Paryushana Mahaparva 2026: जैन धर्म के लोगों के लिए पर्युषण पर्व का खास महत्व होता है, जो हर साल भाद्रपद माह (भादो) में आता है। सबसे पहले श्वेतांबर जैन संप्रदाय के लोगों का पर्युषण पर्व शुरू होता है, जो 8 दिनों तक चलता है। फिर दिगंबर जैन संप्रदाय में 10 दिनों का दशलक्षण पर्व मनाया जाता है। इन दिनों कठिन उपवास और साधना की जाती है। साथ ही आत्म-चिंतन पर जोर दिया जाता है। आज यहां पर आप श्वेतांबर जैन संप्रदाय के पर्युषण पर्व के 8 दिनों के महत्व और नियमों के बारे में विस्तार से जानेंगे।
पर्युषण पर्व के 8 दिनों का महत्व
- पहले दिन पूजा और तप का संकल्प लिया जाता है।
- दूसरे और तीसरे दिन एकाशना पूजा और व्रत किया जाता है। साथ ही स्वाध्याय करने का विधान है।
- चौथे और पांचवें दिन धार्मिक ग्रंथों का पाठ किया जाता है। साथ ही प्रवचन सुनने और आत्म-चिंतन करने पर जोर दिया जाता है।
- छठे दिन भक्तजन संयम के साथ त्याग और अहिंसा पर ध्यान देते हैं।
- सातवें दिन कल्पसूत्र का विशेष रूप से पाठ किया जाता है।
- आठवें दिन संवत्सरी यानी क्षमावाणी दिवस मनाया जाता है, जिसके साथ ही पर्युषण पर्व का समापन हो जाता है।
पर्युषण पर्व में इन नियमों का सख्ती से किया जाता है पालन
श्वेतांबर जैन संप्रदाय के लोग पर्युषण पर्व के दौरान आत्म-चिंतन करते हैं और नकारात्मक चीजों से पूरी तरह से दूर रहते हैं। दिन में एक बार धार्मिक ग्रंथों का पाठ जरूर करते हैं। इसके अलावा दिनभर की गतिविधियों का लेखा-जोखा करके दिन खत्म होने से पहले अपनी भूलों का प्रायश्चित किया जाता है। इन दिनों सूर्यास्त से पहले भोजन करने और पानी को उबालकर पीने का भी विधान है।
बता दें कि पर्युषण पर्व में कई श्रद्धालु बिना अन्न और केवल उबले हुए पानी के साथ उपवास रखते हैं। वहीं, कुछ लोग एकाशना (दिन में केवल एक बार सूर्योदय के बाद भोजन करना) या बियासना (दिन में केवल दो बार भोजन करना) के नियम का पालन करते हैं।
पर्युषण पर्व क्या संदेश देता है?
पर्युषण पर्व भक्तों को अहिंसा, त्याग, तप, क्षमा, संयम, आत्म-चिंतन, आत्मशुद्धि और मित्रता का संदेश देता है। इस पर्व को मनाने का मुख्य उद्देश्य मन के साथ-साथ कर्म की शुद्धि करना है। जब व्यक्ति इस राह पर आगे बढ़ता है तो वो अहंकार, क्रोध, लोभ और मोह जैसे विकारों के जाल में नहीं फंसता है। वो दुनिया की चकाचौंध से दूर सादगी से अपना जीवन व्यतीत करता है और खुद को भगवान की भक्ति में लीन करने का प्रयास करता है।
