Papankusha Ekadashi Paran: आश्विन मास के शुक्ल पक्ष में आने वाली पापांकुशा एकादशी भगवान विष्णु को समर्पित होती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन व्रत रखने और भगवान विष्णु की आराधना करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। हालांकि, एकादशी व्रत का समापन भी सही समय और विधि के अनुसार करना जरूरी माना जाता है। इसी को व्रत का पारण कहा जाता है। इस बार पापांकुशा एकादशी का व्रत 22 अक्टूबर, गुरुवार को रखा जा रहा है, जबकि इसका पारण 23 अक्टूबर, शुक्रवार को किया जाएगा। ऐसे में आइए जानते हैं पापांकुशा एकादशी पारण का शुभ मुहूर्त (Papankusha Ekadashi Paran Time) पूजा विधि और व्रत खोलने से जुड़े जरूरी नियम।
पापांकुशा एकादशी का पारण का मुहूर्त
पापांकुशा एकादशी व्रत का पारण द्वादशी तिथि के दिन करना शुभ माना जाता है। सामान्य पंचांग के अनुसार, 23 अक्टूबर 2026 को सुबह के समय व्रत खोलने का शुभ मुहूर्त है। व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं को पारण से पहले स्नान करके भगवान विष्णु की पूजा करनी चाहिए।
- पारण की तारीख: 23 अक्टूबर 2026, शुक्रवार
- पारण मुहूर्त: सुबह 6:27 बजे से 8:42 बजे तक
पापांकुशा एकादशी व्रत की पारण विधि
पारण के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनें। इसके बाद पूजा स्थल को स्वच्छ करके भगवान विष्णु के सामने दीपक जलाएं। उन्हें पीले फूल, तुलसी दल, फल और मिठाई अर्पित करें। पूजा के दौरान भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप करें और आरती करके सुख-समृद्धि की प्रार्थना करें। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, द्वादशी तिथि पर भगवान विष्णु की पूजा करने से भक्तों को उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है। पूजा करते समय मन में श्रद्धा और सकारात्मक भाव बनाए रखें।
पारण से पहले दान-पुण्य का महत्व
एकादशी व्रत में पूजा-पाठ के साथ दान करने का भी विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि पारण से पहले किसी जरूरतमंद व्यक्ति या ब्राह्मण को अन्न, वस्त्र अथवा दान-दक्षिणा देना शुभ होता है। आप अपनी सामर्थ्य के अनुसार जरूरतमंदों को भोजन करा सकते हैं या उनकी आवश्यकताओं से जुड़ी वस्तुएं दान कर सकते हैं।
तुलसी दल या जल ग्रहण करके खोलें व्रत
भगवान विष्णु की पूजा और भोग लगाने के बाद व्रत का पारण करें। इसके अलावा तुलसी दल या जल ग्रहण करके व्रत खोलना चाहिए। इसके बाद फल, दूध या सात्विक भोजन किया जा सकता है। यदि आपने पूरे दिन निर्जला व्रत रखा है, तो पारण के समय एकदम से भारी भोजन करने से बचें। पहले थोड़ा पानी पिएं और फिर अपनी सहनशीलता के अनुसार हल्का भोजन लें।
एकादशी व्रत पारण के नियम
पापांकुशा एकादशी का व्रत खोलते समय पारण के निर्धारित समय का ध्यान रखें। द्वादशी तिथि में पारण करने की परंपरा का पालन करें और पूजा के बाद ही भोजन ग्रहण करें। अपनी धार्मिक मान्यताओं के अनुसार तुलसी दल, फल और सात्विक भोजन का इस्तेमाल कर सकते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पापांकुशा एकादशी का व्रत भगवान विष्णु के प्रति श्रद्धा, भक्ति और संयम का प्रतीक है। ऐसे में व्रत का समापन भी विधि-विधान से पूजा, सामर्थ्य के अनुसार दान और सात्विक भोजन के साथ करना शुभ माना जाता है।
