वास्तु टिप्स

गणेश चतुर्थी 2026: घर की इस दिशा में गणपति स्थापना से मिलेगी सुख-समृद्धि, जानें क्या कहते हैं वास्तु के नियम

गणेश चतुर्थी 2026 की शुरुआत 14 सितंबर से हो रही है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर की उत्तर या ईशान दिशा में गणपति की स्थापना करना शुभ माना जाता है, जो करियर और व्यापार में उन्नति लाता है।

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गणेश चतुर्थी का पावन पर्व इस वर्ष 14 सितंबर 2026 से शुरू होने जा रहा है। भगवान गणेश को बुद्धि, विवेक और विघ्नहर्ता के रूप में पूजा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के साथ-साथ वास्तु शास्त्र में भी गणपति की प्रतिमा की स्थापना के लिए सही दिशा का चयन करना बेहद महत्वपूर्ण माना गया है। सही दिशा में की गई पूजा न केवल मन को शांति देती है, बल्कि घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी करती है।

वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर का ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व दिशा को ज्ञान, बुद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का केंद्र माना जाता है। इसलिए, गणेश उत्सव के दौरान भगवान गणेश की प्रतिमा को इसी दिशा में स्थापित करना अत्यंत शुभ फलदायी माना गया है। यदि किसी कारणवश ईशान कोण में स्थापना संभव न हो, तो उत्तर दिशा का चयन करना भी एक उत्तम विकल्प है।