सनातन धर्म में पंचांग का विशेष महत्व है, जो हमें तिथि, नक्षत्र और शुभ-अशुभ समय की सटीक जानकारी प्रदान करता है। आज 21 अक्टूबर 2026, बुधवार का दिन धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। पंचांग के अनुसार, आज आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि दोपहर 02:11 बजे तक रहेगी, जिसके उपरांत एकादशी तिथि का आरंभ होगा।
सूर्योदय से लेकर चंद्रास्त तक का समय
आज सूर्योदय प्रातः 06:25 बजे और सूर्यास्त सायं 05:46 बजे होगा। बतां दें कि आज चंद्रोदय दोपहर 2 बजकर 55 मिनट पर होगा, जबकि चंद्रास्त कल 22 अक्टूबर की सुबह 2 बजकर 19 मिनट पर होने वाला है।
चंद्रमा और सूर्य ग्रह की स्थिति
आज के दिन चंद्रमा की स्थिति में परिवर्तन होगा। चंद्रमा प्रातः 07:00 बजे तक मकर राशि में रहेंगे और इसके बाद कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे, जबकि सूर्य दिनभर तुला राशि में स्थित रहेंगे। सूर्य का नक्षत्र चित्रा है और सूर्य चित्रा नक्षत्र के चौथे पद में रहेंगे।
नक्षत्र और योग
नक्षत्रों की बात करें तो धनिष्ठा नक्षत्र सायं 07:47 बजे तक प्रभावी रहेगा, जिसके बाद शतभिषा नक्षत्र का संचार होगा। योग की दृष्टि से गण्ड योग अगले दिन तड़के 12:33 बजे तक रहेगा, जिसके बाद वृद्धि योग शुरू होगा।
आज के शुभ और अशुभ मुहूर्त
धार्मिक कार्यों और पूजा-पाठ के लिए शुभ समय का चयन करना अत्यंत आवश्यक माना जाता है। आज के दिन अमृत काल प्रातः 08:38 बजे से 10:21 बजे तक रहेगा। चौघड़िया के अनुसार, लाभ का समय सुबह 06:25 से 07:50 तक और अमृत काल सुबह 07:50 से 09:15 तक रहेगा। इसके अलावा, शुभ समय सुबह 10:40 से दोपहर 12:05 बजे तक रहेगा।वहीं, अशुभ समय पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। आज राहुकाल दोपहर 12:00 बजे से 01:30 बजे तक रहेगा। इसके अतिरिक्त, गुलिक काल सुबह 10:30 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक और यमगंड सुबह 07:30 बजे से 09:00 बजे तक रहेगा। मान्यता है कि इन अशुभ काल के दौरान किसी भी नए या महत्वपूर्ण कार्य की शुरुआत से बचना चाहिए।
आज का दिशा शूल
- दिशा शूल उत्तर दिशा में रहेगा।
- चंद्रमा सुबह 7 बजे तक दक्षिण दिशा में रहेंगे, जिसके बाद पश्चिम दिशा में प्रवेश करेंगे।
- राहु वास दक्षिण-पश्चिम दिशा में दिनभर रहेगा।
- आज यात्रा की योजना बनाते समय दिशा शूल का खास ध्यान रखें।
आज का निवास और शूल
- आज होमाहुति शाम 7 बजकर 47 मिनट तक शनि ग्रह में रहेगी, जिसके बाद शनि का ही प्रभाव रहेगा।
- अग्निवास दिनभर पृथ्वी पर रहेगा।
- भद्रावास 22 अक्टूबर की सुबह 2 बजकर 35 मिनट से सुबह 6 बजकर 26 मिनट तक मृत्यु में रहेगा।
- शिववास दोपहर 2 बजकर 11 मिनट तक सभा में रहेगा, जिसके बाद क्रीड़ा में रहेगा।
- कुम्भ चक्र दिनभर पश्चिम दिशा में रहेगा।
