वास्तु टिप्स

Navratri: नवरात्रि में माता की पूजा करते समय किस दिशा में बैठना चाहिए? जानें क्या कहते हैं वास्तु के नियम

Navratri: नवरात्रि में मां दुर्गा की पूजा करते समय सही दिशा का ध्यान रखना वास्तु में शुभ माना जाता है। जानें पूजा के लिए कौन-सी दिशा बेहतर है और कलश स्थापना व अखंड ज्योति से जुड़े जरूरी वास्तु नियम।

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Navratri

Navratri: नवरात्रि का पर्व मां दुर्गा की आराधना, भक्ति और साधना का विशेष अवसर माना जाता है। इन नौ दिनों में भक्त घरों में कलश स्थापना करते हैं, अखंड ज्योति जलाते हैं और विधि-विधान से मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा करते हैं। इस दौरान पूजा की सामग्री और मंत्रों के साथ-साथ पूजा करते समय सही दिशा में बैठने को लेकर भी कई मान्यताएं प्रचलित हैं। वास्तु शास्त्र में दिशाओं को विशेष महत्व दिया गया है। ऐसे में अगर आप भी नवरात्रि में घर पर पूजा कर रहे हैं, तो जानिए किस दिशा में बैठकर आराधना करना शुभ (Navratri Puja Direction) माना जाता है और पूजा स्थल से जुड़े किन वास्तु नियमों का ध्यान रखना चाहिए।

किस दिशा में बैठकर करें पूजा?

वास्तु शास्त्र की मान्यताओं के अनुसार, पूजा-पाठ और ध्यान के लिए पूर्व दिशा को विशेष शुभ माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि पूर्व दिशा की ओर मुख करके पूजा करने से सकारात्मकता, एकाग्रता और आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव करने में मदद मिल सकती है। वहीं, उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठना भी कई परंपराओं में शुभ माना जाता है। नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा की आराधना करते समय आप अपनी पूजा की जगह के अनुसार इन दिशाओं का चुनाव कर सकते हैं।