गणेश चतुर्थी 2026

गणेश चतुर्थी 2026 में 14 सितंबर, सोमवार के दिन है। 14 सितंबर को पूजा का शुभ मुहूर्त दिन में 11:13 बजे से दोपहर 1:29 बजे के बीच रहेगा। उत्सव का समापन अनंत चतुर्दशी, 25 सितंबर 2026 (शुक्रवार) को गणपति विसर्जन के साथ होगा

मूषक को भोग लगाएं
Ganesh

गणेश चतुर्थी पर्व विशेष

गणेश चतुर्थी भगवान श्री गणेश के जन्मोत्सव के रूप में पूरे भारत में बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाई जाती है। भाद्रपद मास की चतुर्थी तिथि को यह पर्व आता है। वर्ष 2026 में गणेश चतुर्थी 14 सितंबर, सोमवार को मनाई जाएगी। इस दिन भक्तजन घरों और पंडालों में गणेश जी की प्रतिमा स्थापित कर विधिवत पूजन-अर्चन, व्रत और आरती करते हैं तथा उन्हें मोदक, लड्डू और फल प्रिय भोग अर्पित किए जाते हैं। सुबह-शाम गणेश जी के भजन होते हैं और आरती होती है।

गणेश विसर्जन 2026गणेश विसर्जन 2026
उत्सव का समापन अनंत चतुर्दशी, 25 सितंबर 2026 (शुक्रवार) को गणपति विसर्जन के साथ होगा
गणेश चतुर्थी डेट एंड टाइमगणेश चतुर्थी डेट एंड टाइम
श्रीगणेश पूजन स्थापना समय – भाद्रपद शुक्ल पक्ष २ सोमवार ता. 14.9.2026 ई., को मध्याह्न में श्री गणेश जन्मोत्सव मनाया जाएगा। शास्त्रानुसार श्री गणेश पूजन का श्रेष्ठ समय वृश्चिक लग्न सहित मध्याह्नकाल माना गया है। वृश्चिक लग्न दिवस 11:32 से 2:22 तक श्री गणेश स्थापना करना श्रेष्ठ रहेगा।
श्री सिद्धीविनायक मंदिर आरती का समयश्री सिद्धीविनायक मंदिर आरती का समय
सुबह की आरती – सुबह 5:30 बजे से 6:00 बजे तक
दोपहर की आरती – दोपहर 12:15 बजे से 12:30 बजे तक
शाम की आरती – शाम 7:30 बजे से 8:00 बजे तक
रात की आरती – रात 09:50 से

गणेश जी प्रमुख मंत्र

  • ​ज्ञान प्राप्ति हेतु​

    ​​ॐ एकदन्ताय विद्महे वक्रतुंडाय धीमहि। तन्नो दन्तिः प्रचोदयात्॥​​

  • ​सुख-समृद्धि हेतु​

    ​​वक्रतुंड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥​​

  • ​शक्ति वर्धक मंत्र​

    शक्ति वर्धक मंत्र - ॐ श्रीं गं सौभ्याय गणपतये वर वरद सर्वजनं मे वशमानय स्वाहा॥

गणेश चतुर्थी से संबंधित आपके सभी सवालों के जवाब

क्या गणेश जी की मूर्ति की स्थापना ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) में करनी चाहिए?

पूजा स्थान को अच्छी तरह से साफ करके एक एक चौकी पर रखें। इस पर लाल कपड़ा बिछाकर उस पर गणेश जी की प्रतिमा स्थापित करें। जल, सुपारी, आम का पत्ता, नारियल रखें और इसे मूर्ति के पास रख दें। जल, फूल और चावल लेकर पूजा का संकल्प करें। गणेश जी की प्रतिमा के सामने दीप और धूपबत्ती जलाएं। प्रतिमा को पंचामृत स्नान कराकर साफ करें। रोली, अक्षत, सिंदूर, हल्दी, कुमकुम, दूर्वा और लाल फूल अर्पित करें। नारियल और मोदक का भोग लगाएं। अंत में मंत्र और आरती करें।

स्थापना करने के लिए गणेश मूर्ति कैसे चुनें ?
गणेश चतुर्थी 2026 कब है?