p><p><h2>बौद्ध धर्म में सपनों को कैसे देखा जाता है?</h2></p><p>बौद्ध दर्शन में इच्छा, आसक्ति और मन की चंचलता पर काफी जोर दिया गया है। इसी वजह से बार-बार आने वाले सपनों को भी मन की इच्छाओं और लगाव से जोड़कर देखा जा सकता है। मान लीजिए किसी व्यक्ति को बार-बार किसी प्रिय चीज को खोने का सपना आता है। आध्यात्मिक नजरिए से यह उसके भीतर मौजूद खोने के डर या किसी चीज से बहुत ज्यादा जुड़ाव को दर्शा सकता है। बौद्ध दृष्टिकोण में समाधान केवल सपने का अर्थ खोजने में नहीं, बल्कि अपने मन को समझने में है। ध्यान और आत्मनिरीक्षण के जरिए व्यक्ति यह देख सकता है कि उसके भीतर कौन-सी भावना बार-बार सक्रिय हो रही है।</p><p><h2>ईसाई रहस्यवाद में सपनों के प्रतीक</h2></p><p>अगर कोई सपना लगातार दोहराया जा रहा है तो आध्यात्मिक व्याख्या में इसे आत्मचिंतन का अवसर माना जा सकता है। यह व्यक्ति को अपने डर, गलतियों, रिश्तों या जीवन के किसी अनसुलझे पहलू पर ध्यान देने के लिए प्रेरित कर सकता है।</p><p>इस नजरिए में सपने का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा यह नहीं होता कि उसमें क्या दिखाई दिया, बल्कि यह होता है कि उसे देखने के बाद व्यक्ति के भीतर कौन-सी भावना पैदा हुई।</p><p><h2>कार्ल जंग ने आवर्ती सपनों को कैसे समझा?</h2></p><p>कार्ल जंग आध्यात्मिक गुरु नहीं बल्कि प्रसिद्ध मनोवैज्ञानिक थे। फिर भी उनके विचार सपनों की चर्चा में काफी महत्वपूर्ण माने जाते हैं। जंग के अनुसार सपने हमारे अवचेतन मन से जुड़ी सामग्री सामने ला सकते हैं। उन्होंने Shadow यानी व्यक्तित्व के उन हिस्सों की बात की जिन्हें हम स्वीकार या पहचान नहीं पाते।</p> ]]></content:encoded><dc:creator><![CDATA[ Bhakti Times ]]></dc:creator></item><item><guid isPermaLink="false">156101652</guid><pubDate>Mon, 07 Sep 2026 12:56:02 +0530</pubDate><title><![CDATA[ मूलांक 9 राशिफल 7 सितंबर 2026: आज जल्दबाजी में न लें कोई बड़ा फैसला, दिनभर रहें शांत ]]></title><description><![CDATA[ 7 सितंबर 2026 का मूलांक 9 राशिफल: आज के दिन उतावलेपन से बचने और धैर्य रखने की आवश्यकता है। वाहन चलाते समय और दैनिक कार्यों में सावधानी बरतें। जानें कैसा रहेगा आपका दिन। ]]></description><link><![CDATA[ https://www.bhaktitimes.in/numerology/mulank-9-rashifal-7-september-2026-astrology-tips-article-156101652 ]]></link><content:encoded><![CDATA[ <div><img class="type:primaryImage" src="https://images.bhaktitimes.in/thumb/msid-156101651,thumbsize-750040,width-1280,height-720,resizemode-75/156101651.jpg" alt="mulank-9-rashifal-7-september-2026-astrology-tips" /></div><p>अंक ज्योतिष के अनुसार, 7 सितंबर 2026 का दिन मूलांक 9 वालों के लिए विशेष सावधानी बरतने का संकेत दे रहा है। यदि आपका जन्म किसी भी महीने की 9, 18 या 27 तारीख को हुआ है, तो आप मूलांक 9 के अंतर्गत आते हैं। इस अंक का स्वामी ग्रह मंगल है, जो ऊर्जा और साहस का प्रतीक माना जाता है। हालांकि, आज के दिन आपको अपनी इसी ऊर्जा को सही दिशा में लगाने और जल्दबाजी से बचने की सलाह दी जाती है।</p><p>आज का दिन आपके लिए मिला-जुला रह सकता है। मंगल की ऊर्जा आपको हर काम तेजी से निपटाने के लिए प्रेरित करेगी, लेकिन यही उतावलापन आपके लिए परेशानी का कारण भी बन सकता है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, आज का मूलांक 7 आपको हर कदम फूंक-फूंक कर रखने की समझ दे रहा है, जबकि भाग्यांक 8 आपको अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों के प्रति सचेत रहने की याद दिलाता है।</p><p><h2>सावधानी और संयम का महत्व</h2>आज के दिन आपको विशेष रूप से भौतिक सुरक्षा पर ध्यान देने की आवश्यकता है। वाहन चलाते समय, सीढ़ियों का उपयोग करते समय या फिर बिजली और मशीनी उपकरणों के पास काम करते समय अतिरिक्त सतर्कता बरतें। किसी भी कार्य में जल्दबाजी करना आपके लिए भारी पड़ सकता है। यदि आपको अपने आसपास कोई काम धीमी गति से होता दिखे, तो उस पर चिढ़ने के बजाय अपने कार्यों को व्यवस्थित करने पर ध्यान केंद्रित करें। किसी भी महत्वपूर्ण विषय पर अपनी प्रतिक्रिया देने से पहले कुछ पल रुकना और सोच-समझकर बोलना आपके लिए लाभकारी सिद्ध होगा। आपकी हिम्मत और साहस तभी सकारात्मक परिणाम देंगे, जब उनके साथ संयम का मेल होगा।</p><p><h2>रिश्तों में मधुरता के लिए सुझाव</h2>मूलांक 9 के जातकों के लिए आज का दिन रिश्तों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। आपकी स्पष्टवादिता लोगों को पसंद आ सकती है, लेकिन अपनी बात कहने के तरीके में नरमी रखना बहुत जरूरी है। संभव है कि आपकी त्वरित प्रतिक्रिया से आपके साथी असहज महसूस करें, इसलिए पहले उनकी पूरी बात सुनें और उसके बाद ही अपना पक्ष रखें। घर के कार्यों के बंटवारे या किसी जिम्मेदारी को लेकर आपसी मतभेद की स्थिति बन सकती है। मंगल का प्रभाव आपको नेतृत्व करने की क्षमता देता है, लेकिन हर निर्णय अकेले लेने से रिश्तों में दूरियां बढ़ सकती हैं। परिवार के किसी सदस्य की चिंता को नजरअंदाज न करें। शांत रहकर की गई बातचीत और एक-दूसरे को दिया गया छोटा सा सहयोग आपके संबंधों में विश्वास को और मजबूत बनाएगा।</p> ]]></content:encoded><dc:creator><![CDATA[ Bhakti Times ]]></dc:creator></item><item><guid isPermaLink="false">156101441</guid><pubDate>Mon, 07 Sep 2026 12:55:05 +0530</pubDate><title><![CDATA[ मूलांक 6 राशिफल 7 सितंबर 2026: छोटी बातों पर न दें ध्यान, आज संयम ही दिलाएगा सफलता ]]></title><description><![CDATA[ 7 सितंबर 2026 का मूलांक 6 का राशिफल। अंक ज्योतिष के अनुसार, आज के दिन आपको अपनी वाणी और गुस्से पर नियंत्रण रखने की सलाह दी गई है। जानें कैसा रहेगा आपका दिन। ]]></description><link><![CDATA[ https://www.bhaktitimes.in/numerology/mulank-6-rashifal-7-september-2026-astrology-tips-article-156101441 ]]></link><content:encoded><![CDATA[ <div><img class="type:primaryImage" src="https://images.bhaktitimes.in/thumb/msid-156101440,thumbsize-508192,width-1280,height-720,resizemode-75/156101440.jpg" alt="mulank-6-rashifal-7-september-2026-astrology-tips" /></div><p>अंक ज्योतिष के अनुसार 7 सितंबर 2026 का दिन मूलांक 6 वालों के लिए विशेष सावधानी बरतने का संकेत दे रहा है। जिन लोगों का जन्म किसी भी महीने की 6, 15 या 24 तारीख को हुआ है, उनका मूलांक 6 होता है। आज के दिन आपको छोटी-छोटी बातों पर उत्तेजित होने या तुरंत प्रतिक्रिया देने से बचने की आवश्यकता है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, आज का दिन आपके स्वभाव में थोड़ी बेचैनी ला सकता है, जो आपके रिश्तों और बातचीत में कड़वाहट घोल सकती है।</p><p>आज का दिन आपके लिए धैर्य की परीक्षा लेकर आया है। हालांकि मूलांक 6 का स्वामी ग्रह शुक्र है, जो सुख, सौंदर्य और अपनों के प्रति प्रेम की प्रेरणा देता है, लेकिन आज मन की चंचलता के कारण आप किसी विवाद में फंस सकते हैं। यदि कोई बात आपको परेशान करती है, तो तुरंत जवाब देने के बजाय दो पल रुकना और स्थिति को समझना ही आपके लिए बेहतर होगा।</p><p><h2>संयम और समझदारी से सुलझेंगे विवाद</h2>आज के दिन आपको सलाह दी जाती है कि अपनी वाणी पर संयम रखें। किसी भी बहस में पड़ने से बचें, क्योंकि आपकी तीखी प्रतिक्रिया आपके लिए भारी पड़ सकती है। शुक्र के प्रभाव के कारण आप अपने प्रियजनों के लिए अच्छा करने की इच्छा तो रखेंगे, लेकिन गुस्से में कही गई बातें आपके प्रयासों पर पानी फेर सकती हैं। इसलिए, आज के दिन शांत रहकर काम करना ही आपकी प्राथमिकता होनी चाहिए।</p><p>ज्योतिष शास्त्र के जानकारों का मानना है कि मूलांक 6 के जातकों के लिए आज का दिन आत्म-चिंतन का है। अपनी ऊर्जा को सकारात्मक कार्यों में लगाएं और दूसरों की बातों को दिल पर लेने के बजाय उन्हें नजरअंदाज करना सीखें। यदि आप आज के दिन धैर्य बनाए रखते हैं, तो आप न केवल अनावश्यक तनाव से बचेंगे, बल्कि अपने आसपास के माहौल को भी खुशनुमा बनाए रखने में सफल रहेंगे।</p> ]]></content:encoded><dc:creator><![CDATA[ Bhakti Times ]]></dc:creator></item><item><guid isPermaLink="false">156101656</guid><pubDate>Mon, 07 Sep 2026 12:54:26 +0530</pubDate><title><![CDATA[ मूलांक 8 राशिफल 7 सितंबर 2026: एकांत की चाह और जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाने का है दिन, जानें क्या करें और क्या नहीं ]]></title><description><![CDATA[ 7 सितंबर 2026 के लिए मूलांक 8 का राशिफल। जानें आज का दिन 8, 17 और 26 तारीख को जन्मे लोगों के लिए कैसा रहेगा। आज एकांत और जरूरी कार्यों के बीच सामंजस्य बिठाना होगा। ]]></description><link><![CDATA[ https://www.bhaktitimes.in/numerology/mulank-8-rashifal-7-september-2026-astrology-predictions-article-156101656 ]]></link><content:encoded><![CDATA[ <div><img class="type:primaryImage" src="https://images.bhaktitimes.in/thumb/msid-156101655,thumbsize-760583,width-1280,height-720,resizemode-75/156101655.jpg" alt="mulank-8-rashifal-7-september-2026-astrology-predictions" /></div><p>अंक ज्योतिष के अनुसार, 7 सितंबर 2026 का दिन मूलांक 8 (जिनका जन्म किसी भी महीने की 8, 17 या 26 तारीख को हुआ है) के जातकों के लिए आत्म-चिंतन और गंभीरता का संकेत लेकर आया है। आज के दिन आपका मन बाहरी दुनिया की हलचल से दूर एकांत में रहने का करेगा। शनि देव के प्रभाव के कारण आप जीवन के गहरे अर्थों, अनुशासन और अपनी आंतरिक शांति को समझने की ओर अधिक प्रेरित महसूस करेंगे।</p><p>आज के दिन सामाजिक मेल-जोल या हल्की-फुल्की बातचीत में आपका मन कम लगेगा। इसके बजाय, आप किसी धार्मिक पुस्तक के अध्ययन, दार्शनिक विषयों पर विचार करने या किसी अनुभवी व्यक्ति के साथ चर्चा करने में अधिक रुचि दिखा सकते हैं। यह समय आपके लिए सीखने और अपने नजरिए को व्यापक बनाने का है। हालांकि, इस दौरान यह ध्यान रखना आवश्यक है कि आप अपने विचारों की गहराई में इतने न खो जाएं कि घर या कार्यक्षेत्र की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां पीछे छूट जाएं।</p><p><h2>संतुलन और रिश्तों की दिशा</h2>आज का दिन आपको यह सिखाएगा कि कैसे अपने निजी चिंतन और व्यावहारिक जीवन के बीच संतुलन बनाया जाए। यदि आप किसी संत, शिक्षक या किसी जानकार व्यक्ति से मार्गदर्शन लेते हैं, तो यह आपके लिए नए दृष्टिकोण के द्वार खोल सकता है। संवाद करते समय कम लोगों से मिलें, लेकिन जहां भी बात करना आवश्यक हो, वहां अपनी बात को स्पष्ट और सम्मानजनक तरीके से रखें।</p><p>प्रेम संबंधों और पारिवारिक जीवन की बात करें, तो आज आपकी सोच सामान्य विषयों से हटकर जीवन के मूल्यों और विश्वासों पर केंद्रित रह सकती है। इस कारण आपके पार्टनर को लग सकता है कि आप भावनात्मक रूप से उनसे कुछ दूरी बना रहे हैं। ऐसी स्थिति में उन्हें यह स्पष्ट करना बेहतर होगा कि आप किसी उलझन में नहीं हैं, बल्कि अपने विचारों को व्यवस्थित करने का प्रयास कर रहे हैं। परिवार में किसी धार्मिक परंपरा या बच्चों के पालन-पोषण को लेकर मतभेद की स्थिति बन सकती है। ऐसे में अपनी बात को ही अंतिम सत्य मानने के बजाय दूसरों की भावनाओं को समझना और स्नेहपूर्ण व्यवहार बनाए रखना रिश्तों में मिठास के लिए जरूरी होगा।</p> ]]></content:encoded><dc:creator><![CDATA[ Bhakti Times ]]></dc:creator></item><item><guid isPermaLink="false">156101429</guid><pubDate>Mon, 07 Sep 2026 12:53:45 +0530</pubDate><title><![CDATA[ मूलांक 7 राशिफल 7 सितंबर 2026: आज बढ़ेगा आपका प्रभाव, इन बातों का दें विशेष ध्यान ]]></title><description><![CDATA[ 7 सितंबर 2026 का मूलांक 7 राशिफल: केतु और भाग्यांक 8 के प्रभाव से आज आपकी नेतृत्व क्षमता में वृद्धि होगी। करियर, रिश्तों और स्वास्थ्य के लिहाज से कैसा रहेगा आज का दिन, जानें विस्तार से। ]]></description><link><![CDATA[ https://www.bhaktitimes.in/numerology/mulank-7-rashifal-7-september-2026-astrology-predictions-article-156101429 ]]></link><content:encoded><![CDATA[ <div><img class="type:primaryImage" src="https://images.bhaktitimes.in/thumb/msid-156101428,thumbsize-674334,width-1280,height-720,resizemode-75/156101428.jpg" alt="mulank-7-rashifal-7-september-2026-astrology-predictions" /></div><p>अंक ज्योतिष के अनुसार 7 सितंबर 2026 का दिन मूलांक 7 वालों के लिए विशेष रहने वाला है। आज केतु, मूलांक 7 और भाग्यांक 8 का संयुक्त प्रभाव आपकी कार्यक्षमता और व्यक्तित्व पर स्पष्ट रूप से दिखाई देगा। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, यह दिन आपके नेतृत्व गुणों को निखारने और कार्यक्षेत्र में आपकी बातों को अधिक महत्व मिलने का संकेत दे रहा है।</p><p>आज के दिन आपको अपनी जिम्मेदारियों के प्रति अधिक सजग रहने की आवश्यकता है। केतु का प्रभाव आपको परिस्थितियों की गहराई को समझने और कम शब्दों में सटीक बात कहने की शक्ति प्रदान करता है। हालांकि, अपनी बात को दूसरों पर थोपने से बचने की सलाह दी जाती है। अपनी प्रभावशीलता का उपयोग कार्यों को सुगम बनाने के लिए करें, न कि किसी पर दबाव बनाने के लिए।</p><p><h2>करियर और व्यक्तिगत प्रभाव</h2>आज का दिन आपके लिए अनुशासन और अधिकार की परीक्षा का हो सकता है। कार्यस्थल या घर पर आपकी राय को गंभीरता से लिया जाएगा, जिससे आपकी जिम्मेदारी बढ़ना स्वाभाविक है। मूलांक 7 के प्रभाव से आपकी जांच-पड़ताल करने की प्रवृत्ति आज और अधिक मजबूत होगी। यदि आप किसी पुराने मुद्दे पर नियंत्रण पाना चाहते हैं, तो पहले यह सुनिश्चित कर लें कि वह विषय वास्तव में आपके अधिकार क्षेत्र में आता है या नहीं। अपनी बात को स्पष्ट रखें, लेकिन दूसरों को भी अपनी राय रखने का पूरा अवसर दें।</p><p><h2>लव लाइफ और पारिवारिक संबंध</h2>रिश्तों के मामले में आज का दिन धैर्य की मांग करता है। मित्रों या प्रियजनों के साथ बातचीत के दौरान आपकी राय काफी ठोस हो सकती है, लेकिन सामने वाले के दृष्टिकोण को समझे बिना अपनी बात मनवाना सही नहीं होगा। केतु का प्रभाव अक्सर भावनाओं को भीतर रखने की प्रवृत्ति देता है, जिसे पार्टनर गलत समझ सकते हैं। इसलिए, जरूरी बातों को मन में दबाने के बजाय संतुलित संवाद बनाए रखना बेहतर है। परिवार के किसी सदस्य के निर्णय को तुरंत गलत साबित करने के बजाय, सम्मानजनक तरीके से अपनी बात रखें, इसका प्रभाव अधिक सकारात्मक होगा।</p> ]]></content:encoded><dc:creator><![CDATA[ Bhakti Times ]]></dc:creator></item><item><guid isPermaLink="false">156101638</guid><pubDate>Mon, 07 Sep 2026 12:25:18 +0530</pubDate><title><![CDATA[ बाथरूम में गहरा नीला रंग क्यों नहीं करवाना चाहिए? जानें वास्तु कारण और उपाय ]]></title><description><![CDATA[ Bathroom Colour Tips: कई लोग अपने बाथरूम में गहरा नीला रंग करवाते हैं, जो कि वास्तु शास्त्र की दृष्टि से शुभ नहीं है। चलिए जानें इसके कारण, प्रभाव और उपायों के बारे में। ]]></description><link><![CDATA[ https://www.bhaktitimes.in/vastu-tips/vastu-tips-bathroom-mai-dark-blue-color-karna-chahiye-ya-nahi-gehre-neele-rang-ka-prabhav-article-156101638 ]]></link><content:encoded><![CDATA[ <div><img class="type:primaryImage" src="https://images.bhaktitimes.in/thumb/msid-156101681,thumbsize-118771,width-1280,height-720,resizemode-75/156101681.jpg" alt="vastu tips bathroom mai dark blue color karna chahiye ya nahi gehre neele rang ka prabhav" /></div><p><strong>Bathroom Colour As Per Vastu:</strong> व्यक्ति जब अपने घर में पेंट करवाता है तो रंगों पर खास ध्यान देता है। खासकर बेडरूम, किचन और हॉल के रंगों का चयन सोच-समझकर किया जाता है। वहीं, बाथरूम के रंगों पर अधिकतर लोग ध्यान नहीं देते हैं, बल्कि बचे हुए रंग से ही पेंट करवा लेते हैं। इसके अलावा बाथरूम में गहरे नीले रंग का पेंट भी आपको काफी देखने को मिल जाएगा। ये रंग जल्दी गंदा या खराब नहीं होता है, बल्कि लंबे समय तक चलता है। हालांकि, वास्तु शास्त्र के अनुसार बाथरूम में गहरे नीले रंग का पेंट करवाना ठीक नहीं होता है। </p><p>आज यहां पर आप विस्तार से जानेंगे कि बाथरूम में गहरे नीले रंग का पेंट क्यों नहीं करवाना चाहिए और इसके क्या नुकसान हो सकते हैं। इसी के साथ ये भी जानेंगे कि बाथरूम में यदि पहले से गहरे नीले रंग का पेंट हुआ है तो उसके अशुभ प्रभावों से कैसे बचा जा सकता है।</p><p><h2><strong>बाथरूम में गहरा नीला रंग क्यों न करवाएं?</p><p></strong></h2>बाथरूम को जल तत्व का स्थान माना जाता है। वहीं, गहरे नीले रंग को भी जल तत्व का प्रतीक माना गया है। यदि आप अपने बाथरूम की दीवारों और टाइल्स पर गहरा नीला रंग करवाते हैं तो इससे जल की ऊर्जा बहुत ज्यादा बढ़ जाएगी। वास्तु शास्त्र में बताया गया है कि जिस स्थान पर जल की ऊर्जा अधिक होती है, वहां सकारात्मक ऊर्जा का संचार नहीं होता है। ऐसे में मन में बेचैनी रहती है, जिसके कारण किसी भी काम में मन नहीं लगता है। इसके अलावा सेहत और आर्थिक स्थिति पर भी कुछ नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।</p><p><strong>अन्य मत-</p><p></strong>मनोविज्ञान के अनुसार, ज्यादा समय तक गहरे नीले रंग को देखने से व्यक्ति असहज महसूस करता है। शरीर में सुस्ती बढ़ती है और स्वभाव चिड़चिड़ा हो जाता है।</p><p><strong><h2>गहरे नीले रंग के नकारात्मक प्रभाव से कैसे बचें?</p><p></h2></strong></p><p>यदि आपके बाथरूम में गहरा नीला रंग हुआ है तो वहां चमकीली सफेद एलईडी लाइट लगाएं। बाथरूम में सफेद, क्रीम या हल्के रंग के तौलिए, मैट, पर्दे या अन्य सामान का इस्तेमाल करें। इसके अलावा बाथरूम में आप मनी प्लांट या बैंबू प्लांट भी लगा सकते हैं। ये प्लांट गहरे रंग के नकारात्मक प्रभाव को सोखेंगे, जिससे वातावरण सामान्य रहेगा। </p><p><h2><strong>बाथरूम में क्या हल्का नीला रंग करवाना चाहिए?</p><p></strong></h2>वास्तु शास्त्र के अनुसार, बाथरूम में हल्का नीला रंग करवाया जा सकता है। इस रंग से जल की ऊर्जा ज्यादा नहीं बढ़ती है, बल्कि स्थिर रहती है। ये रंग सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करने में मदद करता है, जिससे मन शांत रहता है और घुटन महसूस नहीं होती है।</p><p><h2><strong>बाथरूम में कौन से रंग नहीं करवाने चाहिए?</p><p></strong></h2></p><p>वास्तु शास्त्र में बताया गया है कि बाथरूम में कभी भी काला, ग्रे, गहरा भूरा, गहरा लाल, चमकीला लाल, चारकोल, नियॉन पिंक, फ्लोरोसेंट हरा, चमकीला नारंगी, मैरून, गहरा पीला और चटक हरा रंग नहीं करवाना चाहिए। ये रंग प्रकाश और सकारात्मकता को आने से रोकते हैं, जिसके कारण वातावरण में मायूसी रहती है। ऐसे में व्यक्ति को भारीपन महसूस होता है और किसी भी काम में मन नहीं लगता है।</p><p>भक्ति टाइम्स पर ये भी पढ़ें: <strong><a href="https://www.bhaktitimes.in/vastu-tips/bedroom-ke-andar-bathroom-hona-chahiye-ya-nahi-hai-vastu-shastra-tips-article-155972659" data-type="tilCustomLink" target="_blank">क्या बेडरूम के अंदर बाथरूम होना वास्तु के हिसाब से सही है? जानें</a></strong> </p><p><h2><strong>बाथरूम में कौन से रंग करवा सकते हैं?</p><p></strong></h2>जिन लोगों के बाथरूम में सफेद, हल्का हरा, पेस्टल, क्रीम, हल्का गुलाबी, ऑफ-व्हाइट या ऐश ग्रे रंग होता है, वहां ज्यादा समय तक नकारात्मक ऊर्जा नहीं रहती है। ये रंग मन को शांत करते हैं और मूड को अच्छा रखने में मदद करते हैं। </p><p><h2></p><p></h2></p> ]]></content:encoded><dc:creator><![CDATA[ Bhakti Times ]]></dc:creator></item><item><guid isPermaLink="false">156101223</guid><pubDate>Mon, 07 Sep 2026 11:16:40 +0530</pubDate><title><![CDATA[ मूलांक 4 राशिफल 7 सितंबर 2026: आज करियर में विस्तार होने के योग, लेकिन जल्दबाजी में न लें फैसले ]]></title><description><![CDATA[ 7 सितंबर 2026 के लिए मूलांक 4 का अंकफल। आज राहु, मूलांक 7 और भाग्यांक 8 के प्रभाव से करियर और व्यापार में नए अवसर मिलेंगे। जानें आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा। ]]></description><link><![CDATA[ https://www.bhaktitimes.in/numerology/mulank-4-rashifal-7-september-2026-career-and-life-predictions-article-156101223 ]]></link><content:encoded><![CDATA[ <div><img class="type:primaryImage" src="https://images.bhaktitimes.in/thumb/msid-156101222,thumbsize-679587,width-1280,height-720,resizemode-75/156101222.jpg" alt="mulank-4-rashifal-7-september-2026-career-and-life-predictions" /></div><p>अंक ज्योतिष के अनुसार, 7 सितंबर 2026 का दिन मूलांक 4 वाले जातकों के लिए विशेष रहने वाला है। आज के दिन राहु, मूलांक 7 और भाग्यांक 8 का संयुक्त प्रभाव आपके जीवन के विभिन्न क्षेत्रों पर दिखाई देगा। करियर और व्यापार में विस्तार के प्रबल योग बन रहे हैं, जिससे मन में आगे बढ़ने की एक स्वाभाविक बेचैनी भी महसूस हो सकती है। आप किसी बड़े बदलाव या नई शुरुआत को लेकर काफी गंभीर नजर आएंगे।</p><p>आज का दिन नई तकनीक को अपनाने और लीक से हटकर कुछ नया करने के लिए प्रेरित करेगा। राहु का प्रभाव आपको जल्दी परिणाम देखने की ओर आकर्षित कर सकता है, लेकिन ज्योतिषीय दृष्टिकोण से यह सलाह दी जाती है कि किसी भी कार्य में जल्दबाजी न करें। यदि आप अपने काम को बढ़ाने या किसी नई योजना पर काम करने की सोच रहे हैं, तो इसके लिए धन की आवश्यकता महसूस हो सकती है। किसी भी प्रस्ताव या आवेदन को आगे बढ़ाने के लिए जरूरी दस्तावेजों और जानकारी को पूरी सावधानी के साथ तैयार करना आपके लिए फायदेमंद साबित होगा।</p><p><h2>कार्यक्षेत्र और रिश्तों में संतुलन की आवश्यकता</h2>आज मूलांक 7 की ऊर्जा आपको हर विषय की गहराई में जाने के लिए प्रेरित करेगी, जबकि भाग्यांक 8 यह संकेत देता है कि आपकी सफलता का आधार आपकी तैयारी और जिम्मेदारी पर टिका होगा। ठोस योजना बनाकर काम करने से ही दूसरों का भरोसा हासिल किया जा सकेगा। उत्साह बनाए रखें, लेकिन केवल अनुमानों के आधार पर निर्णय लेने के बजाय सटीक और पुख्ता जानकारी पर ही भरोसा करें।</p><p>व्यक्तिगत जीवन और रिश्तों की बात करें, तो आज आप अपने भविष्य की योजनाओं को लेकर काफी व्यस्त रह सकते हैं। इस दौरान यह ध्यान रखना आवश्यक है कि आपके पार्टनर को यह महसूस न हो कि उनकी राय आपके लिए गौण है। घर के खर्च, बच्चों की शिक्षा या भविष्य की जरूरतों पर चर्चा करते समय परिवार के सभी सदस्यों की बात को महत्व दें। राहु का प्रभाव कभी-कभी मन में बिना किसी ठोस आधार के आशंकाएं पैदा कर सकता है, इसलिए छोटी बातों को शक का रूप देने से बचें। परिवार का सहयोग आपकी योजनाओं को अधिक व्यावहारिक और सफल बनाने में मदद करेगा। संवाद के दौरान केवल समस्याओं पर चर्चा करने के बजाय समाधान पर ध्यान केंद्रित करना रिश्तों में अपनापन बनाए रखने के लिए जरूरी है।</p> ]]></content:encoded><dc:creator><![CDATA[ Bhakti Times ]]></dc:creator></item><item><guid isPermaLink="false">156101221</guid><pubDate>Mon, 07 Sep 2026 11:15:00 +0530</pubDate><title><![CDATA[ मूलांक 5 राशिफल 7 सितंबर 2026: आज का दिन रहेगा खास, लेकिन बड़ी योजनाओं को लेकर रहें सतर्क ]]></title><description><![CDATA[ 7 सितंबर 2026 का मूलांक 5 राशिफल: जिन लोगों का जन्म किसी भी महीने की 5, 14 या 23 तारीख को हुआ है, उनके लिए आज का दिन योजनाओं और सतर्कता का मिला-जुला प्रभाव लेकर आया है। ]]></description><link><![CDATA[ https://www.bhaktitimes.in/numerology/mulank-5-rashifal-7-september-2026-astrology-predictions-article-156101221 ]]></link><content:encoded><![CDATA[ <div><img class="type:primaryImage" src="https://images.bhaktitimes.in/thumb/msid-156101220,thumbsize-834360,width-1280,height-720,resizemode-75/156101220.jpg" alt="mulank-5-rashifal-7-september-2026-astrology-predictions" /></div><p>अंक ज्योतिष (संख्याओं के माध्यम से भविष्य का आकलन) के अनुसार, 7 सितंबर 2026 का दिन मूलांक 5 वाले जातकों के लिए काफी सक्रिय रहने वाला है। जिन व्यक्तियों का जन्म किसी भी महीने की 5, 14 या 23 तारीख को हुआ है, उनका मूलांक 5 होता है। आज के दिन आप किसी बड़ी योजना या प्रोजेक्ट को लेकर काफी उत्साहित महसूस करेंगे।</p><p>ग्रहों की स्थिति और अंक गणना के आधार पर, आज के दिन बुध की ऊर्जा आपको काफी प्रभावित करेगी। बुध को बुद्धि और तर्क का कारक माना जाता है, जिसके प्रभाव से आपकी सोचने-समझने की क्षमता तेज रहेगी। आप नए विकल्पों पर विचार करेंगे और बातचीत के जरिए अपनी संभावनाओं को विस्तार देने की कोशिश करेंगे।</p><p><h2>सावधानी और सतर्कता का महत्व</h2>आज के दिन आपके लिए सबसे महत्वपूर्ण सलाह यह है कि किसी भी बड़े काम या योजना को अंतिम रूप देते समय अत्यधिक सतर्क रहें। उत्साह में आकर किसी भी प्रस्ताव, नियम या लिखित शर्त के छोटे से हिस्से को नजरअंदाज करना आपके लिए भारी पड़ सकता है। छोटी सी चूक भविष्य में बड़ी बाधा बन सकती है, इसलिए दस्तावेजों को ध्यान से पढ़ें।</p><p>आज का दिन आपके लिए नई संभावनाओं के द्वार खोल सकता है, बशर्ते आप अपनी एकाग्रता बनाए रखें। किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय पर पहुंचने से पहले सभी पहलुओं की बारीकी से जांच करना आपके हित में रहेगा। आज के दिन धैर्य और विवेक का तालमेल ही आपको सफलता की ओर ले जाएगा।</p> ]]></content:encoded><dc:creator><![CDATA[ Bhakti Times ]]></dc:creator></item><item><guid isPermaLink="false">156101169</guid><pubDate>Mon, 07 Sep 2026 11:10:25 +0530</pubDate><title><![CDATA[ Numerology: किस अक्षर के नाम वाला व्यक्ति बनेगा आपका परफेक्ट लाइफ पार्टनर? मूलांक अनुसार जानें ]]></title><description><![CDATA[ Spouse Name First Letter Prediction: क्या आप भी जानना चाहते हैं कि आपके लिए किस अक्षर के नाम वाला व्यक्ति लकी साबित होगा? अगर हां, तो इस बारे में आप अपने मूलांक से जान सकते हैं। यहां पर मूलांक 1 से 9 वालों के लिए परफेक्ट पार्टनर के नाम के पहले अक्षर के बारे में बताया गया है। ]]></description><link><![CDATA[ https://www.bhaktitimes.in/numerology/numerology-spouse-name-first-letter-prediction-by-date-of-birth-article-156101169 ]]></link><content:encoded><![CDATA[ <div><img class="type:primaryImage" src="https://images.bhaktitimes.in/thumb/msid-156101263,thumbsize-174318,width-1280,height-720,resizemode-75/156101263.jpg" alt="numerology spouse name first letter prediction by date of birth" /></div><p><strong>Spouse Name First Letter Prediction According To Date Of Birth:</strong> अंक ज्योतिष शास्त्र को भारतीय विद्या माना जाता है, जिसकी रचना अलग-अलग प्राचीन सभ्यताओं के योगदान से हुई है। इस शास्त्र के जरिए व्यक्ति को अपने जीवन से जुड़े अधिकतर सवालों के जवाब मिल सकते हैं। यहां तक कि ये भी पता चल सकता है कि उनके लिए किस अक्षर के नाम वाला लाइफ पार्टनर लकी तथा परफेक्ट रहेगा। अंक शास्त्र में व्यक्ति की जन्म तारीख यानी मूलांक से उसके भविष्य का आकलन किया जाता है। चलिए जानें किस मूलांक के लोगों के लिए कौन से अक्षर के नाम वाला लाइफ पार्टनर अंक ज्योतिष शास्त्र की दृष्टि से लकी रहेगा।</p><p><h2><strong>मूलांक 1</p><p></strong></h2><ul><li>जन्म तिथि: 1, 10, 19, 28</li><li>स्वामी ग्रह: सूर्य</li></ul>मूलांक 1 के लोग आत्मविश्वासी होते हैं, जो अपने रिश्तों को निभाने के लिए हर संभव प्रयास करते हैं। अंक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इन लोगों की शादी यदि A, I, J, Q या Y अक्षर से शुरू नाम वाले व्यक्ति से होती है तो ये ज्यादा खुश रहते हैं। </p><p><h2><strong>मूलांक 2 </p><p></strong></h2><ul><li>जन्म तिथि: 2, 11, 20, 29</li><li>स्वामी ग्रह: चंद्रमा</li></ul>मूलांक 2 के लोगों का स्वभाव केयरिंग होता है। हालांकि, अपने रिश्तों को लेकर ये संवेदनशील होते हैं। अक्सर देखा गया है कि इन्हें B, K और R अक्षर नाम वाले लोग अच्छे से समझते हैं और इनके साथ मजबूत रिश्ता स्थापित करते हैं।</p><p><h2><strong>मूलांक 3 </p><p></strong></h2><ul><li>जन्म तिथि: 3, 12, 21, 30</li><li>स्वामी ग्रह: गुरु/बृहस्पति</li></ul>मूलांक 3 के लोग समझदार होते हैं और अपने रिश्तों को मजबूत करने के लिए हर संभव प्रयास करते हैं। इनकी C, G, L या S अक्षर से नाम शुरू होने वाले लोगों के साथ अच्छी बनती है। </p><p><h2><strong>मूलांक 4</p><p></strong></h2><ul><li>जन्म तिथि: 4, 13, 22, 31</li><li>स्वामी ग्रह: राहु</li></ul>मूलांक 4 वालों का स्वभाव जिद्दी होता है, जो जल्दी से अपना घर बसाने के बारे में नहीं सोचते हैं। हालांकि, D, M या T अक्षर से नाम शुरू होने वाले पार्टनर इनकी सोच को बदलने का दम रखते हैं और जीवन में स्थिरता लेकर आते हैं।</p><p><h2><strong>मूलांक 5 </p><p></strong></h2><ul><li>जन्म तिथि: 5, 14, 23</li><li>स्वामी ग्रह: बुध</li></ul>मूलांक 5 वाले लोगों का स्वभाव हंसमुख होता है, जो E, H, N या X अक्षर से नाम शुरू होने वाले व्यक्ति से विवाह कर सकते हैं। ये एक-दूसरे को अच्छे से समझते हैं और अपने रिश्ते को मजबूत करने के लिए दिल से प्रयास करते हैं।</p><p><h2><strong>मूलांक 6 </p><p></strong></h2><ul><li>जन्म तिथि: 6, 15, 24</li><li>स्वामी ग्रह: शुक्र</li></ul>मूलांक 6 के लोग रोमांटिक होते हैं, जो अपने जीवनसाथी को हर खुशी देने की कोशिश करते हैं। इन लोगों की जोड़ी U, V या W अक्षर से नाम शुरू होने वाले लोगों के साथ अच्छी बनती है।</p><p><h2><strong>मूलांक 7 </p><p></strong></h2><ul><li>जन्म तिथि: 7, 16, 25</li><li>स्वामी ग्रह: केतु</li></ul>मूलांक 7 वालों का स्वभाव शांत होता है, जो अपने जीवनसाथी से बहुत प्यार करते हैं। इन लोगों की O या Z अक्षर से नाम शुरू होने वाले लोगों के साथ अच्छी बनती है। इन लोगों की न सिर्फ पसंद, बल्कि नापसंद भी काफी मेल खाती है।</p><p>भक्ति टाइम्स पर ये भी पढ़ें- <strong><a href="https://www.bhaktitimes.in/numerology/numerology-lucky-wallet-colour-according-to-date-of-birth-kis-rang-ka-purse-rakhna-chahiye-article-156045965" data-type="tilCustomLink" target="_blank">पर्स का डिजाइन नहीं शेड है जरूरी, बर्थ डेट से जानें अपना लकी और अनलकी कलर</a></strong></p><p><h2><strong>मूलांक 8 </p><p></strong></h2><ul><li>जन्म तिथि: 8, 17, 26</li><li>स्वामी ग्रह: शनि</li></ul>मूलांक 8 वालों का स्वभाव गंभीर होता है। ये अपने रिश्तों को लेकर काफी सजग होते हैं। इन लोगों का तालमेल F या P अक्षर से नाम शुरू होने वाले लोगों के साथ अच्छा रहता है।</p><p><h2><strong>मूलांक 9 </p><p></strong></h2><ul><li>जन्म तिथि: 9, 18, 27</li><li>स्वामी ग्रह: मंगल</li></ul>मूलांक 9 वाले निडर होते हैं, जिनके लिए I, R या S अक्षर से नाम शुरू होने वाले लोग अच्छे लाइफ पार्टनर साबित होते हैं। इन लोगों के बीच अच्छी अंडरस्टैंडिंग देखने को मिलती है, जिससे इनका रिश्ता मजबूत बनता है।</p><p><strong>डिस्क्लेमर: यह लेख अंक ज्योतिष शास्त्र से जुड़ी मान्यताओं पर आधारित है। भक्ति टाइम्स इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है।</strong></p> ]]></content:encoded><dc:creator><![CDATA[ Bhakti Times ]]></dc:creator></item><item><guid isPermaLink="false">156101137</guid><pubDate>Mon, 07 Sep 2026 11:08:38 +0530</pubDate><title><![CDATA[ मूलांक 3 राशिफल 7 सितंबर 2026: आज कार्यों में आ सकती है बाधा, बड़े फैसलों को लेने से बचें ]]></title><description><![CDATA[ 7 सितंबर 2026 का अंक ज्योतिष मूलांक 3 वालों के लिए सावधानी का संकेत दे रहा है। आज किसी भी बड़े निर्णय या वादे से बचने की सलाह दी गई है। जानें करियर और रिश्तों का हाल। ]]></description><link><![CDATA[ https://www.bhaktitimes.in/numerology/mulank-3-rashifal-7-september-2026-astrology-predictions-article-156101137 ]]></link><content:encoded><![CDATA[ <div><img class="type:primaryImage" src="https://images.bhaktitimes.in/thumb/msid-156101136,thumbsize-693174,width-1280,height-720,resizemode-75/156101136.jpg" alt="mulank-3-rashifal-7-september-2026-astrology-predictions" /></div><p>अंक ज्योतिष के अनुसार, 7 सितंबर 2026 का दिन मूलांक 3 (जिनका जन्म किसी भी महीने की 3, 12, 21 या 30 तारीख को हुआ है) के जातकों के लिए विशेष सावधानी बरतने वाला रहेगा। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, आज के दिन कार्यों में अचानक रुकावटें आने की संभावना है, जिसके चलते किसी भी प्रकार के बड़े फैसले लेने या नए वादे करने से बचने की सलाह दी गई है।</p><p>ग्रहों की स्थिति के अनुसार, बृहस्पति (गुरु) आपको अपने सिद्धांतों पर अडिग रहने और नियमों का पालन करते हुए आगे बढ़ने की प्रेरणा दे रहे हैं। हालांकि, सरकारी कार्यों, कानूनी दस्तावेजों या व्यावसायिक प्रक्रियाओं में आज देरी हो सकती है। किसी सरकारी विभाग, अधिकारी या अन्य पक्ष की धीमी कार्यप्रणाली के कारण आपको मानसिक परेशानी या खीझ का अनुभव हो सकता है। आज का मूलांक 7 आपको हर विषय की गहराई में जाने की दृष्टि प्रदान करेगा, जबकि भाग्यांक 8 यह संकेत देता है कि जिम्मेदारी और व्यवस्थित ढंग से काम करने पर ही सफलता मिल सकेगी।</p><p><h2>करियर और रिश्तों पर प्रभाव</h2>कार्यक्षेत्र या व्यापार में यदि किसी महत्वपूर्ण काम की समय-सीमा (डेडलाइन) नजदीक है और जरूरी मंजूरी मिलने में देरी हो रही है, तो धैर्य बनाए रखना ही समझदारी है। ऐसे में काम को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर अपनी तैयारी पर ध्यान दें। बृहस्पति ज्ञान और सही प्रक्रिया का प्रतीक है, इसलिए नियमों के अनुसार की गई तैयारी ही आपकी सबसे बड़ी ताकत बनेगी। विद्यार्थियों को भी अपने प्रोजेक्ट, आवेदन या परीक्षा संबंधी निर्देशों को बहुत ध्यान से पढ़ने की आवश्यकता है। आज के दिन किसी नई डील या बड़ी जिम्मेदारी को तुरंत स्वीकार करने से बचें।