वास्तु शास्त्र में घर के मुख्य द्वार को केवल आने-जाने का मार्ग नहीं, बल्कि घर का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा माना गया है। मान्यता है कि घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार और मां लक्ष्मी का आगमन इसी द्वार से होता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, सुबह के समय किए गए कुछ छोटे और सटीक उपाय घर के वातावरण को सकारात्मक बनाने में मदद कर सकते हैं।
मां लक्ष्मी को स्वच्छता और पवित्रता अत्यंत प्रिय है। यदि नियमित रूप से मुख्य द्वार पर कुछ विशेष उपाय किए जाएं, तो घर की नकारात्मकता दूर होती है और सुख-समृद्धि का वास होता है। आइए जानते हैं वे दो अचूक उपाय जो घर की सुख-शांति के लिए किए जा सकते हैं।
मुख्य द्वार के लिए दो प्रभावी वास्तु उपाय
पहला उपाय हल्दी और गंगाजल से जुड़ा है। सुबह उठकर सबसे पहले मुख्य द्वार के आसपास के स्थान की सफाई करें। इसके बाद एक तांबे के लोटे में शुद्ध जल लें, उसमें थोड़ा गंगाजल और एक चुटकी पिसी हुई हल्दी मिलाएं। इस जल को आम या अशोक के पत्तों की सहायता से मुख्य चौखट और उसके दोनों ओर छिड़कें। इस दौरान अपना मुख उत्तर या पूर्व दिशा की ओर रखना शुभ माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र में हल्दी को देवगुरु बृहस्पति का प्रतीक माना गया है। माना जाता है कि हल्दी और गंगाजल का यह मिश्रण द्वार को पवित्र करता है, जिससे नकारात्मक ऊर्जा बाहर ही रुक जाती है और मां लक्ष्मी का आगमन होता है।दूसरा उपाय फिटकरी से संबंधित है। फिटकरी का एक छोटा सा साबुत टुकड़ा लें और उसे लाल रंग के कपड़े में अच्छी तरह बांध लें। इसे मुख्य द्वार पर रखे पायदान (डोरमैट) के नीचे छिपाकर रख दें। ध्यान रखें कि इस पर बाहर से आने वाले किसी व्यक्ति की नजर न पड़े। हर महीने अमावस्या तिथि पर इस फिटकरी को बदल देना चाहिए और पुरानी फिटकरी को घर से दूर किसी सुनसान स्थान पर फेंक देना चाहिए। यह उपाय घर में नकारात्मक ऊर्जा को प्रवेश करने से रोकने में सहायक माना जाता है।
