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शनि साढ़ेसाती में क्या होता है? पहले, दूसरे और तीसरे चरण को आसान भाषा में समझें

Shani Sade Sati: ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार शनि व्यक्ति को उसके कर्मों का महत्व समझाते हैं। शनि साढ़ेसाती के कितने चरण होते हैं आइए जानते हैं।

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शनि साढ़ेसाती

Shani Sade Sati: शनि साढ़ेसाती को ज्योतिष में जीवन का एक महत्वपूर्ण दौर माना जाता है। मान्यता है कि इस दौरान व्यक्ति को अपने कर्मों, जिम्मेदारियों और फैसलों का सामना करना पड़ता है। कई बार परिस्थितियां मुश्किल लग सकती हैं, लेकिन यही समय व्यक्ति को धैर्य और अनुशासन भी सिखाता है। साढ़ेसाती का संबंध व्यक्ति की चंद्र राशि से होता है। जब शनि चंद्र राशि से एक राशि पहले, फिर चंद्र राशि और उसके बाद वाली राशि से गुजरता है, तो इस पूरे समय को शनि की साढ़ेसाती कहा जाता है। शनि लगभग ढाई साल तक एक राशि में रहते हैं। इस तरह तीन राशियों से गुजरने में करीब साढ़े सात साल का समय लगता है।

शनि साढ़ेसाती के कितने चरण होते हैं

साढ़ेसाती को आम तौर पर तीन हिस्सों में समझा जाता है। हर चरण का अपना अलग प्रभाव माना जाता है। हालांकि इसका असर हर व्यक्ति की कुंडली और ग्रहों की स्थिति के हिसाब से अलग हो सकता है।