</p><p>व्यक्तिगत रिश्तों की बात करें तो आज किसी जिम्मेदारी या नियम को लेकर अपनों के साथ वैचारिक मतभेद हो सकते हैं। अपनी बात को ज्ञान देने के अंदाज में कहने के बजाय, सामने वाले की स्थिति और परेशानी को समझने का प्रयास करें। यदि आपका पार्टनर किसी कार्य को लेकर तनाव में है, तो उन पर समाधान थोपने के बजाय उनकी बात सुनें। परिवार में यदि संपत्ति, दस्तावेजों या साझा जिम्मेदारियों पर चर्चा हो, तो सुनी-सुनाई बातों पर कोई राय न बनाएं। बृहस्पति का संतुलित स्वभाव आपको निष्पक्ष बने रहने में मदद करेगा, जिससे रिश्तों में विश्वास बना रहेगा।</p> ]]></content:encoded><dc:creator><![CDATA[ Bhakti Times ]]></dc:creator></item><item><guid isPermaLink="false">156101134</guid><pubDate>Mon, 07 Sep 2026 11:07:03 +0530</pubDate><title><![CDATA[ मूलांक 2 राशिफल 7 सितंबर 2026: आज रिश्तों में बढ़ेगा अपनापन, लेकिन भावुकता में फैसले लेने से बचें ]]></title><description><![CDATA[ 7 सितंबर 2026 का दिन मूलांक 2 वालों के लिए भावनात्मक रूप से महत्वपूर्ण रहेगा। रिश्तों में मिठास बढ़ेगी, लेकिन करियर और निजी जीवन में व्यावहारिक बने रहना आपके लिए फायदेमंद साबित होगा। ]]></description><link><![CDATA[ https://www.bhaktitimes.in/numerology/mulank-2-rashifal-7-september-2026-astrology-predictions-article-156101134 ]]></link><content:encoded><![CDATA[ <div><img class="type:primaryImage" src="https://images.bhaktitimes.in/thumb/msid-156101133,thumbsize-721084,width-1280,height-720,resizemode-75/156101133.jpg" alt="mulank-2-rashifal-7-september-2026-astrology-predictions" /></div><p>अंक ज्योतिष के अनुसार, 7 सितंबर 2026 का दिन मूलांक 2 (जिनका जन्म किसी भी महीने की 2, 11, 20 या 29 तारीख को हुआ है) के जातकों के लिए विशेष रहने वाला है। आज के दिन चंद्रमा का प्रभाव आपके व्यक्तित्व में संवेदनशीलता और अपनापन बढ़ाएगा। आप छोटी-छोटी बातों को गहराई से महसूस करेंगे, जिससे मन में भावनात्मक जुड़ाव की इच्छा प्रबल होगी।</p><p>आज का दिन आपको अपने भीतर की आवाज़ सुनने और दूसरों की भावनाओं को समझने की दृष्टि देगा। हालांकि, भाग्यांक 8 का प्रभाव आपको यह याद दिलाएगा कि जीवन में केवल भावनाओं के आधार पर आगे बढ़ना पर्याप्त नहीं है, बल्कि व्यावहारिक और जिम्मेदार बने रहना भी उतना ही आवश्यक है। किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय को लेते समय तथ्यों की जांच करना आज आपके लिए हितकर रहेगा।</p><p><h2>रिश्तों में बढ़ेगी आत्मीयता और करियर में रचनात्मकता</h2>आज के दिन रिश्तों में संवेदनशीलता का स्तर बढ़ा रहेगा। आप अपने करीबियों से अधिक आत्मीयता और भावनात्मक सहयोग की अपेक्षा रखेंगे। यदि आप किसी से अपनी बात कहना चाहते हैं, तो संकेतों के बजाय स्पष्ट और विनम्र शब्दों का प्रयोग करें, ताकि कोई गलतफहमी न हो। परिवार के किसी सदस्य की चुप्पी या चिंता को देखकर परेशान होने के बजाय, उनसे प्यार से संवाद करें। पुराने संबंधों में आई दूरियों को मिटाने के लिए यह एक अच्छा अवसर हो सकता है, लेकिन नए रिश्तों में केवल मीठी बातों के बजाय सामने वाले के व्यवहार की स्थिरता को भी परखें।</p><p>करियर और शिक्षा के क्षेत्र में आपकी कल्पनाशीलता आज एक बड़ा हथियार साबित होगी। यदि आप लेखन, डिजाइनिंग, संगीत या किसी भी रचनात्मक कार्य से जुड़े हैं, तो आज का दिन आपके लिए विशेष फलदायी हो सकता है। ऑफिस में किसी प्रेजेंटेशन या समस्या के समाधान के लिए आपकी सोच सराही जाएगी। हालांकि, मूलांक 7 के प्रभाव के कारण किसी भी सरकारी कागज, रिपोर्ट या फॉर्म को जमा करने से पहले उसे दोबारा जरूर पढ़ लें। भाग्यांक 8 की ऊर्जा आपसे काम की गुणवत्ता और समय सीमा (डेडलाइन) का पालन करने की अपेक्षा करती है। विद्यार्थियों के लिए सलाह है कि कठिन विषयों को समझने के लिए नोट्स को अपनी भाषा में तैयार करें, इससे आपको बेहतर परिणाम मिलेंगे।</p> ]]></content:encoded><dc:creator><![CDATA[ Bhakti Times ]]></dc:creator></item><item><guid isPermaLink="false">156100859</guid><pubDate>Mon, 07 Sep 2026 10:05:41 +0530</pubDate><title><![CDATA[ मूलांक 1 राशिफल 7 सितंबर 2026: आज टीम वर्क से मिलेगी सफलता, अकेले फैसले लेने से बचें ]]></title><description><![CDATA[ 7 सितंबर 2026 के लिए मूलांक 1 का राशिफल। सूर्य, मूलांक 7 और भाग्यांक 8 के प्रभाव से आज आपको टीम वर्क में लाभ मिलेगा। जानें करियर, स्वास्थ्य और प्रेम जीवन के लिए कैसा रहेगा दिन। ]]></description><link><![CDATA[ https://www.bhaktitimes.in/numerology/mulank-1-horoscope-7-september-2026-teamwork-importance-article-156100859 ]]></link><content:encoded><![CDATA[ <div><img class="type:primaryImage" src="https://images.bhaktitimes.in/thumb/msid-156100858,thumbsize-671409,width-1280,height-720,resizemode-75/156100858.jpg" alt="mulank-1-horoscope-7-september-2026-teamwork-importance" /></div><p>7 सितंबर 2026 का दिन मूलांक 1 के जातकों के लिए विशेष रूप से सहयोग और सामंजस्य का संदेश लेकर आया है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, आज सूर्य, मूलांक 7 और भाग्यांक 8 का संयुक्त प्रभाव आपके जीवन के विभिन्न पहलुओं पर असर डालेगा। दिन की शुरुआत किसी महत्वपूर्ण बातचीत या साझा योजना के साथ होने की संभावना है, जो आपके भविष्य के लिए सकारात्मक साबित हो सकती है।</p><p>आज के दिन की सबसे बड़ी सीख यह है कि आपको अकेले निर्णय लेने की जल्दबाजी से बचना चाहिए। ग्रहों की स्थिति संकेत दे रही है कि यदि आप अपने साथियों या परिवार के साथ मिलकर काम करेंगे, तो आपको बेहतर परिणाम प्राप्त होंगे। टीम वर्क के जरिए आप न केवल जटिल समस्याओं का समाधान ढूंढ पाएंगे, बल्कि कार्यक्षेत्र में अपनी स्थिति को भी मजबूत कर सकेंगे।</p><p><h2>करियर, स्वास्थ्य और प्रेम जीवन पर प्रभाव</h2>करियर के दृष्टिकोण से आज का दिन उन लोगों के लिए बहुत अच्छा है जो किसी प्रोजेक्ट पर समूह में काम कर रहे हैं। आपके विचारों को सराहना मिलेगी, बशर्ते आप दूसरों की राय को भी महत्व दें। आर्थिक मामलों में भी किसी के साथ मिलकर निवेश या योजना बनाना फायदेमंद रह सकता है। अकेले कोई बड़ा वित्तीय जोखिम लेने से आज परहेज करना ही समझदारी होगी।</p><p>स्वास्थ्य के लिहाज से दिन सामान्य रहेगा, लेकिन मानसिक शांति बनाए रखने के लिए जरूरी है कि आप दूसरों के साथ संवाद बनाए रखें। प्रेम और रिश्तों के मामले में भी आज का दिन बातचीत के जरिए गलतफहमियों को दूर करने का है। अपने साथी के साथ समय बिताएं और उनकी बातों को सुनें। कुल मिलाकर, आज का दिन मिल-जुलकर आगे बढ़ने और सामूहिक प्रयासों से सफलता हासिल करने का है।</p> ]]></content:encoded><dc:creator><![CDATA[ Bhakti Times ]]></dc:creator></item><item><guid isPermaLink="false">156100865</guid><pubDate>Mon, 07 Sep 2026 10:01:55 +0530</pubDate><title><![CDATA[ 7 सितंबर 2026 का आर्थिक राशिफल: आज इन राशियों को धन लाभ होने के योग, लेकिन निवेश-खर्च में बरतें सावधानी ]]></title><description><![CDATA[ 7 सितंबर 2026 का आर्थिक राशिफल कारोबार, निवेश और धन प्रबंधन के लिए महत्वपूर्ण संकेत दे रहा है। मेष, मिथुन, सिंह, कन्या और मकर राशि के जातकों के लिए आज का दिन विशेष रूप से लाभकारी हो सकता है। ]]></description><link><![CDATA[ https://www.bhaktitimes.in/rashifal/aarthik-rashifal-7-september-2026-financial-outlook-article-156100865 ]]></link><content:encoded><![CDATA[ <div><img class="type:primaryImage" src="https://images.bhaktitimes.in/thumb/msid-156100864,thumbsize-688742,width-1280,height-720,resizemode-75/156100864.jpg" alt="aarthik-rashifal-7-september-2026-financial-outlook" /></div><p>7 सितंबर 2026 का दिन आर्थिक दृष्टिकोण से मिला-जुला रहने वाला है। आज के दिन कारोबार, धन और निवेश से जुड़े मामलों में सावधानी बरतने की विशेष आवश्यकता है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, मेष, मिथुन, सिंह, कन्या और मकर राशि के जातकों के लिए आज का दिन व्यापार, ग्राहकों से संवाद, बिक्री और रुके हुए भुगतान प्राप्त करने के लिहाज से सकारात्मक अवसर लेकर आ सकता है। हालांकि, अन्य राशियों के लिए भी दिन की शुरुआत से ही वित्तीय अनुशासन बनाए रखना जरूरी होगा।</p><p>आज के दिन किसी भी बड़े सौदे को आगे बढ़ाने, नया निवेश करने या व्यावसायिक निर्णय लेने से पहले कागजी दस्तावेजों और आंकड़ों की गहन जांच करना समझदारी होगी। छोटी सी लापरवाही भविष्य में बड़ी वित्तीय परेशानी का कारण बन सकती है। विशेष रूप से वे लोग जो प्रॉपर्टी, रेंट, लोन, किस्तों या बीमा से जुड़े कार्यों में व्यस्त हैं, उन्हें आज पुराने दस्तावेजों और भुगतान की समय-सीमा को एक बार फिर से देख लेना चाहिए। बाजार में निवेश करने वालों को केवल तेजी देखकर फैसला लेने के बजाय बाजार की वास्तविक स्थिति को समझना होगा।</p><p><h2>राशियों के अनुसार आर्थिक स्थिति और सुझाव</h2>मेष राशि के लिए दिन का पहला भाग बिक्री और लंबित बिलों के लिए अच्छा है, जबकि दोपहर बाद संपत्ति और कर संबंधी कार्यों को शांति से निपटाना बेहतर रहेगा। वृषभ राशि वालों को सुबह के समय बैंक बचत और घरेलू वित्तीय प्रतिबद्धताओं पर ध्यान देना चाहिए, बाद में कारोबार में सुधार के संकेत हैं। मिथुन राशि के जातकों को बातचीत और लेनदेन में सफलता मिल सकती है, लेकिन शेयर बाजार में निवेश करते समय पूरी जानकारी जुटाना आवश्यक है। कर्क राशि को सुबह के समय अनियोजित खर्चों पर नियंत्रण रखना होगा, जबकि दोपहर बाद वित्तीय योजनाओं में स्पष्टता आएगी।</p><p>सिंह राशि के लिए सुबह का समय व्यावसायिक संपर्कों और साझेदारी के लिए अनुकूल है, लेकिन दोपहर बाद संपत्ति और कर संबंधी मामलों में सावधानी बरतें। कन्या राशि के जातकों के लिए पूरा दिन परिणामोन्मुख रहेगा, विशेषकर लंबित अनुबंधों में प्रगति संभव है। तुला राशि वालों को बोनस या कमीशन के भरोसे रहने के बजाय वास्तविक प्राप्ति पर ध्यान देना चाहिए। वृश्चिक राशि के लिए आज का दिन संयम की मांग करता है, किसी भी बड़े वित्तीय निर्णय में जल्दबाजी न करें।</p><p>धनु राशि के जातकों को व्यावसायिक प्रस्तावों की शर्तों को ध्यान से पढ़ने की सलाह दी जाती है। मकर राशि के लिए दिन का पहला हिस्सा वसूली और बिलों के भुगतान के लिए मजबूत है। कुंभ राशि वालों को शेयर बाजार में उत्साह में आकर निर्णय लेने से बचना चाहिए, जबकि मीन राशि के जातकों को घरेलू खर्चों और संपत्ति से जुड़े बजट के बीच संतुलन बनाने की आवश्यकता है। आज के दिन की सबसे बड़ी समझदारी अपनी कमाई के साथ-साथ खर्च और भविष्य की देनदारियों का सही हिसाब रखना है।</p> ]]></content:encoded><dc:creator><![CDATA[ Bhakti Times ]]></dc:creator></item><item><guid isPermaLink="false">156100774</guid><pubDate>Mon, 07 Sep 2026 09:02:34 +0530</pubDate><title><![CDATA[ Aja Ekadashi 2026 Wishes In Hindi: 'न कोई चिंता रहे, न कोई गम रहे...' आज अजा एकादशी पर अपनों को भेजें ये भक्तिमय संदेश ]]></title><description><![CDATA[ Aja Ekadashi 2026 Ki Shubhkamnaye: आज 7 सितंबर 2026 को अजा एकादशी है। इस पावन अवसर पर आप अपने प्रियजनों को कुछ खास कोट्स के जरिए शुभकामनाएं दे सकते हैं। चलिए जानें अजा एकादशी के दिन से जुड़े शुभकामना संदेशों के बारे में। ]]></description><link><![CDATA[ https://www.bhaktitimes.in/festivals/aja-ekadashi-2026-wishes-quotes-of-ekadashi-ki-shubhkamnaye-in-hindi-article-156100774 ]]></link><content:encoded><![CDATA[ <div><img class="type:primaryImage" src="https://images.bhaktitimes.in/thumb/msid-156100796,thumbsize-136725,width-1280,height-720,resizemode-75/156100796.jpg" alt="aja ekadashi 2026 wishes quotes of ekadashi ki shubhkamnaye in hindi" /></div><p><strong>Aja Ekadashi 2026 Ki Hardik Shubhkamnaye In Hindi:</strong> प्रत्येक वर्ष हिंदू पंचांग के अनुसार 24 एकादशी तिथियां आती हैं, जिन दिनों व्रत और विष्णु-लक्ष्मी जी की विशेष रूप से पूजा की जाती है। एक साल में कुल 24 एकादशियां यानी हर महीने 2 बार कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष की ग्यारहवीं तिथि को एकादशी का व्रत रखा जाता है। वर्तमान में भाद्रपद का महीना चल रहा है, जिसकी कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि आज 7 सितंबर 2026 को है। भाद्रपद कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को अजा एकादशी के नाम से जाना जाता है। इस दिन पूजा करने से पापों के साथ-साथ कष्टों का भी नाश होता है तथा वैकुंठ धाम में जाने की संभावना बढ़ जाती है। </p><p>आज अजा एकादशी के पावन मौके पर आप कोट्स के जरिए अपने प्रियजनों को शुभकामनाएं भेज सकते हैं। यहां पर अजा एकादशी के 8 शुभकामना संदेश दिए गए हैं, जिन्हें खास लोगों के साथ साझा करने के साथ-साथ सोशल मीडिया पर स्टेटस के रूप में भी लगाया जा सकता है। </p><p><h2><strong>अजा एकादशी की हार्दिक शुभकामनाएं</p><p></strong></h2></p><p><strong>1.</strong></p><p>श्रीहरि की भक्ति में लगाएं मन </p><p>आज अजा एकादशी का मनाएं पर्व </p><p>दूर हों जीवन के सारे दुख </p><p>विष्णु-लक्ष्मी की कृपा से खुशहाल हों दिन</p><p>अजा एकादशी 2026 की हार्दिक शुभकामनाएं!!</p><p><strong>2.</strong></p><p>हर मनोकामना पूरी हो, हर मुश्किल दूर हो</p><p>आपको आज से श्रीहरि विष्णु का मिले साथ</p><p>जिससे जीवन में खुशियां भरी रहें</p><p>अजा एकादशी की शुभकामनाएं!!</p><p><strong>3.</strong></p><p>भक्ति में रंग जाए मन</p><p>होठों पर हो श्रीहरि का नाम</p><p>मिट जाएं जीवन से कष्ट तमाम</p><p>माता लक्ष्मी की कृपा से बढ़ें खुशियां</p><p>अजा एकादशी लाए जीवन में सुख-समृद्धि</p><p>आपको और आपके परिवार वालों को पावन अजा एकादशी की हार्दिक शुभकामनाएं!!</p><p><strong>4.</strong></p><p>न कोई चिंता रहे, न कोई गम रहे</p><p>हर पल जीवन में खुशियों का संग रहे</p><p>विष्णु जी की कृपा और माता लक्ष्मी का आशीर्वाद मिले,</p><p>जीवन में हर दिन सुख-शांति के फूल खिलें</p><p>अजा एकादशी की मंगलकामनाएं!!</p><p>भक्ति टाइम्स पर ये भी पढ़ें- <a href="https://www.bhaktitimes.in/festivals/aja-ekadashi-2026-today-shubh-muhurat-vishnu-lakshmi-puja-vidhi-aaj-ekadashi-ka-vrat-kholne-ka-time-kya-hai-article-156100356" data-type="tilCustomLink" target="_blank"><strong>अजा एकादशी पर आज शुभ मुहूर्त में इस विधि से करें पूजा, जानें व्रत के नियम और पारण का समय</strong></a></p><p><strong>5.</strong></p><p>श्रीहरि के चरणों में जो व्यक्ति शीश झुकाता है</p><p>उसके जीवन में सुख-समृद्धि का दीप जलता है</p><p>आज अजा एकादशी पर प्रभु से यही अरदास है</p><p>आपके परिवार पर सदा विष्णु-लक्ष्मी का आशीर्वाद रहे</p><p>अजा एकादशी 2026 की हार्दिक बधाई!!</p><p><strong>6.</strong></p><p>एकादशी का व्रत हो</p><p>मन में सच्ची आस हो</p><p>हर सांस में श्रीहरि का एहसास हो</p><p>दुखों का अंत हो</p><p>खुशियों की शुरुआत हो</p><p>प्रभु की कृपा हर दिन साथ हो</p><p>आपको अजा एकादशी 2026 की शुभकामनाएं!!</p><p><strong>7.</strong> </p><p>आज जो सच्चे मन से व्रत करे</p><p>विष्णु कृपा बरसे उस पर</p><p>पूर्ण हो हर आस और दूर हो दुख-दर्द</p><p>अजा एकादशी की बहुत-बहुत बधाई!!</p><p><strong>8.</strong></p><p>तपस्या का ये दिन, संयम की ये रीत</p><p>विष्णु जी का आशीर्वाद मिले, सफल हो हर मीत</p><p>अजा एकादशी की हार्दिक बधाई!!</p> ]]></content:encoded><dc:creator><![CDATA[ Bhakti Times ]]></dc:creator></item><item><guid isPermaLink="false">156100578</guid><pubDate>Mon, 07 Sep 2026 08:13:49 +0530</pubDate><title><![CDATA[ Bach Baras Ki Katha In Hindi: आज बछ बारस की पूजा में पढ़ें ये कथा, मिल सकता है मनचाहा फल ]]></title><description><![CDATA[ Bach Baras 2026 Today: आज 7 सितंबर 2026 को बछ बारस का पर्व मनाया जा रहा है। आज गाय और बछड़े की पूजा करने के साथ-साथ राजा देवदानी से जुड़ी एक कथा भी पढ़ी जाती है। चलिए जानें आज बछ बारस पर पढ़ी जाने वाली कथा के बारे में। ]]></description><link><![CDATA[ https://www.bhaktitimes.in/festivals/govatsa-dwadashi-2026-today-bach-baras-ki-katha-in-hindi-raja-devdani-ki-kahani-article-156100578 ]]></link><content:encoded><![CDATA[ <div><img class="type:primaryImage" src="https://images.bhaktitimes.in/thumb/msid-156100642,thumbsize-172936,width-1280,height-720,resizemode-75/156100642.jpg" alt="govatsa dwadashi 2026 today bach baras ki katha in hindi raja devdani ki kahani" /></div><p><strong>Bach Baras 2026 Katha:</strong> बछ बारस का दिन धार्मिक दृष्टि से खास होता है। इस दिन गाय और उसके बछड़े की विशेष रूप से पूजा की जाती है। मान्यता है कि बछ बारस पर पूजा करने से परिवार में सुख-समृद्धि का आगमन होता है। साथ ही संतान के अच्छे स्वास्थ्य, लंबी उम्र और उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद मिलता है। द्रिक पंचांग के अनुसार, हर साल भाद्रपद माह में आने वाली कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि को बछ बारस का पर्व मनाया जाता है। साल 2026 में भाद्रपद कृष्ण द्वादशी तिथि 7 सितंबर की शाम 5 बजकर 3 मिनट से 8 सितंबर की दोपहर 2 बजकर 42 मिनट तक रहेगी। इसी वजह से आज 7 सितंबर 2026, सोमवार को बछ बारस मनाई जा रही है।</p><p>बछ बारस पर राजा देवदानी से जुड़ी एक पौराणिक कथा भी पढ़ी जाती है, जिसके बाद ही पूजा का पूर्ण फल मिलता है। आइए जानें बछ बारस पर्व की कथा क्या है।</p><p><h2><strong>बछ बारस की कथा</p><p></strong></h2></p><p><h3><strong>राजा के पास एक गाय और भैंस थी</p><p></strong></h3>पौराणिक कथाओं के अनुसार, प्राचीन काल में भारत में सुवर्णपुर नाम का एक नगर था, जहां देवदानी नामक राजा का राज चलता था। राजा की दो रानियां थीं। पहली रानी का नाम 'सीता' तो दूसरी का नाम 'गीता' था। राजा को जानवरों से बहुत प्यार था। उन्होंने एक गाय और एक भैंस को पाल रखा था। रानी सीता को भैंस से खास लगाव था। वो भैंस को अपनी सखी मानती और उसका बहुत ख्याल रखती। वहीं, दूसरी रानी को गाय और उसके बछड़े से बहुत प्यार था। वो दोनों को सखी के समान प्यार करती थी।</p><p><h3><strong>भैंस ने की रानी सीता से शिकायत</p><p></strong></h3>एक दिन भैंस ने रानी सीता से कहा 'गाय का बछड़ा है, जिससे रानी गीता बहुत प्यार करती हैं। मुझे बछड़े से ईर्ष्या होती है क्योंकि मेरा बच्चा नहीं है।' रानी को ये बात सुन दुख हुआ और उसने भैंस को वचन दिया कि वो सब कुछ ठीक कर देगी।</p><p><h3><strong>रानी सीता ने किए बछड़े के टुकड़े</p><p></strong></h3>रानी सीता ने उसी दिन शाम के समय गाय के बछडे़ को अगवा किया और उसके कई टुकड़े कर गेहूं की राशि में छुपा दिए। रानी गीता को जब बहुत देर तक बछड़ा नहीं मिला तो उन्होंने उसे ढूंढने का बहुत प्रयास किया, लेकिन कुछ भी पता नहीं चला।</p><p>भक्ति टाइम्स पर ये भी पढ़ें- <a href="https://www.bhaktitimes.in/festivals/bach-baras-ki-hardik-shubhkamnaye-in-hindi-share-bach-baras-2026-wishes-with-friends-and-family-article-156100396" data-type="tilCustomLink" target="_blank"><strong>आज 'बछ बारस' पर अपनों को भेजें ये प्यार भरे शुभकामना संदेश</strong></a></p><p><h3><strong>महल में हुई रक्त और मांस की वर्षा</p><p></strong></h3>अगले दिन जब राजा भोजन करने के लिए अपने स्थान पर बैठे तो उसी समय आसमान से खून और मांस की वर्षा होने लगी। कुछ ही समय में पूरे महल में रक्त और मांस फैल गया तथा मल-मूत्र आदि की बास आने लगी। राजा ये देख घबरा गया और भगवान से इसके कारण के बारे में पूछने लगा। तभी आकाशवाणी हुई 'हे राजा, रानी सीता ने तेरी गाय के बछडे़ को काटा और उसके टु़कड़े गेहूं की राशि में छुपा दिए। तेरे महल में ये सब इसलिए हो रहा है। कल 'गोवत्स द्वादशी' है। कल तू भैंस को अपने नगर से बाहर निकालने के बाद गाय और बछडे़ की पूजा कर। साथ ही पूरे दिन गाय का दूध और कटे फलों का सेवन न कर। इससे रानी सीता का पाप नष्ट होगा और बछड़ा पुनर्जीवित हो जाएगा।'</p><p><h3><strong>राजा को मिला अपनी पूजा का फल</p><p></strong></h3>राजा ने पूरी श्रद्धा से गोवत्स द्वादशी के दिन पूजा की और सभी नियमों का पालन किया, जिसके बाद बछड़ा पुनर्जीवित हो गया और महल की स्थिति भी अपने आप सुधर गई। कहा जाता है कि इसी घटना के बाद से देशभर में हर साल भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि को गोवत्स द्वादशी मनाने की परंपरा शुरू हो गई, जिसे बछ वारस, बछ बारस और वसु बारस आदि नामों से जाना जाता है।</p> ]]></content:encoded><dc:creator><![CDATA[ Bhakti Times ]]></dc:creator></item><item><guid isPermaLink="false">156099969</guid><pubDate>Mon, 07 Sep 2026 07:19:02 +0530</pubDate><title><![CDATA[ 7 सितंबर 2026 का लव राशिफल: आज वृषभ-कन्या राशि वालों के लिए दिन शुभ, जानें कैसा रहेगा आपका प्रेम जीवन ]]></title><description><![CDATA[ 7 सितंबर 2026 के लव राशिफल के अनुसार, वृषभ और कन्या राशि के जातकों के लिए रिश्तों में विश्वास और मधुरता बढ़ने के योग हैं। जानें सभी 12 राशियों के लिए आज का प्रेम और वैवाहिक जीवन कैसा रहेगा। ]]></description><link><![CDATA[ https://www.bhaktitimes.in/rashifal/love-rashifal-7-september-2026-astrology-predictions-article-156099969 ]]></link><content:encoded><![CDATA[ <div><img class="type:primaryImage" src="https://images.bhaktitimes.in/thumb/msid-156099968,thumbsize-621492,width-1280,height-720,resizemode-75/156099968.jpg" alt="love-rashifal-7-september-2026-astrology-predictions" /></div><p>7 सितंबर 2026 का दिन प्रेम संबंधों और व्यक्तिगत रिश्तों के लिहाज से कई राशियों के लिए सकारात्मक संकेत लेकर आया है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, आज का दिन भावनाओं में संतुलन और आपसी संवाद को बेहतर बनाने का अवसर प्रदान कर रहा है। कई राशियों के लिए पार्टनर के साथ तालमेल बिठाने और मन की बात साझा करने का यह एक अनुकूल समय है।</p><p>आज के दिन वृषभ और कन्या राशि के जातकों के लिए रिश्तों में विश्वास और प्रगाढ़ता बढ़ने की संभावना है। वहीं, अन्य राशियों के लिए भी दिन सामान्य से बेहतर रहने के संकेत मिल रहे हैं, बशर्ते वे बातचीत में संयम और धैर्य का पालन करें।</p><p><h2>राशि अनुसार प्रेम जीवन का हाल</h2>मेष राशि के जातकों के लिए आज प्रेम संबंधों में मधुरता बढ़ेगी और पार्टनर के साथ भरोसा मजबूत होगा। वृषभ राशि के लोगों के लिए दिन स्नेहपूर्ण रहेगा, जहां रिश्तों में समझ बढ़ेगी और किसी खास व्यक्ति से आकर्षक प्रस्ताव मिल सकता है। मिथुन राशि के जातकों के लिए आपसी विश्वास और सकारात्मकता का योग है। कर्क राशि के जातकों को सलाह दी जाती है कि वे रिश्तों में जल्दबाजी न करें और बातचीत में संयम बरतें।</p><p>सिंह राशि के जातकों के प्रेम जीवन में उत्साह बना रहेगा और अविवाहित लोगों को प्रेम प्रस्ताव मिल सकता है। कन्या राशि के जातकों के लिए अपने पार्टनर के सामने मन की बात रखने का यह एक बेहतरीन अवसर है। तुला राशि के जातकों के लिए भावनात्मक जुड़ाव मजबूत होगा, जबकि वृश्चिक राशि के लोगों को धैर्य बनाए रखने और निजी बातों को गोपनीय रखने की आवश्यकता है।</p><p><h2>धैर्य और समझदारी से सुलझेंगे रिश्ते</h2>धनु राशि के जातकों के लिए आज का दिन उत्साह से भरा रहेगा और पार्टनर के साथ सुखद समय बीतेगा। मकर राशि के जातकों को सलाह है कि वे बहस से बचें और पार्टनर की बातों को महत्व दें। कुंभ राशि के जातकों के लिए शुभ सूचना मिलने के योग हैं, जिससे रिश्तों में आपसी समझ और बढ़ेगी। मीन राशि के जातकों को अपनों की सलाह पर ध्यान देने और भावुक होकर कोई भी बड़ा फैसला न लेने की सलाह दी गई है।</p> ]]></content:encoded><dc:creator><![CDATA[ Bhakti Times ]]></dc:creator></item><item><guid isPermaLink="false">156100428</guid><pubDate>Mon, 07 Sep 2026 07:18:12 +0530</pubDate><title><![CDATA[ सिंह का 7 सितंबर का राशिफल: आज सुबह के समय मिल सकते हैं लाभ के अवसर, दोपहर बाद इन चीजों को लेकर रहें सावधान ]]></title><description><![CDATA[ सिंह राशि के जातकों के लिए 7 सितंबर का दिन मिला-जुला रहने वाला है। सुबह के समय पुराने संपर्कों से लाभ की संभावना है, जबकि दोपहर के बाद खर्चों पर नियंत्रण रखने की सलाह दी गई है। ]]></description><link><![CDATA[ https://www.bhaktitimes.in/rashifal/leo-horoscope-today-7-september-astrology-predictions-article-156100428 ]]></link><content:encoded><![CDATA[ <div><img class="type:primaryImage" src="https://images.bhaktitimes.in/thumb/msid-156100427,thumbsize-550587,width-1280,height-720,resizemode-75/156100427.jpg" alt="leo-horoscope-today-7-september-astrology-predictions" /></div><p>सिंह राशि के जातकों के लिए 7 सितंबर का दिन विशेष रूप से सुबह के समय सकारात्मक रहने की उम्मीद है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, दिन की शुरुआत में चंद्रमा की स्थिति आपके लिए अनुकूल बनी हुई है, जो नेटवर्किंग और पुराने संपर्कों से लाभ दिलाने में सहायक हो सकती है। यदि आप किसी नए अवसर की तलाश में हैं, तो सुबह का समय आपके लिए फलदायी साबित हो सकता है।</p><p>करियर के मोर्चे पर भी आज का दिन सहयोगियों के साथ तालमेल बिठाने के लिए अच्छा है। कार्यस्थल पर टीम के सदस्यों का सहयोग मिलने से आपके रुके हुए काम गति पकड़ सकते हैं। व्यावसायिक दृष्टिकोण से यह समय अपनी योजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए उपयुक्त माना जा रहा है।</p><p><h2>दोपहर बाद की स्थिति और सावधानी</h2>दिन के दूसरे पहर यानी दोपहर के बाद स्थिति में थोड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। ज्योतिषीय संकेतों के अनुसार, दोपहर के बाद खर्चों में वृद्धि होने की संभावना है, इसलिए आर्थिक मामलों में सावधानी बरतने की आवश्यकता होगी। अनावश्यक खर्चों से बचने के लिए बजट का ध्यान रखना आपके लिए हितकर रहेगा।</p><p>दोपहर के बाद का समय अपने अधूरे कार्यों को पूरा करने और स्वयं को आराम देने के लिए बेहतर है। भागदौड़ भरी दिनचर्या के बीच थोड़ा समय निकालकर विश्राम करना आपके मानसिक स्वास्थ्य के लिए अच्छा रहेगा। कुल मिलाकर, सिंह राशि के जातकों को आज अपने दिन की योजना इस तरह बनानी चाहिए कि वे सुबह के समय मिलने वाले अवसरों का लाभ उठा सकें और दोपहर बाद के समय को संयम के साथ व्यतीत करें।</p> ]]></content:encoded><dc:creator><![CDATA[ Bhakti Times ]]></dc:creator></item><item><guid isPermaLink="false">156100324</guid><pubDate>Mon, 07 Sep 2026 07:14:20 +0530</pubDate><title><![CDATA[ वृषभ राशि का 7 सितंबर 2026 का राशिफल: आज कार्यक्षेत्र में मिलेगी सफलता, धन लाभ के भी योग ]]></title><description><![CDATA[ 7 सितंबर 2026 के लिए वृषभ राशि का राशिफल। आज धन और करियर के मामलों में आपको नए अवसर मिल सकते हैं। पारिवारिक सहयोग और स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहने की सलाह दी गई है। ]]></description><link><![CDATA[ https://www.bhaktitimes.in/rashifal/vrishabh-rashi-daily-horoscope-7-september-2026-career-finance-tips-article-156100324 ]]></link><content:encoded><![CDATA[ <div><img class="type:primaryImage" src="https://images.bhaktitimes.in/thumb/msid-156100323,thumbsize-538008,width-1280,height-720,resizemode-75/156100323.jpg" alt="vrishabh-rashi-daily-horoscope-7-september-2026-career-finance-tips" /></div><p>वृषभ राशि के जातकों के लिए 7 सितंबर 2026 का दिन विशेष रूप से आर्थिक और करियर के दृष्टिकोण से सकारात्मक रहने की संभावना है। राशि स्वामी की प्रबल स्थिति के कारण आज आपको कामकाज में लाभ मिलने के योग बन रहे हैं। आज आप अपने कार्यों को लेकर काफी गंभीर रहेंगे और स्वयं चीजों पर ध्यान केंद्रित करेंगे। परिवार में विशेष रूप से बहन या किसी महिला सदस्य का सहयोग आपको साहस और हिम्मत प्रदान करेगा।</p><p>ज्योतिषीय गणना के अनुसार, चंद्रमा का मिथुन राशि से निकलकर कर्क राशि में प्रवेश करना आपके लिए मेहनत के साथ-साथ लाभ के नए द्वार खोलेगा। आज के दिन छोटी दूरी की यात्रा के योग भी बन रहे हैं। यदि आप बच्चों के भविष्य या शिक्षा से जुड़ी योजनाओं पर काम कर रहे हैं, तो आज का दिन शैक्षणिक संस्थानों से संबंधित कार्यों के लिए अनुकूल हो सकता है। काम के सिलसिले में भागदौड़ थोड़ी बढ़ सकती है, लेकिन आपकी योजनाएं आपको आगे रखने में मदद करेंगी।</p><p><h2>करियर, आर्थिक स्थिति और पारिवारिक जीवन</h2>करियर के क्षेत्र में आज का दिन आपकी व्यक्तिगत कोशिशों का फल देने वाला साबित हो सकता है। कार्यस्थल पर आपको अतिरिक्त जिम्मेदारियां मिल सकती हैं, जिससे शुरुआत में काम का दबाव महसूस हो सकता है। हालांकि, दोपहर के बाद स्थिति सामान्य और राहतपूर्ण हो जाएगी। यदि आप नई नौकरी की तलाश में हैं, तो आज होने वाली कोई भी मीटिंग आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। वरिष्ठ अधिकारी आपकी कार्यक्षमता और समयबद्धता पर ध्यान देंगे, जिससे आपकी स्थिति मजबूत होगी। आर्थिक मामलों में स्थिति सामान्य बनी रहेगी।</p><p>पारिवारिक जीवन की बात करें तो दिन सामान्य से बेहतर रहने वाला है। अविवाहित जातकों के लिए विवाह के नए प्रस्ताव आ सकते हैं। घर में पुरानी किसी बात को लेकर थोड़ी चिंता हो सकती है, लेकिन स्थिति आपके नियंत्रण में रहेगी। यदि आप किसी बात को लेकर लंबे समय से मानसिक तनाव में हैं, तो किसी करीबी से बातचीत करना आपके लिए मददगार होगा। घर पर मित्रों का आगमन भी संभव है। स्वास्थ्य के लिहाज से आज आपको अपनी दिनचर्या पर ध्यान देने की आवश्यकता है। अधिक भागदौड़ और यात्रा के कारण शरीर को थकान महसूस हो सकती है, इसलिए पर्याप्त आराम करना उचित रहेगा।</p><p><h2>आज का विशेष उपाय</h2>ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, आज के दिन देवी लक्ष्मी को सूखे मेवों का भोग अर्पित करना शुभ माना गया है। इसके साथ ही देवी स्तोत्र का पाठ करना आपके लिए मानसिक शांति और सकारात्मकता लाने वाला हो सकता है।</p> ]]></content:encoded><dc:creator><![CDATA[ Bhakti Times ]]></dc:creator></item><item><guid isPermaLink="false">156100335</guid><pubDate>Mon, 07 Sep 2026 07:13:22 +0530</pubDate><title><![CDATA[ धनु का 7 सितंबर का राशिफल: आज जल्दबाजी में न लें कोई बड़ा फैसला, टीम वर्क से होगा लाभ ]]></title><description><![CDATA[ 7 सितंबर के लिए धनु राशि का दैनिक राशिफल। आज के दिन आपको कार्यों में जल्दबाजी से बचने और दस्तावेजों को सावधानी से पढ़ने की सलाह दी गई है। टीम के साथ काम करना आज अधिक फलदायी रहेगा। ]]></description><link><![CDATA[ https://www.bhaktitimes.in/rashifal/dhanu-rashifal-7-september-astrology-predictions-article-156100335 ]]></link><content:encoded><![CDATA[ <div><img class="type:primaryImage" src="https://images.bhaktitimes.in/thumb/msid-156100334,thumbsize-582398,width-1280,height-720,resizemode-75/156100334.jpg" alt="dhanu-rashifal-7-september-astrology-predictions" /></div><p>धनु राशि के जातकों के लिए 7 सितंबर का दिन सावधानी और धैर्य के साथ आगे बढ़ने का संकेत दे रहा है। आज के दिन किसी भी कार्य को जल्दबाजी में निपटाने की कोशिश न करें, क्योंकि इससे परिणाम आपकी अपेक्षा के विपरीत हो सकते हैं। विशेष रूप से किसी भी महत्वपूर्ण दस्तावेज या कागजात पर हस्ताक्षर करने से पहले उन्हें अच्छी तरह से पढ़ना और समझना बेहद जरूरी है।</p><p>आज के दिन की ग्रह स्थिति यह दर्शाती है कि अकेले काम करने के बजाय दूसरों के साथ मिलकर काम करना आपके लिए अधिक लाभकारी साबित होगा। सामूहिक प्रयासों से आपको बेहतर परिणाम मिलने की संभावना है। अपनी कार्यशैली में लचीलापन रखें और सहयोगियों के साथ तालमेल बिठाकर चलने का प्रयास करें।</p><p><h2>चंद्रमा का प्रभाव और मानसिक स्थिति</h2>ज्योतिषीय गणना के अनुसार, दोपहर के समय चंद्रमा का गोचर कर्क राशि के आठवें भाव में होगा। चंद्रमा की इस स्थिति का प्रभाव आपके मन पर भी पड़ेगा। दोपहर के बाद आप खुद को थोड़ा अंतर्मुखी महसूस कर सकते हैं और आपका ध्यान बाहरी दुनिया के बजाय अपने भीतर की ओर अधिक केंद्रित हो सकता है।</p><p>यह समय आत्म-चिंतन और अपनी प्राथमिकताओं को समझने के लिए अच्छा है। हालांकि, मन की इस स्थिति के कारण आप थोड़े गंभीर रह सकते हैं। सलाह दी जाती है कि इस दौरान किसी भी तरह के मानसिक तनाव से बचें और शांत रहकर अपने कार्यों को पूरा करें। दिन के उत्तरार्ध में अपनी भावनाओं को संतुलित रखना ही आपके लिए सबसे बेहतर रहेगा।