Hartalika Teej 2026 (Solah Shringar List): भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को हर साल हरतालिका तीज का व्रत रखा जाता है, जो कि विवाहित महिलाएं और कुंवारी कन्याएं रखती हैं। साथ ही गणेश जी, शिव जी और माता पार्वती की विशेष रूप से पूजा की जाती है। मान्यता है कि हरतालिका तीज के दिन यदि विवाहित महिलाएं पूजा-पाठ करती हैं तो उनकी मैरिड लाइफ अच्छी रहती है। साथ ही पति की लंबी उम्र का आशीर्वाद मिलता है, जबकि योग्य वर की चाह में कुंवारी कन्याएं इस दिन निर्जला व्रत रखती हैं। साल 2026 में हरतालिका तीज का व्रत 14 सितंबर 2026 को रखा जाएगा।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हरतालिका तीज के दिन विवाहित महिलाओं के लिए सोलह श्रृंगार करना बेहद शुभ होता है। इसे सुहाग की निशानी माना जाता है, जिसके बिना पूजा अधूरी होती है। हालांकि, कई बार जल्दबाजी में सोलह श्रृंगार की कुछ चीजें छूट जाती हैं, जो कि शुभ नहीं है। इस साल आप सोलह श्रृंगार की कोई भी चीज न भूलें, इसके लिए आज ही सोलह श्रृंगार की पूरी सूची देख लें।
1. बिंदी
सोलह श्रृंगार में बिंदी को पहला श्रृंगार माना गया है, जो गोल आकार की लाल रंग की लगानी चाहिए।
2. सिंदूर
बिंदी के बाद सिंदूर को सोलह श्रृंगार में दूसरा स्थान प्राप्त है, जो लाल रंग के पाउडर के रूप में लगाना चाहिए।
3. मांग टीका
सोलह श्रृंगार में मांग टीका भी आता है, जिसे सिर पर ऐसे लगाना चाहिए जिससे मांग में भरा सिंदूर पूरी तरह से न छिपे।
4. केशपाश
बालों को बांधने को केशपाश कहते हैं, जो कि सोलह श्रृंगार का अहम हिस्सा है। हालांकि, बालों को केवल बांधना ही केशपाश नहीं होता है, बल्कि इन्हें सलीके से सजाना भी जरूरी होता है।
5. काजल
आंखों की खूबसूरती बढ़ाने वाले काजल को भी सोलह श्रृंगार का हिस्सा माना जाता है।
6. नथ
नाक में पहनी जाने वाली नथ को भी सोलह श्रृंगार का अहम हिस्सा माना गया है।
7. मंगलसूत्र
शादी के दिन पति अपनी पत्नी को मंगलसूत्र पहनाता है, जिसे सुहागन की निशानी माना जाता है। इस निशानी को सोलह श्रृंगार का हिस्सा माना जाता है, जिसे हरतालिका तीज के दिन गले में पहनना जरूरी होता है।
8. कान के टॉप्स
कान के टॉप्स भी सोलह श्रृंगार में आते हैं। इस दिन आप अपनी पसंद के अनुसार बालियां, झुमके या कर्णफूल पहन सकते हैं।
9. बाजूबंद
बाजूबंद सोलह श्रृंगार में से एक है, जिसे बांह में पहना जाता है।
10. मेहंदी
मेहंदी को सोलह श्रृंगार का एक अहम हिस्सा माना जाता है, जिसे हाथ और पैर दोनों पर लगाना जरूरी होता है।
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11. चूड़ियां
सोलह श्रृंगार में चूड़ियां भी आती हैं, जिनका कांच का होना जरूरी है।
12. आरसी
आरसी एक तरह की अंगूठी होती है, जिसमें बीच में आईना और बाहर की तरफ डिजाइन होता है। सोलह श्रृंगार में आरसी को दर्पण के रूप में गिना जाता है।
13. कमरबंद
कमरबंद को भी सोलह श्रृंगार का अहम हिस्सा माना जाता है, जिसे कमर पर पहना जाता है।
14. पायल और बिछिया
चांदी की पायल और बिछिया को भी सोलह श्रृंगार का हिस्सा माना गया है, जिसमें घुंघरू होना जरूरी है।
15. शादी का जोड़ा
सोलह श्रृंगार में शादी का जोड़ा भी आता है। हालांकि, हर त्योहार पर शादी का जोड़ा नहीं पहना जा सकता है। ऐसी स्थिति में महिलाएं लाल, हरे, मैरून या सुनहरे रंग की साड़ी को पहन सकती हैं।
16. इत्र
श्रृंगार को इत्र के बिना अधूरा माना जाता है। हालांकि, इत्र को कपड़ों की जगह तन पर लगाना जरूरी होता है।
