Ahoi Ashtami 2026 Today (ahoi mata ki aarti in hindi lyrics): प्रत्येक वर्ष कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को अहोई अष्टमी का व्रत रखा जाता है। द्रिक पंचांग के अनुसार, आज 1 नवंबर 2026 की दोपहर 02:51 बजे अष्टमी तिथि का आरंभ हो रहा है। कल 2 नवंबर को दोपहर 01:10 बजे अष्टमी तिथि का समापन होगा। ऐसे में आज 1 नवंबर 2026, रविवार को अहोई अष्टमी का व्रत रखा जा रहा है। अहोई अष्टमी के दिन अहोई माता की पूजा की जाती है, जो कि माता पार्वती का स्वरूप है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अहोई अष्टमी के दिन पूजा-पाठ करने से संतान के सुनहरे भविष्य, लंबी उम्र और अच्छी सेहत का आशीर्वाद मिलता है। अहोई अष्टमी की पूजा अहोई माता की आरती के बिना अधूरी होती है। आरती को देवी-देवताओं के प्रति श्रद्धा, समर्पण, प्रेम और आदर प्रकट करने का सरल माध्यम माना जाता है। यहां से आप अहोई माता की आरती के सही लिरिक्स के बारे में जानेंगे।
अहोई माता की आरती
जय अहोई माता, जय अहोई माता।
तुमको निसदिन ध्यावत, हरि विष्णु विधाता॥
ॐ जय अहोई माता॥
ब्रह्माणी, रुद्राणी, कमला, तू ही है जगमाता।
सूर्य-चन्द्रमा ध्यावत, नारद ऋषि गाता॥
ॐ जय अहोई माता॥
माता रूप निरंजन, सुख-सम्पत्ति दाता।
जो कोई तुमको ध्यावत, नित मंगल पाता॥
ॐ जय अहोई माता॥
तू ही पाताल बसंती, तू ही है शुभदाता।
कर्म-प्रभाव प्रकाशक, जगनिधि से त्राता॥
ॐ जय अहोई माता॥
जिस घर थारो वासा, वाहि में गुण आता।
कर न सके सोई कर ले, मन नहीं घबराता॥
ॐ जय अहोई माता॥
तुम बिन सुख न होवे, न कोई पुत्र पाता।
खान-पान का वैभव, तुम बिन नहीं आता॥
ॐ जय अहोई माता॥
शुभ गुण सुंदर युक्ता, क्षीर निधि जाता।
रतन चतुर्दश तोकू, कोई नहीं पाता॥
ॐ जय अहोई माता॥
श्री अहोई मां की आरती, जो कोई गाता।
उर उमंग अति उपजे, पाप उतर जाता ॥
ॐ जय अहोई माता, मैया जय अहोई माता।
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अहोई अष्टमी की पूजा का शुभ मुहूर्त
अहोई अष्टमी के दिन सुबह सूर्योदय के बाद स्नान आदि कार्य करके शुद्ध कपड़े पहनने के पश्चात व्रत का संकल्प लिया जाता है। इसके बाद मुख्य पूजा शाम में की जाती है। आज 1 नवंबर 2026 को अहोई अष्टमी की मुख्य पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 05:41 बजे आरंभ होगा, जो शाम 07 बजे तक प्रभावी रहेगा।
अहोई अष्टमी का व्रत कब खोलें?
आज सूर्योदय सुबह 06:46 बजे हुआ, जिसके साथ ही अहोई अष्टमी के निर्जला व्रत का आरंभ हो गया है। अब शाम में तारों के दर्शन के बाद अहोई अष्टमी व्रत का पारण होगा। आज शाम 06:07 बजे तारों के दर्शन होंगे, जिसके बाद जल ग्रहण करके अहोई अष्टमी व्रत का पारण किया जा सकता है।
