Diwali 2026 Today (diwali par kiski aarti hoti hai, diwali ki aarti lyrics in hindi): दिवाली का त्योहार सिर्फ घर को रंग-बिरंगी लाइटों से सजाने, दीप जलाने, मिठाइयां बांटने और पटाखे जलाने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि ये पर्व सुख, समृद्धि, खुशहाली, प्रेम, पूजा-पाठ और सकारात्मकता का भी प्रतीक है। इस दिन मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की विशेष रूप से पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, दिवाली की रात मां लक्ष्मी और गणेश जी की उपासना करने से घर-परिवार में धन, वैभव, सुख और समृद्धि का आगमन होता है।
दिवाली के शुभ अवसर पर कई घरों में धन के देवता कुबेर, विद्या की देवी मां सरस्वती, शक्ति स्वरूपा मां काली और जगत के पालनहार भगवान विष्णु की भी पूजा की जाती है। हालांकि, इस दिन हर देवी-देवता की आराधना करने का अपना धार्मिक महत्व है। पूजा के अंत में देवी-देवताओं की आरती करने की भी विशेष परंपरा है, जिसे भगवान के प्रति प्रेम, श्रद्धा, भक्ति और समर्पण व्यक्त करने का अद्भुत माध्यम माना जाता है। अगर आप भी आज 8 नवंबर 2026 को दिवाली की शाम मां लक्ष्मी, भगवान गणेश, कुबेर जी, देवी सरस्वती, मां काली और भगवान विष्णु की आरती करने वाले हैं तो यहां से उनके लिरिक्स देख सकते हैं।
दिवाली आरती लिरिक्स इन हिंदी
भगवान गणेश की आरती (ganesh ji ki aarti lyrics in hindi)
जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा।।
एकदंत, दयावन्त, चार भुजाधारी,
माथे सिन्दूर सोहे, मूस की सवारी।
पान चढ़े, फूल चढ़े और चढ़े मेवा,
लड्डुअन का भोग लगे, सन्त करें सेवा।। ..
जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश, देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा।।
अंधन को आंख देत, कोढ़िन को काया,
बांझन को पुत्र देत, निर्धन को माया।
'सूर' श्याम शरण आए, सफल कीजे सेवा।।
जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा ..
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा।
दीनन की लाज रखो, शंभु सुतकारी।
कामना को पूर्ण करो जय बलिहारी।
मां लक्ष्मी की आरती (maa Laxmi ki aarti lyrics in hindi)
ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता
तुमको निशदिन सेवत, मैया जी को निशदिन सेवत हरि विष्णु विधाता
ॐ जय लक्ष्मी माता-2
उमा, रमा, ब्रह्माणी, तुम ही जग-माता
सूर्य-चन्द्रमा ध्यावत, नारद ऋषि गाता
ॐ जय लक्ष्मी माता-2
दुर्गा रूप निरंजनी, सुख सम्पत्ति दाता
जो कोई तुमको ध्यावत, ऋद्धि-सिद्धि धन पाता
ॐ जय लक्ष्मी माता-2
तुम पाताल-निवासिनि, तुम ही शुभदाता
कर्म-प्रभाव-प्रकाशिनी, भवनिधि की त्राता
ॐ जय लक्ष्मी माता-2
जिस घर में तुम रहतीं, सब सद्गुण आता
सब सम्भव हो जाता, मन नहीं घबराता
ॐ जय लक्ष्मी माता-2
तुम बिन यज्ञ न होते, वस्त्र न कोई पाता
खान-पान का वैभव, सब तुमसे आता
ॐ जय लक्ष्मी माता-2
शुभ-गुण मन्दिर सुन्दर, क्षीरोदधि-जाता
रत्न चतुर्दश तुम बिन, कोई नहीं पाता
ॐ जय लक्ष्मी माता-2
महालक्ष्मीजी की आरती, जो कोई नर गाता
उर आनन्द समाता, पाप उतर जाता
ॐ जय लक्ष्मी माता-2
ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता
तुमको निशदिन सेवत,
मैया जी को निशदिन सेवत हरि विष्णु विधाता
ॐ जय लक्ष्मी माता।
कुबेर देव की आरती (kuber ji ki aarti lyrics in hindi)
ऊं जै यक्ष कुबेर हरे,स्वामी जै यक्ष जै यक्ष कुबेर हरे।
शरण पड़े भगतों के,भण्डार कुबेर भरे॥
ऊं जै यक्ष कुबेर हरे...॥
शिव भक्तों में भक्त कुबेर बड़े,स्वामी भक्त कुबेर बड़े।
दैत्य दानव मानव से,कई-कई युद्ध लड़े॥
ऊं जै यक्ष कुबेर हरे...॥
स्वर्ण सिंहासन बैठे,सिर पर छत्र फिरे, स्वामी सिर पर छत्र फिरे।
योगिनी मंगल गावैं,सब जय जय कार करैं॥
ऊं जै यक्ष कुबेर हरे...॥
गदा त्रिशूल हाथ में,शस्त्र बहुत धरे, स्वामी शस्त्र बहुत धरे।
दुख भय संकट मोचन,धनुष टंकार करें॥