</p> ]]></content:encoded><dc:creator><![CDATA[ Bhakti Times ]]></dc:creator></item><item><guid isPermaLink="false">156100339</guid><pubDate>Mon, 07 Sep 2026 07:12:06 +0530</pubDate><title><![CDATA[ मकर राशि का 7 सितंबर का राशिफल: आज कैसी रहेगी आर्थिक स्थिति और आपकी सेहत? जानें ]]></title><description><![CDATA[ 7 सितंबर के लिए मकर राशि का राशिफल। आज आपको अपनी योजनाओं को गोपनीय रखने और वाद-विवाद से बचने की सलाह दी गई है। आर्थिक लेन-देन में सतर्कता बरतें। ]]></description><link><![CDATA[ https://www.bhaktitimes.in/rashifal/makar-rashi-horoscope-7-september-astrology-tips-article-156100339 ]]></link><content:encoded><![CDATA[ <div><img class="type:primaryImage" src="https://images.bhaktitimes.in/thumb/msid-156100338,thumbsize-579892,width-1280,height-720,resizemode-75/156100338.jpg" alt="makar-rashi-horoscope-7-september-astrology-tips" /></div><p>सितंबर महीने की 7 तारीख मकर राशि के जातकों के लिए विशेष सावधानी बरतने का संकेत दे रही है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, आज के दिन आपको अपनी कार्य योजनाओं और रणनीतियों को लेकर काफी सतर्क रहने की आवश्यकता है। ग्रहों की स्थिति यह दर्शा रही है कि आप जो भी कार्य करें, उसमें स्पष्टता रखें, लेकिन अपनी बातों को हर किसी के सामने साझा करने से बचें।</p><p>आज के दिन गोपनीयता बनाए रखना आपके लिए हितकारी साबित हो सकता है। किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय या भविष्य की योजना के बारे में बहुत अधिक चर्चा करने से बचें। इसके अलावा, अनावश्यक तर्क-वितर्क और बहस से दूर रहना ही आपके लिए बेहतर होगा। बेवजह की बातचीत में ऊर्जा खर्च करने के बजाय अपने लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित करना आज के दिन के लिए सबसे उचित विकल्प है।</p><p><h2>आर्थिक और व्यावसायिक मामलों में सतर्कता</h2>आर्थिक दृष्टिकोण से आज का दिन विशेष सावधानी की मांग कर रहा है। सलाह दी जाती है कि आज किसी से भी उधार लेने से बचें। धन के लेन-देन में पारदर्शिता रखें और किसी भी प्रकार के आर्थिक जोखिम से दूर रहें। यदि आप किसी प्रतिस्पर्धात्मक क्षेत्र में कार्यरत हैं, तो आपकी पूर्व तैयारी और मेहनत आज आपके काम आ सकती है।</p><p>कार्यक्षेत्र में अपनी रणनीति को गुप्त रखना और अपने काम पर पूरा ध्यान देना आपको सकारात्मक परिणाम दिला सकता है। आज का दिन धैर्य के साथ आगे बढ़ने का है। अपनी योजनाओं को तब तक सार्वजनिक न करें जब तक कि वे पूरी तरह से क्रियान्वित न हो जाएं। कुल मिलाकर, आज का दिन संयम और विवेक के साथ काम करने का है, जिससे आप आने वाली चुनौतियों से बच सकते हैं।</p> ]]></content:encoded><dc:creator><![CDATA[ Bhakti Times ]]></dc:creator></item><item><guid isPermaLink="false">156100351</guid><pubDate>Mon, 07 Sep 2026 07:10:44 +0530</pubDate><title><![CDATA[ वृश्चिक राशि का 7 सितंबर 2026 का राशिफल: आज भाग्य का मिलेगा साथ, मेहनत से खुलेंगे तरक्की के रास्ते ]]></title><description><![CDATA[ 7 सितंबर 2026 के लिए वृश्चिक राशि का राशिफल। आज भाग्य के सहयोग से कार्यों में सफलता मिलेगी, लेकिन करियर और आर्थिक मामलों में अधिक मेहनत की आवश्यकता है। जानें आज का प्रेम और स्वास्थ्य कैसा रहेगा। ]]></description><link><![CDATA[ https://www.bhaktitimes.in/rashifal/vrishchik-rashifal-7-september-2026-scorpio-horoscope-article-156100351 ]]></link><content:encoded><![CDATA[ <div><img class="type:primaryImage" src="https://images.bhaktitimes.in/thumb/msid-156100350,thumbsize-748270,width-1280,height-720,resizemode-75/156100350.jpg" alt="vrishchik-rashifal-7-september-2026-scorpio-horoscope" /></div><p>7 सितंबर 2026 का दिन वृश्चिक राशि के जातकों के लिए मिले-जुले परिणामों वाला रहने वाला है। आज आपकी राशि के स्वामी का प्रभाव विशेष रूप से सक्रिय रहेगा, जिससे आपको अपने प्रयासों और भाग्य का बेहतर तालमेल देखने को मिलेगा। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, नवम भाव (भाग्य भाव) की सक्रियता आपके लिए यात्रा, धार्मिक कार्यों और दूर स्थान से जुड़े कार्यों के नए अवसर लेकर आ रही है।</p><p>आज के दिन आपको अचानक धन लाभ के योग भी बन रहे हैं। हालांकि, आठवें भाव के स्वामी के प्रभाव के कारण कुछ सूचनाएं आपको थोड़ी चिंता में डाल सकती हैं, इसलिए धैर्य बनाए रखना आवश्यक होगा। घर से दूर रहकर नौकरी या व्यवसाय करने वाले जातकों को आज सामान्य से अधिक मेहनत करनी पड़ सकती है, लेकिन आपकी यह मेहनत व्यर्थ नहीं जाएगी और भविष्य में इसके सकारात्मक परिणाम प्राप्त होंगे।</p><p><h2>करियर, प्रेम और स्वास्थ्य का भविष्यफल</h2>करियर के मोर्चे पर आज का दिन नई संभावनाओं से भरा है। यदि आप किसी नए कार्य को शुरू करने की योजना बना रहे हैं, तो उसमें आपकी रुचि बढ़ेगी और आप गंभीरता से विचार कर सकते हैं। आर्थिक मामलों में अचानक लाभ की स्थिति बनी हुई है, लेकिन सलाह दी जाती है कि प्राप्त धन को तुरंत खर्च करने के बजाय भविष्य के लिए संचित करना अधिक लाभकारी रहेगा।</p><p>प्रेम जीवन की बात करें तो आज भावनाओं का प्रभाव अधिक रहेगा। यदि पार्टनर के साथ किसी बात को लेकर मनमुटाव या दूरी चल रही थी, तो आज साथ समय बिताने से दूरियां कम हो सकती हैं और रिश्तों में फिर से मधुरता आएगी। जो लोग किसी को पसंद करते हैं, वे आज अपने मन की बात साझा करने का विचार कर सकते हैं। वहीं, जीवनसाथी का सहयोग आपको मानसिक शांति प्रदान करेगा, बस छोटी-छोटी बातों पर होने वाली बहस से बचने की सलाह दी जाती है।</p><p>स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से आज का दिन सामान्य रहेगा। हालांकि, परिवार के किसी सदस्य से जुड़ी कोई खबर आपको थोड़ी चिंता में डाल सकती है। ऐसी स्थिति में शांत रहकर चीजों को संभालना ही समझदारी होगी। आज के दिन शुभ फलों की प्राप्ति के लिए भगवान शिव की पूजा करें और शिवलिंग पर जल अर्पित करें। किसी भी महत्वपूर्ण यात्रा पर निकलने से पहले इलायची का सेवन करना आपके लिए शुभ माना गया है।</p> ]]></content:encoded><dc:creator><![CDATA[ Bhakti Times ]]></dc:creator></item><item><guid isPermaLink="false">156100378</guid><pubDate>Mon, 07 Sep 2026 07:10:10 +0530</pubDate><title><![CDATA[ कन्या का 7 सितंबर का राशिफल: करियर को मिलेगी गति, आज महत्वपूर्ण फैसलों में रखें सावधानी ]]></title><description><![CDATA[ 7 सितंबर 2026 के लिए कन्या राशि का राशिफल। मंगल की स्थिति करियर में तेजी के संकेत दे रही है। जानें आज के दिन आपको किन बातों का ध्यान रखना चाहिए और कैसे आगे बढ़ना है। ]]></description><link><![CDATA[ https://www.bhaktitimes.in/rashifal/kanya-rashifal-7-september-2026-career-and-astrology-predictions-article-156100378 ]]></link><content:encoded><![CDATA[ <div><img class="type:primaryImage" src="https://images.bhaktitimes.in/thumb/msid-156100377,thumbsize-540104,width-1280,height-720,resizemode-75/156100377.jpg" alt="kanya-rashifal-7-september-2026-career-and-astrology-predictions" /></div><p>कन्या राशि के जातकों के लिए 7 सितंबर 2026 का दिन करियर के लिहाज से काफी सकारात्मक रहने वाला है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, मंगल की स्थिति आपके करियर पक्ष में विशेष तेजी लाने का संकेत दे रही है। इस दौरान आपको कार्यक्षेत्र में नए प्रोजेक्ट्स मिल सकते हैं या फिर आप अपने निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ सकते हैं। दिन की शुरुआत काफी सक्रिय रहेगी और आप अपने कार्यों को लेकर काफी ऊर्जावान महसूस करेंगे।</p><p>हालांकि, कार्यक्षेत्र में सक्रियता के साथ-साथ आपको अपनी कार्यशैली में अनुशासन बनाए रखने की भी आवश्यकता है। ज्योतिषीय परामर्श के अनुसार, किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय को लेते समय केवल उत्साह में बहना उचित नहीं है। उत्साह के साथ-साथ तथ्यों की बारीकी से जांच करना भी उतना ही जरूरी है। यदि आप कोई बड़ा फैसला ले रहे हैं, तो उसके सभी पहलुओं पर विचार करना आपके लिए हितकर रहेगा।</p><p><h2>कार्य और योजना में सावधानी की आवश्यकता</h2>आज के दिन आपको अपनी तैयारियों को लेकर विशेष सतर्क रहने की सलाह दी जाती है। किसी भी काम की तैयारी को अंतिम समय के लिए टालना आपके लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है। यदि आप अपने कार्यों को समय रहते व्यवस्थित कर लेते हैं, तो दिन की उत्पादकता में वृद्धि होगी। काम के दबाव के बीच खुद को शांत रखना और अपनी प्राथमिकताओं को स्पष्ट रखना ही आज की सफलता की कुंजी है।</p><p>कुल मिलाकर, आज का दिन कन्या राशि के जातकों के लिए मेहनत और परिणाम का है। मंगल का प्रभाव आपको नई चुनौतियों के लिए तैयार करेगा, लेकिन आपकी सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि आप अपने उत्साह को कितनी समझदारी के साथ प्रबंधित करते हैं। अपनी योजनाओं को समय से पूरा करने का प्रयास करें और किसी भी महत्वपूर्ण कदम को उठाने से पहले पूरी जानकारी जरूर जुटा लें।</p> ]]></content:encoded><dc:creator><![CDATA[ Bhakti Times ]]></dc:creator></item><item><guid isPermaLink="false">156100414</guid><pubDate>Mon, 07 Sep 2026 07:09:27 +0530</pubDate><title><![CDATA[ मीन का 7 सितंबर का राशिफल: आज दोपहर तक आप रहेंगे परेशान, घर का माहौल सुधारने का करें प्रयास ]]></title><description><![CDATA[ मीन राशि के जातकों के लिए 7 सितंबर का दिन मिला-जुला रहने वाला है। दिन की शुरुआत में धैर्य रखने की सलाह है, जबकि दोपहर बाद घर-परिवार में सुखद माहौल बनने के संकेत हैं। ]]></description><link><![CDATA[ https://www.bhaktitimes.in/rashifal/meen-rashi-horoscope-today-7-september-astrology-news-article-156100414 ]]></link><content:encoded><![CDATA[ <div><img class="type:primaryImage" src="https://images.bhaktitimes.in/thumb/msid-156100413,thumbsize-568700,width-1280,height-720,resizemode-75/156100413.jpg" alt="meen-rashi-horoscope-today-7-september-astrology-news" /></div><p>मीन राशि के जातकों के लिए 7 सितंबर का दिन विशेष रहने वाला है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, दिन की शुरुआत में चंद्रमा की स्थिति को देखते हुए जातकों को अपने व्यवहार में संयम बरतने की आवश्यकता है। सुबह के समय घर की शांति बनाए रखना आज की प्राथमिकता होनी चाहिए, क्योंकि छोटी-मोटी बातों से तनाव उत्पन्न हो सकता है। यदि आप धैर्य और समझदारी से काम लेंगे, तो दिन के बाकी कार्य सहजता से पूरे हो जाएंगे।</p><p>दिन के पहले भाग में किसी भी तरह के विवाद से बचना ही आपके लिए हितकर रहेगा। कार्यक्षेत्र हो या निजी जीवन, अपनी वाणी पर नियंत्रण रखें और दूसरों की बातों को सुनने का प्रयास करें। जल्दबाजी में कोई भी बड़ा निर्णय लेने से बचें। जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ेगा, स्थितियों में सुधार आने की प्रबल संभावना है।</p><p><h2>दोपहर बाद घर में बढ़ेगी खुशहाली</h2>दोपहर के बाद का समय मीन राशि के जातकों के लिए काफी सकारात्मक रहने वाला है। इस दौरान माहौल में सुधार दिखाई देगा और मन प्रसन्न रहेगा। पारिवारिक जीवन में खुशहाली का संचार होगा और आप अपनों के साथ अच्छा समय बिता पाएंगे। यदि आप काफी समय से घर की सजावट या सुख-सुविधा की वस्तुओं को खरीदने की योजना बना रहे थे, तो आज का समय इसके लिए अनुकूल हो सकता है।</p><p>आज के दिन परिवार के साथ किसी मांगलिक कार्यक्रम या भविष्य की योजनाओं पर चर्चा होने की भी संभावना है। घर के सदस्यों के साथ तालमेल बेहतर होगा, जिससे आपसी संबंधों में मजबूती आएगी। कुल मिलाकर, दिन का उत्तरार्ध आपके लिए सुखद और संतोषजनक रहने वाला है। अपनी ऊर्जा को सकारात्मक कार्यों में लगाएं और परिवार के साथ इस सुखद समय का आनंद लें।</p> ]]></content:encoded><dc:creator><![CDATA[ Bhakti Times ]]></dc:creator></item><item><guid isPermaLink="false">156100320</guid><pubDate>Mon, 07 Sep 2026 06:57:03 +0530</pubDate><title><![CDATA[ मिथुन राशि का आज का राशिफल: 7 सितंबर 2026 को ऊर्जा और उत्साह से भरे रहेंगे आप ]]></title><description><![CDATA[ 7 सितंबर 2026 का मिथुन राशिफल: आज मिथुन राशि के जातक अपने कार्यों में विशेष उत्साह दिखाएंगे। करियर में तरक्की के योग हैं और दोपहर बाद आर्थिक स्थिति में सुधार की संभावना है। ]]></description><link><![CDATA[ https://www.bhaktitimes.in/rashifal/mithun-rashi-daily-horoscope-7-september-2026-article-156100320 ]]></link><content:encoded><![CDATA[ <div><img class="type:primaryImage" src="https://images.bhaktitimes.in/thumb/msid-156100319,thumbsize-453505,width-1280,height-720,resizemode-75/156100319.jpg" alt="mithun-rashi-daily-horoscope-7-september-2026" /></div><p>7 सितंबर 2026 का दिन मिथुन राशि के जातकों के लिए ऊर्जा और उत्साह से भरपूर रहने वाला है। आज आपकी राशि के स्वामी की स्थिति में बदलाव का सीधा असर आपके व्यक्तित्व और कार्यशैली पर दिखाई देगा। आप अपने हर काम को पूरे जोश के साथ पूरा करने के लिए तत्पर रहेंगे और नई चुनौतियों या कार्यों में शामिल होने की आपकी इच्छा प्रबल रहेगी।</p><p>आज के दिन आपके मन में प्रतिस्पर्धा की भावना भी बनी रह सकती है, जो आपको अपने काम को बेहतर ढंग से करने के लिए प्रेरित करेगी। चंद्रमा के आपकी राशि से आगे बढ़ने के कारण, अब आप अनावश्यक विचारों के बोझ से मुक्त महसूस करेंगे। यह समय अपनी छिपी हुई प्रतिभा को दुनिया के सामने लाने और उसका लाभ उठाने के लिए अनुकूल है।</p><p><h2>करियर और आर्थिक स्थिति में सकारात्मक बदलाव</h2>करियर के मोर्चे पर आज का दिन संभावनाओं से भरा है। चाहे आप नौकरी करते हों या व्यापार, आप अपने उत्तरदायित्वों को सामान्य से अधिक तेजी और कुशलता के साथ पूरा करने का प्रयास करेंगे। आपकी कार्यक्षमता और सक्रियता आपके सहकर्मियों के बीच चर्चा का विषय बन सकती है, जिससे आपको कार्यस्थल पर विशेष पहचान मिलने की उम्मीद है।</p><p>आर्थिक दृष्टिकोण से आज का दिन विशेष रूप से शुभ संकेत दे रहा है। धन भाव के स्वामी की मजबूती के कारण दोपहर के बाद से आपको आर्थिक मामलों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। पैसों के प्रबंधन को लेकर आपकी सोच आज अधिक केंद्रित और स्पष्ट रहेगी, जिसका लाभ आपको भविष्य में मिल सकता है।</p><p><h2>पारिवारिक जीवन, प्रेम और स्वास्थ्य</h2>प्रेम संबंधों के मामले में आज का दिन रिश्तों में स्पष्टता लाने वाला साबित होगा। यदि पिछले कुछ समय से किसी बात को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई थी, तो आज उसे सुलझाने का प्रयास किया जा सकता है। जीवनसाथी के साथ मिलकर आप घर के निर्माण या रखरखाव से जुड़ी कोई नई योजना बना सकते हैं। हालांकि, काम की अधिकता के कारण परिवार को पर्याप्त समय देना आपके लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है, इसलिए कार्य और निजी जीवन के बीच संतुलन बनाए रखना आवश्यक है।</p><p>स्वास्थ्य की दृष्टि से आज आपको अपनी ऊर्जा का सही प्रबंधन करने की आवश्यकता है। जोश में आकर एक साथ कई काम करने की कोशिश न करें, अन्यथा शारीरिक और मानसिक थकान महसूस हो सकती है। एकादशी के पावन अवसर पर अपनी क्षमता के अनुसार धार्मिक कार्यों में भाग लेना आपको मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करेगा।</p> ]]></content:encoded><dc:creator><![CDATA[ Bhakti Times ]]></dc:creator></item><item><guid isPermaLink="false">156096781</guid><pubDate>Mon, 07 Sep 2026 06:56:50 +0530</pubDate><title><![CDATA[ Aja Ekadashi 2026 Niyam & Upay: आज अजा एकादशी पर करें इन नियमों का पालन, जानें विष्णु कृपा पाने के प्रभावी उपाय ]]></title><description><![CDATA[ अजा एकादशी का व्रत आज 7 सितंबर 2026 को रखा जा रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा से पापों से मुक्ति मिलती है। जानें व्रत के नियम और उपाय। ]]></description><link><![CDATA[ https://www.bhaktitimes.in/festivals/aja-ekadashi-2026-vrat-niyam-aur-upay-article-156096781 ]]></link><content:encoded><![CDATA[ <div><img class="type:primaryImage" src="https://images.bhaktitimes.in/thumb/msid-156096780,thumbsize-655552,width-1280,height-720,resizemode-75/156096780.jpg" alt="aja-ekadashi-2026-vrat-niyam-aur-upay" /></div><p>भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को अजा एकादशी के रूप में मनाया जाता है। वर्ष 2026 में यह पावन व्रत आज 7 सितंबर को रखा जा रहा है। धार्मिक मान्यताओं और शास्त्रों के अनुसार, इस दिन का विशेष महत्व है क्योंकि इसी महीने भगवान विष्णु ने कृष्ण अवतार में पृथ्वी पर अवतरण लिया था। भक्त इस दिन भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा-अर्चना करते हैं, जिससे जीवन में सुख-शांति और समृद्धि का आगमन होता है।</p><p>पद्म पुराण में अजा एकादशी के महत्व का उल्लेख मिलता है। मान्यता है कि इस व्रत के प्रभाव से व्यक्ति को अनजाने में हुए पापों से मुक्ति मिलती है और मन को शांति प्राप्त होती है। व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं को इस दिन कुछ विशेष नियमों का पालन करना चाहिए और अपनी श्रद्धा के अनुसार कुछ उपाय भी करने चाहिए, जो जीवन की बाधाओं को दूर करने में सहायक माने जाते हैं।</p><p><h2>अजा एकादशी के विशेष उपाय </h2>अजा एकादशी के दिन सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करना चाहिए। स्नान के जल में थोड़ा गंगाजल मिलाना शुभ माना जाता है। इसके बाद भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करें। धन और समृद्धि की प्राप्ति के लिए पूजा के दौरान शुद्ध घी का दीपक जलाएं। एक लाल कपड़े में हल्दी की गांठ और एक सिक्का रखकर 'ओम नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का 108 बार जाप करें। इस पोटली को बाद में उस स्थान पर रखें जहां आप अपना धन रखते हैं।</p><p>एकादशी के दिन पीपल के वृक्ष की पूजा का भी विशेष विधान है, क्योंकि पीपल में देवताओं का वास माना जाता है। जल में थोड़ी चीनी और कच्चा दूध मिलाकर पीपल की जड़ में अर्पित करें। इसके अतिरिक्त, तुलसी पूजन का भी इस दिन विशेष महत्व है। सुबह और शाम के समय तुलसी के समक्ष घी का दीपक जलाएं और माता तुलसी की परिक्रमा करें। ये छोटे-छोटे उपाय श्रद्धा और विश्वास के साथ करने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।</p><p><h2>एकादशी व्रत के दौरान इन बातों का रखें ध्यान</h2>धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, एकादशी के दिन कुछ कार्यों से परहेज करना चाहिए ताकि व्रत का पूर्ण फल प्राप्त हो सके। पद्म पुराण के अनुसार, इस दिन चावल का सेवन वर्जित माना गया है। साथ ही, दशमी तिथि को भी चावल नहीं खाने चाहिए। एकादशी के दिन तुलसी के पत्ते तोड़ने की मनाही होती है। यदि आपको पूजा के लिए तुलसी की आवश्यकता हो, तो गमले के पास गिरे हुए सूखे पत्तों का ही उपयोग करें।</p><p>व्रत के दिन तामसिक भोजन (मांस-मदिरा या लहसुन-प्याज) से पूरी तरह परहेज करना चाहिए। मन में किसी के प्रति क्रोध न लाएं और वाद-विवाद से दूर रहें। इस दिन दिन में सोने से भी बचना चाहिए और अपना अधिकांश समय भगवान के नाम के स्मरण और भजन-कीर्तन में व्यतीत करना चाहिए। इन नियमों का पालन करने से व्रत की सात्विकता बनी रहती है और भक्तों को आध्यात्मिक लाभ प्राप्त होता है।</p> ]]></content:encoded><dc:creator><![CDATA[ Bhakti Times ]]></dc:creator></item><item><guid isPermaLink="false">156100316</guid><pubDate>Mon, 07 Sep 2026 06:56:17 +0530</pubDate><title><![CDATA[ कर्क राशि का 7 सितंबर का राशिफल: आज कार्यक्षेत्र में बढ़ेगी व्यस्तता, इन बातों का रखें ध्यान ]]></title><description><![CDATA[ 7 सितंबर 2026 के लिए कर्क राशि का दैनिक राशिफल। आज कार्यक्षेत्र में भागदौड़ और चुनौतियों के बीच काम की अधिकता रहेगी। पारिवारिक जीवन और सेहत को लेकर क्या कहते हैं आपके सितारे, जानें विस्तार से। ]]></description><link><![CDATA[ https://www.bhaktitimes.in/rashifal/kark-rashifal-7-september-2026-career-family-health-prediction-article-156100316 ]]></link><content:encoded><![CDATA[ <div><img class="type:primaryImage" src="https://images.bhaktitimes.in/thumb/msid-156100315,thumbsize-677413,width-1280,height-720,resizemode-75/156100315.jpg" alt="kark-rashifal-7-september-2026-career-family-health-prediction" /></div><p>आज 7 सितंबर 2026 का दिन कर्क राशि के जातकों के लिए मिश्रित प्रभाव लेकर आया है। आपकी राशि के स्वामी चंद्रमा का लग्न भाव में स्थित होना आपके भीतर एक विशेष ऊर्जा और उत्साह का संचार करेगा, लेकिन साथ ही यह आपके मन में विचारों की अधिकता भी पैदा कर सकता है। आज के दिन ग्रहों की चाल के कारण खर्चों में वृद्धि होने की संभावना है, जिसके प्रति आपको थोड़ा सतर्क रहने की आवश्यकता है।</p><p>कामकाज के मोर्चे पर आज का दिन काफी व्यस्त रहने वाला है। दशम भाव के प्रभाव के कारण आपको अपने पेशेवर जीवन में अधिक भागदौड़ करनी पड़ सकती है। संतान से जुड़ी जिम्मेदारियां या उनकी दिनचर्या भी आज आपका काफी समय ले सकती है। वहीं, छात्रों के लिए आज का दिन अनुकूल है, क्योंकि बुध का प्रभाव उन्हें पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद में भी बेहतर एकाग्रता प्रदान करेगा। यदि आप उच्च शिक्षा के लिए विदेश जाने की योजना बना रहे हैं या किसी शिक्षण संस्थान की तलाश में हैं, तो आज का समय आपके लिए सहायक सिद्ध हो सकता है।</p><p><h2>करियर, परिवार और स्वास्थ्य का राशिफल</h2>करियर के लिहाज से आज का दिन काफी तेज गति वाला रहेगा। नौकरीपेशा लोगों को अपने कार्यों पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी जाती है। हो सकता है कि आपके वरिष्ठ अधिकारी आपको कोई नई जिम्मेदारी सौंपें या किसी पुराने काम को समय सीमा के भीतर पूरा करने का दबाव बनाएं। व्यापार करने वाले जातकों को आज सावधान रहने की जरूरत है, क्योंकि आपके प्रतिद्वंद्वी या विरोधी अपनी स्थिति मजबूत करने का प्रयास कर सकते हैं। ऐसे में किसी के उकसावे में आकर प्रतिक्रिया देने के बजाय अपने काम की गुणवत्ता पर ध्यान केंद्रित करना ही समझदारी होगी।</p><p>पारिवारिक जीवन में आज थोड़ी हलचल बनी रह सकती है। घर में किसी छोटी-सी बात को लेकर मतभेद होने की आशंका है। आपकी व्यस्तता के कारण परिवार के सदस्य स्वयं को उपेक्षित महसूस कर सकते हैं, इसलिए उनसे अपनी स्थिति साझा करना बेहतर रहेगा ताकि वे आपको समझ सकें। स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से आज का दिन मिला-जुला रहेगा। इस दौरान आपको कफ से जुड़ी समस्याओं के प्रति सचेत रहना चाहिए।</p><p>ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, आज के दिन सर्वार्थ सिद्धि योग का प्रभाव आपको मित्रों से सही मार्गदर्शन दिलाने में मदद करेगा। अपने राशि स्वामी चंद्रमा को मजबूत करने और मानसिक शांति प्राप्त करने के लिए भगवान शिव की आराधना करना विशेष रूप से शुभ माना गया है। आज सुबह शिवलिंग पर जल से अभिषेक करना आपके लिए कल्याणकारी हो सकता है।</p> ]]></content:encoded><dc:creator><![CDATA[ Bhakti Times ]]></dc:creator></item><item><guid isPermaLink="false">156100314</guid><pubDate>Mon, 07 Sep 2026 06:54:41 +0530</pubDate><title><![CDATA[ मेष राशि का 7 सितंबर 2026 का राशिफल: आज ज्यादा होगा खर्चा, लेकिन जीवनसाथी की पूरी होगी इच्छा ]]></title><description><![CDATA[ 7 सितंबर 2026 के लिए मेष राशि का राशिफल। आज ग्रहों की स्थिति के कारण करियर में प्रतिस्पर्धा और पारिवारिक जीवन में जीवनसाथी की इच्छाओं पर खर्च के योग बन रहे हैं। ]]></description><link><![CDATA[ https://www.bhaktitimes.in/rashifal/mesh-rashifal-7-september-2026-aries-horoscope-today-article-156100314 ]]></link><content:encoded><![CDATA[ <div><img class="type:primaryImage" src="https://images.bhaktitimes.in/thumb/msid-156100313,thumbsize-623101,width-1280,height-720,resizemode-75/156100313.jpg" alt="mesh-rashifal-7-september-2026-aries-horoscope-today" /></div><p>7 सितंबर 2026 का दिन मेष राशि के जातकों के लिए ग्रहों की बदलती चाल के कारण काफी हलचल भरा रहने वाला है। आज आपकी राशि के स्वामी और छठे भाव के स्वामी की स्थिति में बदलाव हो रहा है, जिसका सीधा असर आपके साहस और निर्णय लेने की क्षमता पर पड़ेगा। इस दौरान आपका आत्मविश्वास बढ़ा हुआ रहेगा, लेकिन इसे नियंत्रित रखना भी आवश्यक होगा।</p><p>आज के दिन चौथे भाव के स्वामी की स्थिति में बदलाव के कारण आपका मन नई वस्तुओं की खरीदारी में अधिक लगेगा। घर के कार्यों से लेकर बाहर के कामकाज तक, आप खुद को व्यस्त महसूस करेंगे। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, बुध का कन्या राशि में प्रवेश आपके लिए आने वाले समय में प्रतिस्पर्धा का दौर लेकर आएगा, जिसके लिए आपको अभी से तैयार रहना होगा।</p><p><h2>करियर और आर्थिक स्थिति</h2>करियर के मोर्चे पर आज का दिन कड़ी मेहनत और प्रतिस्पर्धा का संकेत दे रहा है। कार्यक्षेत्र में आपको अपनी योग्यता और प्रतिभा साबित करने के कई अवसर मिलेंगे। आप अपने सहकर्मियों और प्रतिस्पर्धियों की गतिविधियों पर पैनी नजर रखेंगे और खुद को उनसे आगे रखने का प्रयास करेंगे। हालांकि, अत्यधिक आत्मविश्वास के कारण सहकर्मियों के साथ किसी बात पर मतभेद या बहस होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता, इसलिए वाणी पर संयम रखना हितकर होगा।</p><p>आर्थिक दृष्टिकोण से आज का दिन सकारात्मक रहने के संकेत हैं। विशेष रूप से शेयर बाजार से जुड़े लोगों को लाभ के अवसर मिल सकते हैं। हालांकि, पंचम भाव के स्वामी के प्रभावित होने के कारण सट्टेबाजी या अत्यधिक जोखिम वाले निवेश से सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।</p><p><h2>प्रेम, परिवार और स्वास्थ्य</h2>आज का दिन भावनात्मक रूप से काफी संवेदनशील रह सकता है। अपने साथी के साथ किसी महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा करते समय अपनी भाषा और लहजे का ध्यान रखें, क्योंकि जल्दबाजी में कही गई बात गलतफहमी पैदा कर सकती है। विवाहित जातकों के लिए आज घरेलू जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं। परिवार के किसी जरूरी काम में आपका काफी समय व्यतीत होगा और जीवनसाथी की किसी विशेष इच्छा या जरूरत को पूरा करने के लिए आप धन भी खर्च कर सकते हैं।</p><p>सेहत के लिहाज से आज आपको मानसिक तनाव से बचने की आवश्यकता है। ग्रहों के प्रभाव से आप सामान्य से अधिक सक्रिय रहेंगे, जिससे दिन के अंत तक थकान और चिड़चिड़ापन महसूस हो सकता है। आज एकादशी का पावन दिन है, इसलिए भगवान विष्णु की आराधना करना आपके लिए शुभ फलदायी हो सकता है। सुबह स्नान के बाद भगवान विष्णु का ध्यान करें और उन्हें पीले पुष्प अर्पित करना आपके लिए कल्याणकारी रहेगा।</p> ]]></content:encoded><dc:creator><![CDATA[ Bhakti Times ]]></dc:creator></item><item><guid isPermaLink="false">156100345</guid><pubDate>Mon, 07 Sep 2026 06:44:21 +0530</pubDate><title><![CDATA[ Aja Ekadashi 2026 Vrat Katha In Hindi: आज अजा एकादशी पर पढ़ें ये व्रत कथा, दूर हो सकता है हर संकट ]]></title><description><![CDATA[ भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अजा एकादशी का विशेष महत्व है। पद्म पुराण के अनुसार, इस दिन व्रत और कथा के श्रवण से अश्वमेध यज्ञ के समान पुण्य फल की प्राप्ति होती है। ]]></description><link><![CDATA[ https://www.bhaktitimes.in/festivals/aja-ekadashi-vrat-katha-significance-and-story-article-156100345 ]]></link><content:encoded><![CDATA[ <div><img class="type:primaryImage" src="https://images.bhaktitimes.in/thumb/msid-156100344,thumbsize-612676,width-1280,height-720,resizemode-75/156100344.jpg" alt="aja-ekadashi-vrat-katha-significance-and-story" /></div><p>भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को 'अजा एकादशी' के रूप में जाना जाता है। आज 7 सितंबर 2026 को ही अजा एकादशी मनाई जा रही है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह तिथि भगवान विष्णु के स्वरूप श्रीहरि की पूजा और व्रत के लिए अत्यंत शुभ मानी गई है। भक्त इस दिन विधि-विधान से व्रत का संकल्प लेते हैं और भगवान हृषिकेश की आराधना करते हैं। पद्म पुराण में इस व्रत की महिमा का विस्तार से वर्णन किया गया है, जिसके अनुसार इस दिन व्रत रखने और कथा का पाठ करने से व्यक्ति को अश्वमेध यज्ञ के समान पुण्य फल प्राप्त होता है।</p><p><h2><strong>अजा एकादशी व्रत की कथा</p><p></strong></h2></p><p><h2><strong>श्रीकृष्ण ने बताया अजा एकादशी का महत्व</p><p></strong></h2>पौराणिक कथाओं के अनुसार, एक बार युधिष्ठिर ने भगवान श्रीकृष्ण से भाद्रपद कृष्ण पक्ष की एकादशी के महत्व के बारे में जानने की जिज्ञासा प्रकट की। तब श्रीकृष्ण ने उन्हें 'अजा एकादशी' के बारे में बताते हुए कहा कि यह एकादशी सभी पापों का नाश करने वाली है। उन्होंने राजा हरिश्चंद्र की कथा का उल्लेख करते हुए इस व्रत के प्रभाव को समझाया।</p><p>कथा के अनुसार, प्राचीन काल में राजा हरिश्चंद्र एक सत्यवादी और चक्रवर्ती सम्राट थे। दुर्भाग्यवश, कर्मों के फल स्वरूप उन्हें अपना संपूर्ण राज्य त्यागना पड़ा। कठिन परिस्थितियों के कारण उन्होंने अपनी पत्नी और पुत्र को बेच दिया और स्वयं भी एक चाण्डाल के यहां दास के रूप में कार्य करने लगे। वे श्मशान में मृतकों के कफन एकत्र करने का कार्य करते थे, फिर भी उन्होंने सत्य का मार्ग नहीं छोड़ा।</p><p><h3><strong>महर्षि गौतम ने दिखाया आगे का रास्ता</p><p></strong></h3>अपने दुखों से मुक्ति का मार्ग खोजने के लिए राजा हरिश्चंद्र अत्यंत व्याकुल थे। इसी दौरान उनकी भेंट महर्षि गौतम से हुई। राजा ने अपना सारा दुख मुनि के समक्ष व्यक्त किया। तब महर्षि गौतम ने उन्हें भाद्रपद कृष्ण पक्ष की अजा एकादशी का व्रत करने का परामर्श दिया। मुनि ने बताया कि यह व्रत समस्त पापों का नाश करने वाला और कल्याणकारी है।</p><p><h3><strong>प्राप्त हुआ स्वर्गलोक</p><p></strong></h3>महर्षि गौतम के निर्देशानुसार, राजा हरिश्चंद्र ने पूरी श्रद्धा के साथ अजा एकादशी का व्रत रखा और रात्रि में जागरण किया। इस व्रत के प्रभाव से राजा के सभी कष्ट दूर हो गए। उन्हें अपने पुत्र और पत्नी का पुनः सानिध्य प्राप्त हुआ और उनका खोया हुआ राज्य वापस मिल गया। मान्यता है कि इस व्रत के प्रताप से ही राजा हरिश्चंद्र अंत में अपने परिजनों के साथ स्वर्गलोक को प्राप्त हुए। भगवान श्रीकृष्ण ने युधिष्ठिर को यह भी बताया कि जो भी भक्त इस कथा को सुनता या पढ़ता है, उसे अश्वमेध यज्ञ के समान पुण्य की प्राप्ति होती है।</p> ]]></content:encoded><dc:creator><![CDATA[ Bhakti Times ]]></dc:creator></item><item><guid isPermaLink="false">156100396</guid><pubDate>Mon, 07 Sep 2026 06:38:18 +0530</pubDate><title><![CDATA[ Bach Baras 2026 Wishes in Hindi: गौ माता हर मां को खुशियां... आज 'बछ बारस' पर अपनों को भेजें ये प्यार भरे शुभकामना संदेश ]]></title><description><![CDATA[ Happy Bach Baras 2026 Wishes: बछ बारस का हिंदू धर्म में खास महत्व है, जो मातृत्व, ममता और संतान की खुशहाली से जुड़ा त्योहार है। यदि इस पावन दिन आप भी अपने दोस्तों व परिवार वालों को शुभकामनाएं भेजना चाहते हैं तो नीचे दिए गए बछ बारस पर्व की विशेज साझा कर सकते हैं। ]]></description><link><![CDATA[ https://www.bhaktitimes.in/festivals/bach-baras-ki-hardik-shubhkamnaye-in-hindi-share-bach-baras-2026-wishes-with-friends-and-family-article-156100396 ]]></link><content:encoded><![CDATA[ <div><img class="type:primaryImage" src="https://images.bhaktitimes.in/thumb/msid-156100403,thumbsize-170972,width-1280,height-720,resizemode-75/156100403.jpg" alt="bach baras ki hardik shubhkamnaye in hindi share bach baras 2026 wishes with friends and family" /></div><p><strong>Happy Bach Baras 2026 Wishes In Hindi:</strong> हर साल भाद्रपद माह में बछ बारस द्वादशी का पर्व मनाया जाता है, जिसे बछ वारस, बछ बारस, गोवत्स द्वादशी और वसु बारस आदि नामों से जाना जाता है। द्रिक पंचांग के अनुसार, इस बार 7 सितंबर 2026 की शाम 5 बजकर 3 मिनट से 8 सितंबर 2026 की दोपहर 2 बजकर 42 मिनट तक भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि रहेगी। ऐसे में आज 7 सितंबर 2026 को देशभर में बछ बारस का पर्व मनाया जा रहा है। इस दिन कृष्ण जी के साथ-साथ गाय और उसके बछड़े की पूजा की जाती है। मान्यता है कि बछ बारस के दिन पूजा करने से पारिवारिक सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है। साथ ही संतान की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य के लिए इस दिन उपासना की जाती है। </p><p>अगर आप भी आज बछ बारस के पर्व की शुभकामनाएं अपनी मां, बहन, पत्नी, बेटी या किसी खास प्रियजन को भेजना चाहते हैं तो ये विशेज उनके साथ साझा कर सकते हैं।</p><p><h2><strong>बछ बारस पर्व की शुभकामनाएं (bach baras 2026 ki hardik shubhkamnaye in hindi) </p><p></strong></h2><strong>1.</strong></p><p>ये पर्व आपके जीवन में खुशियां लेकर आए</p><p>आज ये है हमारी कामना </p><p>बछ बारस पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं!!</p><p><strong>2.</strong></p><p>ममता की खुशबू से आपका घर-आंगन महके</p><p>हर दिन आपके जीवन में नई खुशियां आएं</p><p>आज बछ बारस के दिन आप पर मेहरबान हों गौ माता</p><p>बछ बारस की हार्दिक शुभकामनाएं!!</p><p><strong>3.</strong></p><p>गौ माता के आशीर्वाद से आपके घर में सुख-शांति आए</p><p>धन-धान्य में वृद्धि हो</p><p>ये ही है आज हमारी इच्छा</p><p>आपको और आपके परिवार वालों को बछ बारस की हार्दिक शुभकामनाएं!!</p><p><strong>4.</strong></p><p>आज से आपके आंगन में खुशियों के फूल खिलें</p><p>रोजाना अपनों के बिताएं समय</p><p>बछ बारस का आशीर्वाद ऐसा हो जिससे जीवन रंगीन बने</p><p>बछ बारस की हार्दिक शुभकामनाएं!!