Ganesh Ji Aarti Lyrics in Hindi: गणेश चतुर्थी के दिन भगवान गणेश का जन्मोत्सव मनाया जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, प्राचीन काल में भाद्रपद महीने के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को गणेश जी का जन्म हुआ था, जिसके बाद से हर साल इस तिथि पर गणेश चतुर्थी पर्व को मनाने की परंपरा शुरू हो गई। साल 2026 में आज 14 सितंबर, सोमवार को गणेश चतुर्थी मनाई जा रही है। इस दिन भक्तजन व्रत रखते हैं और गणेश जी को गाजे-बाजे तथा हर्षोल्लास के साथ अपने घर में लाते हैं। सबसे पहले बप्पा की पूजा की जाती है, फिर उन्हें विभिन्न प्रकार के भोग अर्पित किए जाते हैं। खासकर, मोदक का भोग लगता है, जिसके बाद अंत में आरती करके पूजा का समापन होता है।
आरती को गणेश जी के प्रति अपनी श्रद्धा, प्रेम और समर्पण व्यक्त करने का तरीका माना जाता है। मान्यता है कि आरती करने से सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक विकास होता है। साथ ही मानसिक शांति मिलती है। यदि आप भी आज गणेश चतुर्थी पर गणपति बप्पा की आरती करने वाले हैं तो यहां से आरती के सही लिरिक्स जान सकते हैं। यहां पर गणपति बप्पा को समर्पित 3 आरतियों के लिरिक्स दिए गए हैं।
गणेश जी की आरती (Jai ganesh jai ganesh lyrics in hindi)
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥
एकदंत दयावंत, चार भुजा धारी।
माथे सिंदूर सोहे, मूषक की सवारी॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥
पान चढ़े फल चढ़े, और चढ़े मेवा।
लड्डुअन का भोग लगे, संत करें सेवा॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥
अंधन को आंख देत, कोढ़िन को काया।
बांझन को पुत्र देत, निर्धन को माया॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥
‘सूर’ श्याम शरण आए, सफल कीजे सेवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥
दीनन की लाज रखो, शंभु सुतकारी।
कामना को पूर्ण करो, जाऊं बलिहारी॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥
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गणपति जी की आरती (Sukh Karta Dukh Harta Ganesh Ji Ki Aarti Lyrics Hindi)
सुख करता दुखहर्ता, वार्ता विघ्नाची।
नूर्वी पूर्वी प्रेम कृपा जयाची।
सर्वांगी सुन्दर उटी शेंदु राची।
कंठी झलके माल मुकताफळांची।
जय देव जय देव..
जय देव जय देव, जय मंगल मूर्ति।
दर्शनमात्रे मनोकामना पूर्ति।
जय देव जय देव
रत्नखचित फरा तुझ गौरीकुमरा।
चंदनाची उटी कुमकुम केशरा।
हीरे जडित मुकुट शोभतो बरा।
रुन्झुनती नूपुरे चरनी घागरिया।
जय देव जय देव..
जय देव जय देव, जय मंगल मूर्ति।
दर्शनमात्रे मनोकामना पूर्ति
जय देव जय देव॥
लम्बोदर पीताम्बर फनिवर वंदना।
सरल सोंड वक्रतुंडा त्रिनयना।
दास रामाचा वाट पाहे सदना।
संकटी पावावे निर्वाणी, रक्षावे सुरवर वंदना।
जय देव जय देव..
जय देव जय देव, जय मंगल मूर्ति।
दर्शनमात्रे मनोकामना पूर्ति
जय देव जय देव॥
श्री गणपतीची आरती (Shendur Lal Chadhayo Ganesh Ji Ki Aarti Lyrics Hindi)
शेंदुर लाल चढ़ायो अच्छा गजमुखको।दोंदिल लाल बिराजे सुत गौरिहर को।
हाथ लिए गुड़-लड्डू सांई सुरवरको।
महिमा कहे न जाय लागत हूं पादको ॥1॥
जय जय श्री गणराज विद्या सुखदाता।
धन्य तुम्हारा दर्शन मेरा मन रमता ॥धृ॥
अष्टौ सिद्धि दासी संकट को बैरि।
विघ्नविनाशन मंगल मूरत अधिकारी।
कोटी सूरज प्रकाश ऐसी छबि तेरी।
गंडस्थल मदमस्तक झूले शशिबिहारि ॥2॥
जय जय श्री गणराज विद्या सुखदाता।
धन्य तुम्हारा दर्शन मेरा मन रमता ॥
भावभगत से कोई शरणागत आवे।
संतति संपत्ति सब ही भरपूर पावे।
ऐसे तुम महाराज मोको अति भावे।
गोसावीनंदन निशिदिन गुन गावे ॥3॥
जय जय श्री गणराज विद्या सुखदाता।
धन्य तुम्हारा दर्शन मेरा मन रमता ॥
