व्रत त्योहार

Bhaum Pradosh Vrat Katha in Hindi: आज भौम प्रदोष पर पढ़ें ये कथा, प्रसन्न होंगे भगवान शिव और हनुमान जी

Bhaum Pradosh Vrat 2026 Today: भौम प्रदोष व्रत आज 8 सितंबर 2026 को रखा जा रहा है। आज शिव जी, हनुमान जी और मंगल ग्रह की विशेष रूप से पूजा की जाती है, जिस दौरान एक पौराणिक कथा भी पढ़ी जाती है। चलिए जानें भौम प्रदोष व्रत के दिन पढ़ी जाने वाली कथा के बारे में।

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भौम प्रदोष व्रत की कहानी क्या है?

Bhaum Pradosh Vrat 2026 Vrat Katha: हिंदू धर्म के लोगों के लिए भौम प्रदोष व्रत का दिन बहुत ही खास होता है, जो मंगलवार की त्रयोदशी तिथि पर रखा जाता है। द्रिक पंचांग के अनुसार, आज 8 सितंबर 2026, मंगलवार को भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि है, जिसके कारण भौम प्रदोष व्रत रखा जा रहा है। मान्यता है कि इस पावन दिन व्रत रखने के साथ-साथ शिव जी, हनुमान जी और मंगल ग्रह की पूजा करने से शारीरिक, आर्थिक, ऋण और भूमि-भवन से जुड़ी समस्याओं से छुटकारा मिलता है। हालांकि, भौम प्रदोष व्रत की पूजा हनुमान जी को समर्पित एक कथा पढ़े बिना अधूरी होती है। आज यहां पर आप भौम प्रदोष व्रत की कथा यानी कहानी के बारे में विस्तार से जानेंगे।

भौम प्रदोष व्रत की कथा

शिव जी और हनुमान जी की भक्त थी बुढ़िया

पौराणिक कथाओं के अनुसार, प्राचीन काल में एक नगर में एक बुढ़िया अपने पुत्र मंगलिया के साथ रहती थी। बुढ़िया शिव जी और हनुमान जी की बहुत बड़ी भक्त थी। वो नियमित रूप से देवताओं की पूजा करती थी, जबकि मंगलवार को व्रत रखती और बजरंगबली को भोग लगाती। मंगलवार को बुढ़िया न तो मिट्टी खोदती और न ही घर को लीपती थी।