सनातन परंपरा में भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि का विशेष धार्मिक महत्व है, जिसे ऋषि पंचमी के रूप में मनाया जाता है। 15 सितंबर 2026, मंगलवार के दिन यह पर्व श्रद्धा के साथ मनाया जाएगा। पंचांग के अनुसार, चतुर्थी तिथि प्रातः 07:44 बजे तक रहेगी और इसके बाद पंचमी तिथि का आरंभ होगा। ऋषि पंचमी का दिन मुख्य रूप से सप्त ऋषियों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने और उनकी पूजा-अर्चना के लिए समर्पित होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन श्रद्धालु सप्त ऋषियों का स्मरण करते हैं और विधि-विधान से पूजा करते हैं।
सूर्य और चंद्र ग्रह की स्थिति
आज के दिन सूर्य देव सिंह राशि में विराजमान हैं, जबकि चंद्रमा दिन-रात तुला राशि में संचार करेंगे।
नक्षत्र
नक्षत्रों की बात करें तो स्वाती नक्षत्र दोपहर 03:21 बजे तक रहेगा, जिसके उपरांत विशाखा नक्षत्र का प्रभाव शुरू हो जाएगा।
आज के शुभ मुहूर्त
किसी भी धार्मिक कार्य या पूजा-पाठ के लिए शुभ समय का चयन करना महत्वपूर्ण माना जाता है। 15 सितंबर 2026 को अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11:51 बजे से लेकर 12:41 बजे तक रहेगा। यह समय किसी भी शुभ कार्य को शुरू करने के लिए उत्तम माना गया है। वहीं, चौघड़िया के अनुसार लाभ का समय सुबह 10:44 बजे से दोपहर 12:16 बजे तक रहेगा।आज के अशुभ मुहूर्त
ज्योतिष शास्त्र में राहुकाल को अशुभ माना जाता है, जिसमें कोई भी नया या महत्वपूर्ण कार्य करने से बचने की सलाह दी जाती है। आज राहुकाल दोपहर 03:30 बजे से सायं 05:00 बजे तक रहेगा। इसके अलावा, यमगंड सुबह 09:00 बजे से 10:30 बजे तक और गुलिक काल दोपहर 12:00 बजे से 01:30 बजे तक प्रभावी रहेगा। इन समय अवधियों के दौरान शुभ कार्यों को टालना ही उचित माना जाता है।
सूर्योदय से लेकर चंद्रास्त तक का समय
आज सूर्योदय प्रातः 06:06 बजे होगा और सूर्यास्त का समय सायं 06:26 बजे निर्धारित है। चंद्रोदय सुबह 10:05 बजे होगा, जबकि चंद्रास्त रात्रि 08:39 बजे होगा।
शुभ-अशुभ योग
योग की दृष्टि से देखें तो इन्द्र योग दोपहर 12:20 बजे तक रहेगा, जिसके बाद वैधृति योग का आरंभ होगा।
आज के उपाय
आज मंगलवार का दिन होने के कारण हनुमान जी की उपासना का विशेष महत्व बताया गया है। धार्मिक परंपराओं के अनुसार, भक्त हनुमान जी को सिंदूर और चमेली का तेल अर्पित कर सकते हैं। साथ ही, हनुमान चालीसा का पाठ करना भी आज के दिन के लिए एक शुभ उपाय माना गया है।
