दीपावली का त्योहार मां लक्ष्मी के स्वागत और सुख-समृद्धि की कामना से जुड़ा है। इस दिन लोग अपने घरों को सजाते हैं, दीपक जलाते हैं और विधि-विधान से मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि लक्ष्मी पूजा के बाद भी कुछ खास अनुष्ठान करने की परंपरा है? ज्योतिष और वास्तु विशेषज्ञ अक्षत कपूर के अनुसार, दिवाली की अमावस्या की रात को कुछ विशेष उपाय करना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इन उपायों से घर में सकारात्मकता आती है और सुख-समृद्धि का माहौल बनता है। आइए जानते हैं लक्ष्मी पूजा के बाद किए जाने वाले इन खास अनुष्ठानों के बारे में।
लक्ष्मी पूजा के बाद करें लौंग और धूप का उपाय
दिवाली की रात लक्ष्मी पूजा के बाद लौंग और धूप से जुड़ा एक उपाय बताया गया है। इसके लिए आपको एक मिट्टी का दीपक, 11 लौंग, एक तेज पत्ता और कपूर के 2-3 टुकड़े लेने होंगे। अब तेज पत्ते, लौंग और कपूर को जलाकर उसका धुआं घर के हर कमरे में दिखाएं। इस दौरान 'ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं महालक्ष्म्यै नमः' मंत्र का जाप करें। इसके बाद इस सामग्री को मुख्य दरवाजे के पास रख दें। मान्यता है कि ऐसा करने से घर का वातावरण शुद्ध होता है और नकारात्मकता दूर रहती है।
मां लक्ष्मी को अर्पित करें कमल गट्टे
मां लक्ष्मी की पूजा में कमल के फूल और कमल गट्टों का विशेष महत्व माना जाता है। ज्योतिष विशेषज्ञ के अनुसार, दिवाली की रात मां लक्ष्मी को 108, 21 या 11 कमल गट्टे अर्पित कर सकते हैं। हर कमल गट्टे को घी से स्पर्श कराते हुए 'ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः' मंत्र का जाप करें। पूजा के अगले दिन इनमें से 7 कमल गट्टे अपनी अलमारी या तिजोरी में रख दें। बाकी कमल गट्टों को किसी पौधे के पास रख सकते हैं। धार्मिक मान्यता है कि इससे घर में बरकत बनी रहती है।
दीपक की कालिख से बनाएं तिलक
दिवाली की पूजा के बाद दीपक की कालिख से तिलक बनाने का उपाय भी बताया गया है। इसके लिए एक साफ स्टील का चम्मच पूजा के दीपक के ऊपर रखें। कुछ समय बाद चम्मच पर कालिख जमा हो जाएगी। अब इसमें थोड़ा घी मिलाकर तिलक तैयार करें। इसे तिजोरी या घर के किसी सुरक्षित स्थान पर लगा सकते हैं। चाहें तो खुद भी तिलक लगा सकते हैं, लेकिन इसे आंखों के आसपास बिल्कुल न लगाएं।
घर के कोनों में रखें सेंधा नमक
वास्तु से जुड़े इस उपाय के अनुसार, घर के अंधेरे और कम इस्तेमाल होने वाले कोनों में सेंधा नमक से भरे छोटे कटोरे रख सकते हैं। इन्हें करीब एक सप्ताह तक वहां रहने दें। मान्यता है कि नमक के गीला होने या उसमें बदलाव दिखने को उस जगह की भारी ऊर्जा से जोड़कर देखा जाता है। हालांकि, नमी के कारण भी नमक गीला हो सकता है।
दिवाली की रात क्यों मानी जाती है खास?
दिवाली कार्तिक अमावस्या को मनाई जाती है। इस रात मां लक्ष्मी की पूजा और दीपदान का विशेष महत्व है। इस बार दिवाली रविवार, 8 नवंबर 2026 को मनाई जा रही है। रविवार का संबंध सूर्य देव से माना जाता है। ऐसे में यह दिन प्रकाश, ऊर्जा और नई शुरुआत का प्रतीक भी है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, दिवाली की रात मां लक्ष्मी की पूजा के साथ दीपदान और इन परंपरागत उपायों को करने से घर में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है।