</p><p>भक्ति टाइम्स पर ये भी पढ़ें- <a href="https://www.bhaktitimes.in/festivals/aja-ekadashi-2026-today-shubh-muhurat-vishnu-lakshmi-puja-vidhi-aaj-ekadashi-ka-vrat-kholne-ka-time-kya-hai-article-156100356" data-type="tilCustomLink" target="_blank"><strong>अजा एकादशी पर आज शुभ मुहूर्त में इस विधि से करें पूजा, जानें व्रत के नियम और पारण का समय</strong></a></p><p><strong>5.</strong></p><p>गौ माता हर मां को खुशियां दें</p><p>हर संतान को सुख दें</p><p>आज बछ बारस के दिन ये ही हमारी कामना</p><p>आपको बछ बारस के पावन पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं!!</p><p><strong>6.</strong></p><p>बछ बारस का दिन आपके जीवन में सुख-शांति लेकर आए</p><p>संतान को उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु का आशीर्वाद मिले</p><p>बछ बारस के शुभ दिन की ढेरों शुभकामनाएं!!</p><p><strong>7.</strong></p><p>गौ माता की कृपा सदा आप पर बनी रहे </p><p>आपके घर-आंगन में खुशियों का वास हो</p><p>बछ बारस के पावन पर्व की ढेरों शुभकामनाएं!!</p><p><strong>8.</strong></p><p>इस पवित्र पर्व पर गौ माता का आशीर्वाद आप पर बना रहे</p><p>संतान को लंबी उम्र का मिले आशीर्वाद </p><p>उज्ज्वल भविष्य की कामना भी हो पूरी</p><p>बछ बारस के पावन पर्व की शुभकामनाएं!!</p><p><strong>9.</strong></p><p>गौ माता की कृपा से आपके घर में सुख-समृद्धि का वास हो</p><p>संतान के जीवन में भी खुशियां बनी रहें</p><p>बछ बारस के पावन पर्व पर ढेरों मंगलकामनाएं!!</p><p><strong>10.</strong></p><p>संतान का प्यार और मां की ममता </p><p>रिश्तों को बनाए शानदार</p><p>बछ बारस का पर्व आपके जीवन में लाए खुशियों की बहार</p><p>इस पावन पर्व की ढेरों शुभकामनाएं!!</p> ]]></content:encoded><dc:creator><![CDATA[ Bhakti Times ]]></dc:creator></item><item><guid isPermaLink="false">156100356</guid><pubDate>Mon, 07 Sep 2026 05:51:29 +0530</pubDate><title><![CDATA[ Aja Ekadashi 2026 Today: अजा एकादशी पर आज शुभ मुहूर्त में इस विधि से करें पूजा, जानें व्रत के नियम और पारण का समय ]]></title><description><![CDATA[ Aja Ekadashi 2026 Date & Time Today: आज 7 सितंबर 2026 को अजा एकादशी का व्रत रखा जा रहा है। यहां पर से आप अजा एकादशी की पूजा का शुभ मुहूर्त, पूजन विधि, मंत्र, व्रत के नियम और पारण का समय जान सकते हैं। ]]></description><link><![CDATA[ https://www.bhaktitimes.in/festivals/aja-ekadashi-2026-today-shubh-muhurat-vishnu-lakshmi-puja-vidhi-aaj-ekadashi-ka-vrat-kholne-ka-time-kya-hai-article-156100356 ]]></link><content:encoded><![CDATA[ <div><img class="type:primaryImage" src="https://images.bhaktitimes.in/thumb/msid-156100375,thumbsize-140175,width-1280,height-720,resizemode-75/156100375.jpg" alt="aja ekadashi 2026 today shubh muhurat vishnu lakshmi puja vidhi aaj ekadashi ka vrat kholne ka time kya hai" /></div><p><strong>Aja Ekadashi 2026 Today:</strong> हिंदू धर्म के लोगों के लिए अजा एकादशी का दिन बहुत ही खास होता है। इस दिन भक्तजन व्रत रखने के साथ-साथ भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी और देवी तुलसी की पूजा करते हैं। मान्यता है कि अजा एकादशी के दिन पूजा-पाठ करने से पापों का नाश होता है। व्यक्ति का जीवन आसान होता है और उसे वैकुंठ धाम में स्थान मिलने की संभावना बढ़ जाती है। द्रिक पंचांग के अनुसार, हर साल भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को अजा एकादशी का व्रत रखा जाता है। इस बार आज 7 सितंबर 2026, सोमवार को अजा एकादशी मनाई जा रही है। यदि आप भी आज अजा एकादशी का व्रत रख रहे हैं तो सबसे पहले देवी-देवताओं की पूजा का शुभ मुहूर्त, विधि, मंत्र, व्रत के नियम और पारण का समय आदि के बारे में जान लें।</p><p><h2><strong>अजा एकादशी 2026 की तिथि</p><p></strong></h2></p><p><ul><li>भाद्रपद कृष्ण एकादशी तिथि का आरंभ- कल 6 सितंबर 2026 को शाम 07:29 बजे से</li><li>भाद्रपद कृष्ण एकादशी तिथि का समापन- आज 7 सितंबर 2026 को शाम 05:03 बजे</li></ul></p><p><h2><strong>अजा एकादशी की पूजा का शुभ मुहूर्त </p><p></strong></h2><ul><li>ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:31 बजे से 05:16 बजे तक</li><li>प्रातः सन्ध्या: सुबह 04:53 बजे से 06:02 बजे तक</li><li>अभिजित मुहूर्त: सुबह 11:54 बजे से दोपहर 12:44 बजे तक</li><li>विजय मुहूर्त: दोपहर 02:25 बजे से 03:15 बजे तक</li><li>गोधूलि मुहूर्त: शाम 06:36 बजे से 06:59 बजे तक</li><li>सायाह्न सन्ध्या: शाम 06:36 बजे से 07:45 बजे तक</li><li>अमृत काल: दोपहर 03:59 बजे से शाम 05:29 बजे तक</li><li>निशिता मुहूर्त: रात 11:56 बजे से मध्य रात्रि 12:42 बजे तक</li></ul><h2><strong>अजा एकादशी की पूजा विधि </p><p></strong></h2><ul><li>सुबह जल्दी उठकर स्नान कर पीले रंग के कपड़े पहनें। नहाने के पानी में गंगाजल जरूर मिलाएं। </li><li>पूजा शुरू करने से पहले व्रत का संकल्प लें। </li><li>घर के मंदिर की सफाई करने के बाद एक चौकी पर पीला कपड़ा बिछाएं, जिस पर भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की तस्वीर या मूर्ति को स्थापित करें। </li><li>देवी-देवताओं को चंदन, वस्त्र, पीले फूल, फल, मिठाई, जल और तुलसी दल अर्पित करें।</li><li>मंत्र जाप करने के बाद घी का दीपक जलाएं।</li><li>अजा एकादशी व्रत की कथा पढ़ने के बाद आरती करें।</li><li>देवी तुलसी की पूजा करें और पौधे के पास गाय के घी का दीपक जलाएं।</li><li>व्रत का पारण करने से पहले दान जरूर करें।</li></ul>भक्ति टाइम्स पर ये भी पढ़ें-<a href="https://www.bhaktitimes.in/rashifal/horoscope-7-september-2026-moon-transit-cancer-astrology-predictions-article-156100312" data-type="tilCustomLink" target="_blank"><strong>7 सितंबर का राशिफल: आज चंद्रमा का कर्क में होगा गोचर, जानें 12 राशियों पर कैसा पड़ेगा प्रभाव</strong></a></p><p><h2><strong>अजा एकादशी पर जपने वाले मंत्र </p><p></strong></h2><ul><li>सरल विष्णु मंत्र- ॐ विष्णवे नमः</li><li>अष्टाक्षर विष्णु मंत्र- ॐ नमो नारायणाय</li><li>विष्णु गायत्री मंत्र- ॐ नारायणाय विद्महे। वासुदेवाय धीमहि। तन्नो विष्णुः प्रचोदयात॥</li><li>तुलसी माता का मूल बीज मंत्र- ॐ तुलस्यै नमः</li></ul><h2><strong>अजा एकादशी व्रत के नियम </p><p></strong></h2></p><p><ul><li>आज चावल न खाएं। </li><li>ब्रह्मचर्य का पालन करें।</li><li>किसी भी तरह की तामसिक चीज का सेवन न करें। </li><li>गुस्सा करने से बचें और नकारात्मक चीजों से दूर रहें।</li><li>दोपहर के समय सोने की जगह भगवान का ध्यान करें।</li><li>आज तुलसी का पत्ता न तोड़ें और न ही तुलसी के पौधे में जल अर्पित करें।</li></ul></p><p><h2><strong>अजा एकादशी व्रत का पारण समय</p><p></strong></h2>द्रिक पंचांग के अनुसार, आज की एकादशी का पारण कल होगा। कल 8 सितंबर 2026 की सुबह 6 बजकर 2 मिनट से अजा एकादशी व्रत का पारण समय शुरू होगा, जो सुबह 8 बजकर 33 मिनट पर समाप्त होगा। इस दौरान विष्णु और लक्ष्मी जी की पूजा करने के बाद उन्हें चढ़ाए प्रसाद को खाकर अजा एकादशी व्रत का पारण किया जा सकता है।</p> ]]></content:encoded><dc:creator><![CDATA[ Bhakti Times ]]></dc:creator></item><item><guid isPermaLink="false">156100312</guid><pubDate>Mon, 07 Sep 2026 05:25:00 +0530</pubDate><title><![CDATA[ 7 सितंबर का राशिफल: आज चंद्रमा का कर्क में होगा गोचर, जानें 12 राशियों पर कैसा पड़ेगा प्रभाव ]]></title><description><![CDATA[ 7 सितंबर को चंद्रमा का अपनी स्वराशि कर्क में प्रवेश कई राशियों के लिए शुभ संयोग लेकर आ रहा है। चलिए जानें आज के 12 राशियों के राशिफल के बारे में। ]]></description><link><![CDATA[ https://www.bhaktitimes.in/rashifal/horoscope-7-september-2026-moon-transit-cancer-astrology-predictions-article-156100312 ]]></link><content:encoded><![CDATA[ <div><img class="type:primaryImage" src="https://images.bhaktitimes.in/thumb/msid-156100311,thumbsize-542807,width-1280,height-720,resizemode-75/156100311.jpg" alt="horoscope-7-september-2026-moon-transit-cancer-astrology-predictions" /></div><p>7 सितंबर 2026, सोमवार का दिन ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आज चंद्रमा का गोचर (ग्रहों का एक राशि से दूसरी राशि में जाना) विशेष स्थिति बना रहा है। दोपहर करीब 12:15 बजे चंद्रदेव मिथुन राशि से निकलकर अपनी ही राशि कर्क में प्रवेश करेंगे। कर्क राशि में पहले से ही उच्च के गुरु विराजमान हैं, जिसके कारण चंद्रमा और गुरु का यह मिलन मन को स्थिरता और सकारात्मकता प्रदान करने वाला माना जा रहा है।</p><p>आज एकादशी तिथि का प्रभाव शाम 5:45 बजे तक रहेगा, जिसके बाद द्वादशी तिथि का आरंभ होगा। दिन की शुरुआत में व्यतीपात योग रहेगा, लेकिन इसके बाद वरीयान योग का संयोग बनेगा, जो धार्मिक कार्यों और शुभ कार्यों के लिए अत्यंत फलदायी माना जाता है। इसके अलावा, शाम 6:15 बजे तक पुनर्वसु नक्षत्र और उसके बाद पुष्य नक्षत्र का प्रभाव रहेगा। ये दोनों ही नक्षत्र ज्ञान, भाग्य और स्थिरता के प्रतीक माने जाते हैं।</p><p><h2>राशिफल: मेष से मीन तक का हाल</h2><strong>मेष राशि</p><p></strong>दोपहर बाद मानसिक तनाव कम होगा और मन को शांति मिलेगी। आज अधूरे काम पूरे करने और सकारात्मक सोच बनाए रखने का समय है। इसके अलावा परिवार के साथ समय बिताने से सुकून मिलेगा।</p><p><strong>वृषभ राशि</p><p></strong>धन से जुड़े मामलों में आज सावधानी बरतना जरूरी है। बिना सोचे-समझे निवेश या खर्च करने से बचें। आर्थिक फैसले लेते समय आज पूरी जांच-पड़ताल करें।</p><p><strong>मिथुन राशि</p><p></strong>बुध की स्थिति में सुधार से आपको राहत मिलने के संकेत हैं। कामकाज में अटकी चीजें धीरे-धीरे आगे बढ़ सकती हैं। इसके अलावा बातचीत और निर्णय लेने में आत्मविश्वास बढ़ेगा।</p><p><strong>कर्क राशि</p><p></strong>चंद्रमा के लग्न में आने से आत्मविश्वास और मनोबल बढ़ेगा। आज खुद पर भरोसा करके महत्वपूर्ण काम पूरे कर सकते हैं। व्यक्तिगत मामलों में भी सकारात्मक परिणाम मिलने की उम्मीद है।</p><p><strong>सिंह राशि</p><p></strong>आज अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण रखना आपके लिए बेहतर रहेगा। बजट बिगड़ने से बचने के लिए सोच-समझकर खरीदारी करें। आर्थिक मामलों में संयम आपको लाभ पहुंचाएगा।</p><p><strong>कन्या राशि</p><p></strong>करियर में आपकी मेहनत का उचित फल मिलने के योग हैं। काम में आपकी लगन और क्षमता की सराहना हो सकती है। नई जिम्मेदारियां भविष्य के लिए लाभदायक साबित होंगी।</p><p><strong>तुला राशि</p><p></strong>आज पेशेवर मामलों में आपको अधिक स्पष्टता मिल सकती है। उलझे हुए कार्यों और फैसलों को व्यवस्थित करने का मौका मिलेगा। करियर से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय सोच-समझकर लें।</p><p><strong>वृश्चिक राशि</p><p></strong>दोपहर बाद भाग्य का साथ मिलने की संभावना है। रुके हुए कामों में प्रगति और नए अवसर मिल सकते हैं। समय का सही उपयोग करने पर अच्छे परिणाम प्राप्त होंगे।</p><p><strong>धनु राशि</p><p></strong>साझेदारी से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले दिन के पहले भाग में निपटा लें। साथी या सहयोगी के साथ स्पष्ट बातचीत करना जरूरी रहेगा। जल्दबाजी से बचें और हर शर्त को अच्छी तरह समझें।</p><p><strong>मकर राशि</p><p></strong>आज रिश्तों में अपनापन और गर्माहट बढ़ सकती है। करीबी लोगों के साथ बातचीत से गलतफहमियां दूर होंगी। परिवार और प्रेम संबंधों के लिए दिन सकारात्मक रहेगा।</p><p><strong>कुंभ राशि</p><p></strong>आज स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही बिल्कुल न करें। आराम, खान-पान और दिनचर्या पर विशेष ध्यान देना बेहतर होगा। काम के साथ शरीर और मन को पर्याप्त आराम दें।</p><p><strong>मीन राशि</p><p></strong>रचनात्मक कार्यों में आपकी प्रतिभा और निखर सकती है। नए विचार आपको काम में बेहतर परिणाम दिला सकते हैं। कला, लेखन या किसी रचनात्मक प्रोजेक्ट के लिए दिन अच्छा है।</p> ]]></content:encoded><dc:creator><![CDATA[ Bhakti Times ]]></dc:creator></item><item><guid isPermaLink="false">156100292</guid><pubDate>Mon, 07 Sep 2026 05:19:18 +0530</pubDate><title><![CDATA[ आज का पंचांग 7 सितंबर 2026: अजा एकादशी और बछ बारस द्वादशी आज, जानें शुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय ]]></title><description><![CDATA[ 7 सितंबर 2026 को भाद्रपद कृष्ण एकादशी है। आज के पंचांग में ब्रह्म मुहूर्त, अभिजीत मुहूर्त, राहुकाल और भगवान शिव की पूजा के विशेष उपायों की विस्तृत जानकारी दी गई है। ]]></description><link><![CDATA[ https://www.bhaktitimes.in/panchang/aaj-ka-panchang-7-september-2026-shubh-muhurat-and-rituals-article-156100292 ]]></link><content:encoded><![CDATA[ <div><img class="type:primaryImage" src="https://images.bhaktitimes.in/thumb/msid-156100291,thumbsize-772252,width-1280,height-720,resizemode-75/156100291.jpg" alt="aaj-ka-panchang-7-september-2026-shubh-muhurat-and-rituals" /></div><p>आज 7 सितंबर 2026, सोमवार का दिन धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। पंचांग के अनुसार, आज भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि है। यह तिथि शाम 05:03 बजे तक प्रभावी रहेगी, जिसके उपरांत द्वादशी तिथि का आरंभ हो जाएगा। आज के दिन का धार्मिक महत्व और पंचांग की गणनाएं भक्तों के लिए विशेष मानी जाती हैं।</p><p>आज के दिन नक्षत्रों और योगों का विशेष संयोग बन रहा है। पुनर्वसु नक्षत्र शाम 06:14 बजे तक रहेगा, जिसके बाद पुष्य नक्षत्र का प्रवेश होगा। योग की बात करें तो वरीयान योग अगले दिन यानी 8 सितंबर की तड़के 03:38 बजे तक रहेगा। चंद्रमा की स्थिति में भी आज बदलाव होगा; दोपहर 12:38 बजे तक चंद्रमा मिथुन राशि में रहेंगे और उसके बाद कर्क राशि में गोचर करेंगे।</p><p><h2><strong>आज के व्रत-त्योहार</p><p></strong></h2><ul><li>द्वितीय चातुर्मास का 15वां दिन</li><li>सोमवार व्रत</li><li>अजा एकादशी </li><li>बछ बारस द्वादशी </li></ul></p><p><h2>शुभ और अशुभ मुहूर्त की जानकारी</h2>किसी भी मांगलिक कार्य या पूजा-पाठ के लिए शुभ मुहूर्त का चयन करना अत्यंत आवश्यक माना जाता है। आज का ब्रह्म मुहूर्त सुबह 03:55 बजे से 04:41 बजे तक रहेगा, जो साधना के लिए उत्तम समय है। इसके अलावा, दोपहर 11:54 बजे से 12:44 बजे तक अभिजीत मुहूर्त रहेगा। अमृत काल का समय दोपहर 03:59 बजे से शाम 05:29 बजे तक निर्धारित है।</p><p>धार्मिक कार्यों के दौरान अशुभ समय का ध्यान रखना भी जरूरी है। आज राहुकाल सुबह 07:30 बजे से 09:00 बजे तक रहेगा। इसके अतिरिक्त, गुलिक काल दोपहर 01:30 बजे से 03:00 बजे तक और यमगंड सुबह 10:30 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक रहेगा। इन समय अवधियों में शुभ कार्यों को करने से बचने की परंपरा है।</p><p><h2>आज की पूजा और धार्मिक उपाय</h2>आज सोमवार का दिन है, जो भगवान शिव को समर्पित होता है। इस दिन शिव भक्ति का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि आज के दिन भगवान शिव का जलाभिषेक करने से मन को शांति मिलती है। भक्त शिवलिंग पर बेलपत्र और कच्चा दूध अर्पित कर सकते हैं। साथ ही, 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का जाप करना भी अत्यंत फलदायी माना जाता है। इसके अलावा व्रत रखने का भी विधान है।</p><p><h2><strong>सूर्योदय से लेकर चंद्रास्त तक का समय</p><p></strong></h2>सूर्य की स्थिति पर नजर डालें तो सूर्य देव सिंह राशि में विराजमान हैं। आज सूर्योदय सुबह 06:02 बजे हुआ और सूर्यास्त शाम 06:36 बजे होगा। चंद्रोदय रात 02:50 बजे (8 सितंबर) होगा, जबकि चंद्रास्त आज दोपहर 04:01 बजे हो जाएगा। वर्षा ऋतु के इस काल में पंचांग के अनुसार दिनचर्या का पालन करना शुभ माना जाता है।</p> ]]></content:encoded><dc:creator><![CDATA[ Bhakti Times ]]></dc:creator></item><item><guid isPermaLink="false">156097846</guid><pubDate>Sun, 06 Sep 2026 20:06:38 +0530</pubDate><title><![CDATA[ चांद की कलाओं का मन से क्या रिश्ता है? ज्योतिष में छिपा है बड़ा राज ]]></title><description><![CDATA[ Moon Astrology: ज्योतिष में चंद्रमा की स्थिति को व्यक्ति के स्वभाव और भावनात्मक दुनिया को समझने के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। ]]></description><link><![CDATA[ https://www.bhaktitimes.in/dharm/moon-astrology-full-moon-effects-moon-and-mental-health-article-156097846 ]]></link><content:encoded><![CDATA[ <div><img class="type:primaryImage" src="https://images.bhaktitimes.in/thumb/msid-156097840,thumbsize-66690,width-1280,height-720,resizemode-75/156097840.jpg" alt="moon astrology full moon effects moon and mental health" /></div><p><strong>Moon Astrology: </strong>सदियों से चांद को इंसान की भावनाओं और मन से जोड़कर देखा जाता रहा है। ज्योतिष में चंद्रमा को सीधे मन, भावनाओं, सोच और मानसिक स्थिति का कारक माना गया है। ज्योतिष में चंद्रमा को मन का कारक कहा जाता है। यानी आपकी भावनाएं कैसी हैं, आप किसी बात पर कितनी जल्दी प्रतिक्रिया देते हैं, आपका मन कितना स्थिर रहता है और आप चीजों को भावनात्मक रूप से कैसे लेते हैं, इन सबका संबंध चंद्रमा से जोड़कर देखा जाता है।</p><p>इसी वजह से कुंडली में चंद्रमा की राशि, भाव और उस पर पड़ने वाली ग्रहों की दृष्टि को काफी महत्व दिया जाता है। माना जाता है कि मजबूत चंद्रमा व्यक्ति को भावनात्मक रूप से संतुलित और शांत बना सकता है, जबकि कमजोर या पीड़ित चंद्रमा बेचैनी और भावनात्मक उतार-चढ़ाव से जोड़ा जाता है।</p><p><h2>चांद के चरण और मन का कनेक्शन</h2></p><p>चंद्रमा लगातार एक जैसा दिखाई नहीं देता। कभी वह बिल्कुल नजर नहीं आता, कभी आधा दिखाई देता है और फिर धीरे-धीरे पूरा गोल हो जाता है। इसके बाद दोबारा उसका आकार कम होने लगता है। चंद्रमा के इन्हीं बदलावों को चंद्र कलाएं या Moon Phases कहा जाता है। ज्योतिष और कई आध्यात्मिक परंपराओं में इन चरणों को अलग-अलग ऊर्जा और मनोदशा से जोड़ा गया है।</p><p><h2>बढ़ते चांद के साथ बढ़ती सक्रियता</h2></p><p>अमावस्या के बाद चंद्रमा धीरे-धीरे बढ़ता है। इसे शुक्ल पक्ष कहा जाता है। धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं में यह चरण वृद्धि, आगे बढ़ने और नई चीजों को शुरू करने से जोड़ा जाता है। इस दौरान लोग अपने लक्ष्यों पर ज्यादा ध्यान लगाने, नई योजनाएं बनाने और अधूरे कामों को पूरा करने की प्रेरणा महसूस कर सकते हैं। हालांकि हर व्यक्ति का अनुभव अलग हो सकता है।</p><p><h2>भावनाओं का चरम</h2></p><p>पूर्णिमा पर चंद्रमा अपने सबसे चमकीले रूप में दिखाई देता है। भारतीय परंपरा में पूर्णिमा का विशेष धार्मिक महत्व है। इस दिन कई व्रत और पूजा-पाठ किए जाते हैं। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार पूर्णिमा का संबंध भावनाओं की तीव्रता से जोड़ा जाता है। कुछ लोगों को इस समय मन ज्यादा सक्रिय या संवेदनशील महसूस हो सकता है।</p><p><h2>धीमा होने और खुद पर ध्यान देने का समय</h2></p><p>पूर्णिमा के बाद चंद्रमा धीरे-धीरे घटता है। इसे कृष्ण पक्ष कहा जाता है। आध्यात्मिक दृष्टि से इस समय को छोड़ने, आत्मचिंतन और भीतर की सफाई से जोड़कर देखा जाता है। इस दौरान आप यह सोच सकते हैं कि कौन सी आदतें या बातें आपके लिए उपयोगी नहीं हैं। उन्हें धीरे-धीरे अपनी जिंदगी से कम करने की कोशिश की जा सकती है।</p><p><h2>हिंदू धर्म में चंद्रमा का महत्व</h2></p><p>भारतीय संस्कृति में चंद्रमा का महत्व केवल ज्योतिष तक सीमित नहीं है। हिंदू पंचांग में तिथियों और कई धार्मिक पर्वों की गणना चंद्रमा की गति और चंद्र चरणों से जुड़ी होती है। करवा चौथ, शरद पूर्णिमा, गुरु पूर्णिमा और बुद्ध पूर्णिमा जैसे कई महत्वपूर्ण पर्व चंद्र तिथियों से जुड़े हैं। भगवान शिव के मस्तक पर चंद्रमा का होना भी भारतीय धार्मिक परंपरा में चंद्रमा के विशेष महत्व को दर्शाता है।</p> ]]></content:encoded><dc:creator><![CDATA[ Bhakti Times ]]></dc:creator></item><item><guid isPermaLink="false">156097338</guid><pubDate>Sun, 06 Sep 2026 19:14:33 +0530</pubDate><title><![CDATA[ 60 दिनों तक रहेगा सूर्य-शनि का षडाष्टक योग, इन राशियों को रहना होगा सावधान ]]></title><description><![CDATA[ Shani Transit 2026: सूर्य-शनि के इस षडाष्टक संबंध के दौरान धैर्य और अनुशासन बनाए रखना स्थिति को संभालने में मददगार माना गया है। ]]></description><link><![CDATA[ https://www.bhaktitimes.in/rashifal/shani-transit-2026-sun-saturn-shadashtak-yog-2026-article-156097338 ]]></link><content:encoded><![CDATA[ <div><img class="type:primaryImage" src="https://images.bhaktitimes.in/thumb/msid-156097335,thumbsize-264939,width-1280,height-720,resizemode-75/156097335.jpg" alt="shani transit 2026 sun saturn shadashtak yog 2026" /></div><p><strong>Shani Transit 2026: </strong>ज्योतिष के हिसाब से 6 सितंबर 2026 की सुबह 4 बजकर 15 मिनट पर सूर्य और शनि के बीच षडाष्टक संबंध बन गया है। इस समय सूर्य सिंह राशि में हैं, जबकि शनि मीन राशि में मौजूद हैं। सूर्य और शनि के बीच बनने वाला यह 150 डिग्री का संबंध ज्योतिष में काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। मान्यता है कि इस स्थिति के कारण तनाव, विरोध, काम में देरी और जिम्मेदारियों का दबाव बढ़ सकता है।</p><p>खास बात यह है कि सूर्य और शनि को एक-दूसरे का शत्रु ग्रह माना जाता है। इसलिए इन दोनों के बीच बने इस संबंध का असर कुछ राशियों पर ज्यादा देखने को मिल सकता है। चंद्र राशि के आधार पर सिंह, कुंभ और मीन राशि वालों को इस दौरान विशेष सावधानी रखने की जरूरत बताई गई है। यह स्थिति करीब 60 दिनों तक रहने वाली है, इसलिए इस दौरान जल्दबाजी के बजाय संयम से काम लेना बेहतर रहेगा।</p><p><h2>सिंह राशि वालों के लिए बढ़ सकता है दबाव</h2></p><p>सिंह राशि के स्वामी सूर्य हैं और इस समय सूर्य सिंह राशि में ही बैठे हैं। वहीं शनि आठवें भाव में स्थित होकर सूर्य के साथ षडाष्टक संबंध बना रहे हैं। ऐसे में आत्मविश्वास और सामने आने वाली परिस्थितियों के बीच टकराव की स्थिति बन सकती है। नौकरी करने वालों को सीनियर या मैनेजमेंट के साथ मतभेद का सामना करना पड़ सकता है। ऑफिस में कही गई कोई बात या छोटी सी गलती भी परेशानी बढ़ा सकती है। </p><p>अगर करियर में अचानक बदलाव करने या नौकरी छोड़ने का विचार आए तो तुरंत फैसला लेने से बचना चाहिए। पिता या किसी वरिष्ठ व्यक्ति के साथ भी विचारों में अंतर हो सकता है। स्वास्थ्य को लेकर भी लापरवाही ठीक नहीं रहेगी, खासकर अगर पहले से कोई पुरानी परेशानी है। उपाय के तौर पर रविवार को तांबे के पात्र से सूर्यदेव को जल चढ़ाएं और 'ॐ सूर्याय नमः' मंत्र का जाप करें। शनिवार को जरूरतमंद व्यक्ति को काले तिल का दान किया जा सकता है।</p><p><h2></p><p>कुंभ राशि में रिश्तों और पार्टनरशिप पर असर</h2></p><p>कुंभ राशि वालों के लिए शनि लग्न में और सूर्य सातवें भाव में स्थित हैं। इस वजह से स्वयं और पार्टनर के बीच तनाव बढ़ने की स्थिति बन सकती है। बिजनेस पार्टनर या जीवनसाथी के साथ किसी मुद्दे को लेकर मतभेद हो सकता है।</p><p>बिजनेस करने वालों को इस दौरान किसी एग्रीमेंट, पेमेंट या पार्टनरशिप डील को जल्दबाजी में फाइनल नहीं करना चाहिए। रिश्तों में भी अपनी बात रखने के दौरान शब्दों का ध्यान रखना जरूरी होगा। </p><p>कठोर भाषा किसी पुराने विवाद को फिर से बढ़ा सकती है। धन से जुड़े मामलों में भी पूरी तरह किसी दूसरे व्यक्ति पर निर्भर रहना ठीक नहीं होगा। शनिवार को शनि देव की पूजा और जरूरतमंद को काले तिल का दान किया जा सकता है। रविवार को सूर्य को अर्घ्य देकर पिता या किसी बड़े व्यक्ति का आशीर्वाद लेने की बात कही गई है।</p><p><h2>मीन राशि वालों की बढ़ सकती है जिम्मेदारी</h2></p><p>मीन राशि में शनि पहले से मौजूद हैं और सूर्य उनके साथ षडाष्टक संबंध बना रहे हैं। शनि का प्रभाव सीधे मीन राशि वालों के व्यक्तित्व और जीवन की दिशा से जुड़ रहा है। वहीं सूर्य छठे भाव में होने के कारण नौकरी, कर्ज, विरोध और स्वास्थ्य से जुड़े विषयों को सक्रिय कर रहे हैं। इस दौरान काम का दबाव बढ़ सकता है। ऑफिस में किसी विवाद या अतिरिक्त जिम्मेदारी के कारण तनाव महसूस हो सकता है। </p><p>मेहनत ज्यादा करनी पड़ सकती है, जबकि उसका परिणाम मिलने में समय लग सकता है। कर्ज, भुगतान या पुराने विवाद से जुड़ी कोई बात भी मानसिक परेशानी बढ़ा सकती है। इसलिए मीन राशि वालों के लिए इस समय काम और दिनचर्या के बीच संतुलन बनाए रखना जरूरी बताया गया है। शनिवार को काली उड़द या काले तिल का दान करें और रविवार को उगते सूर्य को जल चढ़ाएं। किसी विवाद में सीधे टकराने के बजाय शांत तरीके से मामला संभालना बेहतर रहेगा।</p> ]]></content:encoded><dc:creator><![CDATA[ Bhakti Times ]]></dc:creator></item><item><guid isPermaLink="false">156097303</guid><pubDate>Sun, 06 Sep 2026 17:19:42 +0530</pubDate><title><![CDATA[ कुछ मिनट का मौन और भीतर की ओर सफर, जानें ध्यानलिंग का रहस्य ]]></title><description><![CDATA[ Dhyanalinga Temple: कोयंबटूर की वेल्लियांगिरी पहाड़ियों के पास स्थित ध्यानलिंग एक ऐसी जगह है जहां कुछ कहने की नहीं, बस चुप बैठने की जरूरत है। ]]></description><link><![CDATA[ https://www.bhaktitimes.in/dharm/dhyanalinga-isha-yoga-center-coimbatore-velliangiri-article-156097303 ]]></link><content:encoded><![CDATA[ <div><img class="type:primaryImage" src="https://images.bhaktitimes.in/thumb/msid-156097302,thumbsize-127314,width-1280,height-720,resizemode-75/156097302.jpg" alt="dhyanalinga isha yoga center coimbatore velliangiri" /></div><p><strong>Dhyanalinga Temple: </strong>कोयंबटूर की वेल्लियांगिरी पहाड़ियों के पास स्थित ध्यानलिंग को ऐसी जगह के तौर पर देखा जाता है, जहां पहुंचकर आपको किसी खास पूजा-पाठ या धार्मिक नियम का पालन नहीं करना पड़ता। मौन और ध्यान को यहां सबसे ज्यादा महत्व दिया जाता है। 24 जून 1999 को ईशा फाउंडेशन के संस्थापक सद्गुरु ने ध्यानलिंग को समर्पित किया था। ध्यानलिंग की खासियत यही है कि यह किसी एक धर्म या समुदाय तक सीमित नहीं है। अलग-अलग विचारों और धार्मिक पृष्ठभूमि के लोग यहां आते हैं और कुछ समय शांत बैठते हैं।</p><p><h2>ध्यानलिंग में क्यों रखा जाता है इतना मौन?</h2></p><p>काम का दबाव और रोजमर्रा की भागदौड़ के बीच हमारी जिंदगी लगातार शोर-शराबे से घिरी हुई है। लोगों के लिए कुछ पल भी चुपचाप बैठना मुश्किल हो जाता है। इसी वजह से ध्यानलिंग में मौन को खास जगह दी गई है। यहां पूजा, आरती या किसी तरह के कर्मकांड की व्यवस्था नहीं है। आने वाले लोगों को कुछ समय शांत बैठने और अपने भीतर ध्यान लगाने का अवसर मिलता है। यही वजह है कि इसे सामान्य मंदिर से थोड़ा अलग अनुभव वाला स्थान माना जाता है।</p><p><h2>ध्यानलिंग की स्थापना को क्यों माना जाता है खास?</h2></p><p>ध्यानलिंग की स्थापना के पीछे प्राण प्रतिष्ठा की प्रक्रिया को महत्वपूर्ण बताया जाता है। ईशा परंपरा के अनुसार, इसका उद्देश्य किसी मूर्ति की सामान्य स्थापना से अलग एक शक्तिशाली योगिक ऊर्जा रूप तैयार करना था। सद्गुरु ने इसे आध्यात्मिक साधना के लिए एक विशेष संभावना के रूप में प्रस्तुत किया है। उनके अनुसार, ध्यानलिंग किसी विशेष धार्मिक विश्वास को मानने की मांग नहीं करता। यहां आने वाला व्यक्ति सिर्फ कुछ समय शांत होकर बैठ सकता है।</p><p><h2>सात चक्रों से जुड़ी है ध्यानलिंग की अवधारणा</h2></p><p>ध्यानलिंग की सबसे चर्चित विशेषताओं में इसकी योगिक संरचना भी शामिल है। सद्गुरु के अनुसार, इसमें मानव शरीर से जुड़े सात प्रमुख चक्रों को उनके उच्चतम स्तर पर प्रतिष्ठित किया गया है। योग की परंपरा में चक्रों को शरीर और चेतना के अलग-अलग आयामों से जोड़कर देखा जाता है। इसी अवधारणा के आधार पर ध्यानलिंग को एक पूर्ण योगिक ऊर्जा रूप के तौर पर बताया जाता है। यह बात इसे सामान्य धार्मिक स्थलों से अलग पहचान देती है, क्योंकि यहां जोर किसी एक देवी-देवता की पूजा के बजाय ध्यान और आंतरिक अनुभव पर रहता है।</p><p><h2>वेल्लियांगिरी पहाड़ियों के बीच क्यों बनाया गया?</h2></p><p>ध्यानलिंग का स्थान भी इसकी कहानी का अहम हिस्सा है। यह वेल्लियांगिरी पहाड़ियों के आसपास स्थित है। इस क्षेत्र को लंबे समय से योग और साधना के लिए महत्वपूर्ण माना जाता रहा है। पहाड़ों, हरियाली और शांत वातावरण के बीच स्थित होने के कारण यहां आने वाले लोगों को शहर की भागदौड़ से अलग माहौल मिलता है। प्राकृतिक वातावरण और ध्यान का शांत अनुभव इस जगह की खास पहचान बन गया है।</p> ]]></content:encoded><dc:creator><![CDATA[ Bhakti Times ]]></dc:creator></item><item><guid isPermaLink="false">156096450</guid><pubDate>Sun, 06 Sep 2026 16:06:24 +0530</pubDate><title><![CDATA[ साप्ताहिक राशिफल 7-13 सितंबर: इन 5 राशियों के लिए बेहद शुभ रहेगा नया सप्ताह ]]></title><description><![CDATA[ 7 से 13 सितंबर 2026 तक का साप्ताहिक राशिफल। ग्रहों की विशेष स्थिति से किन राशियों को लाभ मिलेगा और किन्हें सावधानी बरतनी होगी, जानें विस्तार से। ]]></description><link><![CDATA[ https://www.bhaktitimes.in/rashifal/weekly-horoscope-7-13-september-2026-astrology-predictions-article-156096450 ]]></link><content:encoded><![CDATA[ <div><img class="type:primaryImage" src="https://images.bhaktitimes.in/thumb/msid-156096449,thumbsize-831032,width-1280,height-720,resizemode-75/156096449.jpg" alt="weekly-horoscope-7-13-september-2026-astrology-predictions" /></div><p>सितंबर महीने का दूसरा सप्ताह ज्योतिषीय दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 7 से 13 सितंबर 2026 के बीच ग्रहों की चाल में होने वाले बदलाव कई राशियों के जीवन में सकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं। इस दौरान सूर्य अपनी स्वराशि सिंह में विराजमान रहेंगे, जो कई जातकों के लिए ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार करने वाला होगा। इस सप्ताह ग्रहों की स्थिति के चलते पांच राशियों के लिए समय विशेष रूप से अनुकूल रहने वाला है। इन राशियों के जातकों को जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में खुशियां और सफलता मिलने की संभावना है। हालांकि, अन्य राशियों के लोगों को भी इस दौरान सावधानी और धैर्य के साथ आगे बढ़ने की सलाह दी गई है।</p><p><h2>ग्रहों की स्थिति और साप्ताहिक प्रभाव</h2>इस सप्ताह की ज्योतिषीय गणनाओं में सबसे महत्वपूर्ण घटना बुध का गोचर है। बुध ग्रह 7 सितंबर को अपनी स्थिति में परिवर्तन कर रहे हैं, जिसका सीधा असर सभी राशियों पर पड़ेगा। ग्रहों के इस प्रभाव के कारण जहां कुछ लोगों के लिए आर्थिक और पारिवारिक मोर्चे पर शुभ समाचारों के योग बन रहे हैं, वहीं कुछ को अपने कार्यों में अधिक सतर्कता बरतने की आवश्यकता होगी।</p><p>ज्योतिष शास्त्र में साप्ताहिक राशिफल का महत्व इसलिए भी अधिक है क्योंकि यह हमें आने वाले सात दिनों की संभावित ऊर्जा और चुनौतियों के प्रति सचेत करता है। ग्रहों की यह स्थिति न केवल करियर और व्यापार, बल्कि व्यक्तिगत जीवन में भी महत्वपूर्ण बदलाव लाने वाली है। जिन पांच राशियों के लिए यह सप्ताह विशेष रूप से फलदायी बताया गया है, उन्हें अपने कार्यों में निरंतरता बनाए रखने और अवसरों का सही लाभ उठाने की आवश्यकता है।</p><p><h2>सावधानी और उपाय</h2>राशिफल के अनुसार, हर व्यक्ति को अपनी राशि के अनुकूल व्यवहार और निर्णय लेने चाहिए। जहां कुछ राशियों के लिए यह सप्ताह उन्नति का मार्ग प्रशस्त करेगा, वहीं कुछ जातकों को स्वास्थ्य और आपसी संबंधों को लेकर अधिक सजग रहना होगा। ज्योतिषीय परामर्श के अनुसार, ग्रहों के प्रतिकूल प्रभाव को कम करने के लिए नियमित रूप से अपने इष्ट देव की आराधना करना और सकारात्मक सोच बनाए रखना लाभकारी होता है। यह सप्ताह उन लोगों के लिए विशेष रूप से अच्छा है जो लंबे समय से किसी कार्य के पूरा होने की प्रतीक्षा कर रहे थे।</p> ]]></content:encoded><dc:creator><![CDATA[ Bhakti Times ]]></dc:creator></item><item><guid isPermaLink="false">156096760</guid><pubDate>Sun, 06 Sep 2026 16:05:01 +0530</pubDate><title><![CDATA[ 7 सितंबर का राशिफल: सोमवार के दिन इन राशियों के लिए बन रहे हैं विशेष संयोग ]]></title><description><![CDATA[ 7 सितंबर को सोमवार का दिन है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, ग्रह-नक्षत्रों की चाल सभी 12 राशियों के जीवन को प्रभावित करती है। जानिए कल का दिन आपके लिए कैसा रहने वाला है और किन बातों का रखें ध्यान। ]]></description><link><![CDATA[ https://www.bhaktitimes.in/rashifal/rashifal-7-september-2026-horoscope-astrology-predictions-article-156096760 ]]></link><content:encoded><![CDATA[ <div><img class="type:primaryImage" src="https://images.bhaktitimes.in/thumb/msid-156096759,thumbsize-883859,width-1280,height-720,resizemode-75/156096759.jpg" alt="rashifal-7-september-2026-horoscope-astrology-predictions" /></div><p>वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, ग्रहों और नक्षत्रों की निरंतर बदलती स्थिति का सीधा प्रभाव मानव जीवन पर पड़ता है। इसी गणना के आधार पर दैनिक राशिफल तैयार किया जाता है, जो हमें आने वाले समय के प्रति सचेत रहने और अवसरों को पहचानने में मदद करता है। 