ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों के गोचर को अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है। इसी क्रम में 31 अक्टूबर से देवगुरु बृहस्पति का गोचर सिंह राशि में होने जा रहा है। गुरु का यह संचार मघा नक्षत्र के पहले चरण से शुरू होगा। हालांकि, सिंह राशि में पहले से ही केतु विराजमान हैं, जिसके कारण गुरु और केतु की युति से 'गुरु चांडाल योग' का निर्माण होगा। इस स्थिति पर राहु की पूर्ण दृष्टि भी बनी रहेगी। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, 12 नवंबर के बाद इस योग में मंगल का प्रवेश भी होने वाला है, जिससे स्थिति और अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकती है। गुरु का मित्र राशि में होने के बावजूद गुरु चांडाल योग का प्रभाव सभी 12 राशियों के जीवन में उतार-चढ़ाव ला सकता है। आइए जानते हैं कि इस गोचर का आपकी राशि पर क्या असर पड़ेगा।
राशियों पर गुरु गोचर का प्रभाव
मेष राशि के जातकों के लिए पंचम भाव में बना यह योग कारोबार में तनाव के साथ लाभ भी ला सकता है। लव लाइफ में सावधानी बरतने की आवश्यकता है। वृषभ राशि के लिए यह गोचर चतुर्थ भाव में होगा, जिससे भौतिक सुख-साधन बढ़ेंगे, लेकिन माता की सेहत का ध्यान रखना होगा। मिथुन राशि के जातकों को पारिवारिक रिश्तों में धैर्य रखना होगा, जबकि कर्क राशि के जातकों के लिए आर्थिक बचत में कमी आने की संभावना है।सिंह राशि में गुरु का गोचर मानसिक तनाव और खर्चों में वृद्धि ला सकता है, हालांकि तकनीकी क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए यह समय अनुकूल रह सकता है। कन्या राशि के जातकों को स्वास्थ्य के प्रति विशेष सतर्कता बरतनी होगी। तुला राशि के लिए यह गोचर नौकरी में नए अवसर ला सकता है। वृश्चिक राशि के जातकों को आर्थिक लाभ मिलने के संकेत हैं, वहीं धनु राशि के जातकों को परिश्रम के बाद सफलता प्राप्त होगी।
मकर राशि के जातकों के लिए अष्टम भाव में गुरु का संचार स्वास्थ्य और खर्चों के प्रति सावधानी बरतने का संकेत दे रहा है। कुंभ राशि के जातकों को वैवाहिक जीवन और साझेदारी के कार्यों में संभलकर चलने की सलाह दी गई है। अंत में, मीन राशि के जातकों के लिए छठे भाव में गुरु का गोचर खर्चों में वृद्धि और स्वास्थ्य संबंधी उतार-चढ़ाव ला सकता है।
