दिवाली का महापर्व इस वर्ष 8 नवंबर को देशभर में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, दिवाली की रात ब्रह्मांड में सकारात्मक ऊर्जा का संचार अपने चरम पर होता है। इस विशेष अवसर पर माता लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजा करने से घर में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है। ज्योतिष और वास्तु विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पूजा के दौरान कुछ विशेष पवित्र वस्तुओं को अर्पित किया जाए, तो देवी लक्ष्मी की कृपा सदैव बनी रहती है।
वास्तु गुरु मान्या के अनुसार, दिवाली की रात माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए पूजा की थाली में कमल का फूल, पीली कौड़ी, गोमती चक्र, एकाक्षी नारियल और साबुत धनिया जैसी वस्तुओं को शामिल करना अत्यंत शुभ होता है। इन वस्तुओं का उपयोग करने से न केवल घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है, बल्कि आर्थिक उन्नति के मार्ग भी प्रशस्त होते हैं।
पूजन में इन वस्तुओं का है विशेष महत्व
माता लक्ष्मी को कमल का फूल अत्यंत प्रिय है, क्योंकि यह कीचड़ में रहकर भी पवित्रता का प्रतीक माना जाता है। पूजा की चौकी पर लाल या पीले वस्त्र बिछाकर देवी के चरणों के पास दो ताजे गुलाबी कमल अर्पित करना शुभ माना जाता है। इसके साथ ही, समुद्र मंथन से जुड़ी पीली कौड़ियों को माता लक्ष्मी की बहन माना गया है, जो धन को आकर्षित करती हैं। कमलगट्टे के साथ 5 या 11 पीली कौड़ियों को पूजा में रखें और अगले दिन इन्हें लाल रेशमी कपड़े में बांधकर तिजोरी में रखने से बरकत बनी रहती है।गोमती चक्र का उपयोग घर से नकारात्मकता और नजर दोष को दूर करने के लिए किया जाता है। पूजा में 7 गोमती चक्र रखकर उन पर केसर और रोली का तिलक लगाने से व्यापार और आय में आने वाली बाधाएं कम होने की मान्यता है। इसके अलावा, एकाक्षी नारियल को माता लक्ष्मी का साक्षात स्वरूप माना गया है, जिसे लाल कलावा लपेटकर चौकी पर स्थापित करना चाहिए। भगवान विष्णु को प्रिय आंवला और माता लक्ष्मी के पसंदीदा मौसमी फल जैसे सिंघाड़ा भी भोग के रूप में अर्पित किए जाते हैं।
अंत में, साबुत धनिया और बताशे का प्रयोग भी विशेष माना गया है। बताशे जीवन में मिठास और शुक्र ग्रह की मजबूती के प्रतीक हैं, जबकि साबुत धनिया संपन्नता का सूचक है। पूजा के बाद थोड़े से धनिये को घर के गमले में बोना और शेष को रसोई के अन्न भंडार में रखना समृद्धि के लिए शुभ माना जाता है। इन सरल उपायों के माध्यम से भक्त पूरी श्रद्धा के साथ माता लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं।
