14 अक्टूबर 2026, बुधवार का दिन आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। आज शारदीय नवरात्रि का चौथा दिन है, जिसमें भक्त देवी दुर्गा के चतुर्थ स्वरूप माता कुष्मांडा की आराधना करते हैं। पंचांग के अनुसार, आज आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि है, जो अगले दिन यानी 15 अक्टूबर को तड़के 01:13 बजे तक प्रभावी रहेगी। इसके बाद पंचमी तिथि का आरंभ होगा।
धार्मिक अनुष्ठानों और शुभ कार्यों के लिए पंचांग की गणना का विशेष महत्व होता है। आज अनुराधा नक्षत्र का प्रभाव रहेगा, जो अगले दिन तड़के 04:03 बजे तक बना रहेगा। इसके उपरांत ज्येष्ठा नक्षत्र का प्रवेश होगा। आज के दिन आयुष्मान योग रात 08:39 बजे तक रहेगा, जिसके बाद सौभाग्य योग शुरू हो जाएगा। चंद्रमा आज पूरे दिन और रात वृश्चिक राशि में संचार करेंगे।
शुभ और अशुभ समय की जानकारी
किसी भी मांगलिक कार्य को शुरू करने से पहले शुभ मुहूर्त का ध्यान रखना आवश्यक माना जाता है। आज के दिन की बात करें तो अमृत काल शाम 04:38 बजे से शाम 06:23 बजे तक रहेगा। चौघड़िया के अनुसार, सुबह 06:21 से 07:48 तक लाभ, 07:48 से 09:14 तक अमृत और 10:40 से दोपहर 12:07 तक शुभ का समय रहेगा। आज अभिजीत मुहूर्त का कोई विशेष संयोग नहीं है।वहीं, अशुभ समय के रूप में राहुकाल का विशेष ध्यान रखना चाहिए। आज राहुकाल दोपहर 12:00 बजे से 01:30 बजे तक रहेगा। इसके अलावा, गुलिक काल सुबह 10:30 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक और यमगंड सुबह 07:30 बजे से 09:00 बजे तक रहेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इन अशुभ समयों में नए या महत्वपूर्ण कार्यों की शुरुआत करने से बचना चाहिए।
