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मुंड कटिया गणेश मंदिर, दुनिया का इकलौता धाम, जहां बिना सिर के पूजे जाते हैं बप्पा

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  • Updated Sep 18, 2026, 12:36 PM IST

Shri Munda Katiya Ganesh Temple: मुंडा कटिया गणेश मंदिर की पहचान उसकी अनोखी प्रतिमा और इससे जुड़ी स्थानीय मान्यता के कारण है।

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मुंड कटिया गणेश मंदिर

Shri Munda Katiya Ganesh Temple: उत्तराखंड में ऐसे तमाम धार्मिक स्थल हैं जिनसे अनोखी मान्यताएं जुड़ी हैं। इन्हीं में से एक है श्री मुंडा कटिया गणेश मंदिर। रुद्रप्रयाग जिले की केदार घाटी में स्थित इस मंदिर को लेकर मान्यता है कि यही वह स्थान है, जहां भगवान गणेश का सिर कटने की घटना हुई थी। इस मंदिर की सबसे खास बात यहां पूजे जाने वाले गणेश जी का स्वरूप है। आमतौर पर आपने गणपति की हाथी के सिर वाली प्रतिमा देखी होगी, लेकिन यहां गणेश जी को सिरहीन रूप में पूजा जाता है। यही अनोखी परंपरा इस मंदिर को दूसरे गणेश मंदिरों से अलग बनाती है।

गणेश जी का सिर कटने से जुड़ी है मान्यता

मुंडा कटिया मंदिर की कहानी भगवान गणेश के जन्म से जुड़ी उस प्रसिद्ध पौराणिक कथा से जुड़ती है, जिसे आपने शायद बचपन से सुना होगा। मान्यता के अनुसार, देवी पार्वती ने अपने शरीर के उबटन से गणेश जी की रचना की थी और उन्हें अपने द्वार की रखवाली करने के लिए कहा था। उस समय भगवान शिव वहां पहुंचे, लेकिन गणेश जी ने उन्हें अंदर जाने से रोक दिया। गणेश जी अपने माता के आदेश का पालन कर रहे थे। इसी बात को लेकर भगवान शिव और गणेश के बीच विवाद हुआ। कथा के अनुसार, क्रोधित होकर भगवान शिव ने गणेश जी का सिर काट दिया। इसके बाद जब देवी पार्वती को अपने पुत्र के बारे में पता चला तो वह बेहद नाराज हुईं। उन्होंने भगवान शिव से गणेश को फिर से जीवित करने की मांग की। इसके बाद भगवान शिव ने गणेश जी को हाथी का सिर लगाकर उन्हें नया जीवन दिया।