शारदीय नवरात्रि का पावन पर्व महाशक्ति की उपासना और सकारात्मक ऊर्जा के संचार का समय माना जाता है। इस वर्ष शारदीय नवरात्रि का शुभारंभ 11 अक्टूबर से हो गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इन नौ दिनों में मां दुर्गा पृथ्वी पर आगमन करती हैं और अपने भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं। नवरात्रि के दौरान देवी के नौ स्वरूपों के साथ-साथ दस महाविद्याओं की पूजा का भी विशेष विधान है।
नवरात्रि के इन पवित्र दिनों में यदि जातक अपनी राशि के अनुसार देवी के विशिष्ट स्वरूपों की आराधना करें और निर्धारित मंत्रों का जप करें, तो उन्हें मानसिक शांति और देवी की विशेष कृपा प्राप्त हो सकती है। आइए जानते हैं कि आपकी राशि के लिए कौन सी पूजा और मंत्र शुभ माने गए हैं।
राशि के अनुसार देवी उपासना और मंत्र जप
मेष राशि के जातकों के लिए मां दुर्गा की आराधना करना श्रेष्ठ है। आप 'ओम ह्रीं दुं दुर्गायै नमः' या 'ओम ऐं सरस्वत्यै नमः' मंत्र का 11 या 21 बार जप कर सकते हैं।वृषभ राशि के लोगों को मां काली की उपासना करनी चाहिए और 'क्रीं कालिकायै नमः' मंत्र का जप करना चाहिए।
मिथुन राशि के जातकों के लिए मां तारा की पूजा शुभ है, जिसके लिए 'ॐ ह्रीं स्त्रीं हूं फट्' मंत्र का प्रयोग करें।
कर्क राशि के लोग मां कमला (लक्ष्मी स्वरूप) की पूजा करें और 'ओम श्रीं ही श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नमः' मंत्र का जप करें।
सिंह राशि के लिए मां बाला त्रिपुर सुंदरी की आराधना और 'ऐं क्लीं सौः' मंत्र का जप शुभ है।
कन्या राशि के जातक मां मातंगी की पूजा करें और 'ऊँ ह्रीं क्लीं हूं मातंग्यै फट् स्वाहा' मंत्र का जप करें।
तुला राशि के लोगों के लिए मां महाकाली की उपासना और 'कालिकायै नमः' मंत्र का जप लाभकारी है, साथ ही कामाख्या चालीसा का पाठ भी किया जा सकता है।
वृश्चिक राशि के जातक मां दुर्गा की आराधना करें और 'ऊँ ह्रीं दुं दुर्गायै नमः' मंत्र का 11, 21 या संभव हो तो 108 बार जप करें।
धनु राशि के लोगों को मां बगलामुखी की पूजा और उनके नाम मंत्र का जप करने की सलाह दी गई है।
मकर राशि के जातकों के लिए मां षोडशी (श्रीविद्या) की आराधना शुभ है, हालांकि इनके मंत्र का जप गुरु दीक्षा के बाद ही करना उचित माना जाता है। इसके विकल्प के रूप में दुर्गा सप्तशती का पाठ करना अत्यंत शुभ है।
कुंभ राशि के लोग मां भुवनेश्वरी की उपासना करें और 'ओम ह्रीं भुवनेश्वर्यै नमः' मंत्र का 11, 21 या 51 बार जप करें, साथ ही दुर्गा कवच का पाठ भी करें।
मीन राशि के जातकों के लिए मां बगलामुखी की आराधना शुभ है, और यदि आपने कोई गुरु मंत्र लिया है, तो उसे प्राथमिकता दें।
