Babulnath Temple Mumbai: मुंबई की चकाचौंध, ऊंची इमारतों और फिल्मी दुनिया के बीच भगवान शिव का एक ऐसा प्राचीन धाम भी है, जहां पहुंचकर शहर की भागदौड़ से दूर आध्यात्मिक शांति का अनुभव किया जा सकता है। दक्षिण मुंबई की मालाबार हिल के पास स्थित बाबुलनाथ मंदिर अपनी प्राचीन मान्यताओं, शिवलिंग से जुड़ी रहस्यमयी कहानी (Babulnath Temple Story) और धार्मिक महत्व के लिए जाना जाता है। यहां 29 अक्टूबर 2026, गुरुवार को आकाश अंबानी और अनंत अंबानी भी इसी मंदिर में आयोजित आध्यात्मिक कार्यक्रम के दौरान पहुंचे और भगवान शिव के स्वरूप आदियोगी के दर्शन कर आरती की। इस मौके पर ईशा फाउंडेशन के स्वयंसेवकों ने पहली बार मंदिर में कैलाश वाद्यम की प्रस्तुति दी। आगे जानें बाबुलनाथ मंदिर का रहस्यमयी इतिहास...
12वीं सदी से जुड़ा है मंदिर का इतिहास
बाबुलनाथ मंदिर को मुंबई के प्राचीन शिव मंदिरों में गिना जाता है। मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक, इसका इतिहास 12वीं सदी तक जाता है। मान्यता है कि सोलंकी वंश के शासनकाल में यहां भगवान शिव का मंदिर स्थापित था। समय के साथ पुराना मंदिर नष्ट हो गया और इससे जुड़ी मूर्तियां जमीन के नीचे दब गईं। आज का मंदिर उसी प्राचीन धार्मिक परंपरा और आस्था की विरासत को आगे बढ़ाता है।
भक्ति टाइम्स पर यह भी पढ़ें- आज करवा चौथ की पूजा में गाएं ये प्रसिद्ध पारंपरिक भजन और सुहाग गीत, भक्तिमय हो जाएगा माहौल
शिवलिंग प्रगट होने की कहानी
बाबुलनाथ मंदिर की सबसे चर्चित कथा एक गाय और ग्वाले बाबुल से जुड़ी है। स्थानीय मान्यता के अनुसार, पांडुरंग नाम के एक धनी व्यक्ति की गायें मालाबार हिल के आसपास चरती थीं। उनकी कपिला नाम की गाय एक दिन दूध देना बंद कर देती है। जब ग्वाले बाबुल ने उस पर नजर रखी, तो उसने देखा कि गाय एक खास स्थान पर अपना दूध गिरा रही थी।
यह बात पांडुरंग तक पहुंची तो उस जगह की खुदाई कराई गई। मान्यता के अनुसार, वहां भगवान शिव का एक विशाल स्वयंभू शिवलिंग मिला। साथ ही गणेश, हनुमान और माता पार्वती की मूर्तियां भी मिलीं। इसी स्थान पर बाद में मंदिर का विकास हुआ। बाबुल के नाम से जुड़ी इस कथा के कारण मंदिर को बाबुलनाथ कहा जाने लगा। हालांकि, यह विवरण धार्मिक परंपरा और प्रचलित मान्यता पर आधारित है।
भक्ति टाइम्स पर यह भी पढ़ें- सिर्फ ज्ञान की बातें करने से नहीं मिलेगा सुख, भगवान बुद्ध ने बताया धर्म का असली रास्ता
मंदिर तक पहुंचने के लिए सीढ़ियों की चढ़ाई
पहाड़ी पर स्थित यह मंदिर अपनी वास्तुकला के लिए भी खास है। मंदिर परिसर तक पहुंचने के लिए 108 सीढ़ियां हैं। सफेद संगमरमर और चूना पत्थर से सजे मंदिर के स्तंभों तथा दीवारों पर हिंदू धार्मिक परंपरा की झलक दिखाई देती है। श्रद्धालु इस पहाड़ी को भगवान शिव के निवास कैलाश से जोड़कर भी देखते हैं। बुजुर्गों और सीढ़ियां चढ़ने में असमर्थ लोगों की सुविधा के लिए यहां लिफ्ट की व्यवस्था भी है।
बॉलीवुड सितारों और उद्योग जगत की आस्था का केंद्र
मुंबई में बाबुलनाथ मंदिर की पहचान सिर्फ उसके प्राचीन इतिहास तक सीमित नहीं है। यह शहर के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है, जहां आम श्रद्धालुओं के साथ चर्चित हस्तियां भी दर्शन के लिए पहुंचती रही हैं। अप्रैल 2025 में आकाश अंबानी और श्लोका मेहता के मंदिर पहुंचने की खबरें भी सामने आई थीं। अब 29 अक्टूबर 2026 को आकाश और अनंत अंबानी का यहां पहुंचना एक बार फिर इस प्राचीन शिव धाम को चर्चा में ले आया है। बाबुलनाथ मंदिर की खासियत यही है कि महानगर की आधुनिक पहचान के बीच यह सदियों पुरानी आस्था, लोककथाओं और शिवभक्ति की परंपरा को संजोए हुए है। यही वजह है कि यह मंदिर मुंबई के धार्मिक और सांस्कृतिक जीवन में आज भी खास स्थान रखता है।
