धर्म

Karwa Chauth 2026: करवा चौथ पर छलनी से चांद देखने की क्या है वजह?

Karwa Chauth 2026: महिलाएं करवा चौथ पर चांद को छलनी से देखने के बाद पति का चेहरा देखकर व्रत खोलती हैं। इस परंपरा के पीछे क्या धार्मिक मान्यता है आइए जानते हैं।

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Karwa Chauth 2026

Karwa Chauth 2026: करवा चौथ हिंदू धर्म का एक खास त्योहार है। उत्तर भारत में इस पर्व को खासतौर पर विवाहित महिलाएं बड़े उत्साह से मनाती हैं। इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र, अच्छी सेहत और खुशहाल वैवाहिक जीवन की कामना करते हुए व्रत रखती हैं। कई महिलाएं सूर्योदय से लेकर चांद निकलने तक बिना कुछ खाए-पिए रहती हैं। दिनभर व्रत रखने के बाद रात में चांद देखने और पति के हाथों पानी पीकर व्रत खोलने की परंपरा है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि करवा चौथ पर महिलाएं चांद को सीधे देखने के बजाय छलनी से क्यों देखती हैं? आइए, इसके पीछे की मान्यता और इस परंपरा का महत्व जानते हैं।

करवा चौथ पर छलनी से चांद देखने की परंपरा

करवा चौथ पर महिलाएं सुबह से ही व्रत की तैयारियों में जुट जाती हैं। वे सोलह शृंगार करती हैं, हाथों में मेहंदी लगाती हैं और शाम को पूजा के दौरान करवा चौथ की कथा सुनती हैं। रात में चांद निकलने पर महिलाएं पूजा की थाली लेकर उसकी पूजा करती हैं और छलनी से चांद को देखती हैं। इसके बाद उसी छलनी से अपने पति का चेहरा देखती हैं। फिर पति उन्हें पानी पिलाकर व्रत खुलवाते हैं। यह रस्म पति-पत्नी के प्रेम, विश्वास और साथ निभाने की भावना से जुड़ी मानी जाती है।