7 सितंबर 2026, दिन सोमवार, ज्योतिषीय दृष्टि से एक महत्वपूर्ण दिन माना जा रहा है।</p><p>सोमवार का दिन विशेष रूप से भगवान शिव की आराधना के लिए समर्पित होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन महादेव की पूजा-अर्चना करने से मन को शांति मिलती है और जीवन में सकारात्मकता का संचार होता है। ज्योतिष शास्त्र में कुल 12 राशियों का वर्णन है, और कल की ग्रह स्थिति के अनुसार सभी राशियों के जातकों के लिए अलग-अलग फलदायी परिणाम सामने आ सकते हैं।</p><p><h2>राशिफल और ग्रहों का प्रभाव</h2>ज्योतिष गणनाओं के अनुसार, 7 सितंबर को ग्रहों की चाल कुछ राशियों के लिए विशेष लाभ के योग बना रही है, तो वहीं कुछ राशियों के जातकों को सावधानी बरतने की आवश्यकता हो सकती है। राशिफल का आकलन करते समय ग्रहों की गोचर स्थिति (ग्रहों का एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश) को मुख्य आधार माना जाता है। यह दैनिक भविष्यफल मेष से लेकर मीन राशि तक के जातकों के लिए उनके करियर, स्वास्थ्य और पारिवारिक जीवन से जुड़े संकेत प्रदान करता है।</p><p>विशेषज्ञों का मानना है कि राशिफल केवल एक मार्गदर्शन है, जो व्यक्ति को अपनी दिनचर्या को बेहतर बनाने में मदद करता है। सोमवार के दिन चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति के आधार पर, यह दिन कई लोगों के लिए बड़े बदलाव लेकर आ सकता है। जिन राशियों के लिए कल का दिन विशेष रूप से शुभ संकेत दे रहा है, उन्हें अपने प्रयासों में निरंतरता बनाए रखने की सलाह दी जाती है। वहीं, जिन राशियों के लिए सतर्क रहने की आवश्यकता है, उन्हें धैर्य और संयम से काम लेने की आवश्यकता होगी।</p><p><h2>सोमवार का महत्व और उपाय</h2>चूंकि 7 सितंबर सोमवार का दिन है, इसलिए इस दिन का धार्मिक महत्व और अधिक बढ़ जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सोमवार को भगवान शिव का अभिषेक (देवता की प्रतिमा पर पवित्र द्रव्य जैसे जल, दूध या गंगाजल चढ़ाने की पूजा विधि) करना अत्यंत शुभ माना जाता है। कई लोग अपनी राशि के अनुसार विशेष उपाय भी करते हैं ताकि ग्रहों के नकारात्मक प्रभाव को कम किया जा सके और सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाया जा सके।</p><p>कल का दिन आपके लिए कैसा रहेगा, यह जानने के लिए अपनी राशि के अनुसार विस्तृत राशिफल का अवलोकन करना उचित रहेगा। याद रखें कि ज्योतिषीय गणनाएं केवल एक संकेत मात्र हैं, और व्यक्ति का कर्म ही उसके भाग्य को निर्धारित करने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।</p> ]]></content:encoded><dc:creator><![CDATA[ Bhakti Times ]]></dc:creator></item><item><guid isPermaLink="false">156096950</guid><pubDate>Sun, 06 Sep 2026 16:03:03 +0530</pubDate><title><![CDATA[ अष्टावक्र ने जनक को बताया जीवन का सबसे बड़ा सत्य, यह श्लोक देता है बड़ा ज्ञान ]]></title><description><![CDATA[ Ashtavakra Gita Hindi: अष्टावक्र गीता के इन श्लोकों में अष्टावक्र और राजा जनक के बीच आत्मज्ञान, संसार की वास्तविकता और त्याग की गहरी बात कही गई है। ]]></description><link><![CDATA[ https://www.bhaktitimes.in/dharm/ashtavakra-gita-hindi-self-realization-atma-gyan-advaita-vedanta-article-156096950 ]]></link><content:encoded><![CDATA[ <div><img class="type:primaryImage" src="https://images.bhaktitimes.in/thumb/msid-156096943,thumbsize-105372,width-1280,height-720,resizemode-75/156096943.jpg" alt="ashtavakra gita hindi self realization atma gyan advaita vedanta" /></div><p><strong>Ashtavakra Gita Hindi: </strong>भारतीय दर्शन के प्रमुख ग्रंथों में से एक अष्टावक्र गीता (Ashtavakra Gita) में राजा जनक और ऋषि अष्टावक्र के बीच संवाद के जरिए जीवन के कई बड़े सवालों के जवाब मिलते हैं। अष्टावक्र गीता की अपनी इस सीरीज के 11वें भाग में आज हम आपको श्लोक 66 से श्लोक 73 तक के अर्थों का सार बता रहे हैं। अष्टावक्र गीता के इन श्लोकों में अष्टावक्र और राजा जनक के बीच आत्मज्ञान, संसार की वास्तविकता और त्याग की गहरी बात कही गई है।</p><p><strong>न ते संगोऽस्ति केनापि किं शुद्धस्त्यक्तुमिच्छसि।</p><p>संघातविलयं कुवर्र्न्नेमेव लयं व्रज।। 66।।</strong></p><p>अष्टावक्र कहते हैं, 'इंसान दुखी इसलिए होता है क्योंकि वह शरीर, रिश्तों, विचारों और इच्छाओं को अपना वास्तविक स्वरूप मान लेता है। आत्मज्ञान होने पर समझ आता है कि आत्मा इन सबसे अलग और शुद्ध है।'</p><p><strong>उदेति भवतो विश्वं वारिधेरिव बुदबुदः।</p><p>इति ज्ञात्वैकमात्मानमेवमेव लयं व्रज।। 67।।</strong></p><p>अष्टावक्र कहते हैं, 'जैसे समुद्र से बुलबुला उठता है और वापस समुद्र में मिल जाता है, वैसे ही संसार भी उसी परम चेतना से प्रकट होकर उसी में समाप्त होता है।'</p><p><strong>प्रत्यक्षमप्यवस्तुत्वद्विश्वं नास्त्यमले त्वयि।</p><p>रज्जुसर्प इव व्यकृमेवमेव लयं व्रज।। 68।।</strong></p><p>अष्टावक्र कहते हैं, 'रस्सी वास्तव में रस्सी ही रहती है, लेकिन अज्ञान के कारण वह सांप दिखाई देती है। इसी तरह आत्मा के ऊपर संसार की अलग-अलग पहचान और भेद दिखाई देते हैं। ज्ञान होने पर भ्रम दूर हो जाता है।'</p><p><strong>समदुःख सुखः पूर्ण आशानैराश्ययोः समः।</p><p>समजीवित मृत्युः सन्नैवमेव लयं व्रज।। 69।।</strong></p><p>अष्टावक्र कहते हैं, 'आत्मज्ञानी व्यक्ति परिस्थितियों के अनुसार बहुत ज्यादा खुश या दुखी नहीं होता। वह समझता है कि सुख-दुख और जीवन-मृत्यु बदलने वाली अवस्थाएं हैं, जबकि आत्मा इन सबसे परे है।'</p><p><strong>आकाशवदनंतोऽहं घटवत्‌ प्राकृतं जगत्‌।</p><p>इति ज्ञानं तथैतस्य न त्यागो न ग्रहो लयः।। 70।।</p><p></strong></p><p>राजा जनक कहते हैं, 'मैं आकाश की तरह अनंत हूं और यह संसार एक घड़े की तरह सीमित और प्रकृति से बना हुआ है। इस ज्ञान को समझ लेने के बाद न मुझे किसी चीज का त्याग करना है, न किसी चीज को पकड़कर रखना है और न ही किसी चीज में लीन होने की इच्छा है।'</p><p><strong>महौदधिरिवाहं स प्रपंचो वीचिसन्निभिः।</p><p>इति ज्ञानं तथैतस्य न त्यागो न ग्रहो लयः।। 71।।</strong></p><p>राजा जनक कहते हैं, 'मैं स्वयं विशाल समुद्र के समान हूं और यह पूरा संसार समुद्र की लहरों के समान है। लहरें समुद्र से अलग नहीं होतीं। यह ज्ञान होने के बाद मेरे लिए न त्याग है, न ग्रहण और न ही किसी चीज में विलय की आवश्यकता।'</p><p><strong>अहं स शुक्तिसंकाशो रूप्पवद्विश्वकल्पना।</p><p>इति ज्ञानं तथैतस्य न त्यागो न ग्रहो लयः।। 72।।</strong></p><p>राजा जनक कहते हैं, 'मैं उस सीप के समान हूं जिसमें चांदी दिखाई देने का भ्रम पैदा हो सकता है। उसी तरह इस संसार के अलग-अलग रूप भी एक कल्पना या भ्रम की तरह हैं। इस सत्य को जान लेने के बाद मुझे कुछ छोड़ने या कुछ पाने की आवश्यकता नहीं है।'</p><p><strong>अहं वा सर्वभूतेषु सर्वभूतान्ययो मयि।</p><p>इति ज्ञानं तथैतस्य न त्यागो न ग्रहो लयः।। 73।।</strong></p><p>राजा जनक कहते हैं, 'मैं सभी प्राणियों में मौजूद हूं और सभी प्राणी मेरे ही भीतर मौजूद हैं। जब यह ज्ञान हो जाता है, तब किसी चीज को छोड़ने या पाने का सवाल ही नहीं रहता।'</p> ]]></content:encoded><dc:creator><![CDATA[ Bhakti Times ]]></dc:creator></item><item><guid isPermaLink="false">156096915</guid><pubDate>Sun, 06 Sep 2026 16:00:05 +0530</pubDate><title><![CDATA[ 7 सितंबर को कौन सा रंग रहेगा शुभ, राशि के अनुसार देखें पूरी लिस्ट ]]></title><description><![CDATA[ Zodiac Lucky Color: राशि के अनुसार सही रंग का चुनाव करना और उसी रंग का चयन करना पॉजिटिव एनर्जी लेकर आता है। तो चलिए जानते हैं 7 सितंबर 2026 के दिन सभी 12 राशियों के अनुसार शुभ रंग। ]]></description><link><![CDATA[ https://www.bhaktitimes.in/rashifal/astrology-tips-lucky-colour-according-to-zodiac-article-156096915 ]]></link><content:encoded><![CDATA[ <div><img class="type:primaryImage" src="https://images.bhaktitimes.in/thumb/msid-156096914,thumbsize-192905,width-1280,height-720,resizemode-75/156096914.jpg" alt="astrology tips lucky colour according to zodiac" /></div><p><strong>Zodiac Lucky Color:</strong> ज्योतिष के अनुसार, हमारी राशि और ग्रहों की स्थिति का असर हमारे दिन पर पड़ता है। ऐसे में शुभ रंग को लेकर भी लोगों में काफी दिलचस्पी रहती है। 7 सितंबर 2026 के दिन अगर आप अपनी राशि के अनुसार शुभ रंग चुनते हैं, तो यह आपके जीवन में संतुलन, सौभाग्य और प्रगति के नए अवसर खोल सकता है। आइए जानते हैं आपकी राशि के लिए आज कौन सा रंग शुभ रहेगा और आखिर इन रंगों को आपके लिए खास क्यों माना गया है।</p><p><h2>राशि के अनुसार शुभ रंग (Zodiac Lucky Color)</h2></p><p><strong>1. मेष-</strong> पीला और लाल</p><p>पीला ज्ञान और सकारात्मकता का प्रतीक है, जबकि लाल ऊर्जा, साहस और आत्मविश्वास से जुड़ा माना जाता है।</p><p><strong>2. वृषभ-</strong> लाल और नारंगी</p><p>लाल सक्रियता और आत्मविश्वास का प्रतीक है, जबकि नारंगी उत्साह और सकारात्मक सोच से जुड़ा माना जाता है।</p><p><strong>3. मिथुन-</strong> आसमानी और हरा</p><p>आसमानी मानसिक शांति का प्रतीक है, जबकि हरा बुद्धि, संवाद और एकाग्रता के लिए शुभ माना जाता है।</p><p><strong>4. कर्क-</strong> पीला और सफेद</p><p>पीला सुख-समृद्धि और गुरु कृपा का प्रतीक है, जबकि सफेद शांति और भावनात्मक संतुलन से जुड़ा माना जाता है।</p><p><strong>5. सिंह- </strong>लाल और हरा</p><p>लाल ऊर्जा, साहस और आत्मविश्वास का प्रतीक है, जबकि हरा संतुलन और प्रगति से जुड़ा माना जाता है।</p><p><strong>6. कन्या-</strong> हरा और लाल</p><p>हरा बुद्धि, एकाग्रता और कार्यक्षमता के लिए शुभ माना जाता है, जबकि लाल उत्साह और आत्मविश्वास का प्रतीक है।</p><p><strong>7. तुला-</strong> हरा और आसमानी</p><p>हरा विकास और संतुलन का प्रतीक है, जबकि आसमानी मानसिक शांति और रिश्तों में सामंजस्य से जुड़ा माना जाता है।</p><p><strong>8. वृश्चिक- </strong>पीला और नारंगी</p><p>पीला ज्ञान, समृद्धि और गुरु कृपा का प्रतीक है, जबकि नारंगी साहस और आध्यात्मिक ऊर्जा से जुड़ा माना जाता है।</p><p><strong>9. धनु- </strong>पीला और सफेद</p><p>पीला धनु राशि के स्वामी गुरु से जुड़ा होने के कारण ज्ञान, भाग्य और समृद्धि के लिए शुभ माना जाता है, जबकि सफेद शांति का प्रतीक है।</p><p><strong>10. मकर-</strong> हरा और नीला</p><p>हरा स्थिरता और प्रगति का प्रतीक है, जबकि नीला शनि से जुड़ा होने के कारण धैर्य और अनुशासन का प्रतीक माना जाता है।</p><p><strong>11. कुंभ- </strong>हरा और सफेद</p><p>हरा विकास और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है, जबकि सफेद मानसिक शांति और स्पष्टता से जुड़ा माना जाता है।</p><p><strong>12. मीन- </strong>लाल और नारंगी</p><p>लाल ऊर्जा और आत्मविश्वास का प्रतीक है, जबकि नारंगी आध्यात्मिकता, सकारात्मकता और नई ऊर्जा से जुड़ा माना जाता है।</p><p><strong>डिसक्लेमर: </strong>यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। भक्ति Times इसकी पुष्टि नहीं करता है।</p> ]]></content:encoded><dc:creator><![CDATA[ Bhakti Times ]]></dc:creator></item><item><guid isPermaLink="false">156096485</guid><pubDate>Sun, 06 Sep 2026 14:07:02 +0530</pubDate><title><![CDATA[ घर में क्रिस्टल्स कहां रखें? जानिए कमरे के हिसाब से सही जगह और मान्यता ]]></title><description><![CDATA[ Crystal Vastu: अगर आप भी घर में क्रिस्टल रखने की सोच रहे हैं तो कमरे के हिसाब से इनकी जगह के बारे में जानना आपके लिए दिलचस्प हो सकता है। ]]></description><link><![CDATA[ https://www.bhaktitimes.in/vastu-tips/crystal-vastu-crystal-placement-at-home-article-156096485 ]]></link><content:encoded><![CDATA[ <div><img class="type:primaryImage" src="https://images.bhaktitimes.in/thumb/msid-156096483,thumbsize-151586,width-1280,height-720,resizemode-75/156096483.jpg" alt="crystal vastu crystal placement at home" /></div><p><strong>Crystal Vastu: </strong>घर में लोग ऐसी चीजें रखना पसंद करते हैं, जिन्हें सकारात्मकता और सुकून से जोड़ा जाता है। क्रिस्टल्स भी इन्हीं में से एक हैं। हीलिंग और आध्यात्मिक मान्यताओं में क्रिस्टल को अलग-अलग तरह की ऊर्जा से जोड़कर देखा जाता है। अलग-अलग रंग और आकार के खूबसूरत क्रिस्टल घर की सजावट को आकर्षक बनाते हैं। कई लोगों का मानना है कि क्रिस्टल्स को घर में सही जगह पर रखने से माहौल में सकारात्मकता, शांति और सामंजस्य बढ़ सकता है। कमरे के हिसाब से इनकी जगह के बारे में जानना आपके लिए दिलचस्प हो सकता है।</p><p><h2>मुख्य दरवाजे के पास रखें ये क्रिस्टल</h2></p><p>वास्तु और क्रिस्टल से जुड़ी मान्यताओं में प्रवेश द्वार को खास जगह दी जाती है। यहां ब्लैक टूरमलिन और एमेथिस्ट रखने की सलाह दी जाती है। ब्लैक टूरमलिन को नकारात्मकता से बचाव से जोड़कर देखा जाता है, जबकि एमेथिस्ट को शांति और सुकून का प्रतीक माना जाता है। इन्हें दरवाजे के ठीक बाहर रखने के बजाय घर के अंदर प्रवेश द्वार के पास किसी साफ जगह या छोटी मेज पर रखा जा सकता है।</p><p><h2>लिविंग रूम में कौन सा क्रिस्टल रखें?</h2></p><p>यहां ऐसा माहौल अच्छा माना जाता है जो आरामदायक और सकारात्मक महसूस हो। रोज क्वार्ट्ज को प्रेम, अपनापन और रिश्तों से जुड़ा क्रिस्टल माना जाता है। इसे लिविंग रूम में रखने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा क्लियर क्वार्ट्ज को ऊर्जा और स्पष्टता से जोड़कर देखा जाता है। इन्हें सेंटर टेबल, शेल्फ या किसी सजावटी कोने में रखना आसान रहता है।</p><p><h2>बेडरूम में क्रिस्टल रखने की मान्यता</h2></p><p>रोज क्वार्ट्ज को रिश्तों में प्रेम और भावनात्मक जुड़ाव से जोड़ा जाता है। वहीं एमेथिस्ट को शांति और आराम की भावना से संबंधित माना जाता है। कुछ लोग सेलिनाइट को भी बेडरूम में रखना पसंद करते हैं। मान्यता है कि यह शांत वातावरण बनाने में मदद करता है।</p><p><h2>किचन में रखें ऊर्जा से जुड़े क्रिस्टल</h2></p><p>क्रिस्टल से जुड़ी मान्यताओं में कार्नेलियन को ऊर्जा, उत्साह और सक्रियता से जोड़ा जाता है। वहीं क्लियर क्वार्ट्ज को सकारात्मकता और स्पष्टता का प्रतीक माना जाता है। इन्हें गैस या सिंक के पास रखने के बजाय किसी सूखी और सुरक्षित जगह पर रखना बेहतर रहेगा। क्रिस्टल को सीधे गर्मी, पानी या तेल के संपर्क में आने से बचाना चाहिए।</p><p><h2>ऑफिस या स्टडी टेबल पर कौन सा क्रिस्टल रखें?</h2></p><p>फ्लोराइट को एकाग्रता और मानसिक स्पष्टता का प्रतीक माना जाता है। वहीं सिट्रीन को आत्मविश्वास, सफलता और समृद्धि से जोड़ा जाता है। इन्हें स्टडी टेबल, बुकशेल्फ या डेस्क के किसी कोने में रखा जा सकता है। हालांकि, क्रिस्टल को कंप्यूटर या इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के बिल्कुल ऊपर रखने की जरूरत नहीं है।</p> ]]></content:encoded><dc:creator><![CDATA[ Bhakti Times ]]></dc:creator></item><item><guid isPermaLink="false">156095687</guid><pubDate>Sun, 06 Sep 2026 13:53:48 +0530</pubDate><title><![CDATA[ मंगल और गुरु की युति: 18 सितंबर से इन 6 राशियों का शुरू होगा शुभ समय ]]></title><description><![CDATA[ ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, 18 सितंबर से मंगल कर्क राशि में गोचर करेंगे, जहां उनकी मुलाकात उच्च के गुरु से होगी। इस विशेष संयोग से किन राशियों को लाभ मिलेगा, जानें पूरी जानकारी। ]]></description><link><![CDATA[ https://www.bhaktitimes.in/rashifal/mangal-gochar-kark-rashi-impact-on-zodiac-signs-article-156095687 ]]></link><content:encoded><![CDATA[ <div><img class="type:primaryImage" src="https://images.bhaktitimes.in/thumb/msid-156095686,thumbsize-696758,width-1280,height-720,resizemode-75/156095686.jpg" alt="mangal-gochar-kark-rashi-impact-on-zodiac-signs" /></div><p>ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों के गोचर का विशेष महत्व माना गया है। इसी क्रम में 18 सितंबर से एक महत्वपूर्ण खगोलीय बदलाव होने जा रहा है, जिसमें ग्रहों के सेनापति मंगल अपनी नीच राशि कर्क में प्रवेश करेंगे। इस गोचर के दौरान मंगल की स्थिति और वहां पहले से मौजूद उच्च के गुरु का मिलन एक विशेष संयोग का निर्माण करेगा। धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इस युति का प्रभाव विभिन्न राशियों पर अलग-अलग रूप से पड़ेगा।</p><p>विशेषज्ञों के अनुसार, मंगल और गुरु का यह मिलन कुछ राशियों के लिए सकारात्मक परिणाम लेकर आने वाला है। इस अवधि में कुल 6 राशियों के जातकों को विशेष लाभ मिलने की संभावना जताई गई है। हालांकि, ज्योतिषीय गणनाओं में इन ग्रहों की स्थिति को जीवन के विभिन्न पहलुओं से जोड़कर देखा जाता है, जिसे लेकर श्रद्धालुओं और ज्योतिष प्रेमियों में काफी उत्सुकता बनी रहती है।</p><p><h2>मंगल और गुरु के मिलन का प्रभाव</h2>मंगल का कर्क राशि में गोचर करना ज्योतिषीय दृष्टि से एक महत्वपूर्ण घटना है। जब मंगल अपनी नीच राशि में होते हैं, तो उनके साथ गुरु का होना इस स्थिति को संतुलित करने वाला माना जाता है। इस दौरान बनने वाला यह संयोग विशेष रूप से 6 राशियों के लिए शुभ फलदायी बताया जा रहा है। इन राशियों के जातकों के लिए यह समय कार्यक्षेत्र में सुधार और व्यक्तिगत जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने वाला हो सकता है।</p><p>धार्मिक परंपराओं में ग्रहों की चाल को ईश्वर की इच्छा और ब्रह्मांडीय व्यवस्था का हिस्सा माना जाता है। इस गोचर के दौरान, प्रभावित होने वाली राशियों के लिए यह समय नई योजनाओं को शुरू करने या रुके हुए कार्यों को पूरा करने के लिए अनुकूल माना जा रहा है। हालांकि, ज्योतिषीय व्याख्याएं पूरी तरह से मान्यताओं पर आधारित होती हैं, जिन्हें लोग अपनी आस्था और विश्वास के अनुसार देखते हैं।</p><p><h2>गोचर की अवधि और महत्व</h2>18 सितंबर से शुरू होने वाला यह गोचर ज्योतिषीय पंचांग के अनुसार एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। मंगल और गुरु की यह युति कर्क राशि में होने के कारण उन लोगों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है जिनकी कुंडली में इन ग्रहों की स्थिति का प्रभाव पड़ता है। धार्मिक दृष्टिकोण से, इस समय के दौरान दान-पुण्य और अपने इष्ट देव की आराधना करना शुभ माना जाता है।</p><p>यह गोचर कब तक प्रभावी रहेगा और इसका व्यापक प्रभाव किस प्रकार से जीवन के अन्य क्षेत्रों को प्रभावित करेगा, इसे लेकर ज्योतिषीय गणनाएं जारी हैं। वर्तमान में, यह स्पष्ट है कि आगामी समय में इन 6 राशियों के लिए ग्रहों की यह स्थिति अनुकूलता लेकर आएगी। श्रद्धालु इस दौरान अपनी श्रद्धा के अनुसार धार्मिक अनुष्ठान और पूजा-पाठ कर सकते हैं।</p> ]]></content:encoded><dc:creator><![CDATA[ Bhakti Times ]]></dc:creator></item><item><guid isPermaLink="false">156095720</guid><pubDate>Sun, 06 Sep 2026 13:52:34 +0530</pubDate><title><![CDATA[ साप्ताहिक राशिफल 7 से 13 सितंबर 2026: तीन राजयोगों का 12 राशियों पर पड़ेगा प्रभाव, जानें आपके लिए कैसा रहेगा ये हफ्ता ]]></title><description><![CDATA[ सितंबर के इस सप्ताह में भद्र, हंस और मालव्य राजयोग का दुर्लभ संयोग बन रहा है। ग्रहों की इस विशेष स्थिति का वृषभ, कर्क और कन्या समेत कई राशियों पर क्या प्रभाव पड़ेगा, जानें साप्ताहिक राशिफल। ]]></description><link><![CDATA[ https://www.bhaktitimes.in/rashifal/weekly-horoscope-7-to-13-september-2026-astrology-predictions-article-156095720 ]]></link><content:encoded><![CDATA[ <div><img class="type:primaryImage" src="https://images.bhaktitimes.in/thumb/msid-156095719,thumbsize-729599,width-1280,height-720,resizemode-75/156095719.jpg" alt="weekly-horoscope-7-to-13-september-2026-astrology-predictions" /></div><p>सितंबर 2026 का यह सप्ताह ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस सप्ताह आकाश मंडल में तीन प्रमुख राजयोगों- भद्र राजयोग, हंसराजयोग और मालव्य राजयोग का दुर्लभ संयोग बन रहा है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, बुध कन्या राशि में, गुरु कर्क राशि में और शुक्र तुला राशि में गोचर कर रहे हैं, जिसका सीधा प्रभाव सभी 12 राशियों के जीवन पर पड़ेगा। इस दौरान वृषभ, कर्क, कन्या और तुला राशि के जातकों के लिए विशेष लाभ के योग बन रहे हैं।</p><p>ग्रहों की चाल पर नजर डालें तो चंद्रदेव का कर्क राशि में प्रवेश मन को संवेदनशील बनाएगा और पारिवारिक जिम्मेदारियों की ओर ध्यान केंद्रित करेगा। इसके बाद सिंह राशि में गोचर आत्मविश्वास में वृद्धि करेगा, जबकि कन्या राशि में प्रवेश अनुशासन और स्पष्ट निर्णय लेने की क्षमता को बढ़ाएगा। वहीं, शनि मीन राशि में वक्री (उल्टी चाल) अवस्था में रहकर जातकों को धैर्य और गंभीरता के साथ अपने कर्तव्यों का पालन करने के लिए प्रेरित करेंगे।</p><p><h2>राशियों पर ग्रहों का प्रभाव</h2>मेष राशि के जातकों के लिए सप्ताह की शुरुआत पारिवारिक चर्चाओं के साथ होगी, जबकि मध्य में रचनात्मकता बढ़ेगी। वृषभ राशि के लोगों के लिए रिश्तों में मिठास और घर की साज-सज्जा का योग है। मिथुन राशि वाले आर्थिक मामलों पर ध्यान देंगे, जबकि कर्क राशि के जातकों का आत्मविश्वास बढ़ेगा। सिंह राशि के जातकों को सलाह दी जाती है कि वे जल्दबाजी से बचें और विनम्रता अपनाएं। कन्या राशि के लिए यह समय आत्मचिंतन और भविष्य की योजनाओं के लिए उत्तम है।</p><p>तुला राशि के जातकों का ध्यान करियर और सामाजिक मेल-जोल पर रहेगा। वृश्चिक राशि के लोगों को करियर में मेहनत का फल मिलेगा, बस धैर्य बनाए रखने की आवश्यकता है। धनु राशि के जातकों का ध्यान आर्थिक प्रतिबद्धताओं पर रहेगा। मकर राशि के लिए रिश्तों में सुधार के संकेत हैं। कुंभ राशि के जातकों को दोस्तों का सहयोग मिलेगा और प्रॉपर्टी से जुड़े कार्यों में लाभ हो सकता है। मीन राशि के जातकों के लिए यह सप्ताह सामान्य रहेगा, जिसमें उन्हें वाणी पर संयम रखने और मौसमी बीमारियों के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी गई है।</p> ]]></content:encoded><dc:creator><![CDATA[ Bhakti Times ]]></dc:creator></item><item><guid isPermaLink="false">156095987</guid><pubDate>Sun, 06 Sep 2026 13:48:29 +0530</pubDate><title><![CDATA[ 11 सितंबर को शुक्र का नक्षत्र परिवर्तन: इन 4 राशियों के लिए खुलेगा तरक्की का रास्ता ]]></title><description><![CDATA[ वैदिक ज्योतिष के अनुसार, धन और वैभव के कारक शुक्र 11 सितंबर को राहु के स्वामित्व वाले स्वाति नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। इस गोचर से किन राशियों को विशेष लाभ होगा, जानें विस्तार से। ]]></description><link><![CDATA[ https://www.bhaktitimes.in/rashifal/shukra-nakshatra-gochar-11-september-impact-on-zodiac-signs-article-156095987 ]]></link><content:encoded><![CDATA[ <div><img class="type:primaryImage" src="https://images.bhaktitimes.in/thumb/msid-156095986,thumbsize-852777,width-1280,height-720,resizemode-75/156095986.jpg" alt="shukra-nakshatra-gochar-11-september-impact-on-zodiac-signs" /></div><p>वैदिक ज्योतिष शास्त्र में शुक्र ग्रह को सुख-सुविधा, धन, ऐश्वर्य और वैभव का कारक माना गया है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, शुक्र ग्रह 11 सितंबर को एक महत्वपूर्ण परिवर्तन करने जा रहे हैं। इस दिन शुक्र अपनी वर्तमान स्थिति से निकलकर स्वाति नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। स्वाति नक्षत्र के स्वामी राहु हैं, इसलिए इस गोचर को ज्योतिष की दृष्टि से काफी प्रभावशाली माना जा रहा है।</p><p>ज्योतिष विशेषज्ञों के अनुसार, शुक्र का यह नक्षत्र परिवर्तन सभी 12 राशियों के जीवन को किसी न किसी रूप में प्रभावित करेगा। हालांकि, शुक्र का गोचर सामान्यतः नकारात्मक नहीं माना जाता, लेकिन राहु के नक्षत्र में आने से कुछ विशेष राशियों के लिए यह समय अत्यंत शुभ फलदायी रहने वाला है। इस दौरान इन राशियों के जातकों को न केवल आर्थिक लाभ मिलने की संभावना है, बल्कि उनके रुके हुए कार्यों में भी गति आएगी।</p><p><h2>वृषभ राशि के लिए विशेष लाभ के योग</h2>शुक्र के इस नक्षत्र परिवर्तन का सबसे सकारात्मक प्रभाव वृषभ राशि के जातकों पर पड़ने की उम्मीद है। इस अवधि में वृषभ राशि के नौकरीपेशा लोगों को उनकी मेहनत का पूरा फल प्राप्त होगा। कार्यस्थल पर उच्चाधिकारी आपके प्रदर्शन से प्रसन्न रहेंगे, जिससे प्रमोशन और वेतन वृद्धि के योग बन रहे हैं।</p><p>व्यापार से जुड़े जातकों के लिए भी यह समय काफी अनुकूल है। यदि आप साझेदारी में कोई काम कर रहे हैं, तो इस दौरान धन लाभ होने की प्रबल संभावना है। इसके अलावा, स्वास्थ्य के लिहाज से भी यह समय आपके लिए बेहतर रहने वाला है। लंबे समय से अटके हुए कार्य इस दौरान पूरे हो सकते हैं और आपको कोई शुभ समाचार भी मिल सकता है। शुक्र का यह गोचर 24 अक्टूबर तक स्वाति नक्षत्र में रहेगा, जिसका लाभ उठाने के लिए यह समय काफी महत्वपूर्ण है।</p> ]]></content:encoded><dc:creator><![CDATA[ Bhakti Times ]]></dc:creator></item><item><guid isPermaLink="false">156095985</guid><pubDate>Sun, 06 Sep 2026 13:46:45 +0530</pubDate><title><![CDATA[ लड्डू गोपाल की छठी 2026 में कब है? जानें तिथि, शुभ तिथि, पूजा विधि और विशेष भोग ]]></title><description><![CDATA[ जन्माष्टमी के बाद लड्डू गोपाल की छठी का उत्सव मनाया जाता है। इस लेख में जानें वर्ष 2026 में छठी की सही तिथि, कान्हा के श्रृंगार की विधि और उन्हें अर्पित किए जाने वाले विशेष भोग के बारे में। ]]></description><link><![CDATA[ https://www.bhaktitimes.in/festivals/laddu-gopal-chatti-2026-date-puja-vidhi-bhog-article-156095985 ]]></link><content:encoded><![CDATA[ <div><img class="type:primaryImage" src="https://images.bhaktitimes.in/thumb/msid-156095984,thumbsize-746987,width-1280,height-720,resizemode-75/156095984.jpg" alt="laddu-gopal-chatti-2026-date-puja-vidhi-bhog" /></div><p>जन्माष्टमी के पावन पर्व पर भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव के बाद अब भक्त उनके छठी उत्सव की तैयारी में जुट गए हैं। हिंदू परंपरा के अनुसार, किसी भी शिशु के जन्म के छठे दिन छठी का संस्कार मनाया जाता है, उसी मान्यता के अनुरूप कान्हा के प्राकट्य के छह दिन बाद यह विशेष उत्सव आयोजित किया जाता है। इस दिन भक्त अपने आराध्य लड्डू गोपाल की विशेष पूजा-अर्चना करते हैं और उन्हें विधि-विधान से भोग अर्पित करते हैं।</p><p>इस वर्ष भाद्रपद माह में जन्माष्टमी का पर्व 4 सितंबर को मनाया गया था। इस गणना के आधार पर लड्डू गोपाल की छठी 9 सितंबर, बुधवार को मनाई जाएगी। इस दिन का धार्मिक महत्व इसलिए भी अधिक माना जा रहा है क्योंकि इस तिथि पर भद्रा राजयोग, मालव्य राजयोग और हंस राजयोग जैसे विशेष संयोग बन रहे हैं, जो इस पूजा को और भी शुभ बनाते हैं।</p><p><h2>लड्डू गोपाल की छठी: पूजा विधि और भोग</h2>छठी का उत्सव मुख्य रूप से शाम के समय मनाया जाता है। इस दिन की शुरुआत लड्डू गोपाल को दूध और जल के मिश्रण से स्नान कराकर की जाती है। स्नान के बाद उन्हें पीले रंग के नवीन वस्त्र पहनाकर उनका भव्य श्रृंगार किया जाता है। परंपरा के अनुसार, इस दिन घर पर ही काजल तैयार कर कान्हा को अपनी छोटी उंगली से काजल लगाया जाता है। इसके बाद उनकी आरती की जाती है और उन्हें झूला झुलाकर भजन-कीर्तन किए जाते हैं।</p><p>भगवान को भोग अर्पित करते समय सात्विकता का विशेष ध्यान रखा जाता है। इस दिन उन्हें बिना प्याज-लहसुन के बना शुद्ध भोजन अर्पित करना चाहिए। विशेष भोग में कढ़ी-चावल, माखन-मिश्री, धनिया की पंजीरी और खीर को प्राथमिकता दी जाती है। यह ध्यान रखना आवश्यक है कि प्रत्येक भोग सामग्री में तुलसी का पत्ता (तुलसी दल) अवश्य शामिल हो। पूजा के अंत में कुछ धनराशि को कान्हा के ऊपर से वार कर (न्योछावर कर) उसे प्रसाद के रूप में परिवार के सदस्यों में वितरित करने की परंपरा है।</p> ]]></content:encoded><dc:creator><![CDATA[ Bhakti Times ]]></dc:creator></item><item><guid isPermaLink="false">156095051</guid><pubDate>Sun, 06 Sep 2026 13:45:12 +0530</pubDate><title><![CDATA[ गणेश चतुर्थी पर करें ये उपाय, दूर होगा बुध और केतु दोष ]]></title><description><![CDATA[ गणेश चतुर्थी 14 सितंबर 2026 को मनाई जाएगी। ज्योतिष शास्त्र में भगवान गणेश की पूजा को बुध और केतु ग्रह के दोषों को शांत करने के लिए विशेष रूप से प्रभावी माना गया है। ]]></description><link><![CDATA[ https://www.bhaktitimes.in/festivals/ganesh-chaturthi-2026-astrological-significance-mercury-ketu-remedies-article-156095051 ]]></link><content:encoded><![CDATA[ <div><img class="type:primaryImage" src="https://images.bhaktitimes.in/thumb/msid-156095050,thumbsize-620866,width-1280,height-720,resizemode-75/156095050.jpg" alt="ganesh-chaturthi-2026-astrological-significance-mercury-ketu-remedies" /></div><p>भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को पूरे भारत में गणेश चतुर्थी का पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है। वर्ष 2026 में यह पावन तिथि 14 सितंबर को पड़ रही है। विघ्नहर्ता भगवान गणेश को सभी देवताओं में प्रथम पूजनीय माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन घरों और सार्वजनिक पंडालों में गणपति बप्पा की प्रतिमा स्थापित कर उनकी विशेष पूजा-अर्चना की जाती है।</p><p>गणेश चतुर्थी का यह उत्सव न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि इसका गहरा संबंध ज्योतिष शास्त्र से भी माना जाता है। पुराणों में वर्णित कथाओं और ज्योतिषीय गणनाओं के आधार पर, भगवान गणेश की उपासना को ग्रहों के दोषों को दूर करने का एक प्रभावी माध्यम माना गया है। विशेष रूप से केतु और बुध ग्रह से जुड़ी समस्याओं के निवारण में गणेश पूजा का विशेष महत्व बताया गया है।</p><p><h2>केतु दोष और गणेश पूजा का संबंध</h2>ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, भगवान गणेश का संबंध केतु ग्रह से जोड़ा जाता है। इसके पीछे का तर्क यह है कि केतु को एक धड़ के रूप में माना जाता है, जिसका सिर नहीं है। पौराणिक कथाओं में जब भगवान शिव ने गणेश जी को हाथी का मस्तक प्रदान किया, तो उस स्वरूप को केतु की स्थिति से जोड़कर देखा गया। केतु को ज्ञान, आध्यात्मिकता और जीवन में आने वाले अचानक परिवर्तनों का कारक माना जाता है।</p><p>ज्योतिष शास्त्र के जानकारों का मानना है कि यदि किसी व्यक्ति के जीवन में भ्रम की स्थिति बनी हुई है या बनते हुए काम बार-बार बिगड़ रहे हैं, तो यह केतु के अशुभ प्रभाव का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में विघ्नहर्ता गणेश की पूजा करना बाधाओं को दूर करने और मानसिक स्पष्टता प्राप्त करने में सहायक मानी जाती है।</p><p><h2>बुध ग्रह की शांति और गणेश उपासना</h2>भगवान गणेश को बुद्धि और विवेक का अधिष्ठाता देव माना गया है, जबकि ज्योतिष में बुध ग्रह को वाणी, तर्क, शिक्षा और व्यापार का कारक माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जिन जातकों की कुंडली में बुध कमजोर स्थिति में होता है या अशुभ फल दे रहा होता है, उनके लिए बुधवार के दिन गणेश जी की पूजा करना अत्यंत लाभकारी माना जाता है।</p><p>बुध ग्रह का संबंध हरे रंग से है और भगवान गणेश की पूजा में हरी दूर्वा (घास) का विशेष महत्व है। मान्यता है कि बुधवार के दिन गणेश जी को 21 दूर्वा अर्पित करने से बुध के दोष शांत होते हैं। पूजा के दौरान 'ॐ गं गणपतये नमः' मंत्र का जाप करना शुभ माना जाता है। इसके अलावा, बुध की शांति के लिए 'ॐ बुं बुधाय नमः' मंत्र का उच्चारण करने की भी परंपरा है। इस दिन हरी मूंग की दाल का दान करना और हरे रंग के वस्त्र धारण करना भी बुध ग्रह से संबंधित उपायों में शामिल है।</p> ]]></content:encoded><dc:creator><![CDATA[ Bhakti Times ]]></dc:creator></item><item><guid isPermaLink="false">156096379</guid><pubDate>Sun, 06 Sep 2026 13:42:27 +0530</pubDate><title><![CDATA[ शनिवार को अशुभ क्यों माना जाता है बाल धोना, जानिए धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यता ]]></title><description><![CDATA[ Saturday Rituals: आइए जानते हैं शनिवार को बाल धोने से जुड़ी मान्यताओं के बारे में। क्या इसके पीछे कोई धार्मिक वजह है या फिर यह सिर्फ पुरानी परंपरा है। ]]></description><link><![CDATA[ https://www.bhaktitimes.in/dharm/saturday-religious-beliefs-hindu-traditions-saturday-rituals-article-156096379 ]]></link><content:encoded><![CDATA[ <div><img class="type:primaryImage" src="https://images.bhaktitimes.in/thumb/msid-156096375,thumbsize-121278,width-1280,height-720,resizemode-75/156096375.jpg" alt="saturday religious beliefs hindu traditions saturday rituals" /></div><p><strong>Saturday Rituals:</strong> धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार सप्ताह का हर दिन किसी न किसी देवी-देवता और ग्रह से जुड़ा हुआ होता है। यही कारण है कि भारत के ज्यादातर घरों में कई कामों को लेकर दिन के हिसाब से अलग-अलग मान्यताएं भी सुनने को मिलती हैं। कहीं मंगलवार को बाल काटने से मना किया जाता है, तो कहीं शनिवार को बाल धोने से बचने की सलाह दी जाती है। खासकर घर के बड़े-बुजुर्ग अक्सर कहते हैं कि शनिवार के दिन बाल नहीं धोने चाहिए। आखिर ऐसा क्यों कहा जाता है? क्या इसके पीछे कोई धार्मिक वजह है या फिर यह सिर्फ पुरानी परंपरा है? आइए जानते हैं शनिवार को बाल धोने से जुड़ी मान्यताओं के बारे में।