व्रत त्योहार

Rishi Panchami Paran Time: ऋषि पंचमी व्रत का पारण कब और कैसे करें? जानें पारण का सही समय, विधि और जरूरी नियम

Rishi Panchami Paran Time: ऋषि पंचमी व्रत रखने वाले श्रद्धालु 16 सितंबर को पंचमी तिथि समाप्त होने के बाद पारण कर सकते हैं। जानें पारण का सही समय, पूजा विधि, सात्विक भोजन और व्रत खोलते समय किन जरूरी नियमों का ध्यान रखना चाहिए।

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ऋषि पंचमी व्रत का पारण

Rishi Panchami Paran Time: भाद्रपद शुक्ल पक्ष की ऋषि पंचमी का व्रत सनातन परंपरा में विशेष महत्व रखता है। यह व्रत सप्तऋषियों के प्रति श्रद्धा, ज्ञान और तपस्या के सम्मान का प्रतीक माना जाता है। पूरे दिन उपवास और पूजा-अर्चना के बाद व्रत का पारण भी उतना ही महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि इसी के साथ व्रत का संकल्प पूर्ण माना जाता है। ऐसे में जो श्रद्धालु 15 सितंबर को ऋषि पंचमी (Rishi Panchami 2026) का व्रत रख चुके हैं, वे 16 सितंबर को पारण करेंगे। आइए जानते हैं कि व्रत खोलने का सही समय, विधि और किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

ऋषि पंचमी व्रत का पारण का मुहूर्त

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, व्रत का पारण तिथि समाप्त होने के बाद करना शुभ माना जाता है। इस वर्ष पंचमी तिथि 16 सितंबर की सुबह 8 बजकर 59 मिनट तक रहेगी। इसके बाद षष्ठी तिथि प्रारंभ हो जाएगी। जिन परिवारों में तिथि समाप्त होने के बाद व्रत खोलने की परंपरा है, वे पंचमी समाप्त होने के बाद पारण कर सकते हैं। हालांकि, अलग-अलग क्षेत्रों और परिवारों में पंचांग के अनुसार पारण का समय भिन्न हो सकता है, इसलिए स्थानीय परंपरा का पालन भी महत्वपूर्ण माना जाता है।