Navratri: नवरात्रि के नौ दिन मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना के लिए खास माने जाते हैं। मान्यता है कि इन दिनों घर का वातावरण जितना स्वच्छ और सकारात्मक हो, पूजा का आध्यात्मिक अनुभव उतना ही बेहतर होता है। इसलिए नवरात्रि शुरू होने से पहले घर के मंदिर की सफाई करते समय केवल धूल-मिट्टी हटाना ही पर्याप्त नहीं माना जाता, बल्कि ऐसी चीजों को भी बाहर करना चाहिए जो लंबे समय से अनुपयोगी या अशुद्ध अवस्था में पड़ी हों। आज हम आपको ऐसी ही कुछ चीजें बताएंगे, जिन्हें नवरात्रि की पूजा से पहले मंदिर से हटा देना चाहिए।
नवरात्रि से पहले मंदिर की सफाई
हिंदू परंपरा में पूजा स्थल को घर का सबसे पवित्र स्थान माना जाता है। नवरात्रि में मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा होती है और कई घरों में कलश स्थापना भी की जाती है। ऐसे में पूजा स्थान को व्यवस्थित करना शुभ माना जाता है। वास्तु मान्यताओं के अनुसार भी साफ-सुथरा और अव्यवस्था से मुक्त पूजा स्थल सकारात्मक वातावरण बनाने में सहायक माना जाता है।
1. सूखे फूल और पुरानी मालाएं
मंदिर में चढ़ाए गए फूल कुछ समय बाद सूख जाते हैं। इसी तरह पुरानी मालाएं भी मुरझाने लगती हैं। इन्हें लंबे समय तक मंदिर में रखना उचित नहीं माना जाता। मान्यता है कि पूजा के बाद सूखे फूलों को सम्मानपूर्वक हटाकर किसी उचित स्थान पर रखना चाहिए। नवरात्रि से पहले मंदिर की सफाई में सबसे पहले पुराने फूल और मालाएं बाहर करें।
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2. खंडित मूर्तियां
यदि मंदिर में किसी देवी-देवता की मूर्ति टूट गई है या खंडित हो गई है, तो उसे नियमित पूजा में रखना परंपरागत रूप से उचित नहीं माना जाता। ऐसी मूर्ति को मंदिर से सम्मानपूर्वक हटाकर धार्मिक परंपरा के अनुसार विसर्जित या किसी पवित्र स्थान पर समर्पित किया जाता है। नवरात्रि से पहले इस बात की विशेष जांच कर लें कि मंदिर में कोई खंडित प्रतिमा तो नहीं है।
3. पुरानी और अनुपयोगी पूजा सामग्री
कई बार मंदिर की सफाई करते समय पुराने कलावे, खाली पूजा सामग्री के डिब्बे, जली हुई अगरबत्ती के पैकेट, सूखे दीपक-बाती के अवशेष और ऐसी चीजें जमा मिलती हैं जिनका अब इस्तेमाल नहीं होता। ऐसी अनुपयोगी सामग्री को मंदिर में इकट्ठा करके रखना अव्यवस्था बढ़ाता है। नवरात्रि से पहले इन्हें छांटकर मंदिर को व्यवस्थित करें।
4. नुकीली चीजें न रखें
कैंची, चाकू, सुई या अन्य नुकीली वस्तुओं को पूजा स्थल के आसपास रखना वास्तु मान्यताओं में शुभ नहीं माना जाता है। इन्हें घर में उपयोग के अनुसार किसी सुरक्षित स्थान पर रखें। खासकर मंदिर की अलमारी या पूजा की चौकी में ऐसी वस्तुओं को रखने से बचें। नवरात्रि की पूजा से पहले यह छोटी-सी सफाई भी मंदिर के वातावरण को अधिक व्यवस्थित बना सकती है।
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5. बासी प्रसाद
पूजा के बाद बचा प्रसाद यदि लंबे समय तक रखा रह जाए और खराब हो जाए, तो उसे मंदिर में रखना उचित नहीं है। नवरात्रि से पहले मंदिर और उसके आसपास रखे प्रसाद, फल या अन्य खाद्य सामग्री को जांचें। जो सामग्री खराब हो चुकी है, उसे सम्मानपूर्वक हटाएं। इससे मंदिर साफ और स्वच्छ बना रहेगा।
नवरात्रि में बढ़ाएं घर की ऊर्जा
नवरात्रि से पहले मंदिर की सफाई केवल घर की व्यवस्था का हिस्सा नहीं, बल्कि धार्मिक आस्था से जुड़ी तैयारी भी मानी जाती है। मान्यताओं के अनुसार देवी की पूजा के लिए स्वच्छ स्थान, शुद्ध भाव और सात्विक वातावरण महत्वपूर्ण हैं। इसलिए इस नवरात्रि पूजा शुरू करने से पहले मंदिर से सूखे फूल, खंडित मूर्तियां, अनुपयोगी सामग्री, नुकीली वस्तुएं और बासी प्रसाद जरूर हटा दें। इससे पूजा स्थल अधिक स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित नजर आएगा। इससे आपकी घर की सकारात्मक ऊर्जा भी बढ़ जाएगी।