</p><p><h2>किस ग्रह से जुड़ा है शनिवार का दिन</h2></p><p>ज्योतिष में शनिवार का संबंध शनि ग्रह से माना जाता है। धार्मिक परंपरा में इसी दिन शनि देव की पूजा की जाती है। शनि को कर्म, न्याय, अनुशासन, धैर्य और जिम्मेदारी से जोड़कर देखा जाता है। मान्यता है कि शनि देव व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार फल देते हैं। इसलिए शनिवार को लोग पूजा-पाठ, दान और जरूरतमंदों की मदद जैसे काम करना शुभ मानते हैं। इसी धार्मिक माहौल में शनिवार के दिन कुछ ऐसे कामों से बचने की परंपरा भी बनी, जिन्हें बहुत ज्यादा भौतिक सुख-सुविधा या श्रृंगार से जोड़कर देखा जाता था।</p><p><h2>शनिवार को बाल धोने से क्यों बचते हैं लोग</h2></p><p> इसके पीछे कोई एक सर्वमान्य शास्त्रीय नियम नहीं मिलता। हालांकि, अलग-अलग क्षेत्रों में इससे जुड़ी लोकमान्यताएं जरूर प्रचलित हैं। कुछ मान्यताओं के अनुसार, शनिवार का दिन सादगी, संयम और आत्मचिंतन के लिए बेहतर माना जाता है। इसलिए इस दिन अनावश्यक श्रृंगार या शरीर की सजावट से जुड़े कामों को टालने की परंपरा कुछ परिवारों में रही है। इसी वजह से कुछ समुदायों में शनिवार को बाल धोने से बचने की परंपरा बनी।</p><p><h2>शनिवार को क्या करना शुभ माना जाता है?</h2></p><p>शनिवार के दिन कई लोग शनि देव की पूजा करते हैं। कुछ भक्त जरूरतमंद लोगों को भोजन कराते हैं या अपनी क्षमता के अनुसार दान करते हैं। काले तिल, तेल या अन्य वस्तुओं के दान की परंपरा भी कई स्थानों पर देखने को मिलती है। कुछ लोग शनि मंदिर में जाकर प्रार्थना करते हैं और अपने कर्मों को बेहतर बनाने का संकल्प लेते हैं। धार्मिक दृष्टि से देखें तो शनिवार का सबसे महत्वपूर्ण संदेश यही माना जा सकता है कि व्यक्ति अपने कर्मों के प्रति जिम्मेदार रहे और दूसरों के साथ न्यायपूर्ण व्यवहार करे।</p><p><h2>परंपरा का सम्मान, लेकिन समझ के साथ</h2></p><p>भारतीय संस्कृति की खूबसूरती यही है कि यहां कई परंपराएं पीढ़ियों से चली आ रही हैं। इन परंपराओं के पीछे धार्मिक विश्वास, स्थानीय संस्कृति और पुराने समय की जीवनशैली तीनों का प्रभाव हो सकता है। शनिवार को बाल न धोने की मान्यता को भी इसी नजरिए से देखना चाहिए। यह कुछ परिवारों और समुदायों की धार्मिक-सांस्कृतिक परंपरा है, लेकिन इसे हर व्यक्ति के लिए अनिवार्य नियम मानना सही नहीं होगा।</p><p><strong>डिस्क्लेमर: </strong>यह लेख प्रचलित धार्मिक मान्यताओं, ज्योतिषीय धारणाओं और लोकविश्वासों पर आधारित है। इन्हें वैज्ञानिक तथ्य या अनिवार्य धार्मिक नियम न माना जाए।</p> ]]></content:encoded><dc:creator><![CDATA[ Bhakti Times ]]></dc:creator></item><item><guid isPermaLink="false">156096176</guid><pubDate>Sun, 06 Sep 2026 13:41:24 +0530</pubDate><title><![CDATA[ Baby Name by Birth Date: किस अक्षर से रखें अपने बच्चे का नाम? डेट ऑफ बर्थ से जानें लकी Letter ]]></title><description><![CDATA[ Name 1st Letter Suggestions By Date Of Birth: जन्म तारीख के मुताबिक भी बच्चे के नाम का पहला अक्षर चुना जा सकता है। यहां पर जन्म तिथि यानी मूलांक 1 से 9 वालों के नाम के पहले लकी अक्षर के बारे में बताया गया है। ]]></description><link><![CDATA[ https://www.bhaktitimes.in/numerology/numerology-new-born-baby-ka-name-kaise-nikale-date-of-birth-se-bache-ka-naam-kis-akshar-se-rakhe-janam-tithi-anusar-article-156096176 ]]></link><content:encoded><![CDATA[ <div><img class="type:primaryImage" src="https://images.bhaktitimes.in/thumb/msid-156096192,thumbsize-147099,width-1280,height-720,resizemode-75/156096192.jpg" alt="numerology new born baby ka name kaise nikale date of birth se bache ka naam kis akshar se rakhe janam tithi anusar" /></div><p><strong>First Letter Of Name By Date Of Birth:</strong> माता-पिता अपने बच्चों का नाम बहुत ही सोच-समझकर रखते हैं। अधिकतर लोग बच्चे के नाम का पहला अक्षर उसके जन्म के समय चंद्रमा की स्थिति या नक्षत्र के आधार पर तय करते हैं। हालांकि, इसके अलावा जन्म की तारीख यानी मूलांक के आधार पर भी बच्चे के नाम का पहला अक्षर चुना जा सकता है। प्रत्येक मूलांक का एक स्वामी ग्रह होता है, जिनका अंग्रेजी वर्णमाला के कुछ अक्षरों से सीधा संबंध है। अंक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, माता-पिता यदि अपने बच्चे का नाम उनके मूलांक के अनुसार रखते हैं तो उन्हें अपने स्वामी ग्रह का साथ मुश्किल समय में मिलता है। इसी के साथ संबंधित ग्रह जीवन में विशेष लाभ दिलाने में सहायक होते हैं। चलिए अब जानते हैं कि सभी मूलांक वालों के लिए नाम का कौन-सा पहला अक्षर लकी रहता है।</p><p><h2><strong>मूलांक 1</p><p></strong></h2>जिन लोगों की जन्म तारीख 1, 10, 19 या 28 है, उनका मूलांक 1 है। सूर्य ग्रह को इन लोगों का स्वामी माना जाता है, जो ग्रहों के राजा भी हैं। अंक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, मूलांक 1 वाले बच्चों के नाम A, I, J या Q अक्षर से रखने शुभ होत हैं।</p><p><h2><strong>मूलांक 2 </p><p></strong></h2>जिन लोगों की बर्थ डेट 2, 11, 20 या 29 है, उनका मूलांक 2 है और जीवन मन के कारक ग्रह चंद्रमा से प्रभावित होता है। मूलांक 2 वाले बच्चों का नाम B, K या R अक्षर से रखना ज्योतिष शास्त्र की दृष्टि से शुभ है।</p><p><h2><strong>मूलांक 3</p><p></strong></h2>3, 12, 21 और 30 तारीख पर जन्मे लोगों का मूलांक 3 है, जबकि जीवन बृहस्पति ग्रह से प्रभावित होता है। यदि मूलांक 3 वाले बच्चों का नाम C, G, L या S अक्षर से शुभ होता है तो उन्हें जीवन के हर मोड़ पर बृहस्पति ग्रह का साथ मिलता है।</p><p><h2><strong>मूलांक 4 </p><p></strong></h2>बर्थ डेट 4, 13, 22 और 31 वाले लोगों का मूलांक 4 है, जबकि जीवन राहु ग्रह से प्रभावित होता है। इस मूलांक के बच्चों का नाम D, M, T या P अक्षर से रखना अनुकूल माना जाता है।</p><p>भक्ति टाइम्स पर ये भी पढ़ें- <a href="https://www.bhaktitimes.in/numerology/numerology-lucky-wallet-colour-according-to-date-of-birth-kis-rang-ka-purse-rakhna-chahiye-article-156045965" data-type="tilCustomLink" target="_blank"><strong>पर्स का डिजाइन नहीं शेड है जरूरी, बर्थ डेट से जानें अपना लकी और अनलकी कलर</strong></a></p><p><h2><strong>मूलांक 5 </p><p></strong></h2>जिन लोगों का जन्म किसी भी माह की 5, 14 या 23 तारीख को हुआ है, उनका मूलांक 5 है। वहीं, जीवन बुध ग्रह से प्रभावित होता है। मूलांक 5 वालों का नाम E, H, N या X अक्षर से शुरू होना शुभ माना जाता है।</p><p><h2><strong>मूलांक 6 </p><p></strong></h2>6, 15 और 24 तारीख पर जन्मे लोगों का मूलांक 6 है, जबकि जीवन शुक्र ग्रह से प्रभावित होता है। इन लोगों के लिए U, V या W अक्षर से नाम रखना अंक ज्योतिष शास्त्र की दृष्टि से शुभ होता है।</p><p><h2><strong>मूलांक 7 </p><p></strong></h2>7, 16 और 25 तारीख पर जन्मे लोगों का मूलांक 7 है, जबकि जीवन पर स्वामी केतु ग्रह का गहरा प्रभाव पड़ता है। इन लोगों के लिए O या Z अक्षर से नाम रखना लकी रहता है। </p><p><h2><strong>मूलांक 8</p><p></strong></h2>8, 17 और 26 तारीख पर जन्मे लोगों का मूलांक 8 है, जबकि जीवन पर न्याय और कर्म के दाता ग्रह शनि स्वामी का असर देखने को मिलता है। मूलांक 8 के बच्चों के लिए F या P अक्षर से नाम रखना लकी रहता है। </p><p><h2><strong>मूलांक 9 </p><p></strong></h2>9, 18 और 27 तारीख पर जन्मे लोगों का मूलांक 9 है, जबकि जीवन पर स्वामी मंगल का गहरा प्रभाव देखने को मिलता है। मूलांक 9 वालों के लिए I, Q या Y अक्षर से नाम रखना अंक ज्योतिष शास्त्र की दृष्टि से शुभ रहता है।</p><p><strong>डिस्क्लेमर: यह लेख अंक ज्योतिष शास्त्र से जुड़ी मान्यताओं पर आधारित है। भक्ति टाइम्स इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है।</strong></p> ]]></content:encoded><dc:creator><![CDATA[ Bhakti Times ]]></dc:creator></item><item><guid isPermaLink="false">156096307</guid><pubDate>Sun, 06 Sep 2026 13:22:01 +0530</pubDate><title><![CDATA[ पुरी जगन्नाथ मंदिर के 22 चरणों का रहस्य, जानें क्यों खास है बैसी पहाचा ]]></title><description><![CDATA[ Jagannath Temple Puri: भगवान जगन्नाथ के मंदिर में आने वाले भक्तों के लिए इन 22 सीढ़ियों का अनुभव अपने आप में खास होता है।  ]]></description><link><![CDATA[ https://www.bhaktitimes.in/dharm/22-steps-of-jagannath-temple-baisi-pahacha-article-156096307 ]]></link><content:encoded><![CDATA[ <div><img class="type:primaryImage" src="https://images.bhaktitimes.in/thumb/msid-156096305,thumbsize-135696,width-1280,height-720,resizemode-75/156096305.jpg" alt="22 steps of jagannath temple baisi pahacha" /></div><p><strong>Jagannath Temple Puri: </strong>ओडिशा के पुरी में स्थित प्रसिद्ध तीर्थस्थल भगवान जगन्नाथ का मंदिर चार धामों में शामिल है। पुरी के श्री जगन्नाथ मंदिर से जुड़ी परंपराएं और मान्यताएं भी लोगों को हमेशा से आकर्षित करती रही हैं। मंदिर से जुड़ी कई ऐसी बातें हैं, जिनके बारे में जानकर भक्तों की जिज्ञासा और बढ़ जाती है। इन्हीं में से एक है मंदिर के सिंह द्वार के भीतर मौजूद 22 सीढ़ियां, जिन्हें स्थानीय रूप से- बैसी पहाचा कहा जाता है। श्रद्धालुओं के लिए इन सीढ़ियों को पार करना मंदिर की यात्रा का अहम हिस्सा माना जाता है। इन 22 चरणों को लेकर धार्मिक आस्था, लोकविश्वास और आध्यात्मिक व्याख्याएं भी प्रचलित हैं।</p><p><h2>क्या है बैसी पहाचा</h2></p><p>बैसी पहाचा का मतलब स्थानीय भाषा में 22 सीढ़ियां माना जाता है। ये सीढ़ियां मंदिर के सिंह द्वार क्षेत्र से आगे मंदिर परिसर की ओर ले जाती हैं। भगवान जगन्नाथ के दर्शन के लिए आने वाले भक्त इन्हीं चरणों को पार करके आगे बढ़ते हैं। श्रद्धालुओं के बीच इनसे जुड़ी कई धार्मिक मान्यताएं भी सदियों से चली आ रही हैं। यही वजह है कि बैसी पहाचा जगन्नाथ मंदिर आने वाले भक्तों के लिए खास महत्व रखता है।</p><p><h2>22 चरणों को लेकर क्या है मान्यता</h2></p><p>बैसी पहाचा से जुड़ी सबसे चर्चित मान्यताओं में से एक यह है कि ये 22 चरण इंसान की अलग-अलग कमजोरियों और सांसारिक बंधनों का प्रतीक माने जाते हैं। लोकमान्यता के अनुसार, व्यक्ति जब इन सीढ़ियों को पार करता है तो इसे केवल मंदिर के भीतर जाने की यात्रा नहीं, बल्कि अपने भीतर की कमियों से ऊपर उठने की यात्रा के रूप में भी देखा जा सकता है। हालांकि, 22 चरणों का यही एक निश्चित अर्थ है, ऐसा कहना सही नहीं होगा। अलग-अलग परंपराओं और धार्मिक व्याख्याओं में इनके अर्थ अलग-अलग बताए जाते हैं।</p><p><h2>तीसरी सीढ़ी और यम शिला का रहस्य</h2></p><p>बैसी पहाचा से जुड़ी एक और प्रसिद्ध मान्यता यम शिला को लेकर है। कहा जाता है कि इन सीढ़ियों में एक विशेष पत्थर है, जिसे यम शिला कहा जाता है। लोकविश्वास के अनुसार, मंदिर में प्रवेश करते समय इस शिला पर पैर रखने को पापों से मुक्ति से जोड़ा जाता है। वहीं मंदिर से बाहर निकलते समय इस पर पैर रखने को लेकर एक अलग मान्यता है। कहा जाता है कि ऐसा करने से भगवान जगन्नाथ के दर्शन से प्राप्त पुण्य प्रभावित हो सकता है। ध्यान रखने वाली बात यह है कि यम शिला से जुड़ी ये बातें धार्मिक मान्यताएं और लोकविश्वास हैं। इन्हें वैज्ञानिक तथ्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।</p><p><h2>आध्यात्मिक यात्रा से कैसे जुड़ी हैं ये सीढ़ियां?</h2></p><p>इन 22 चरणों को लेकर एक खूबसूरत आध्यात्मिक विचार भी सामने आता है। माना जाता है कि मंदिर तक पहुंचना केवल बाहर से भीतर जाने की प्रक्रिया नहीं है। यह इंसान के भीतर की यात्रा का भी प्रतीक हो सकता है।</p><p>जब भक्त एक-एक सीढ़ी चढ़ता है तो इसे अपने मन को शांत करने, अहंकार को पीछे छोड़ने और भगवान के प्रति समर्पित होने के भाव से जोड़ा जाता है। इस नजरिए से बैसी पहाचा हमें याद दिलाती है कि पूजा केवल बाहरी क्रिया नहीं है, बल्कि मन की शुद्धता भी उतनी ही जरूरी है।</p><p><h2>22 चरण और इंसान की कमजोरियां</h2></p><p>कुछ धार्मिक व्याख्याओं में 22 चरणों को मानव जीवन से जुड़े अलग-अलग दोषों, इच्छाओं और कमजोरियों का प्रतीक बताया जाता है। इस सोच के अनुसार, इंसान को आध्यात्मिक जीवन में आगे बढ़ने के लिए अपने भीतर मौजूद मोह, अहंकार, क्रोध और दूसरी नकारात्मक प्रवृत्तियों पर नियंत्रण करना चाहिए। यानी इन सीढ़ियों को एक तरह से आत्मसंयम और आत्मचिंतन की यात्रा के रूप में समझा जा सकता है। हर चरण व्यक्ति को यह संदेश देता हुआ माना जाता है कि भगवान के करीब जाने के साथ-साथ अपने भीतर भी बदलाव लाना जरूरी है।</p> ]]></content:encoded><dc:creator><![CDATA[ Bhakti Times ]]></dc:creator></item><item><guid isPermaLink="false">156095923</guid><pubDate>Sun, 06 Sep 2026 12:04:13 +0530</pubDate><title><![CDATA[ अगले हफ्ते तक मजे करेंगे इन 3 राशियों के लोग, ग्रहों के राजा के नक्षत्र में स्थित राजकुमार रहेंगे मेहरबान ]]></title><description><![CDATA[ Mercury Transit 2026 Date, Time & Effect: हाल ही में ग्रहों के राजकुमार बुध ने नक्षत्र परिवर्तन किया है। इस बार सूर्य के नक्षत्र में बुध का गोचर हुआ है। चलिए जानें इस नक्षत्र के नाम, गोचर के समय और प्रभाव के बारे में। ]]></description><link><![CDATA[ https://www.bhaktitimes.in/rashifal/mercury-transit-2026-uttaraphalguni-nakshatra-good-impact-on-3-zodiac-signs-budh-gochar-kitne-din-tak-rahega-article-156095923 ]]></link><content:encoded><![CDATA[ <div><img class="type:primaryImage" src="https://images.bhaktitimes.in/thumb/msid-156095949,thumbsize-2410902,width-1280,height-720,resizemode-75/156095949.jpg" alt="mercury transit 2026 uttaraphalguni nakshatra good impact on 3 zodiac signs budh gochar kitne din tak rahega" /></div><p><strong>Mercury Transit 2026 Date, Time &amp; Effect:</strong> वैदिक ज्योतिष शास्त्र में बुध को ग्रहों के राजकुमार और सूर्य को ग्रहों के राजा का स्थान प्राप्त है। ये दोनों ही महत्वपूर्ण ग्रह हैं, जिनके प्रत्येक गोचर का राशियों के जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ता है। वहीं, जब ये दोनों ग्रह एक-दूसरे की राशि या नक्षत्र में प्रवेश करते हैं तो अधिक बलवान हो जाते हैं। द्रिक पंचांग की गणना के अनुसार, 5 सितंबर 2026 को दोपहर 4 बजकर 31 मिनट पर बुध ग्रह का उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र में गोचर हुआ है। सूर्य को इस नक्षत्र का स्वामी माना जाता है, जो आत्मा, मान-सम्मान और उच्च पद आदि के कारक हैं। अब 13 सितंबर 2026 की सुबह 10 बजकर 47 मिनट तक बुध सूर्य के नक्षत्र में ही रहेंगे। चलिए जानें अगले हफ्ते तक किन 3 राशियों के जीवन पर बुद्धि, त्वचा और कारोबार के कारक ग्रह बुध के नक्षत्र गोचर का शुभ प्रभाव पड़ेगा।</p><p><h2><strong>मिथुन राशि</p><p></strong></h2>ग्रहों के राजकुमार बुध मिथुन राशि के स्वामी हैं, जो वर्तमान में इस राशि के जातकों की कुंडली के तीसरे भाव से होते हुए चौथे भाव की तरफ बढ़ रहे हैं। ऐसे में पुराने संपर्कों से लाभ होने के योग हैं। अगर कोई डील तमाम प्रयासों के बाद भी पूरी नहीं हो रही है तो बातचीत फिर से शुरू हो सकती है। वर्क फ्रॉम होम करने वाले जातकों को खुद के काम से लाभ हो सकता है। अगले हफ्ते तक अपनी कम्युनिकेशन स्किल्स के दम पर भी आप कोई बड़ा काम कर सकते हैं।</p><p>भक्ति टाइम्स पर ये भी पढ़ें- <a href="https://www.bhaktitimes.in/numerology/numerology-lucky-wallet-colour-according-to-date-of-birth-kis-rang-ka-purse-rakhna-chahiye-article-156045965" data-type="tilCustomLink" target="_blank"><strong>पर्स का डिजाइन नहीं शेड है जरूरी, बर्थ डेट से जानें अपना लकी और अनलकी कलर</strong></a> </p><p><h2><strong>वृश्चिक राशि</p><p></strong></h2></p><p>बुध ग्रह वर्तमान में वृश्चिक राशि वालों के दसवें भाव को सक्रिय कर रहे हैं, जिससे अगले हफ्ते तक लाभ होने के योग हैं। नौकरी कर रहे लोगों को ऑफिस में कोई नई जिम्मेदारी मिल सकती है, जिसे आप सच्चे मन से निभाएंगे। इसके अलावा सीनियर से आपका रिश्ता मजबूत होगा और आपको उनसे बहुत कुछ सीखने को मिलेगा। आय के मजबूत होने से आत्मविश्वास बढ़ेगा। रिश्तों की बात करें तो उनमें 13 सितंबर तक ज्यादा गिरावट का अहसास नहीं होगा।</p><p><h2><strong>धनु राशि</p><p></strong></h2>मिथुन और वृश्चिक राशि वालों के अलावा धनु राशि के जातकों के जीवन पर भी वर्तमान में बुध गोचर का सकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। बुध धनु राशि वालों के लिए सिंह राशि में नौवें भाव को प्रभावित कर रहे हैं। जो बच्चे उच्च शिक्षा के लिए घर से दूर हैं या जाने की सोच रहे हैं, उन्हें विशेष लाभ होगा। अगले हफ्ते तक लंबी दूरी की यात्रा के दौरान भी जीवन में आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं। बता दें कि प्रोफेशन बदलने के लिए ये वक्त ठीक है।</p><p><strong>नोट: बुध गोचर का प्रभाव आपकी व्यक्तिगत जन्म कुंडली में ग्रहों की स्थिति और महादशाओं पर भी निर्भर करेगा। यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है, जो केवल सूचना के लिए दी जा रही है। Bhakti Times इसकी पुष्टि नहीं करता है।</strong></p> ]]></content:encoded><dc:creator><![CDATA[ Bhakti Times ]]></dc:creator></item><item><guid isPermaLink="false">156095600</guid><pubDate>Sun, 06 Sep 2026 11:03:08 +0530</pubDate><title><![CDATA[ मूलांक 8 राशिफल 6 सितंबर 2026: विचारों में बदलाव ला सकता है नया नजरिया, सोच-समझकर आगे बढ़ें ]]></title><description><![CDATA[ 6 सितंबर 2026 के लिए मूलांक 8 का राशिफल। आज किसी के विचार आपके पुराने नजरिए को बदल सकते हैं। शनि के प्रभाव से हर बात को तर्क की कसौटी पर परखना आपके लिए हितकारी रहेगा। ]]></description><link><![CDATA[ https://www.bhaktitimes.in/numerology/mulank-8-horoscope-6-september-2026-astrology-predictions-article-156095600 ]]></link><content:encoded><![CDATA[ <div><img class="type:primaryImage" src="https://images.bhaktitimes.in/thumb/msid-156095599,thumbsize-682184,width-1280,height-720,resizemode-75/156095599.jpg" alt="mulank-8-horoscope-6-september-2026-astrology-predictions" /></div><p>अंक ज्योतिष के अनुसार, 6 सितंबर 2026 का दिन मूलांक 8 के जातकों के लिए आत्म-चिंतन और वैचारिक बदलाव का संकेत लेकर आया है। आज का दिन आपके लिए सामान्य दिनचर्या से हटकर कुछ नया सीखने और दूसरों के अनुभवों से प्रेरणा लेने का हो सकता है। किसी विशेष व्यक्ति, समूह की चर्चा या किसी परिचित के विचार आपके जीवन जीने के तरीके को गहराई से प्रभावित कर सकते हैं।</p><p>ज्योतिषीय मान्यताओं में मूलांक 8 का स्वामी शनि देव को माना जाता है। शनि का प्रभाव व्यक्ति को धैर्य और गंभीरता प्रदान करता है। आज के दिन आपके सामने ऐसी स्थितियां बन सकती हैं, जहां आपको अपने पुराने नजरिए पर दोबारा विचार करने की आवश्यकता महसूस होगी। यह समय किसी भी बात को बिना सोचे-समझे स्वीकार करने के बजाय उसे अपने अनुभव और तर्क की कसौटी पर परखने का है।</p><p><h2>निर्णय लेने में रखें सावधानी</h2>आज का दिन विशेष रूप से उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण है जो किसी बड़े निर्णय को लेने की प्रक्रिया में हैं। ज्योतिषीय दृष्टिकोण से, आज आपकी सोच में आने वाला बदलाव आपके भविष्य के फैसलों को प्रभावित कर सकता है। इसलिए, किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पूरी सावधानी बरतें। दूसरों की बातों से प्रभावित होना स्वाभाविक है, लेकिन अंतिम निर्णय लेते समय अपनी विवेकपूर्ण क्षमता का उपयोग करना ही श्रेयस्कर होगा।</p><p>करियर, धन और व्यक्तिगत संबंधों के मामले में आज का दिन धैर्य की परीक्षा ले सकता है। शनि देव का अनुशासन आपको यह सिखाता है कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। यदि आप किसी दुविधा में हैं, तो जल्दबाजी में कोई कदम न उठाएं। आज के दिन शांत मन से की गई चर्चाएं आपके लिए लाभकारी सिद्ध हो सकती हैं। अपने आसपास के लोगों के विचारों को सुनें, लेकिन अपनी परिस्थितियों के अनुसार ही आगे बढ़ने का प्रयास करें।</p><p><h2>स्वास्थ्य और व्यक्तिगत जीवन पर प्रभाव</h2>स्वास्थ्य की दृष्टि से आज का दिन संतुलित रहने की संभावना है, बशर्ते आप मानसिक तनाव से दूर रहें। विचारों में आने वाली उथल-पुथल कभी-कभी मानसिक थकान का कारण बन सकती है, इसलिए पर्याप्त विश्राम और सकारात्मक चिंतन पर ध्यान दें। आज का दिन आपके लिए यह समझने का अवसर है कि जीवन में निरंतर सीखना और समय के साथ अपनी सोच को परिष्कृत करना ही प्रगति का मार्ग है।</p> ]]></content:encoded><dc:creator><![CDATA[ Bhakti Times ]]></dc:creator></item><item><guid isPermaLink="false">156095598</guid><pubDate>Sun, 06 Sep 2026 11:02:26 +0530</pubDate><title><![CDATA[ मूलांक 7 राशिफल 6 सितंबर 2026: कागजी कार्यों में बरतें सावधानी, जल्दबाजी से हो सकता है नुकसान ]]></title><description><![CDATA[ 6 सितंबर 2026 के लिए मूलांक 7 का राशिफल। केतु के प्रभाव से आज आपको किसी भी महत्वपूर्ण दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने से पहले सतर्क रहने की सलाह दी गई है। जानें आज का दिन कैसा रहेगा। ]]></description><link><![CDATA[ https://www.bhaktitimes.in/numerology/mulank-7-rashifal-6-september-2026-astrology-predictions-article-156095598 ]]></link><content:encoded><![CDATA[ <div><img class="type:primaryImage" src="https://images.bhaktitimes.in/thumb/msid-156095597,thumbsize-772452,width-1280,height-720,resizemode-75/156095597.jpg" alt="mulank-7-rashifal-6-september-2026-astrology-predictions" /></div><p>अंक ज्योतिष (Numerology) के अनुसार, 6 सितंबर 2026 का दिन मूलांक 7 के जातकों के लिए विशेष सावधानी बरतने का संकेत दे रहा है। यदि आप किसी महत्वपूर्ण कार्य से जुड़े हैं या किसी कानूनी दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने की योजना बना रहे हैं, तो आज का दिन विशेष सतर्कता की मांग करता है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, किसी भी कागज को अंतिम रूप देने से पहले उसकी बारीकियों को अच्छी तरह पढ़ना और समझना आपके लिए अनिवार्य होगा।</p><p>मूलांक 7 का स्वामी ग्रह केतु (Ketu) माना जाता है। केतु के प्रभाव के कारण आज आपकी अंतर्दृष्टि काफी तेज रहेगी, जिससे आप किसी भी विषय की गहराई तक जाने और छिपे हुए तथ्यों को समझने में सक्षम होंगे। इसी क्षमता का उपयोग करते हुए आपको अपने दैनिक कार्यों को अंजाम देना चाहिए। जल्दबाजी में लिया गया कोई भी निर्णय आज आपके लिए परेशानी का सबब बन सकता है, इसलिए धैर्य बनाए रखना ही बुद्धिमानी होगी।</p><p><h2>कार्यक्षेत्र और आर्थिक स्थिति पर प्रभाव</h2>करियर और आर्थिक मामलों में आज का दिन मिश्रित परिणाम लेकर आ सकता है। कार्यस्थल पर आपको अपने सहकर्मियों या वरिष्ठों के साथ तालमेल बिठाने में थोड़ी मशक्कत करनी पड़ सकती है। केतु की ऊर्जा आपको सतर्क रहने के लिए प्रेरित कर रही है, ताकि आप किसी भी प्रकार की चूक से बच सकें। यदि आप किसी नए निवेश या आर्थिक सौदे की ओर बढ़ रहे हैं, तो दस्तावेजों की जांच-पड़ताल में कोई कोताही न बरतें।</p><p>आर्थिक दृष्टिकोण से आज का दिन यह सलाह देता है कि आप अपनी वित्तीय योजनाओं को गोपनीय रखें। किसी भी अनजान व्यक्ति पर भरोसा करके धन संबंधी लेनदेन न करें। आपकी सतर्कता ही आपको भविष्य में होने वाले संभावित नुकसान से बचा सकती है। आज का दिन उन लोगों के लिए बेहतर है जो अपनी कार्यशैली में अनुशासन और स्पष्टता को प्राथमिकता देते हैं।</p><p><h2>प्रेम और व्यक्तिगत जीवन</h2>व्यक्तिगत जीवन और प्रेम संबंधों में आज का दिन संवाद की स्पष्टता पर निर्भर करेगा। केतु के प्रभाव के कारण कभी-कभी आप अपनी भावनाओं को व्यक्त करने में संकोच महसूस कर सकते हैं। अपने साथी के साथ किसी भी गलतफहमी को दूर करने के लिए बातचीत का सहारा लें। आज का दिन आत्म-चिंतन के लिए भी अनुकूल है, जिससे आप अपने रिश्तों की मजबूती पर विचार कर सकते हैं।</p><p>कुल मिलाकर, 6 सितंबर 2026 का दिन मूलांक 7 के जातकों के लिए एक सचेत रहने का दिन है। अपनी अंतर्ज्ञान शक्ति (Intuition) पर भरोसा रखें, लेकिन व्यावहारिक धरातल पर दस्तावेजों और तथ्यों की अनदेखी न करें। जल्दबाजी से बचकर और हर कदम सोच-समझकर उठाकर आप आज के दिन को बेहतर बना सकते हैं।</p> ]]></content:encoded><dc:creator><![CDATA[ Bhakti Times ]]></dc:creator></item><item><guid isPermaLink="false">156095716</guid><pubDate>Sun, 06 Sep 2026 11:01:42 +0530</pubDate><title><![CDATA[ मूलांक 9 राशिफल 6 सितंबर 2026: काम की जल्दबाजी में न करें बड़ी गलती, मंगल का रहेगा प्रभाव ]]></title><description><![CDATA[ 6 सितंबर 2026 के लिए मूलांक 9 का राशिफल। मंगल के प्रभाव से आज कार्यक्षेत्र में जल्दबाजी से बचने की सलाह दी गई है। जानें करियर, प्रेम और आर्थिक जीवन के लिए आज का दिन कैसा रहेगा। ]]></description><link><![CDATA[ https://www.bhaktitimes.in/numerology/mulank-9-rashifal-6-september-2026-astrology-prediction-article-156095716 ]]></link><content:encoded><![CDATA[ <div><img class="type:primaryImage" src="https://images.bhaktitimes.in/thumb/msid-156095715,thumbsize-675146,width-1280,height-720,resizemode-75/156095715.jpg" alt="mulank-9-rashifal-6-september-2026-astrology-prediction" /></div><p>अंक ज्योतिष के अनुसार 6 सितंबर 2026 का दिन मूलांक 9 के जातकों के लिए विशेष रहने वाला है। आज के दिन आपके स्वामी ग्रह मंगल का प्रभाव आपके व्यक्तित्व और कार्यों पर स्पष्ट रूप से दिखाई देगा। मंगल ऊर्जा और साहस का प्रतीक माना जाता है, जो आपको सक्रिय बनाए रखेगा, लेकिन इसी ऊर्जा के साथ कुछ चुनौतियां भी आ सकती हैं।</p><p>आज के दिन आपके मन में अपने कार्यों को जल्द से जल्द पूरा करने की एक अजीब सी बेचैनी बनी रह सकती है। ज्योतिषीय दृष्टिकोण से यह जल्दबाजी आपके लिए परेशानी का कारण बन सकती है। काम को तेजी से निपटाने के चक्कर में आप छोटी-छोटी बातों पर चिड़चिड़े हो सकते हैं या दूसरों के सामने तीखी प्रतिक्रिया दे सकते हैं, जिससे आपके संबंधों पर असर पड़ सकता है।</p><p><h2>करियर और आर्थिक जीवन पर मंगल का प्रभाव</h2>कार्यक्षेत्र में आज आपको अपनी ऊर्जा को सही दिशा में लगाने की आवश्यकता है। मंगल की सक्रियता आपको काम करने के लिए प्रेरित तो करेगी, लेकिन उतावलेपन में किए गए निर्णय नुकसानदेह साबित हो सकते हैं। कोशिश करें कि किसी भी काम को पूरा करने के लिए धैर्य बनाए रखें। जल्दबाजी में की गई गलतियां आपके करियर की प्रगति में बाधा डाल सकती हैं।</p><p>आर्थिक मामलों में भी आज आपको संभलकर चलने की सलाह दी जाती है। किसी भी तरह के निवेश या बड़े वित्तीय निर्णय लेने से पहले पूरी सावधानी बरतें। भाग्यांक 7 का प्रभाव भी आज आपके जीवन पर रहेगा, जो आपको आत्म-चिंतन और गहराई से सोचने के लिए प्रेरित कर सकता है। यदि आप अपनी ऊर्जा का सही प्रबंधन कर लेते हैं, तो आप अपने लक्ष्यों को बेहतर तरीके से प्राप्त कर पाएंगे।</p><p><h2>प्रेम और व्यक्तिगत संबंध</h2>व्यक्तिगत जीवन और प्रेम संबंधों में आज का दिन संयम की परीक्षा लेने वाला हो सकता है। काम का तनाव घर या पार्टनर के साथ संबंधों में न आने दें। आपकी तीखी प्रतिक्रियाएं आपके प्रियजनों को आहत कर सकती हैं, इसलिए बातचीत करते समय अपनी वाणी पर नियंत्रण रखें। आज का दिन अपने भीतर के साहस को सकारात्मक कार्यों में लगाने और धैर्य के साथ स्थितियों को संभालने का है।</p> ]]></content:encoded><dc:creator><![CDATA[ Bhakti Times ]]></dc:creator></item><item><guid isPermaLink="false">156095594</guid><pubDate>Sun, 06 Sep 2026 11:01:17 +0530</pubDate><title><![CDATA[ मूलांक 6 राशिफल 6 सितंबर 2026: आज खुद को दें थोड़ा आराम, जिम्मेदारियों के बोझ से बचें ]]></title><description><![CDATA[ 6 सितंबर 2026 का मूलांक 6 राशिफल कहता है कि आज आपको अपने मन और शरीर को विश्राम देने की आवश्यकता है। शुक्र और भाग्यांक 7 के प्रभाव से आज का दिन शांति और आत्म-चिंतन के लिए उत्तम है। ]]></description><link><![CDATA[ https://www.bhaktitimes.in/numerology/mulank-6-rashifal-6-september-2026-astrology-predictions-article-156095594 ]]></link><content:encoded><![CDATA[ <div><img class="type:primaryImage" src="https://images.bhaktitimes.in/thumb/msid-156095593,thumbsize-759650,width-1280,height-720,resizemode-75/156095593.jpg" alt="mulank-6-rashifal-6-september-2026-astrology-predictions" /></div><p>ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, 6 सितंबर 2026 का दिन मूलांक 6 वाले जातकों के लिए अपनी ऊर्जा को संचित करने और स्वयं को समय देने का संकेत लेकर आया है। आज के दिन की शुरुआत में आपको भागदौड़ के बजाय थोड़ा धीमा चलने और मन को शांत रखने की सलाह दी जाती है। शुक्र (जो मूलांक 6 का स्वामी ग्रह है) के प्रभाव से आप स्वभाव से ही सुख-सुविधाओं, कलात्मक चीजों और अपनों के साथ समय बिताना पसंद करते हैं, लेकिन दैनिक जीवन की जिम्मेदारियां अक्सर आपको इन सुखों से दूर कर देती हैं।</p><p>आज का दिन विशेष रूप से इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह आपको अपनी प्राथमिकताओं पर पुनर्विचार करने का अवसर दे रहा है। भाग्यांक 7 का प्रभाव आपको एकांत और आत्म-चिंतन की ओर प्रेरित करेगा, जिससे आप अपने मन की गहराइयों को बेहतर ढंग से समझ पाएंगे। यदि आज आपको अपनी सामान्य रुचियां या काम कुछ फीके लगें, तो इसे लेकर स्वयं को दोषी न मानें। यह केवल आपके मन की शांति की मांग है। आज के दिन संगीत, किसी अच्छी पुस्तक या प्रकृति के सानिध्य में बिताया गया समय आपकी मानसिक थकान को दूर करने में सहायक सिद्ध होगा।</p><p><h2>रिश्तों में स्पष्टता और आत्म-देखभाल का महत्व</h2>मूलांक 6 के जातकों के लिए आज का दिन प्रेम और पारिवारिक संबंधों में संतुलन बनाने का है। रिश्तों में आपकी उपस्थिति हमेशा अपनापन और मिठास घोलती है, लेकिन आज आपको अपनी आंतरिक थकान को छिपाने की आवश्यकता नहीं है। यदि आप थका हुआ महसूस कर रहे हैं, तो अपने पार्टनर से खुलकर बात करें और उन्हें बताएं कि आपको कुछ समय शांत रहने की जरूरत है। ऐसा करने से गलतफहमियां दूर होंगी और आपसी समझ बेहतर होगी।</p><p>शुक्र का प्रभाव प्रेम संबंधों में कोमलता और संवेदनशीलता की मांग करता है। आज के दिन छोटी-छोटी बातों में कमियां निकालने के बजाय, अपने साथी के प्रयासों की सराहना करना आपके संबंधों को मजबूती देगा। यदि परिवार के किसी सदस्य की अपेक्षाएं आपको अधिक बोझिल लग रही हैं, तो उन्हें नरमी के साथ अपनी सीमाएं स्पष्ट कर दें। इसके अलावा, किसी पुराने मित्र के साथ हल्की-फुल्की बातचीत भी आपको मानसिक राहत प्रदान कर सकती है। याद रखें, हर मांग को तुरंत पूरा करना अनिवार्य नहीं है, इसलिए अपनी ऊर्जा को बचाकर रखना ही आज की बुद्धिमानी है।</p> ]]></content:encoded><dc:creator><![CDATA[ Bhakti Times ]]></dc:creator></item><item><guid isPermaLink="false">156095643</guid><pubDate>Sun, 06 Sep 2026 10:34:00 +0530</pubDate><title><![CDATA[ छोटी उंगली के नाखून पर तिल होने का क्या मतलब है? सामुद्रिक शास्त्र से खुलेगा राज ]]></title><description><![CDATA[ Mole On Little Finger Nail Significance: क्या आपकी भी छोटी उंगली के नाखून पर तिल है? अगर हां, तो ये कोई साधारण बात नहीं है। चलिए सामुद्रिक शास्त्र से जानें हाथ और पैर की छोटी उंगली के नाखून पर मौजूद तिल से जुड़े संकेतों के बारे में। ]]></description><link><![CDATA[ https://www.bhaktitimes.in/palmistry/samudrik-shastra-kanishtha-ungli-ke-nakhun-par-til-hona-kaisa-hota-hai-mole-on-little-finger-nail-meaning-article-156095643 ]]></link><content:encoded><![CDATA[ <div><img class="type:primaryImage" src="https://images.bhaktitimes.in/thumb/msid-156095642,thumbsize-111775,width-1280,height-720,resizemode-75/156095642.jpg" alt="samudrik shastra kanishtha ungli ke nakhun par til hona kaisa hota hai mole on little finger nail meaning" /></div><p><strong>Mole On Little Finger Nail Significance: </strong>आज से कई साल पहले समुद्र ऋषि ने सामुद्रिक शास्त्र की रचना की थी। इस शास्त्र में उन्होंने शरीर के अंगों की बनावट, आकार और निशानों का वर्णन संकेतों के रूप में किया, जिनके जरिए व्यक्ति के स्वभाव के साथ-साथ भविष्य का भी आकलन किया जाता है। सामुद्रिक शास्त्र में शरीर पर मौजूद तिलों को भी महत्वपूर्ण संकेत माना गया है, जो व्यक्ति के बारे में बहुत कुछ बताते हैं। हालांकि, तिल का स्थान भी भविष्य का आकलन करने में अहम भूमिका निभाता है। आज यहां पर आप जानेंगे कि हाथ और पैर की सबसे छोटी उंगली, जिसे कनिष्ठिका कहा जाता है, उसके नाखून पर तिल होना कैसा होता है।</p><p><h2><strong>हाथ की छोटी उंगली के नाखून पर तिल होना कैसा होता है?</p><p></strong></h2>सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार, दाएं ही नहीं, बाएं हाथ की भी छोटी उंगली के नाखून पर तिल होना शुभ होता है। ऐसे व्यक्ति का दिमाग काफी तेज होता है। ये अपने विचार और समझदारी से जीवन में ऊंचा स्थान हासिल करते हैं। ये लोग अपनी मेहनत से अपार धन-दौलत कमाते हैं और लग्जरी लाइफ जीते हैं। हालांकि, ये पैसा भी बहुत खर्च करते हैं। ये अपने जीवन को सुखद बनाने के लिए मोटा धन खर्च करते हैं। इन्हें नई व महंगी चीजों को खरीदने व इस्तेमाल करने का शौक होता है। </p><p>बता दें कि इन लोगों के अंदर अपने राज छिपाने की कला होती है। ये जल्दी से लोगों को अपने राज नहीं बताते हैं, बल्कि हर काम गुप्त तरीके से करना पसंद करते हैं।