धर्म

ऋषि पंचमी पर कौन से ऋषियों की पूजा की जाती है? जानिए सात ऋषियों के पीछे छिपी ज्ञान की अनोखी कहानी

Rishi Panchami 2026: ऋषि पंचमी पर सप्तऋषियों की पूजा की जाती है। यह केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि भारतीय ऋषि परंपरा के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है। आइए जानते हैं सप्तऋषियों और उनकी ज्ञान परंपरा के बारे में...

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ऋषि पंचमी 2026

Rishi Panchami 2026: हिंदू धर्म में ऋषि पंचमी का पर्व केवल व्रत और पूजा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारतीय ज्ञान परंपरा और उन महान ऋषियों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर भी माना जाता है, जिन्होंने तप, साधना और चिंतन के जरिए समाज को धर्म, नीति और जीवन जीने की दिशा दिखाई। भाद्रपद शुक्ल पंचमी को मनाए जाने वाले इस पर्व पर सप्तऋषियों की विशेष पूजा की जाती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इन सात ऋषियों की पहचान क्या है और इनके जीवन से जुड़ी कौन-सी ज्ञान परंपराएं आज भी प्रासंगिक हैं?

कौन हैं ऋषि पंचमी के सप्तऋषि?

ऋषि पंचमी पर सामान्य रूप से कश्यप, अत्रि, भारद्वाज, विश्वामित्र, गौतम, जमदग्नि और वशिष्ठ की पूजा की जाती है। इन्हें सप्तऋषि कहा जाता है। अलग-अलग ग्रंथों और मन्वंतर परंपराओं में सप्तऋषियों के नामों में अंतर भी मिलता है, लेकिन ऋषि पंचमी की पूजा परंपरा में इन सात ऋषियों का विशेष महत्व माना जाता है।इन ऋषियों को केवल तपस्वी के रूप में नहीं देखा जाता, बल्कि भारतीय संस्कृति में इन्हें ज्ञान, अनुशासन, साधना, चिकित्सा, धर्म, अस्त्र-शास्त्र और सामाजिक व्यवस्था जैसी अनेक ज्ञान परंपराओं के प्रतीक के तौर पर याद किया जाता है। आगे पढ़ें सातों ऋषियों से जुड़ी अनोखी कहानियां (Rishi Panchami Story)