Buddha Teachings: भगवान बुद्ध की शिक्षाएं आज भी इंसान को बेहतर जीवन जीने का रास्ता दिखाती हैं। धम्मपद के इन श्लोकों (dhammapada verse) में भगवान बुद्ध ने समझाया है कि लापरवाही इंसान को उसके लक्ष्य से दूर करती है। बुद्ध ने बताया है कि जो व्यक्ति हर काम सोच-समझकर करता है, अपने मन पर नियंत्रण रखता है और हमेशा जागरूक रहता है, वह सही रास्ते पर आगे बढ़ता है। ऐसा व्यक्ति कभी अपने मार्ग से भटकता नहीं और धीरे-धीरे शांति, ज्ञान और निर्वाण की ओर बढ़ता है।
मा पमादमनुयुञ्जेथ मा कामरतिसंथवं।
अप्पमत्तो हि झायंतो पप्पोति विपुलं सुखं।।
हिंदी अर्थ: कभी भी लापरवाही को अपने जीवन का हिस्सा मत बनने दो और न ही इंद्रियों के सुखों में जरूरत से ज्यादा उलझो। जो व्यक्ति सजग रहकर ध्यान और चिंतन करता है, वह अपार सुख और सच्ची शांति प्राप्त करता है।
पमादं अप्पमादेन यदा नुदति पंडितो।
पञ्ञापासादमारुय्ह असोको सोकिनिं पजं।
पब्बतट्ठो’ व भूमट्ठे धीरो बाले अवेक्खति।।
हिंदी अर्थ: जब कोई बुद्धिमान व्यक्ति सजगता के जरिए अपने भीतर से लापरवाही को दूर कर देता है, तो वह ज्ञान की ऊंचाइयों तक पहुंच जाता है। दुखों से मुक्त होकर वह पहाड़ की चोटी पर खड़े व्यक्ति की तरह नीचे खड़े दुखी और अज्ञानी लोगों को देखता है।
अप्पमत्तो पमत्तेसु सुत्तेसु बहुजागरो।
अबलस्सं’ व सीघस्सो हित्वा याति सुमेधसो।।
हिंदी अर्थ: जब दूसरे लोग लापरवाही में डूबे रहते हैं और अज्ञान की नींद सोते हैं, तब समझदार व्यक्ति पूरी तरह जागरूक रहता है। वह तेज दौड़ने वाले घोड़े की तरह कमजोर और धीमी गति से चलने वालों को पीछे छोड़कर आगे निकल जाता है।
अप्पमादरतो भिक्खु पमादे भयदस्सि वा।
सञ्जोनं अणुं थूलं डहं अग्गी’ व गच्छति।।
हिंदी अर्थ: जो भिक्षु सजगता में आनंद लेता है और लापरवाही को खतरे के रूप में देखता है, वह छोटे-बड़े सभी बंधनों को उसी तरह जलाकर आगे बढ़ता है, जैसे आग सूखी लकड़ियों को जला देती है।
अप्पमादरतो भिक्खु पमादे भयदस्सि वा।
अभब्बो परिहानाय निब्बानस्सेव संतिके।।
हिंदी अर्थ: जो भिक्षु सजगता के मार्ग पर चलता है और लापरवाही में खतरा देखता है, उसका आध्यात्मिक पतन नहीं होता। वह लगातार निर्वाण यानी परम शांति के करीब पहुंचता जाता है।
