Vishwakarma Jayanti Puja Samagri (विश्वकर्मा पूजा सामग्री): भगवान विश्वकर्मा को निर्माण, शिल्प, वास्तु और तकनीकी कौशल का देवता माना जाता है। विश्वकर्मा पूजा के दिन भगवान की आराधना के साथ उन औजारों, मशीनों और उपकरणों की भी पूजा की जाती है, जिनसे लोगों का काम और आजीविका जुड़ी होती है। अगर आप घर पर विश्वकर्मा पूजा करने जा रहे हैं तो पूजा से पहले सभी जरूरी सामग्री एक जगह तैयार कर लेना बेहतर रहता है।
हिंदू पंचांग के अनुसार कन्या संक्रांति के अवसर पर भगवान विश्वकर्मा की पूजा करने की परंपरा है। साल 2026 में विश्वकर्मा जयंती 17 सितंबर को मनाई जा रही है। इस दिन विशेष रूप से कारीगर, शिल्पकार, इंजीनियर, तकनीकी क्षेत्र से जुड़े लोग, मशीनों पर काम करने वाले कर्मचारी और व्यवसायी भगवान विश्वकर्मा की पूजा करते हैं। हालांकि घर पर भी सामान्य पूजा सामग्री (Vishwakarma Puja Items) के साथ विधि-विधान से पूजा की जा सकती है।
विश्वकर्मा पूजा की सामग्री लिस्ट Vishwakarma Puja Samagri List
- भगवान विश्वकर्मा की तस्वीर या प्रतिमा
- साफ चौकी
- लाल या पीला कपड़ा
- रोली या कुमकुम
- अक्षत यानी साबुत चावल
- हल्दी
- फूल और फूलों की माला
- पान और सुपारी
- मौली या कलावा
- धूप और अगरबत्ती
- दीपक
- घी या तेल
- कपूर
- साफ जल
- जल से भरा कलश
- आम के पत्ते या उपलब्ध पत्तियां
- नारियल
- मौसमी फल
- मिठाई या घर में बना भोग
- पंचामृत के लिए दूध
- दही
- घी
- शहद
- शक्कर
- प्रसाद रखने की थाली
- पूजा के लिए साफ कपड़ा
- काम में इस्तेमाल होने वाले औजार, मशीन या उपकरण
औजार और मशीनों की पूजा करें
विश्वकर्मा पूजा की सबसे खास परंपराओं में काम में इस्तेमाल होने वाले औजारों और मशीनों को पूजा में शामिल करना माना जाता है। इसलिए जिस उपकरण, मशीन, वाहन या औजार से आपकी रोजी-रोटी जुड़ी है, उसे पूजा से पहले अच्छी तरह साफ कर लें। पूजा के समय इन उपकरणों को भगवान विश्वकर्मा की तस्वीर या प्रतिमा के पास रखा जा सकता है। बड़े आकार की मशीनों की पूजा उनके कार्यस्थल पर ही की जा सकती है। इस दौरान उपकरणों पर रोली, अक्षत और फूल अर्पित करके भगवान विश्वकर्मा का स्मरण किया जाता है।
विश्वकर्मा पूजा की थाली में क्या रखें?
पूजा की थाली सजाते समय सामग्री को व्यवस्थित तरीके से रखें। थाली में रोली, अक्षत, हल्दी, मौली, फूल, पान और सुपारी रखें। दीपक और कपूर को अलग सुरक्षित स्थान पर रखें। धूप-अगरबत्ती भी पूजा के समय उपयोग के लिए तैयार रखें। पूजा स्थान पर चौकी बिछाकर उसके ऊपर साफ कपड़ा रखें और भगवान विश्वकर्मा की तस्वीर या प्रतिमा स्थापित करें। आसपास फूलों से हल्की सजावट की जा सकती है। कलश और नारियल को भी पूजा स्थान पर स्थापित करें। फल और मिठाई को भोग के लिए अलग थाली में रखना अच्छा रहेगा।
विश्वकर्मा पूजा 2026 का शुभ मुहूर्त
इस साल विश्वकर्मा पूजा के लिए शुभ समय सुबह 7:58 बजे से माना जा रहा है, क्योंकि इसी समय कन्या संक्रांति का क्षण पड़ रहा है। इसके अलावा सुबह 10:43 बजे से दोपहर 1:48 बजे तक भी पूजा की जा सकती है। पूजा से पहले स्थान और पूजन सामग्री की साफ-सफाई कर लेने से तैयारी व्यवस्थित रहती है। इस तरह घर में उपलब्ध सामान्य पूजा सामग्री से भी भगवान विश्वकर्मा की पूजा की तैयारी की जा सकती है।
