Hartalika Teej 2026: महिलाओं के लिए हरतालिका तीज का दिन बहुत ही खास होता है, जिसका व्रत हर साल भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को रखा जाता है। द्रिक पंचांग के अनुसार, इस बार 14 सितंबर 2026, सोमवार को हरतालिका तीज मनाई जाएगी। सुहागिन महिलाएं जहां अपने पति की लंबी उम्र और खुशहाल मैरिड लाइफ के लिए हरतालिका तीज का व्रत रखती हैं। वहीं, कुंवारी कन्याएं योग्य वर की चाह में इस दिन पूजा-पाठ करती हैं। हरतालिका तीज के दिन निर्जला व्रत रखने के साथ-साथ गणेश जी, शिव जी और माता पार्वती की विशेष रूप से पूजा की जाती है, जिनकी मूर्तियां खुद घर पर मिट्टी से बनानी शुभ रहती हैं।
यदि आप भी हरतालिका तीज के दिन घर में खुद देवी-देवताओं की मिट्टी की मूर्तियां बनाने वाले हैं तो इन्हें बनाने के तरीके के बारे में यहां जान लें।
मूर्ति बनाने की सामग्री
- लकड़ी की चौकी
- पीतल, चांदी, सोने या तांबे की थाली
- नदी या पवित्र स्थान की साफ और चिकनी मिट्टी
- पानी
- बेलपत्र
- नुकीली चीजें (माचिस की तिल्ली, चाकू या सुई)
हरतालिका तीज पर मिट्टी की मूर्तियां कैसे बनाएं?
देवी-देवताओं की मूर्तियां बनाने के लिए सबसे पहले एक लकड़ी की चौकी लें, जिस पर थाली रखें। थाली में मिट्टी रखें। मिट्टी में थोड़ा सा गंगाजल मिलाकर उसे अच्छी तरह से गूंथ लें ताकि वो मुलायम हो जाए। अब एक-एक करके आप मूर्तियां बना सकते हैं।
शिवलिंग का निर्माण-
शिवलिंग को कभी भी खुला नहीं बनाया जाता है, इसलिए थाली के ऊपर एक साफ बेलपत्र रखें। मिट्टी का एक हिस्सा लेकर उसे गोल चपटा करके बेलपत्र पर रखें। इसके ऊपर लंबा मिट्टी का पिलर स्थापित करें। अब मिट्टी का एक ओर हिस्सा लें, जिसे गोल चपटा करके पिलर पर रखें और बीच में जलधारा का आकार दें। मिट्टी का तीसरा हिस्सा लें, जिसे हाथों से गोल और ऊपर से अंडाकार शेप में ढालकर पिंडी बनाएं। पिंडी को जलहरी के बीच में स्थापित करें। अब साफ पानी का हल्का हाथ फेरकर शिवलिंग को चिकना और सुंदर बना लें।
माता पार्वती की मूर्ति-
थाली पर सबसे पहले थोड़ी-सी मिट्टी लेकर एक चपटा आसन बनाएं, जिस पर माता पार्वती को विराजमान करना है। मिट्टी का एक हिस्सा लें, जिसे बेलनाकार बनाएं। इससे माता का निचला हिस्सा और धड़ बनाएं। एक छोटा गोलाकार टुकड़ा बनाकर धड़ के ऊपर रखें। साफ पानी का हल्का हाथ फेरकर मिट्टी को चिकना करें और चेहरे व सिर का रूप दें। मिट्टी की छोटी और पतली पट्टियों से हाथ बनाएं। नुकीली चीज से वस्त्रों को डिजाइन दें तथा उंगलियों, आंखों और कानों को स्पष्ट करें। मूर्ति को कुछ घंटों के लिए धूप में रखें। सूखने के बाद उसे रंग-बिरंगे रंगों से सजाएं और आभूषणों से माता का श्रृंगार करें।
भगवान गणेश की मूर्ति-
थाली पर सबसे पहले मिट्टी का एक छोटा गोला बनाएं, जिसके ऊपर एक और छोटा गोला जोड़कर सिर बनाएं। नुकीली चीज की मदद से बप्पा के कान और छोटी सी सूंड बनाएं तथा आंखों, वस्त्रों और अन्य अंगों की बारीक रेखाएं स्पष्ट करें। मूर्ति को कुछ घंटों के लिए धूप में रखें। सूखने के बाद उसमें रंग भरें और आभूषणों से गणेश जी का श्रृंगार करें।
