Ganesh Chaturthi 2026: गणेश चतुर्थी का पर्व हिंदू धर्म के लोगों के लिए बहुत ही खास होता है, जिसका जश्न आज 14 सितंबर 2026, सोमवार को मनाया जा रहा है। द्रिक पंचांग के अनुसार, हर साल भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को गणेश चतुर्थी मनाई जाती है। इस बार 14 सितंबर 2026 की सुबह 07:06 बजे से 15 सितंबर 2026 की सुबह 07:44 बजे तक भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी तिथि रहेगी। गणेश चतुर्थी के दिन गणपति बप्पा का जन्मोत्सव मनाया जाता है। साथ ही उनकी विशेष रूप से पूजा की जाती है और व्रत रखा जाता है। हालांकि, इस दिन चंद्र देव को देखना पूर्ण रूप से वर्जित है। यदि गलती से व्यक्ति गणेश चतुर्थी पर चांद देख भी लेता है तो उस पर झूठा आरोप या कलंक लग सकता है। हालांकि, तुरंत कुछ उपायों को करके इस दोष से बचा भी जा सकता है।
आज यहां पर आप जानेंगे कि गणेश चतुर्थी पर चांद क्यों नहीं देखा जाता है और देख लें तो दोष से बचने के उपाय क्या हैं।
गणेश चतुर्थी पर चांद क्यों नहीं देखना चाहिए?
पौराणिक कथाओं के अनुसार, प्राचीन काल में एक दिन भगवान गणेश ने अपने माता-पिता भगवान शिव और माता पार्वती को ही संपूर्ण ब्रह्मांड का स्वरूप माना और उनकी परिक्रमा की। भगवान शिव गणेश जी की बुद्धिमत्ता, प्रेम और समर्पण से बहुत प्रसन्न हुए। इसके बाद उन्होंने बप्पा को सभी देवी-देवताओं में प्रथम पूज्य यानी सबसे पहले पूजे जाने का आशीर्वाद दिया।
जब ये बात अन्य देवी-देवताओं को पता चली तो वो कैलाश पर गणेश जी से मिलने गए। उस समय आकाश में चंद्र देव मंद-मंद मुस्कुरा रहे थे। उन्होंने गणेश जी के स्वरूप का मजाक उड़ाया। जब गणेश जी को चंद्र देव की इस बात का पता चला तो वो क्रोधित हो गए और उन्होंने चंद्रमा को कलंकित होने का श्राप दे दिया।
श्राप के प्रभाव से चंद्र देव की चमक फीकी पड़ने लगी, जिसके बाद उन्हें अपनी भूल का अहसास हुआ। उन्होंने बिना देर किए गणेश जी से क्षमा मांगी, लेकिन बप्पा का क्रोध पूरी तरह शांत नहीं हुआ था। उन्होंने कहा 'आज से तुम सूर्य के प्रकाश से प्रकाशित होकर पूर्णिमा के दिन पूर्ण रूप से दिखाई दोगे और 16 कलाओं से युक्त रहोगे, लेकिन गणेश चतुर्थी के दिन तुम्हें दंड जरूर मिलेगा। इस दिन जो भी व्यक्ति तुम्हें देखेगा, उस पर मिथ्या कलंक लग सकता है।' इसी मान्यता के कारण गणेश चतुर्थी के दिन चंद्र दर्शन करना वर्जित है।
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गणेश चतुर्थी पर चांद दिखे तो क्या करें?
यदि गणेश चतुर्थी के दिन आपको चंद्रमा के दर्शन गलती से हो जाएं तो उसी समय श्रद्धापूर्वक हाथ जोड़कर गणपति बप्पा से क्षमा प्रार्थना करें। साथ ही 'सिंहः प्रसेनमवधीत्सिंहो जाम्बवता हतः। सुकुमारक मारोदीस्तव ह्येष स्यमन्तकः॥' मंत्र का 11, 21, 54 या 108 बार जाप करें। ऐसा करने से आप मिथ्या दोष से बच सकते हैं।
गणेश चतुर्थी पर वर्जित चन्द्र दर्शन का समय
आज 14 सितंबर 2026 को सुबह 09:06 बजे से रात 08:04 बजे तक वर्जित चन्द्र दर्शन का समय है। इन 10 घण्टे 58 मिनट्स की अवधि के दौरान चांद को देखने से बचें।
