शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 का दिन ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। पंचांग के अनुसार, इस दिन आश्विन शुक्ल द्वादशी दोपहर 2:36 बजे तक रहेगी, जिसके बाद त्रयोदशी तिथि का आरंभ होगा। शाम के समय प्रदोष व्रत का संयोग भी बन रहा है। नक्षत्रों की स्थिति में पूर्वभाद्रपदा नक्षत्र रात 9:03 बजे तक प्रभावी रहेगा, जिसके उपरांत उत्तरभाद्रपदा नक्षत्र का प्रभाव शुरू होगा।
आज की सबसे महत्वपूर्ण खगोलीय घटना दोपहर 3:03 बजे होगी, जब चंद्रदेव कुंभ राशि से निकलकर मीन राशि में प्रवेश करेंगे। यहाँ वे शनिदेव के साथ मिलकर 'विष योग' का निर्माण करेंगे। ज्योतिष शास्त्र में इस योग को मानसिक अस्थिरता और भारीपन का कारक माना जाता है। इसके अतिरिक्त, सुबह 10:46 से 12:11 बजे तक राहुकाल रहेगा, जिसमें किसी भी प्रकार के महत्वपूर्ण निर्णय लेने या नए कार्यों की शुरुआत करने से बचने की सलाह दी गई है।
राशिफल और विष योग का प्रभाव
दोपहर बाद बनने वाले विष योग का असर हर राशि के जातकों पर किसी न किसी रूप में दिखाई देगा। विशेष रूप से शाम के समय मन में भारीपन और थकान महसूस हो सकती है। ज्योतिषीय परामर्श के अनुसार, इस दौरान धैर्य बनाए रखना और अनावश्यक बहस से बचना ही श्रेयस्कर होगा। वृषभ और तुला राशि के जातकों के लिए शुक्रवार का दिन अनुकूल रहने की संभावना है, हालांकि शुक्रदेव के अस्त होने के कारण उन्हें अपने खर्चों पर नियंत्रण रखने की आवश्यकता है।मेष राशि के जातकों को दोपहर बाद खर्चों पर लगाम लगानी होगी, जबकि कन्या राशि के लोगों के लिए आज का दिन विरोधियों पर विजय पाने और आय के नए स्रोत खोजने के लिए शुभ है। मकर राशि के जातकों को परिवार में राहत का अनुभव होगा और कार्यक्षेत्र में उनके काम की सराहना की जाएगी। मीन राशि के जातकों को आज विशेष रूप से धैर्य रखने की सलाह दी गई है, क्योंकि विष योग के प्रभाव से मन में सुस्ती और उदासी का भाव आ सकता है।
शुभ कार्यों के लिए आज का 'अभिजीत मुहूर्त' दोपहर 11:48 से 12:33 बजे तक रहेगा। इस दौरान किए गए कार्यों में सफलता की संभावना अधिक रहती है। दिन भर की भागदौड़ के बाद शाम को आराम करना और मानसिक शांति के लिए अपने इष्ट देव का ध्यान करना लाभकारी रहेगा। किसी भी बड़े आर्थिक निर्णय या लेन-देन को आज टालना ही उचित होगा।