ऊं जै यक्ष कुबेर हरे...॥
भांति भांति के व्यंजन बहुत बने,स्वामी व्यंजन बहुत बने।
मोहन भोग लगावैं,साथ में उड़द चने॥
ऊं जै यक्ष कुबेर हरे...॥
बल बुद्धि विद्या दाता,हम तेरी शरण पड़े, स्वामी हम तेरी शरण पड़े
अपने भक्त जनों के,सारे काम संवारे॥
ऊं जै यक्ष कुबेर हरे...॥
मुकुट मणी की शोभा,मोतियन हार गले, स्वामी मोतियन हार गले।
अगर कपूर की बाती,घी की ज्योत जले॥
ऊं जै यक्ष कुबेर हरे...॥
यक्ष कुबेर जी की आरती,जो कोई नर गावे, स्वामी जो कोई नर गावे।
कहत प्रेमपाल स्वामी,मनवांछित फल पावे॥
ऊं जै यक्ष कुबेर हरे...॥
सरस्वती माता की आरती (saraswati mata ki aarti hindi mein lyrics)
ओम जय सरस्वती माता, जय जय सरस्वती माता।
सद्गुण वैभव शालिनी, त्रिभुवन विख्याता॥
चंद्रवदनी पद्मासना, धृति मंगलकारी।
सोहे शुभ हंस सवारी, अतुल तेजधारी॥ जय…
बाएँ कर में वीणा धरे, दाएँ कर माला।
शीश मुकुट मणी सोहे, गले मोतियन माला॥ जय…
देवी शरण जो आए, उनका उद्धार किया।
पैठी मंथरा दासी, रावण संहार किया॥ जय…
विद्या दायिनी ज्ञान प्रदान कर, ज्ञान का दीप जलाओ।
भ्रम, अज्ञान और अंधकार, जग से दूर भगाओ॥ जय…
धूप, दीप, फल-मेवा, मां स्वीकार करो।
ज्ञान चक्षु दे माता, जग का उद्धार करो॥ जय…
मां सरस्वती की आरती, जो कोई जन गावे।
सुख, समृद्धि, विद्या, भक्ति सहज पावे॥ जय…
जय सरस्वती माता, जय जय सरस्वती माता।
सद्गुण वैभव शालिनी, त्रिभुवन विख्याता॥
जय जय सरस्वती माता।......
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मां काली आरती लिरिक्स (maa kali ki aarti lyrics in hindi)
अम्बे तू है जगदम्बे काली, जय दुर्गे खप्पर वाली,
तेरे ही गुन गाए भारती, हे मैया, हम सब उतारे तेरी आरती।
तेरे भक्त जनो पार माता भये पड़ी है भारी।
दानव दल पार तोतो माड़ा करके सिंह सांवरी।
सौ सौ सिंघों से बालशाली, है अष्ट भुजाओ वली,
दुशटन को तू ही ललकारती।
हे मैया, हम सब उतारे तेरी आरती।
मां-बेटे का है इस जग में, बड़ा ही निर्मल नाता।
पूत कपूत सुने है पर ना माता सुनी कुमाता।
सब पे करुणा दर्शाने वाली, अमृत बरसाने वाली,
दुखीं के दुक्खदे निवर्तती।
हे मैया, हम सब उतारे तेरी आरती।
नही मांगते धन-दौलत ना चांदी और न सोना।
हम तो मांगे तेरे मन में एक छोटा सा कोना।
सब की बिगड़ी बनाने वाली, लाज बचाने वाली,
सतियों के सत को संवरती।
हे मैया, हम सब उतारे तेरी आरती।
चरण शरण में खडे़ तुम्हारी ले पूजा की थाली।
वरद हस्त सिर पर रख दो मां संकट हरने वाली।
मां भार दो भक्ति रस प्याली, अष्ट भुजाओ वली,
भक्तो के करेज तू ही सरती।
हे मैया, हम सब उतारे तेरी आरती।
अम्बे तू है जगदम्बे काली, जय दुर्गे खप्पर वाली।
तेरे ही गुन गाए भारती, हे मैया, हम सब उतारे तेरी आरती।
विष्णु भगवान की आरती (vishnu ji ki aarti lyrics)
ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी! जय जगदीश हरे।
भक्तजनों के संकट क्षण में दूर करे॥
जो ध्यावै फल पावै, दुख बिनसे मन का।
सुख-संपत्ति घर आवै, कष्ट मिटे तन का॥ ॐ जय...॥
मात-पिता तुम मेरे, शरण गहूं किसकी।
तुम बिनु और न दूजा, आस करूं जिसकी॥ ॐ जय...॥
तुम पूरन परमात्मा, तुम अंतरयामी॥
पारब्रह्म परमेश्वर, तुम सबके स्वामी॥ ॐ जय...॥
तुम करुणा के सागर तुम पालनकर्ता।
मैं मूरख खल कामी, कृपा करो भर्ता॥ ॐ जय...॥
तुम हो एक अगोचर, सबके प्राणपति।
किस विधि मिलूं दयामय! तुमको मैं कुमति॥ ॐ जय...॥
दीनबंधु दुखहर्ता, तुम ठाकुर मेरे।
अपने हाथ उठाओ, द्वार पड़ा तेरे॥ ॐ जय...॥
विषय विकार मिटाओ, पाप हरो देवा।
श्रद्धा-भक्ति बढ़ाओ, संतन की सेवा॥ ॐ जय...॥
तन-मन-धन और संपत्ति, सब कुछ है तेरा।
तेरा तुझको अर्पण क्या लागे मेरा॥ ॐ जय...॥
जगदीश्वरजी की आरती जो कोई नर गावे।
कहत शिवानंद स्वामी, मनवांछित फल पावे॥ ॐ जय...॥
बता दें कि दिवाली पर देवी-देवताओं की आरती करने से मन को शांति मिलती है। साथ ही वातावरण सकारात्मक ऊर्जा से भर जाता है।