</p><p>भक्ति टाइम्स पर ये भी पढ़ें- <strong><a href="https://www.bhaktitimes.in/palmistry/mole-on-thumb-nail-meaning-anguthe-ke-nakhun-par-til-hona-kaisa-hota-hai-samudrik-shastra-article-156011716" data-type="tilCustomLink" target="_blank">अंगूठे के नाखून पर तिल कहां होना ज्यादा शुभ? जानें</a></strong></p><p><h2><strong>पैर की छोटी उंगली के नाखून पर तिल होने का महत्व</p><p></strong></h2></p><p><h3><strong>दाएं पैर </p><p></strong></h3>जिन लोगों के दाएं पैर की छोटी उंगली के नाखून पर तिल होता है, उन्हें करियर के शुरुआती दौर में विभिन्न कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, लेकिन लगातार मेहनत करने के बाद इन्हें शानदार सफलता मिलती है। ये अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं। ऐसे लोग अपने परिवार वालों से भी बहुत प्यार करते हैं और उन्हें खुश करने के लिए कई बार अपनी खुशी को भी नजरअंदाज कर देते हैं।</p><p><h3><strong>बाएं पैर</p><p></strong></h3>सामुद्रिक शास्त्र की मानें तो बाएं पैर की छोटी उंगली के नाखून पर तिल होना ज्यादा शुभ नहीं होता है। ऐसे लोगों को जीवन में कठिन परिश्रम करना पड़ता है। इन्हें कोई भी चीज आसानी से नहीं मिलती है, बल्कि प्रत्येक वस्तु को पाने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है। इन लोगों का स्वभाव संवेदनशील होता है। ये ज्यादा समय तक अपनी बातों को गुप्त नहीं रख पाते हैं। इन लोगों को घूमने का भी काफी शौक होता है। ये अधिक समय तक एक स्थान पर रुक नहीं पाते हैं।</p> ]]></content:encoded><dc:creator><![CDATA[ Bhakti Times ]]></dc:creator></item><item><guid isPermaLink="false">156095507</guid><pubDate>Sun, 06 Sep 2026 09:52:52 +0530</pubDate><title><![CDATA[ रविवार को क्या खाएं और क्या नहीं? जानें भोजन से जुड़े धार्मिक नियम ]]></title><description><![CDATA[ What To Eat & What Not To Eat On Sunday: क्या आप भी रविवार के दिन कुछ भी, कभी भी खा लेते हैं? अगर हां, तो आज से ही अपनी इस आदत को बदल लें। चलिए जानें रविवार को क्या खाना चाहिए और किन चीज़ों से परहेज़ करना अच्छा होता है। ]]></description><link><![CDATA[ https://www.bhaktitimes.in/dharm/ravivar-ke-din-kya-nahin-khana-chahie-what-to-eat-and-what-not-to-eat-on-sunday-as-per-astrology-article-156095507 ]]></link><content:encoded><![CDATA[ <div><img class="type:primaryImage" src="https://images.bhaktitimes.in/thumb/msid-156095523,thumbsize-151957,width-1280,height-720,resizemode-75/156095523.jpg" alt="ravivar ke din kya nahin khana chahie what to eat and what not to eat on sunday as per astrology" /></div><p><strong>What To Eat &amp; What Not To Eat On Sunday:</strong> रविवार का दिन अधिकतर लोगों को अच्छा लगता है क्योंकि इस दिन उन्हें ऑफिस के काम से ब्रेक मिलता है। इस दिन जहां कुछ लोग घर पर स्वादिष्ट व्यंजन बनाकर खाते हैं। वहीं, उन लोगों की भी कमी नहीं है जो पूरे दिन केवल बाहर का खाना खाते हैं। हालांकि, रविवार के दिन कुछ विशेष चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए क्योंकि उनका जीवन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। आज यहां पर आप जानेंगे कि धार्मिक दृष्टि से रविवार के दिन किन चीजों का सेवन करना चाहिए और किन चीजों को खाने से बचना चाहिए।</p><p><h2><strong>रविवार को कौन सी चीजें खानी चाहिए?</p><p></strong></h2>रविवार का दिन सूर्य देव को समर्पित है, इसलिए इस दिन सूर्य ग्रह से जुड़ी चीजों का सेवन करना शुभ होता है। इस दिन आप दलिया, बेसन के लड्डू, दूध, दही, घी, आम, अनार, संतरा, स्ट्रॉबेरी और लीची खा सकते हैं। इसके अलावा गुड़, केसर और गेहूं से बनी चीजों को खाने से भी सूर्य दोष नहीं लगता है, बल्कि व्यक्ति दिनभर एनर्जेटिक और सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर रहता है। </p><p><h2><strong>रविवार को कौन सी चीजें नहीं खानी चाहिए?</p><p></strong></h2>सूर्य देव को समर्पित होने के कारण रविवार के दिन शनि ग्रह से जुड़ी चीजें नहीं खाई जाती हैं। दरअसल, शनि और सूर्य के बीच शत्रुता का भाव है। जो लोग इस दिन शनि ग्रह से जुड़ी चीजों का सेवन करते हैं, उन्हें सूर्य दोष लगता है। साथ ही स्वास्थ्य, आर्थिक स्थिति और मान-सम्मान पर अशुभ प्रभाव पड़ता है। इसलिए रविवार को अदरक, प्याज, लहसुन, उड़द दाल वाली खिचड़ी, मसूर की दाल, साग, काली उड़द की दाल, शराब, मदिरा, काले चने और खट्टा दही नहीं खाएं। खाना बनाने में नमक, गर्म मसाले, सरसों के तेल, तिल के तेल, नींबू और इमली का इस्तेमाल न करें। मान्यता है कि जो लोग रविवार को बासी भोजन और खट्टे फलों का सेवन करते हैं, उन्हें सूर्य देव की विशेष कृपा प्राप्त नहीं होती है।</p><p>भक्ति टाइम्स पर ये भी पढ़ें- <a href="https://www.bhaktitimes.in/dharm/ravivar-ko-kya-kharidna-chahiye-aur-kya-nhi-sunday-shopping-rules-as-per-astrology-article-156095159" data-type="tilCustomLink" target="_blank"><strong>रविवार को क्या खरीदना चाहिए और क्या नहीं? जानें पूरी लिस्ट</strong></a></p><p><h2><strong>रविवार को किस बर्तन में भोजन नहीं करना चाहिए?</p><p></strong></h2></p><p>लोहे का संबंध सीधे शनि ग्रह से है, जिसके कारण इनके बर्तनों में रविवार के दिन भोजन करना शुभ नहीं होता है। साथ ही तांबे और लोहे से बनी चीजों का इस्तेमाल करने से जीवन में नकारात्मकता अट्रैक्ट होती है। रविवार को कांसे के बर्तन में भोजन करना भी शुभ नहीं होता है।</p><p><h2><strong>रविवार को किस बर्तन में भोजन करें?</p><p></strong></h2></p><p>पीतल और तांबे का सूर्य ग्रह से संबंध है, जिनके बर्तनों में रविवार के दिन भोजन करना शुभ होता है। इससे शरीर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और आत्मविश्वास बढ़ता है।</p> ]]></content:encoded><dc:creator><![CDATA[ Bhakti Times ]]></dc:creator></item><item><guid isPermaLink="false">156095474</guid><pubDate>Sun, 06 Sep 2026 09:50:11 +0530</pubDate><title><![CDATA[ मूलांक 4 राशिफल 6 सितंबर 2026: सेहत के प्रति बरतें सावधानी, खुद से इलाज करने की भूल न करें ]]></title><description><![CDATA[ 6 सितंबर 2026 के लिए मूलांक 4 का राशिफल। आज सेहत को लेकर सतर्क रहने की सलाह है। राहु और भाग्यांक 7 के प्रभाव में अपने स्वास्थ्य और रिश्तों को कैसे संभालें, जानें विस्तार से। ]]></description><link><![CDATA[ https://www.bhaktitimes.in/numerology/mulank-4-rashifal-6-september-2026-health-and-relationship-tips-article-156095474 ]]></link><content:encoded><![CDATA[ <div><img class="type:primaryImage" src="https://images.bhaktitimes.in/thumb/msid-156095473,thumbsize-653200,width-1280,height-720,resizemode-75/156095473.jpg" alt="mulank-4-rashifal-6-september-2026-health-and-relationship-tips" /></div><p>अंक ज्योतिष के अनुसार, 6 सितंबर 2026 का दिन मूलांक 4 के जातकों के लिए स्वास्थ्य के प्रति विशेष सावधानी बरतने का संकेत दे रहा है। घर और कार्यक्षेत्र की जिम्मेदारियों के बीच अक्सर हम अपने शरीर द्वारा दिए जा रहे छोटे-छोटे संकेतों को नजरअंदाज कर देते हैं, जो भविष्य में भारी पड़ सकता है। आज के दिन राहु का प्रभाव आपको हर काम को जल्दी निपटाने और लीक से हटकर सोचने के लिए प्रेरित करेगा, लेकिन जल्दबाजी के चक्कर में आप अपने आराम और स्वास्थ्य जांच को टाल सकते हैं, जिससे बचना चाहिए।</p><p>इस दिन का अंक ज्योतिषीय प्रभाव देखभाल और संतुलन की आवश्यकता पर जोर देता है। भाग्यांक 7 का प्रभाव आपको किसी भी समस्या की जड़ तक पहुंचने में मदद करेगा। हो सकता है कि किसी मित्र से बातचीत के दौरान उनकी सेहत से जुड़ी कोई बात सुनकर आपको अपनी किसी पुरानी तकलीफ का अहसास हो। ऐसे में इंटरनेट पर मौजूद अधूरी जानकारी के आधार पर कोई निष्कर्ष निकालना या खुद से इलाज करने की गलती बिल्कुल न करें। यदि कोई शारीरिक लक्षण लंबे समय से बना हुआ है तो विशेषज्ञ डॉक्टर की सलाह लेना ही सबसे उचित विकल्प होगा।</p><p><h2>रिश्तों में संवेदनशीलता और स्पष्टता का महत्व</h2>मूलांक 4 के जातकों के लिए आज का दिन प्रेम और पारिवारिक संबंधों में संवेदनशीलता की मांग करता है। आपकी व्यस्तता को देखकर आपके पार्टनर या परिवार के सदस्य चिंतित हो सकते हैं। उनकी इस चिंता को रोकटोक या हस्तक्षेप मानने के बजाय उनके अपनापन के रूप में देखें। राहु के प्रभाव के कारण आप अपनी परेशानियों को छिपाकर सब कुछ सामान्य दिखाने का प्रयास कर सकते हैं, लेकिन ऐसा करने से तनाव बढ़ सकता है।</p><p>अपने करीबियों के साथ स्पष्ट संवाद करना ही बेहतर रहेगा। उन्हें यह बताने में संकोच न करें कि आपको कब आराम या सहयोग की आवश्यकता है। प्रेम संबंधों में किसी भी छोटी असहजता को बहस का मुद्दा न बनाएं। इसके विपरीत, साथ बैठकर अपनी दिनचर्या में सकारात्मक बदलाव लाने पर चर्चा करें। याद रखें कि रिश्तों में अपनी भावनाओं को व्यक्त करना कमजोरी नहीं, बल्कि समझदारी की निशानी है। आज के दिन अपनी व्यस्त योजनाओं में से अपने लिए थोड़ा समय जरूर निकालें।</p> ]]></content:encoded><dc:creator><![CDATA[ Bhakti Times ]]></dc:creator></item><item><guid isPermaLink="false">156095483</guid><pubDate>Sun, 06 Sep 2026 09:49:20 +0530</pubDate><title><![CDATA[ मूलांक 3 राशिफल 6 सितंबर 2026: आज दूसरों को न दें सलाह, जानें आपके लिए कैसा रहेगा दिन ]]></title><description><![CDATA[ 6 सितंबर 2026 के लिए मूलांक 3 का राशिफल। आज गुरु बृहस्पति के प्रभाव से आपको सही निर्णय लेने की सलाह दी गई है। जानें करियर और रिश्तों के मामले में आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा। ]]></description><link><![CDATA[ https://www.bhaktitimes.in/numerology/mulank-3-rashifal-6-september-2026-astrology-predictions-article-156095483 ]]></link><content:encoded><![CDATA[ <div><img class="type:primaryImage" src="https://images.bhaktitimes.in/thumb/msid-156095482,thumbsize-708298,width-1280,height-720,resizemode-75/156095482.jpg" alt="mulank-3-rashifal-6-september-2026-astrology-predictions" /></div><p>6 सितंबर 2026 का दिन मूलांक 3 के जातकों के लिए काफी व्यस्त रहने वाला है। आज के दिन आपके आसपास के लोग आपसे महत्वपूर्ण विषयों पर सलाह मांग सकते हैं। हालांकि, ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, आपको हर काम की जिम्मेदारी अपने सिर लेने से बचना चाहिए। यदि आप हर जिम्मेदारी का तुरंत जवाब देने की कोशिश करेंगे, तो आप अनावश्यक रूप से उलझ सकते हैं।</p><p>आज के दिन बृहस्पति (गुरु ग्रह) का प्रभाव आप पर विशेष रूप से रहेगा, जो आपको व्यापक सोच और सही मार्गदर्शन देने की क्षमता प्रदान करेगा। वहीं, भाग्यांक 7 का प्रभाव आपको किसी भी विषय की गहराई तक जाने के लिए प्रेरित करेगा। ऐसे में जब आपके पास कई दिशाओं से काम आएं, तो सबसे पहले यह प्राथमिकता तय करें कि किस कार्य में आपकी भागीदारी वास्तव में आवश्यक है। फोन पर बातचीत के दौरान किसी की समस्या सुनते समय केवल हामी भरने के बजाय, उन्हें कोई व्यावहारिक समाधान सुझाना बेहतर रहेगा।</p><p><h2>रिश्तों और करियर में संतुलन की आवश्यकता</h2>व्यक्तिगत जीवन की बात करें, तो करीबी रिश्तों में आपसे समझदारी भरे सहयोग की अपेक्षा की जाएगी। आपके पार्टनर किसी विशेष निर्णय या योजना पर आपकी स्पष्ट राय मांग सकते हैं। ऐसे में उन्हें लंबी सीख देने के बजाय, उनकी बात को ध्यान से सुनें और उनके सामने दो आसान विकल्प रखें। इससे बातचीत का माहौल बोझिल नहीं होगा। परिवार में भी अलग-अलग लोगों की जरूरतों के बीच संतुलन बनाना आज आपकी प्राथमिकता हो सकती है। बृहस्पति की नैतिक दृष्टि यह सिखाती है कि यदि आप कोई वादा पूरा करने में सक्षम नहीं हैं, तो उसे सहजता से मना कर देना ही उचित है।</p><p>करियर के मोर्चे पर आज काम की रफ्तार में बदलाव देखने को मिल सकता है, जिसके लिए आपको तुरंत नई व्यवस्था बनानी होगी। यदि ऑफिस में एक साथ कई लोग आपसे सवाल पूछें, तो कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर बांटना ही समझदारी है। चूंकि बृहस्पति ज्ञान और विस्तार का कारक ग्रह है, इसलिए आपकी समझ आपकी पूरी टीम को सही दिशा दिखा सकती है। केवल सुझाव देने के बजाय, कार्यों की समय-सीमा (डेडलाइन) तय करना अधिक प्रभावी होगा। विद्यार्थियों के लिए भी आज का दिन महत्वपूर्ण है; किसी भी कठिन विषय को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर पढ़ना उनके लिए अधिक उपयोगी साबित होगा।</p> ]]></content:encoded><dc:creator><![CDATA[ Bhakti Times ]]></dc:creator></item><item><guid isPermaLink="false">156095446</guid><pubDate>Sun, 06 Sep 2026 09:48:22 +0530</pubDate><title><![CDATA[ मूलांक 5 राशिफल 6 सितंबर 2026: अपनों के साथ से बढ़ेगा मेलजोल, करियर में मिलेगी सफलता ]]></title><description><![CDATA[ 6 सितंबर 2026 के लिए मूलांक 5 का राशिफल। बुध के प्रभाव से आज का दिन सामाजिक मेलजोल और खुशियों से भरा रहेगा। जानें करियर, प्रेम और पारिवारिक जीवन के लिए कैसा रहेगा आज का दिन। ]]></description><link><![CDATA[ https://www.bhaktitimes.in/numerology/mulank-5-rashifal-6-september-2026-career-love-prediction-article-156095446 ]]></link><content:encoded><![CDATA[ <div><img class="type:primaryImage" src="https://images.bhaktitimes.in/thumb/msid-156095445,thumbsize-778498,width-1280,height-720,resizemode-75/156095445.jpg" alt="mulank-5-rashifal-6-september-2026-career-love-prediction" /></div><p>6 सितंबर 2026 का दिन मूलांक 5 के जातकों के लिए सामाजिक मेलजोल और सकारात्मक ऊर्जा लेकर आ रहा है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, बुध की चंचल और मिलनसार प्रकृति आज आपको लोगों के करीब लाने में मदद करेगी। आज का दिन दोस्तों और परिवार के साथ बिताने के लिए बेहद अनुकूल है, जिससे घर और बाहर का माहौल खुशनुमा बना रहेगा।</p><p>आज के दिन किसी पारिवारिक कार्यक्रम या दोस्तों के साथ छोटी मुलाकात के योग बन रहे हैं। आपकी बातचीत करने की शैली और हाजिरजवाबी लोगों को प्रभावित करेगी। हालांकि, इस दौरान यह ध्यान रखना आवश्यक है कि हंसी-मजाक की सीमा न लांघें और किसी भी बात को बहुत हल्के में लेने से बचें। भाग्यांक 7 का प्रभाव आपको अपनी ऊर्जा के सही उपयोग के प्रति सचेत रहने की प्रेरणा दे रहा है।</p><p><h2>करियर और प्रेम जीवन पर बुध का प्रभाव</h2>करियर के क्षेत्र में आज का दिन काफी उत्पादक साबित हो सकता है। बुध की कृपा से आप जटिल जानकारियों को तेजी से समझने और सही शब्दों का चुनाव करने में सक्षम होंगे। ऑफिस में प्रस्तुति (प्रेजेंटेशन), क्लाइंट मीटिंग या कागजी कार्यों में आपकी कार्यकुशलता की सराहना हो सकती है। यदि आप किसी टीम प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं, तो आज की गई बातचीत भविष्य में नए अवसर खोल सकती है। विद्यार्थियों के लिए भी समय अच्छा है, लेकिन मनोरंजन के साथ-साथ अगले दिन की पढ़ाई के लिए नोट्स व्यवस्थित करना न भूलें।</p><p>प्रेम और रिश्तों के मामले में आज का दिन गर्मजोशी से भरा रहेगा। पार्टनर के साथ पुरानी यादें साझा करना या किसी सामाजिक कार्यक्रम में शामिल होना आपके संबंधों में मिठास घोलेगा। यदि आप किसी से अपने मन की बात कहना चाहते हैं, तो आज का दिन उपयुक्त है। परिवार में बच्चों की शिक्षा को लेकर यदि कोई चर्चा होती है, तो उन पर दबाव बनाने के बजाय उनकी रुचियों को समझने का प्रयास करें। कुल मिलाकर, आज का दिन अपनी खुशियों में दूसरों को शामिल करने और रिश्तों को मजबूती देने का है।</p> ]]></content:encoded><dc:creator><![CDATA[ Bhakti Times ]]></dc:creator></item><item><guid isPermaLink="false">156095348</guid><pubDate>Sun, 06 Sep 2026 09:08:43 +0530</pubDate><title><![CDATA[ मूलांक 2 राशिफल 6 सितंबर 2026: आज रिश्तों में बढ़ेगी मिठास, मन को मिलेगा सुकून ]]></title><description><![CDATA[ मूलांक 2 वालों के लिए 6 सितंबर 2026 का दिन रिश्तों में अपनापन और मानसिक शांति लेकर आ रहा है। चंद्रमा के प्रभाव से आज आप भावनाओं को बेहतर समझ पाएंगे। जानें करियर और लव लाइफ का हाल। ]]></description><link><![CDATA[ https://www.bhaktitimes.in/numerology/mulank-2-rashifal-6-september-2026-astrology-predictions-article-156095348 ]]></link><content:encoded><![CDATA[ <div><img class="type:primaryImage" src="https://images.bhaktitimes.in/thumb/msid-156095347,thumbsize-713180,width-1280,height-720,resizemode-75/156095347.jpg" alt="mulank-2-rashifal-6-september-2026-astrology-predictions" /></div><p>मूलांक 2 के जातकों के लिए 6 सितंबर 2026 का दिन मानसिक संतोष और रिश्तों में नई ऊर्जा लेकर आ रहा है। आज के दिन मन में एक विशेष प्रकार का ठहराव और शांति का अनुभव होगा, जिससे छोटी-छोटी खुशियां भी आपको बड़ा आनंद देंगी। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, चंद्रमा का प्रभाव आपकी संवेदनशीलता को बढ़ाएगा, जिससे आप दूसरों की भावनाओं को अधिक गहराई से समझ पाएंगे।</p><p>आज का दिन अपनी पसंद के कार्यों में समय बिताने के लिए अनुकूल है। मूलांक 6 की ऊर्जा घर के वातावरण में सुख-सुविधा और अपनापन बढ़ाने में सहायक सिद्ध होगी। वहीं, भाग्यांक 7 आपको अपनी आंतरिक जरूरतों को शांत मन से पहचानने का अवसर प्रदान करेगा। दिन की परिस्थितियों के साथ सहजता से तालमेल बिठाना आपके लिए लाभकारी रहेगा, बस ध्यान रखें कि आप अपनी प्राथमिकताओं को पूरी तरह नजरअंदाज न करें।</p><p><h2>रिश्तों में बढ़ेगी आत्मीयता और करियर में मिलेगी सफलता</h2>प्रेम संबंधों और पारिवारिक जीवन में आज नरमी और स्वीकार भाव बना रहेगा। यदि आप अपने पार्टनर की बातों को धैर्यपूर्वक सुनेंगे, तो आपसी दूरियां कम होने की संभावना है। किसी भी विषय पर तुरंत प्रतिक्रिया देने के बजाय बातचीत को सहज गति से आगे बढ़ने देना बेहतर होगा। परिवार के किसी सदस्य को आज आपके शांत सहयोग की आवश्यकता हो सकती है। अपनी भावनाओं को व्यक्त करने के लिए किसी बड़ी योजना की नहीं, बल्कि बस कुछ स्नेह भरे शब्दों की आवश्यकता होगी।</p><p>करियर और शिक्षा के क्षेत्र में आज का दिन अपेक्षाकृत सहज रहने वाला है। कार्यस्थल पर टीम के सदस्यों के साथ बेहतर तालमेल बनाकर आप संतोषजनक परिणाम प्राप्त कर सकते हैं। मूलांक 6 की ऊर्जा आपको अपने काम को व्यवस्थित और सुंदर ढंग से पूरा करने के लिए प्रेरित करेगी, जबकि भाग्यांक 7 किसी भी विषय की गहराई तक जाने में आपकी मदद करेगा। विद्यार्थियों के लिए सलाह है कि वे अपने पसंदीदा विषय से दिन की शुरुआत करें, इससे पढ़ाई में मन लगेगा। व्यापार से जुड़े लोग यदि अपने ग्राहकों और सहयोगियों की जरूरतों को ध्यान से सुनेंगे, तो उन्हें लाभ मिल सकता है। हालांकि, दूसरों के अनुसार ढलने के साथ-साथ अपनी जिम्मेदारियों और समय सीमा का ध्यान रखना भी आवश्यक है।</p> ]]></content:encoded><dc:creator><![CDATA[ Bhakti Times ]]></dc:creator></item><item><guid isPermaLink="false">156095362</guid><pubDate>Sun, 06 Sep 2026 09:05:44 +0530</pubDate><title><![CDATA[ मूलांक 1 राशिफल 6 सितंबर 2026: काम के दबाव के बीच धैर्य से लें निर्णय, अपनों के साथ तालमेल पर दें ध्यान ]]></title><description><![CDATA[ 6 सितंबर 2026 के लिए मूलांक 1 का राशिफल। आज कार्यक्षेत्र में जिम्मेदारियों का दबाव बढ़ सकता है। जानें करियर, आर्थिक स्थिति और पारिवारिक रिश्तों के लिए क्या कहते हैं ज्योतिषीय संकेत। ]]></description><link><![CDATA[ https://www.bhaktitimes.in/numerology/mulank-1-rashifal-6-september-2026-career-and-family-guidance-article-156095362 ]]></link><content:encoded><![CDATA[ <div><img class="type:primaryImage" src="https://images.bhaktitimes.in/thumb/msid-156095361,thumbsize-660667,width-1280,height-720,resizemode-75/156095361.jpg" alt="mulank-1-rashifal-6-september-2026-career-and-family-guidance" /></div><p>अंक ज्योतिष के अनुसार 6 सितंबर 2026 का दिन मूलांक 1 वाले जातकों के लिए कार्यक्षेत्र में बढ़ती जिम्मेदारियों का संकेत लेकर आया है। सूर्य के प्रभाव के कारण आज आपकी नेतृत्व क्षमता तो मजबूत रहेगी, लेकिन काम का दबाव आपको मानसिक रूप से व्यस्त रख सकता है। ऐसे में यह सलाह दी जाती है कि हर काम को अकेले अपने कंधों पर उठाने की गलती न करें। कार्यों का सही बंटवारा करना और दूसरों को स्पष्ट निर्देश देना ही आज आपकी सफलता की कुंजी साबित होगा।</p><p>आज का दिन आपको यह भी याद दिलाता है कि हर बात को अपने ही तरीके से करने की जिद रिश्तों में दूरियां पैदा कर सकती है। यदि आप किसी मानसिक उलझन या काम के दबाव में हैं, तो उसे अपने जीवनसाथी या पार्टनर के साथ साझा करें। अपनी भावनाओं को खुलकर व्यक्त करने से न केवल आपका तनाव कम होगा, बल्कि आपसी तालमेल में भी सुधार आएगा।</p><p><h2>करियर और पारिवारिक जीवन में संतुलन</h2>कार्यक्षेत्र में आज आपकी राय को काफी महत्व दिया जाएगा, लेकिन अपनी ऊर्जा को सही दिशा में केंद्रित करना आवश्यक है। मूलांक 6 का प्रभाव आज घर और व्यक्तिगत जिम्मेदारियों को प्रमुखता से सामने ला सकता है। वहीं, भाग्यांक 7 आपको आत्म-चिंतन करने और सही मार्ग चुनने के लिए प्रेरित करेगा। यदि आप किसी निर्णय को लेकर दुविधा में हैं, तो जल्दबाजी करने के बजाय शांत मन से विचार करना बेहतर होगा।</p><p>पारिवारिक मोर्चे पर, विशेष रूप से बच्चों की शिक्षा या उनकी दिनचर्या को लेकर चिंता हो सकती है। ऐसी स्थिति में बच्चों पर दबाव बनाने या उन्हें डांटने के बजाय उनकी दिनचर्या को समझने का प्रयास करें। किसी भी नकारात्मक विचार को बिना तथ्यों के सच मान लेना आपकी परेशानी बढ़ा सकता है। घर के किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय में अकेले फैसला लेने के बजाय परिवार के अन्य सदस्यों की राय लेना भी आपके लिए हितकर रहेगा। अपनापन और संवाद ही आज के दिन को सुखद बनाने का सबसे प्रभावी माध्यम है।</p> ]]></content:encoded><dc:creator><![CDATA[ Bhakti Times ]]></dc:creator></item><item><guid isPermaLink="false">156095159</guid><pubDate>Sun, 06 Sep 2026 08:18:55 +0530</pubDate><title><![CDATA[ रविवार को क्या खरीदना चाहिए और क्या नहीं? जानें शुभ-अशुभ चीजों की पूरी लिस्ट ]]></title><description><![CDATA[ Ravivar Astro Niyam: क्या आप भी शॉपिंग करने के लिए रविवार के दिन का इंतजार करते हैं? यदि हां, तो सबसे पहले जान लें कि इस दिन क्या खरीदना धार्मिक दृष्टि से शुभ होता है और कौन सी चीजों की शॉपिंग का अशुभ प्रभाव जीवन पर पड़ सकता है। ]]></description><link><![CDATA[ https://www.bhaktitimes.in/dharm/ravivar-ko-kya-kharidna-chahiye-aur-kya-nhi-sunday-shopping-rules-as-per-astrology-article-156095159 ]]></link><content:encoded><![CDATA[ <div><img class="type:primaryImage" src="https://images.bhaktitimes.in/thumb/msid-156095237,thumbsize-170784,width-1280,height-720,resizemode-75/156095237.jpg" alt="ravivar ko kya kharidna chahiye aur kya nhi sunday shopping rules as per astrology" /></div><p><strong>Sunday Shopping Rules:</strong> अधिकतर लोगों को रविवार के दिन का इंतजार रहता है क्योंकि ये छुट्टी का दिन होता है। स्कूल, कॉलेज और कई ऑफिस रविवार को बंद होते हैं। ऐसे में इस दिन लोग अपने दोस्तों व परिवार वालों के साथ कहीं घूमने या शॉपिंग करने का प्लान बनाते हैं। हालांकि, शास्त्रों में रविवार के दिन से जुड़े विभिन्न नियमों के बारे में भी बताया गया है। यहां तक कि खरीदारी से जुड़े भी कई नियम हैं, जिन्हें अनदेखा करना अच्छा नहीं होता है। आज यहां पर आप जानेंगे कि रविवार के दिन क्या नहीं खरीदना चाहिए और किन चीजों की खरीदारी से लाभ हो सकता है।</p><p><h2><strong>रविवार को क्या नहीं खरीदना चाहिए? (ravivar ko kya nahi kharidna chahiye)</p><p></strong></h2>रविवार का दिन सूर्य देव को समर्पित है। वैदिक ज्योतिष शास्त्र में बताया गया है सूर्य और शनि ग्रह के बीच शत्रुता का भाव है, जिसके कारण रविवार के दिन शनि ग्रह से जुड़ी किसी भी तरह की चीज की खरीदारी नहीं करनी चाहिए। इस दिन काले छाते, काले तिल, उड़द की दाल, चक्की, मसूर की दाल, कच्चा आम, खटाई, लौंग, नमक, सरसों का तेल, झाड़ू, कैंची, कोयला, जूते-चप्पल, तामसिक चीजें और ईंधन खरीदना नहीं चाहिए। साथ ही लोहे, लकड़ी, हार्डवेयर, गार्डनिंग, कांच, स्टेशनरी, चमड़े, शीशे और नुकीली चीजों को खरीदने से बचें।</p><p><h2><strong>रविवार को किस रंग के कपड़े न खरीदें?</p><p></strong></h2>काले, नीले और भूरे रंग के कपड़ों की खरीदारी रविवार के दिन (ravivar ko kis rang ka kapda nhi kharidna chahiye) नहीं करनी चाहिए। इन रंगों का संबंध सीधे शनि ग्रह से है, जिनका सूर्य ग्रह से शत्रुता का भाव है। यदि आप रविवार को इन रंगों के कपड़ों की खरीदारी करते हैं तो आपको आर्थिक और शारीरिक समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।</p><p>भक्ति टाइम्स पर ये भी पढ़ें- <a href="https://www.bhaktitimes.in/dharm/sunday-morning-quotes-surya-dev-motivational-quotes-in-hindi-ravivar-ke-shubh-sandesh-article-156094907" data-type="tilCustomLink" target="_blank"><strong>रविवार की सुबह को बनाएं खास, सूर्य देव की ऊर्जा से भरे ये कोट्स अपनों को जरूर भेजें</strong></a> </p><p><h2><strong>रविवार को क्या खरीदना चाहिए? </p><p></strong></h2>धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, रविवार के दिन (ravivar ko kya kharidna chahiye) सूर्य ग्रह से जुड़ी चीजों की खरीदारी करने से घर में बरकत होती है। साथ ही सेहत और घर के सदस्यों की आर्थिक स्थिति पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इस दिन आप तांबे, बिजली, अग्नि और सोने से बनी चीजों की खरीदारी कर सकते हैं। इसके अलावा अनाज, गुड़, चश्मा, दलिया, लाल मसूर और पर्स खरीदना शुभ होता है। </p><p><h2><strong>रविवार को किस रंग के कपड़े खरीदें?</p><p></strong></h2></p><p>जो लोग लाल, पीले और सुनहरे रंग के कपड़े रविवार के दिन (ravivar ko kis rang ke kapde kharide) खरीदते हैं, उन्हें सूर्य देव की विशेष कृपा प्राप्त होती है। साथ ही सकारात्मक ऊर्जा अट्रैक्ट होती है और जीवन में खुशियों का स्थायी वास होता है।</p> ]]></content:encoded><dc:creator><![CDATA[ Bhakti Times ]]></dc:creator></item><item><guid isPermaLink="false">156046402</guid><pubDate>Sun, 06 Sep 2026 07:22:20 +0530</pubDate><title><![CDATA[ वास्तु शास्त्र: घर में लगाएं ये 5 पौधे, सुख-समृद्धि और सकारात्मकता में होगी वृद्धि ]]></title><description><![CDATA[ वास्तु शास्त्र में कुछ पौधों को घर की सुख-समृद्धि और आर्थिक उन्नति के लिए बेहद शुभ माना गया है। जानें किन 5 पौधों को घर में रखना सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है। ]]></description><link><![CDATA[ https://www.bhaktitimes.in/vastu-tips/vastu-shastra-tips-for-home-plants-for-prosperity-article-156046402 ]]></link><content:encoded><![CDATA[ <div><img class="type:primaryImage" src="https://images.bhaktitimes.in/thumb/msid-156046401,thumbsize-688861,width-1280,height-720,resizemode-75/156046401.jpg" alt="vastu-shastra-tips-for-home-plants-for-prosperity" /></div><p>घर को हरा-भरा और सुंदर बनाने के लिए हम सभी तरह-तरह के पौधे लगाते हैं, लेकिन वास्तु शास्त्र में पौधों का महत्व केवल सजावट तक सीमित नहीं है। वास्तु के जानकारों के अनुसार, सही दिशा और स्थान पर रखे गए पौधे घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं और सुख-समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करते हैं। कुछ विशेष पौधों को आर्थिक उन्नति और खुशहाली का प्रतीक भी माना गया है।</p><p>यदि आप भी अपने घर के वातावरण को सकारात्मक और समृद्ध बनाना चाहते हैं, तो वास्तु शास्त्र में बताए गए इन पांच पौधों को शामिल करना एक अच्छा विकल्प हो सकता है।</p><p><h2>वास्तु के अनुसार घर के लिए 5 शुभ पौधे</h2>जेड प्लांट को वास्तु में स्थिरता और तरक्की का प्रतीक माना जाता है। इसकी पत्तियां छोटी और गोल होती हैं, जो सिक्कों जैसी दिखाई देती हैं, इसलिए इसे धन और आर्थिक विकास से जोड़कर देखा जाता है। इसे घर या ऑफिस में ऐसी जगह रखना चाहिए जहां पर्याप्त रोशनी आती हो।</p><p>केले का पौधा धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। वास्तु मान्यताओं के अनुसार, इसे घर की उत्तर दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। कई घरों में गुरुवार के दिन केले के पेड़ की पूजा करने और दीपक जलाने की परंपरा भी है, जिसे भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने का माध्यम माना जाता है।</p><p>मनी प्लांट का नाम ही धन और समृद्धि से जुड़ा है। इसे आर्थिक उन्नति का प्रतीक माना जाता है। वास्तु परंपराओं में इसे दक्षिण-पूर्व दिशा में रखना शुभ बताया गया है। हालांकि, कुछ लोग इसे उत्तर दिशा में रखना भी लाभकारी मानते हैं। ध्यान रखें कि मनी प्लांट की बेल को सूखने न दें और समय-समय पर पीले पत्तों को हटाते रहें।</p><p>तुलसी का पौधा भारतीय घरों की पहचान है और इसका आध्यात्मिक महत्व सर्वोपरि है। वास्तु के अनुसार, स्वस्थ तुलसी का पौधा घर में शांति और सकारात्मकता लाता है। इसे ऐसी जगह रखें जहां इसे पर्याप्त धूप और हवा मिल सके।</p><p>लकी बैम्बू (Lucky Bamboo) को सौभाग्य और विकास का प्रतीक माना जाता है। फेंगशुई और वास्तु परंपराओं में इसे घर के अंदर रखने की सलाह दी जाती है। इसे आमतौर पर पूर्व या दक्षिण-पूर्व दिशा में रखना शुभ माना जाता है।</p><p><h2>पौधों के रखरखाव में रखें इन बातों का ध्यान</h2>वास्तु मान्यताओं के अनुसार, केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी देखभाल करना भी उतना ही जरूरी है। घर में कभी भी सूखे, मुरझाए या खराब स्थिति वाले पौधे न रखें। इसके अलावा, कांटेदार पौधों को घर में रखने को लेकर भी वास्तु में सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।</p><p>सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि पौधों को केवल धन प्राप्ति का साधन न मानें, बल्कि उन्हें घर की स्वच्छता, हरियाली और सकारात्मक वातावरण के लिए लगाएं। सही रोशनी और पानी मिलने पर स्वस्थ पौधे न केवल घर की शोभा बढ़ाते हैं, बल्कि मन को भी प्रसन्न रखते हैं।</p> ]]></content:encoded><dc:creator><![CDATA[ Bhakti Times ]]></dc:creator></item><item><guid isPermaLink="false">156086039</guid><pubDate>Sun, 06 Sep 2026 07:20:40 +0530</pubDate><title><![CDATA[ मेष दैनिक राशिफल 6 सितंबर 2026: चंद्र-मंगल योग से आर्थिक स्थिति में होगा सुधार, जानें सेहत पर कैसा पड़ेगा प्रभाव ]]></title><description><![CDATA[ 6 सितंबर 2026 के लिए मेष राशि का राशिफल। आज चंद्र और मंगल की युति से आर्थिक लाभ की संभावना है। करियर, शिक्षा और पारिवारिक जीवन के लिए कैसा रहेगा आज का दिन, जानें विस्तार से। ]]></description><link><![CDATA[ https://www.bhaktitimes.in/rashifal/aries-daily-horoscope-6-september-2026-financial-outlook-article-156086039 ]]></link><content:encoded><![CDATA[ <div><img class="type:primaryImage" src="https://images.bhaktitimes.in/thumb/msid-156086037,thumbsize-475111,width-1280,height-720,resizemode-75/156086037.jpg" alt="aries-daily-horoscope-6-september-2026-financial-outlook" /></div><p>सितंबर माह की 6 तारीख मेष राशि के जातकों के लिए विशेष ऊर्जा और उत्साह लेकर आई है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, आज चंद्रमा और मंगल का संयोग बन रहा है, जिसका सीधा सकारात्मक प्रभाव आपकी आर्थिक स्थिति पर पड़ सकता है। यह खगोलीय स्थिति आपके वित्तीय पक्ष को मजबूती प्रदान करने वाली मानी जा रही है।</p><p>इसके साथ ही, अष्टम भाव के स्वामी और चतुर्थ भाव के बीच बन रहा संयोग शेयर बाजार से जुड़े कार्यों में कुछ बेहतर अवसर पैदा कर सकता है। वहीं, पंचम भाव में केतु की उपस्थिति तकनीकी क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए नए रास्ते खोल सकती है। आज का दिन आपके लिए काम के प्रति विशेष उत्साह और नई संभावनाओं का दिन रहने वाला है।</p><p><h2>करियर, शिक्षा और पारिवारिक जीवन पर प्रभाव</h2>करियर के दृष्टिकोण से आज का दिन मेष राशि वालों के लिए सामान्य लेकिन ऊर्जावान रहेगा। आप अपने कार्यों को पूरी निष्ठा और उत्साह के साथ पूरा करते हुए नजर आएंगे। नौकरीपेशा लोगों के लिए काम के सिलसिले में यात्रा के योग बन रहे हैं, जो भविष्य में नए अवसरों के द्वार खोल सकते हैं। इस दौरान नए लोगों से मुलाकात आपके पेशेवर नेटवर्क को बढ़ाने में सहायक सिद्ध होगी। हालांकि, शेयर बाजार में निवेश करने वालों को अच्छे संकेत तो मिल रहे हैं, लेकिन किसी भी प्रकार के जोखिम भरे फैसले लेने से बचने की सलाह दी जाती है।</p><p>छात्रों के लिए आज का दिन शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर परिणाम लेकर आ सकता है। वहीं, प्रेम संबंधों में नई ऊर्जा का संचार होगा। यदि आप किसी के प्रति आकर्षित हैं, तो आज बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए अनुकूल समय है। आपका सकारात्मक और मस्ती भरा व्यवहार रिश्तों में आकर्षण बढ़ाएगा। पारिवारिक जीवन की बात करें तो घर का माहौल खुशनुमा रहेगा और अपनों के साथ तालमेल बना रहेगा। आप परिवार के साथ किसी छोटी यात्रा या घूमने-फिरने की योजना भी बना सकते हैं, जो आपको मानसिक शांति प्रदान करेगी।</p><p><h2>स्वास्थ्य और आज का विशेष उपाय</h2>सेहत के लिहाज से आज का दिन सामान्य से बेहतर रहने की उम्मीद है। आपकी शारीरिक ऊर्जा और उत्साह का स्तर ऊंचा रहेगा, जिससे आप अपने दैनिक कार्यों को बिना किसी परेशानी के पूरा कर पाएंगे। आज के दिन सफलता और सकारात्मकता बनाए रखने के लिए भगवान शिव की पूजा करना विशेष रूप से फलदायी माना गया है। सुबह के समय शिवलिंग पर जल अर्पित करना आपके लिए शुभ रहेगा।</p> ]]></content:encoded><dc:creator><![CDATA[ Bhakti Times ]]></dc:creator></item><item><guid isPermaLink="false">156086014</guid><pubDate>Sun, 06 Sep 2026 07:19:27 +0530</pubDate><title><![CDATA[ कर्क दैनिक राशिफल 6 सितंबर 2026: खर्चों पर नियंत्रण रखें, बाहरी संपर्कों से होगा लाभ ]]></title><description><![CDATA[ 6 सितंबर 2026 के लिए कर्क राशि का राशिफल। आज आपको कार्यक्षेत्र में भागदौड़ का सामना करना पड़ सकता है। खर्चों में वृद्धि के संकेत हैं, वहीं कानूनी मामलों में सफलता की संभावना बनी हुई है। ]]></description><link><![CDATA[ https://www.bhaktitimes.in/rashifal/kark-rashifal-6-september-2026-cancer-horoscope-daily-astrology-article-156086014 ]]></link><content:encoded><![CDATA[ <div><img class="type:primaryImage" src="https://images.bhaktitimes.in/thumb/msid-156086012,thumbsize-637288,width-1280,height-720,resizemode-75/156086012.jpg" alt="kark-rashifal-6-september-2026-cancer-horoscope-daily-astrology" /></div><p>6 सितंबर 2026 का दिन कर्क राशि के जातकों के लिए मिश्रित प्रभाव लेकर आया है। आज ग्रहों की स्थिति के अनुसार, आपके द्वादश भाव (व्यय भाव) में सक्रियता के कारण खर्चों में अचानक वृद्धि हो सकती है। ऐसे में आर्थिक मामलों में सावधानी बरतना और बजट का ध्यान रखना आपके लिए हितकर रहेगा। कार्यक्षेत्र में भी आज व्यस्तता अधिक रहने वाली है, जिसके चलते आपको भागदौड़ का सामना करना पड़ सकता है।</p><p>दशम भाव (कर्म भाव) के प्रभाव से कार्यस्थल पर जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं। हालांकि, आज बाहरी संपर्कों से आपको विशेष लाभ मिलने के योग हैं। यदि आप किसी काम में अटके हुए हैं, तो बाहर के लोगों से मिली मदद या संपर्क आपके काम को आसान बना सकते हैं। करियर के मोर्चे पर आज का दिन सक्रियता भरा रहेगा, लेकिन धैर्य बनाए रखना आवश्यक है।</p><p><h2>पारिवारिक जीवन और शिक्षा पर ग्रहों का प्रभाव</h2>पारिवारिक दृष्टिकोण से आज घर में थोड़ी हलचल बनी रह सकती है। संतान से जुड़ी जिम्मेदारियों या उनकी जरूरतों के कारण आपको व्यस्त रहना पड़ सकता है। प्रेम संबंधों में आज का दिन सामान्य रहेगा, लेकिन अपने साथी के साथ विश्वास बनाए रखना और संवाद में स्पष्टता रखना जरूरी है, ताकि किसी भी प्रकार की दूरी महसूस न हो। दोस्तों के साथ कहीं बाहर घूमने-फिरने की योजनाएं भी बन सकती हैं।</p><p>छात्रों के लिए आज का दिन थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो सकता है। पंचम भाव (विद्या भाव) के स्वामी की स्थिति के कारण पढ़ाई में एकाग्रता की कमी महसूस हो सकती है। हालांकि, जो विद्यार्थी विदेश में शिक्षा प्राप्त करने या नए शिक्षण संस्थानों की तलाश कर रहे हैं, उनके लिए यह समय सहायक सिद्ध हो सकता है।</p><p><h2>कानूनी मामले और आज का विशेष उपाय</h2>आज भद्रा का प्रभाव होने के कारण किसी भी प्रकार के नए और महत्वपूर्ण कार्यों की शुरुआत करने से बचना ही बेहतर होगा। हालांकि, यदि आप किसी कानूनी विवाद या कोर्ट-कचहरी के मामलों में उलझे हुए हैं, तो आज का दिन आपके पक्ष में परिणाम ला सकता है। मानसिक रूप से आप आज थोड़े उत्साहित रहेंगे, लेकिन तीसरे भाव के स्वामी के प्रभाव के कारण किसी भी प्रकार का जोखिम लेने से पहले सावधानी बरतें।</p><p>स्वास्थ्य की दृष्टि से आज भागदौड़ अधिक रहने वाली है, इसलिए अपनी सेहत पर ध्यान देना न भूलें। यदि आज कोई अत्यंत आवश्यक कार्य करना ही पड़े, तो उसे मां दुर्गा की पूजा-अर्चना के साथ शुरू करना शुभ माना गया है।</p> ]]></content:encoded><dc:creator><![CDATA[ Bhakti Times ]]></dc:creator></item><item><guid isPermaLink="false">156086054</guid><pubDate>Sun, 06 Sep 2026 07:17:46 +0530</pubDate><title><![CDATA[ सिंह दैनिक राशिफल 6 सितंबर 2026: सामाजिक दायरे में बढ़ेगा मान-सम्मान, इन बातों का रखें खास ख्याल ]]></title><description><![CDATA[ 6 सितंबर 2026 के लिए सिंह राशि का राशिफल। आज सामाजिक संपर्कों और करियर में लाभ के योग हैं, लेकिन स्वभाव में आक्रामकता से बचने की सलाह दी गई है। जानें आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा। ]]></description><link><![CDATA[ https://www.bhaktitimes.in/rashifal/leo-daily-horoscope-6-september-2026-astrology-predictions-article-156086054 ]]></link><content:encoded><![CDATA[ <div><img class="type:primaryImage" src="https://images.bhaktitimes.in/thumb/msid-156086053,thumbsize-719668,width-1280,height-720,resizemode-75/156086053.jpg" alt="leo-daily-horoscope-6-september-2026-astrology-predictions" /></div><p>सिंह राशि के जातकों के लिए 6 सितंबर 2026 का दिन कई मायनों में महत्वपूर्ण रहने वाला है। आज आपकी कुंडली के एकादश भाव (लाभ भाव) की स्थिति काफी मजबूत बनी हुई है, जिसका सीधा असर आपके सामाजिक दायरे और मान-सम्मान पर दिखाई देगा। इस दौरान आपको समाज में एक अलग पहचान मिलने के योग हैं और कार्यक्षेत्र में भी आपकी स्थिति पहले से अधिक मजबूत हो सकती है।</p><p>ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, आज सूर्य और केतु का प्रभाव आपके व्यक्तित्व को एक नई चमक प्रदान कर सकता है। हालांकि, इस प्रभाव के कारण कुछ जातकों के स्वभाव में आक्रामकता या जल्दबाजी की प्रवृत्ति भी देखी जा सकती है। भद्रा के प्रभाव के चलते किसी भी काम को हड़बड़ी में करने से बचें, अन्यथा बनी-बनाई बात बिगड़ सकती है। आज का दिन धैर्य के साथ अपने लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित करने का है।</p><p><h2>करियर और सामाजिक जीवन में प्रगति</h2>आज का दिन करियर के लिहाज से काफी व्यस्त रहने वाला है। कारोबार से जुड़े लोगों को अच्छे परिणाम मिल सकते हैं और सामाजिक संपर्कों का लाभ आपके काम में स्पष्ट रूप से दिखाई देगा। कार्यस्थल पर आपको किसी विशेष सम्मान या पद प्राप्ति की संभावना भी बन रही है। दिन भर कामकाज की अधिकता बनी रहेगी, लेकिन आपकी एकाग्रता आपको सफलता दिलाने में मदद करेगी।</p><p>सामाजिक जीवन की बात करें तो आज दोस्तों के साथ समय बिताने और लंबी बातचीत करने का अवसर मिलेगा। कुछ नए लोग आपके मित्र बन सकते हैं, जिससे आपका दायरा और बढ़ेगा। दांपत्य जीवन में भी मधुरता बनी रहेगी और आप अपने जीवनसाथी के साथ किसी सामाजिक आयोजन में शामिल हो सकते हैं। यदि रिश्तों में कोई पुरानी गलतफहमी या गिले-शिकवे हैं, तो आज बातचीत के जरिए उन्हें सुलझाने का सबसे अच्छा समय है।</p><p><h2>स्वास्थ्य और उपाय</h2>स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से आज आपको अपने व्यवहार पर विशेष नियंत्रण रखने की आवश्यकता है। सूर्य और केतु के प्रभाव के कारण स्वभाव में चिड़चिड़ापन या गुस्सा बढ़ सकता है, जिसका असर आपकी सेहत पर भी पड़ सकता है। विशेष रूप से उच्च रक्तचाप (ब्लड प्रेशर) से पीड़ित लोगों को अपनी सेहत के प्रति अधिक सतर्क रहने की सलाह दी जाती है।</p><p>आज के दिन शुभ फलों की प्राप्ति और मानसिक शांति के लिए आप विशेष उपाय कर सकते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, आज भैरव जी के समक्ष सरसों के तेल का दीपक जलाना लाभकारी माना गया है। इसके अलावा, किसी सिक्के को बहते जल में प्रवाहित करना भी आपके लिए शुभ फलदायी हो सकता है।</p> ]]></content:encoded><dc:creator><![CDATA[ Bhakti Times ]]></dc:creator></item><item><guid isPermaLink="false">156086079</guid><pubDate>Sun, 06 Sep 2026 07:17:21 +0530</pubDate><title><![CDATA[ वृषभ दैनिक राशिफल 6 सितंबर 2026: करियर को मिलेगी नई गति, लेकिन घरेलू मामलों में बरतें सावधानी ]]></title><description><![CDATA[ 6 सितंबर 2026 के लिए वृषभ राशि का राशिफल। आज करियर में सिद्धि योग का लाभ मिलेगा, लेकिन भद्रा के प्रभाव के कारण घर-परिवार के मामलों में विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। ]]></description><link><![CDATA[ https://www.bhaktitimes.in/rashifal/vrishabh-rashi-daily-horoscope-6-september-2026-article-156086079 ]]></link><content:encoded><![CDATA[ <div><img class="type:primaryImage" src="https://images.bhaktitimes.in/thumb/msid-156086077,thumbsize-736901,width-1280,height-720,resizemode-75/156086077.jpg" alt="vrishabh-rashi-daily-horoscope-6-september-2026" /></div><p>सितंबर 2026 की 6 तारीख वृषभ राशि के जातकों के लिए मिले-जुले प्रभाव लेकर आई है। आज के दिन ग्रहों की स्थिति करियर के मोर्चे पर तो तेजी के संकेत दे रही है, लेकिन पारिवारिक जीवन में आपको अधिक सजग रहने की आवश्यकता होगी। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, आज राशि स्वामी को सिद्धि योग का विशेष लाभ प्राप्त हो रहा है, जो कामकाज में नए और बेहतर अवसर लेकर आ सकता है।</p><p>हालांकि, दिन भर भद्रा (एक विशेष समय अवधि जिसे शुभ कार्यों के लिए वर्जित माना जाता है) का प्रभाव रहने के कारण, आपको अपने घर-परिवार से जुड़े मामलों को नजरअंदाज करने से बचना चाहिए। आज का दिन धैर्य और समझदारी से काम लेने का है, ताकि आप अपने पेशेवर और व्यक्तिगत जीवन के बीच संतुलन बनाए रख सकें।</p><p><h2>करियर और आर्थिक स्थिति</h2>करियर के लिहाज से आज का दिन काफी सकारात्मक रहने की संभावना है। सिद्धि योग के प्रभाव से कार्यक्षेत्र में आपको प्रगति के नए रास्ते मिल सकते हैं। यदि आप बैंकिंग सेक्टर से जुड़े हैं या इस क्षेत्र में अवसर तलाश रहे हैं, तो धन के स्वामी के साथ केतु की युति आपके लिए अनुकूल साबित हो सकती है। आर्थिक मामलों में भी आज का दिन सक्रिय रहेगा और आप ऋण (लोन) आदि के लिए आवेदन करने पर विचार कर सकते हैं। सलाह यही है कि जो भी आर्थिक अवसर आपके सामने आएं, उन पर पूरी गंभीरता से विचार करें।</p><p><h2>पारिवारिक जीवन और स्वास्थ्य</h2>आज आपके घर में मेहमानों का आगमन हो सकता है, जिससे माहौल खुशनुमा रहेगा। अपनों के साथ संवाद करने से घर की समस्याओं को सुलझाने में मदद मिलेगी। हालांकि, भद्रा के प्रभाव के कारण बातचीत के दौरान अपनी वाणी पर नियंत्रण रखना बहुत जरूरी है। संभव है कि आप अनजाने में कठोर शब्दों का प्रयोग कर बैठें, जिससे रिश्तों में खटास आ सकती है। इसके अलावा, दोस्तों के साथ किसी लंबी यात्रा पर जाने का योग भी बन रहा है। अपनी सेहत को लेकर भी सतर्क रहें, क्योंकि आपकी दिनचर्या और आदतें सीधे तौर पर आपके स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती हैं। आज के दिन भगवान शिव की पूजा-अर्चना करना आपके लिए विशेष रूप से कल्याणकारी रहेगा।</p> ]]></content:encoded><dc:creator><![CDATA[ Bhakti Times ]]></dc:creator></item><item><guid isPermaLink="false">156086090</guid><pubDate>Sun, 06 Sep 2026 07:16:42 +0530</pubDate><title><![CDATA[ मिथुन दैनिक राशिफल 6 सितंबर 2026: कार्यक्षेत्र में मिलेंगे नए अवसर, सिद्धि योग से बनेंगे बिगड़े काम ]]></title><description><![CDATA[ 6 सितंबर 2026 के लिए मिथुन राशि का राशिफल। आज चंद्रमा के गोचर और सिद्धि योग के प्रभाव से कार्यक्षेत्र में नए अवसर मिलने के योग हैं। जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा। ]]></description><link><![CDATA[ https://www.bhaktitimes.in/rashifal/mithun-rashifal-6-september-2026-gemini-horoscope-today-article-156086090 ]]></link><content:encoded><![CDATA[ <div><img class="type:primaryImage" src="https://images.bhaktitimes.in/thumb/msid-156086089,thumbsize-526665,width-1280,height-720,resizemode-75/156086089.jpg" alt="mithun-rashifal-6-september-2026-gemini-horoscope-today" /></div><p>सितंबर महीने की 6 तारीख मिथुन राशि के जातकों के लिए ऊर्जा और नई संभावनाओं से भरा दिन लेकर आई है। आज चंद्रमा का गोचर आपकी ही राशि में हो रहा है, जिसके प्रभाव से आपके मन में कुछ नया करने की इच्छा प्रबल रहेगी। इस दौरान आपका आत्मविश्वास भी बढ़ा हुआ महसूस होगा। आर्द्रा नक्षत्र का प्रभाव आपकी योजनाओं को गति देने में मददगार साबित होगा, जिससे आप अपने लक्ष्यों की ओर बेहतर तरीके से बढ़ पाएंगे।</p><p>ज्योतिषीय गणना के अनुसार, आज सिद्धि योग का निर्माण हो रहा है, जो आपके प्रयासों को सफलता दिलाने में विशेष रूप से सहायक सिद्ध हो सकता है। आप स्वयं में सकारात्मक बदलाव महसूस करेंगे और पूरे दिन उत्साह से भरे रहेंगे। हालांकि, बारहवें भाव के स्वामी का प्रभाव कुछ कार्यों में मामूली रुकावटें पैदा कर सकता है, इसलिए किसी भी महत्वपूर्ण मामले में जल्दबाजी करने के बजाय सोच-समझकर निर्णय लेना ही समझदारी होगी।</p><p><h2>करियर, व्यापार और पारिवारिक जीवन</h2>आज का दिन करियर के लिहाज से काफी अनुकूल रहने वाला है। कार्यक्षेत्र में आपको नए अवसर प्राप्त हो सकते हैं, जो भविष्य में आपके लिए फायदेमंद साबित होंगे। यदि आप व्यापार से जुड़े हैं, तो किसी नए संपर्क से लाभ मिलने के प्रबल संकेत हैं। कार्यस्थल पर अपनी योजनाओं को क्रियान्वित करने के लिए यह एक अच्छा समय है। वहीं, घर-परिवार की बात करें तो आज का माहौल काफी सकारात्मक रहेगा। घर में धार्मिक कार्यों या आयोजनों में आपकी व्यस्तता बढ़ सकती है।</p><p>प्रेम और सामाजिक संबंधों के दृष्टिकोण से आज का दिन काफी सक्रिय रहने वाला है। आप अपने दोस्तों के साथ दिल की बातें साझा कर सकते हैं और कुछ नए रिश्ते आपको आकर्षित कर सकते हैं। आज नए लोगों से जुड़ने और उनसे मित्रता करने का अच्छा समय है। इसके अलावा, दूर रहने वाले किसी रिश्तेदार से कोई महत्वपूर्ण सूचना मिल सकती है, जो आपके लिए विशेष होगी।</p><p><h2>सेहत और आज का उपाय</h2>स्वास्थ्य के मामले में आज आपको थोड़ा सतर्क रहने की आवश्यकता है। आत्मविश्वास की अधिकता में आप कोई बड़ा जोखिम ले सकते हैं, जिससे चोट लगने या शारीरिक समस्या बढ़ने की आशंका बनी रहती है। अतः उत्साह में आकर कोई भी ऐसा कार्य न करें जो आपकी सेहत पर भारी पड़े। आज के दिन सिद्धि योग का पूर्ण लाभ उठाने के लिए अपने प्रयासों पर भरोसा रखें और घर में होने वाले धार्मिक कार्यों में पूरी निष्ठा के साथ शामिल हों। यह आपके मानसिक सुकून और सकारात्मकता को बढ़ाने में मदद करेगा।</p> ]]></content:encoded><dc:creator><![CDATA[ Bhakti Times ]]></dc:creator></item><item><guid isPermaLink="false">156090677</guid><pubDate>Sun, 06 Sep 2026 07:15:41 +0530</pubDate><title><![CDATA[ मकर दैनिक राशिफल 6 सितंबर 2026: कार्यक्षेत्र में बढ़ेगा संघर्ष, इन बातों का रखें खास ध्यान ]]></title><description><![CDATA[ 6 सितंबर 2026 के लिए मकर राशि का राशिफल। आज कार्यक्षेत्र में मेहनत अधिक रहेगी और दूसरों के काम का बोझ भी आप पर आ सकता है। शांति बनाए रखना ही आज के लिए सबसे बेहतर उपाय है। ]]></description><link><![CDATA[ https://www.bhaktitimes.in/rashifal/makar-rashifal-6-september-2026-capricorn-daily-horoscope-article-156090677 ]]></link><content:encoded><![CDATA[ <div><img class="type:primaryImage" src="https://images.bhaktitimes.in/thumb/msid-156090675,thumbsize-696250,width-1280,height-720,resizemode-75/156090675.jpg" alt="makar-rashifal-6-september-2026-capricorn-daily-horoscope" /></div><p>मकर राशि के जातकों के लिए 6 सितंबर 2026 का दिन चुनौतियों और संघर्षों से भरा रह सकता है। ग्रहों की वर्तमान स्थिति के अनुसार, छठे और आठवें भाव पर पाप ग्रहों का प्रभाव आपके दैनिक कार्यों में बाधाएं उत्पन्न कर सकता है। इस दौरान आपको कार्यक्षेत्र में सामान्य से अधिक मेहनत करने की आवश्यकता होगी। हालांकि, परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण हो सकती हैं, लेकिन धैर्य बनाए रखना ही आपके लिए सबसे उचित मार्ग है।</p><p>आज के दिन आपको किसी भी तरह के शॉर्टकट से बचने की सलाह दी जाती है। कार्यस्थल पर दूसरों की गलतियों या अधूरे कार्यों का बोझ भी अचानक आपके कंधों पर आ सकता है, जिससे मानसिक तनाव महसूस हो सकता है। नौकरीपेशा लोगों को अपने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ तालमेल बिठाने और सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए रखने का प्रयास करना चाहिए।</p><p><h2>करियर, धन और पारिवारिक जीवन का हाल</h2>व्यावसायिक दृष्टि से आज का दिन थोड़ा अस्थिर रह सकता है। व्यापार से जुड़े जातकों के लिए नए संपर्कों से लाभ की स्थिति सामान्य ही बनी रहेगी। आज के दिन यात्राओं की अधिकता हो सकती है, जिससे भागदौड़ बनी रहेगी। धन के मामले में दिन मिला-जुला रहेगा, लेकिन भविष्य के संभावित खर्च आपकी बचत को प्रभावित कर सकते हैं। इस समय किसी को भी उधार पैसा देने से बचना ही समझदारी होगी।</p><p>प्रेम और पारिवारिक संबंधों में आज थोड़ी सावधानी बरतने की आवश्यकता है। छोटी-छोटी बातों पर आपसी मतभेद उभर सकते हैं, जिससे मनमुटाव की स्थिति पैदा हो सकती है। साथी की किसी बात से नाराजगी हो सकती है, इसलिए विवाद को तूल देने के बजाय शांति से काम लेना बेहतर होगा। दांपत्य जीवन में सामंजस्य बनाए रखने के लिए एक-दूसरे के दृष्टिकोण को समझने का प्रयास करें।</p><p>स्वास्थ्य के मोर्चे पर आज आपको अपनी दिनचर्या और खान-पान के प्रति सचेत रहना चाहिए। लापरवाही न बरतें और पर्याप्त नींद लेने का प्रयास करें। यदि आप पहले से ही किसी स्वास्थ्य समस्या से जूझ रहे हैं, तो चिकित्सक की सलाह लेने में देरी न करें। आज के दिन भगवान शिव की पूजा करना और शिवलिंग पर जल अर्पित करना आपके लिए शुभ और कल्याणकारी माना गया है।</p> ]]></content:encoded><dc:creator><![CDATA[ Bhakti Times ]]></dc:creator></item><item><guid isPermaLink="false">156086002</guid><pubDate>Sun, 06 Sep 2026 07:14:54 +0530</pubDate><title><![CDATA[ कन्या दैनिक राशिफल 6 सितंबर 2026: कार्यक्षेत्र में समय प्रबंधन से मिलेगी सफलता, जानें कैसा रहेगा आज का दिन ]]></title><description><![CDATA[ 6 सितंबर 2026 के लिए कन्या राशि का राशिफल। आज कार्यक्षेत्र में अधिकारियों का सहयोग मिलेगा और करियर में उन्नति के योग हैं। पारिवारिक जीवन में थोड़ी हलचल रह सकती है। ]]></description><link><![CDATA[ https://www.bhaktitimes.in/rashifal/kanya-rashifal-6-september-2026-career-family-horoscope-article-156086002 ]]></link><content:encoded><![CDATA[ <div><img class="type:primaryImage" src="https://images.bhaktitimes.in/thumb/msid-156086000,thumbsize-606539,width-1280,height-720,resizemode-75/156086000.jpg" alt="kanya-rashifal-6-september-2026-career-family-horoscope" /></div><p>कन्या राशि के जातकों के लिए 6 सितंबर 2026 का दिन ग्रहों की विशेष स्थिति लेकर आया है। आज आपकी राशि के दशम भाव में मंगल की उपस्थिति और चंद्रमा का प्रभाव आपको कार्यक्षेत्र में अधिक सक्रिय बनाए रखेगा। इस दौरान आप अपने काम को लेकर काफी तत्पर रहेंगे और उच्च अधिकारियों के साथ आपके संबंध बेहतर बने रहेंगे। हालांकि, सफलता प्राप्त करने के लिए आपको अपने समय प्रबंधन (टाइम मैनेजमेंट) पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता होगी।</p><p>ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, बुध पर राहु की दृष्टि का प्रभाव आपको लीक से हटकर कुछ नया करने के लिए प्रेरित कर सकता है। आपके मन में नए विचार आएंगे, जो करियर और शिक्षा के क्षेत्र में सहायक सिद्ध हो सकते हैं। यदि आप शेयर बाजार से जुड़े हैं, तो आज आपको लाभ के अवसर प्राप्त हो सकते हैं। इसके अलावा, किसी प्रतियोगिता में पुरस्कार मिलने की भी संभावना बनी हुई है।</p><p><h2>पारिवारिक जीवन और स्वास्थ्य पर प्रभाव</h2>आज का दिन पारिवारिक दृष्टिकोण से थोड़ा हलचल भरा रह सकता है। चतुर्थ भाव पर मंगल की दृष्टि के कारण घर में कुछ टूट-फूट या सामान में बदलाव की स्थिति बन सकती है। घर पर मित्रों का आगमन हो सकता है, जिससे माहौल खुशनुमा रहेगा। हालांकि, माताजी की ओर से आपको कुछ महत्वपूर्ण बातें सुनने को मिल सकती हैं। दोस्तों के साथ आप करियर और शिक्षा से जुड़े विषयों पर चर्चा में व्यस्त रहेंगे।</p><p>प्रेम संबंधों में आज थोड़ी सावधानी बरतने की आवश्यकता है। आपसी क्रोध या गलतफहमी के कारण रिश्तों में खटास आ सकती है, इसलिए बेहतर होगा कि आप नम्रता बनाए रखें और विवादों से बचें। दिनभर की भागदौड़ और घरेलू जिम्मेदारियों के कारण शारीरिक थकान महसूस हो सकती है। अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें और पर्याप्त विश्राम करें। आज के दिन शुभ फल की प्राप्ति के लिए घर के बाहर तिल के तेल का दीपक जलाना लाभकारी माना गया है।</p> ]]></content:encoded><dc:creator><![CDATA[ Bhakti Times ]]></dc:creator></item><item><guid isPermaLink="false">156094907</guid><pubDate>Sun, 06 Sep 2026 06:54:39 +0530</pubDate><title><![CDATA[ Sunday Morning Quotes In Hindi: रविवार की सुबह को बनाएं खास, सूर्य देव की ऊर्जा से भरे ये कोट्स अपनों को जरूर भेजें ]]></title><description><![CDATA[ R​avivar Ke Shubh Sandesh:​​ रविवार के दिन को आप अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के लिए खास बना सकते हैं। यहां पर सूर्य देव को समर्पित रविवार के प्रेरणादायक कोट्स दिए गए हैं। ​​ ]]></description><link><![CDATA[ https://www.bhaktitimes.in/dharm/sunday-morning-quotes-surya-dev-motivational-quotes-in-hindi-ravivar-ke-shubh-sandesh-article-156094907 ]]></link><content:encoded><![CDATA[ <div><img class="type:primaryImage" src="https://images.bhaktitimes.in/thumb/msid-156094974,thumbsize-119140,width-1280,height-720,resizemode-75/156094974.jpg" alt="sunday morning quotes surya dev motivational quotes in hindi ravivar ke shubh sandesh" /></div><p><strong>Surya Dev Motivational Quotes In Hindi:</strong> रविवार का दिन सूर्य देव की आराधना और उनका आशीर्वाद पाने के लिए खास होता है। इस शुभ दिन की शुरुआत सूर्य देव को नमन करने के साथ की जा सकती है। इसके अलावा सकारात्मक विचारों का साथ होना भी जरूरी है। रविवार के इस पावन अवसर पर आप अपने दोस्तों तथा रिश्तेदारों के साथ भक्तिमय और प्रेरणादायक संदेश साझा कर सकते हैं। यहां </p><p>सूर्य देव की ऊर्जा से भरे सकारात्मक कोट्स दिए गए हैं, जो रविवार की सुबह आप अपने प्रियजनों को भेज सकते हैं। </p><p><h2><strong>रविवार कोट्स इन हिंदी</p><p></strong></h2>1. </p><p>बनना है तो सूर्य देव की तरह बनो</p><p>जो बिना भेदभाव के पूरे संसार को जगमगाते हैं। </p><p>गुड मॉर्निंग!!</p><p>2. </p><p>जैसे सूर्य के उदय के साथ ही अंधकार मिट जाता है</p><p>ठीक वैसे ही आज रविवार की ये नई सुबह </p><p>आपके जीवन से सभी कष्टों को दूर करे</p><p>शुभ रविवार!!</p><p>3.</p><p>रविवार की सुबह आपके जीवन में नया प्रकाश लाए </p><p>असीम खुशियों की आप पर बरसात हो</p><p>ऐसी भगवान सूर्य की कृपा आप पर बनी रहे</p><p>गुड मॉर्निंग!!</p><p>4. </p><p>उगते हुए सूरज से मेरी यही प्रार्थना है </p><p>कि आपका हर दिन खुशियों से भरा हो। </p><p>गुड मॉर्निंग, शुभ रविवार!!</p><p>5. </p><p>रविवार का पावन दिन आपके परिवार में सुख-शांति लाए </p><p>हे सूर्य देव, अपनी कृपा सब पर बनाए रखना</p><p>सुप्रभात!!</p><p>6. </p><p>इस रविवार खुद भी चमकें और दूसरों की जिंदगी भी रोशन करें</p><p>गुड मॉर्निंग, शुभ रविवार!!</p><p>7.</p><p>जैसे सूर्य का तेज हर कोने को रोशन करता है</p><p>वैसे ही आपका व्यक्तित्व हर दिल में जगह बनाए</p><p>हैव अ वंडरफुल संडे!!</p><p>8.</p><p>रविवार के दिन की नई किरणें आपके सपनों को उड़ान दें</p><p>सूर्य देव का आशीर्वाद हमेशा आपके ऊपर बना रहे </p><p>गुड मॉर्निंग!!</p><p>9. </p><p>सफलता की चमक तो सूर्य के जैसी होनी चाहिए</p><p>अविरल, निस्वार्थ और तेजस्वी</p><p>हैव अ वंडरफुल संडे!!</p><p>10.</p><p>मन की शांति और दोस्तों-परिवार वालों का प्यार</p><p>ये ही है रविवार का सबसे खूबसूरत उपहार</p><p>हैव अ वंडरफुल संडे!!</p><p><h2><strong>रविवार के महाउपाय</p><p></strong></h2>धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, रविवार का दिन सूर्य देव और काल भैरव को समर्पित है। इस दिन को खास बनाने के लिए सुबह के समय तांबे के लोटे से सूर्य देव को जल अर्पित करें। जल अर्पित करते समय 'ॐ घृणि सूर्याय नमः' मंत्र का 3 से 7 बार जाप करें। इसके अलावा शाम को काल भैरव के मंदिर जाएं। वहां जाकर उनकी प्रतिमा के सामने सरसों के तेल का एक दीपक जलाएं। दीपक में काले तिल जरूर डालें।</p> ]]></content:encoded><dc:creator><![CDATA[ Bhakti Times ]]></dc:creator></item><item><guid isPermaLink="false">156086102</guid><pubDate>Sun, 06 Sep 2026 05:24:26 +0530</pubDate><title><![CDATA[ 6 सितंबर का राशिफल: कर्क और तुला राशि के लिए आज का दिन रहेगा विशेष, जानें क्या कहते हैं आपके सितारे ]]></title><description><![CDATA[ 6 सितंबर 2026 को सूर्य अपनी राशि सिंह में और गुरु उच्च राशि कर्क में विराजमान हैं। इस खगोलीय स्थिति का सभी 12 राशियों पर क्या प्रभाव पड़ेगा, विस्तार से जानें आज के दैनिक राशिफल से। ]]></description><link><![CDATA[ https://www.bhaktitimes.in/rashifal/daily-horoscope-6-september-2026-astrology-predictions-article-156086102 ]]></link><content:encoded><![CDATA[ <div><img class="type:primaryImage" src="https://images.bhaktitimes.in/thumb/msid-156086101,thumbsize-653744,width-1280,height-720,resizemode-75/156086101.jpg" alt="daily-horoscope-6-september-2026-astrology-predictions" /></div><p>आज 6 सितंबर 2026, रविवार का दिन ज्योतिषीय दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वर्तमान में सूर्यदेव अपनी ही राशि सिंह में स्थित हैं, जो आत्मविश्वास और व्यक्तिगत पहचान को मजबूती प्रदान करने वाला एक शुभ संयोग है। इसके साथ ही देवगुरु बृहस्पति अपनी उच्च राशि कर्क में विराजमान हैं। हालांकि, बुध ग्रह सूर्य के अत्यंत निकट अस्त अवस्था में हैं, जिसके कारण वाणी और बौद्धिक कार्यों में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।</p><p>आज चंद्रमा मिथुन राशि में गोचर कर रहे हैं। ग्रहों की इस विशेष स्थिति का प्रभाव मेष से लेकर मीन राशि तक के जातकों पर अलग-अलग रूप में पड़ेगा। आइए जानते हैं कि आज का दिन आपके लिए कैसा रहने वाला है।</p><p><h2>सभी राशियों के लिए आज का राशिफल</h2><h3><strong>मेष राशि</p><p></strong></h3>आज आत्मविश्वास बढ़ा रहेगा और काम में सफलता मिलने के योग हैं।</p><p>जीवनसाथी के साथ रिश्तों में मधुरता बनी रहेगी।</p><p>महत्वपूर्ण फैसले लेते समय धैर्य रखें और जल्दबाजी से बचें।</p><p><h2><strong>वृषभ राशि</p><p></strong></h2>आज प्रतिस्पर्धा में सफलता मिलने की संभावना है और मेहनत का अच्छा परिणाम मिलेगा, लेकिन वाणी पर संयम रखना आपके लिए बेहद जरूरी है। आज आप किसी विवाद में पड़ने से बचें और शांत रहकर अपना काम करें।</p><p><h2><strong>मिथुन राशि</p><p></strong></h2>दिन की शुरुआत में थोड़ी बेचैनी या मानसिक तनाव महसूस हो सकता है। हालांकि, शाम तक परिस्थितियां बेहतर होंगी और मन शांत रहेगा। आज धैर्य रखें और महत्वपूर्ण काम सोच-समझकर करें।</p><p><h2><strong>कर्क राशि</p><p></strong></h2>गुरु की उच्च स्थिति व्यक्तित्व में निखार और आत्मविश्वास बढ़ाएगी। कामकाज में सकारात्मक अवसर मिल सकते हैं। आज आप अपनी क्षमताओं पर भरोसा रखें और सेहत का ध्यान रखें।</p><p><h2><strong>सिंह राशि</p><p></strong></h2>आज आपको किसी सम्मान या उपलब्धि की प्राप्ति हो सकती है। कार्यस्थल पर आपकी मेहनत की सराहना होगी। आज आत्मविश्वास बनाए रखें, लेकिन अहंकार से बचना आपके लिए बेहतर रहेगा।</p><p><h2>कन्या राशि</p><p></h2>आज पुराने निवेश से लाभ मिलने के योग बन रहे हैं। इसके अलावा आर्थिक मामलों में दिन आपके पक्ष में रह सकता है। नए निवेश से पहले पूरी जानकारी लेना और जल्दबाजी से बचना आज जरूरी है।</p><p><h2><strong>तुला राशि</p><p></strong></h2>आज सामाजिक दायरे में आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा। लोगों के बीच आपकी प्रतिष्ठा और प्रभाव मजबूत हो सकता है। इसके अलावा नई पहचान और संपर्क भविष्य में आपके लिए लाभदायक साबित हो सकते हैं।</p><p><h2><strong>वृश्चिक राशि</p><p></strong></h2>आज करियर में आपको पहचान और सफलता मिल सकती है। आपकी मेहनत वरिष्ठों की नजर में आएगी। हालांकि, किसी भी फैसले में जल्दबाजी करने से बचें और सोच-समझकर कदम उठाएं।</p><p><h2><strong>धनु राशि</p><p></strong></h2>आज भाग्य का पूरा साथ मिलने के योग हैं। आपको आज कामकाज में अच्छे अवसर प्राप्त हो सकते हैं। इसके अलावा साझेदारी के मामलों में संतुलन बनाए रखें और दूसरों की बातों को महत्व दें।</p><p><h2><strong>मकर राशि</p><p></strong></h2>कामकाज के क्षेत्र में सफलता मिलने से मन प्रसन्न रहेगा। आज आपकी मेहनत का सकारात्मक परिणाम सामने आ सकता है। दिनभर अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रखें और अवसरों का सही लाभ उठाएं।</p><p><h2><strong>कुंभ राशि</p><p></strong></h2>आज आपको भाग्य का विशेष सहयोग प्राप्त होगा। रुके हुए काम पूरे होने और नई संभावनाएं बनने के संकेत हैं। आज आप आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें और महत्वपूर्ण अवसरों को हाथ से न जाने दें।</p><p><h2><strong>मीन राशि</p><p></strong></h2>कला और रचनात्मक कार्यों के लिए आज का दिन बेहद अनुकूल है। आपकी कल्पनाशक्ति और प्रतिभा को पहचान मिल सकती है। बता दें कि आज का दिन नई रचनात्मक शुरुआत के लिए अच्छा है, इसलिए अपने विचारों पर काम करें।</p> ]]></content:encoded><dc:creator><![CDATA[ Bhakti Times ]]></dc:creator></item><item><guid isPermaLink="false">156085906</guid><pubDate>Sun, 06 Sep 2026 05:13:28 +0530</pubDate><title><![CDATA[ आज का पंचांग 6 सितंबर 2026: रविवार को किस समय करें पूजा? जानें दिनभर के सभी जरूरी मुहूर्त ]]></title><description><![CDATA[ 6 सितंबर 2026, रविवार को भाद्रपद कृष्ण दशमी तिथि है। आज के पंचांग में जानें ब्रह्म मुहूर्त, अभिजीत मुहूर्त, राहुकाल का समय और सूर्य देव की उपासना का विशेष महत्व। ]]></description><link><![CDATA[ https://www.bhaktitimes.in/panchang/aaj-ka-panchang-6-september-2026-shubh-muhurat-rahukaal-article-156085906 ]]></link><content:encoded><![CDATA[ <div><img class="type:primaryImage" src="https://images.bhaktitimes.in/thumb/msid-156085905,thumbsize-576172,width-1280,height-720,resizemode-75/156085905.jpg" alt="aaj-ka-panchang-6-september-2026-shubh-muhurat-rahukaal" /></div><p>सनातन धर्म में किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत करने से पहले पंचांग देखने की परंपरा रही है। 6 सितंबर 2026, रविवार का दिन भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि के साथ शुरू हो रहा है। पंचांग के अनुसार, यह तिथि शाम 07:29 बजे तक प्रभावी रहेगी, जिसके बाद एकादशी तिथि का आरंभ हो जाएगा। आज सूर्य दक्षिणायन में हैं और ऋतु के अनुसार शरद ऋतु का प्रभाव बना हुआ है।</p><p>धार्मिक दृष्टि से आज का दिन विशेष रूप से सूर्य देव की उपासना के लिए शुभ माना गया है। पंचांग के अनुसार, आज चंद्रमा पूरे दिन और रात मिथुन राशि में ही संचार करेंगे। नक्षत्रों की बात करें तो आर्द्रा नक्षत्र शाम 07:52 बजे तक रहेगा, जिसके उपरांत पुनर्वसु नक्षत्र का प्रभाव शुरू होगा। योग और करण की गणना के अनुसार, सिद्धि योग सुबह 09:45 बजे तक रहेगा, जिसके बाद व्यतीपात योग की शुरुआत होगी।</p><p><h2>आज के शुभ और अशुभ मुहूर्त</h2>धार्मिक कार्यों के लिए शुभ समय का चयन करना महत्वपूर्ण होता है। आज ब्रह्म मुहूर्त सुबह 03:55 बजे से 04:41 बजे तक रहेगा, जो आध्यात्मिक साधना के लिए उत्तम माना जाता है। वहीं, दिन का सबसे शुभ समय माने जाने वाला अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11:54 बजे से 12:44 बजे तक रहेगा। इसके अलावा, अमृत काल का समय सुबह 10:33 बजे से दोपहर 12:03 बजे तक निर्धारित है।</p><p>दूसरी ओर, पंचांग में कुछ समय ऐसे भी होते हैं जिन्हें अशुभ माना जाता है और इस दौरान नए कार्यों की शुरुआत से बचने की सलाह दी जाती है। आज राहुकाल शाम 05:03 बजे से 06:37 बजे तक रहेगा। इसके अतिरिक्त, गुलिक काल दोपहर 03:28 बजे से शाम 05:03 बजे तक और यमगंड दोपहर 12:19 बजे से 01:54 बजे तक रहेगा। इन समय अवधियों में महत्वपूर्ण निर्णय लेने या शुभ कार्य करने से परहेज करना उचित माना जाता है।</p><p><h2>रविवार का विशेष धार्मिक उपाय</h2>रविवार का दिन भगवान सूर्य देव को समर्पित है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, आज के दिन सूर्य देव की पूजा करने से विशेष लाभ मिलता है। भक्त आज तांबे के लोटे में जल लेकर उसमें लाल फूल और रोली मिलाकर सूर्य देव को अर्घ्य दे सकते हैं। इसके साथ ही, आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करना भी अत्यंत फलदायी माना गया है। आज सूर्योदय सुबह 06:01 बजे हुआ है और सूर्यास्त शाम 06:37 बजे होगा।</p> ]]></content:encoded><dc:creator><![CDATA[ Bhakti Times ]]></dc:creator></item></channel></rss>