Krishna Chhathi Bhajan (कान्हा जी की छठी के भजन लिरिक्स): जन्माष्टमी के बाद जब नंदलाल की छठी मनाई जाती है, तो घर-आंगन भक्ति के रंग में रंग जाता है। जिस तरह किसी नवजात शिशु की छठी पर महिलाएं मंगल गीत गाती हैं, उसी तरह लड्डू गोपाल की छठी पर भी कान्हा के जन्म और बाल लीलाओं से जुड़े भजन गाने की परंपरा है। इन भजनों के जरिए भक्त अपने आराध्य के प्रति प्रेम और श्रद्धा प्रकट करते हैं। आगे पढ़ें भगवान कृष्ण की छठी के शानदार भजन लिरिक्स...
कृष्ण जी की छठी के सुपरहिट भजन - Kanha Ki Chhathi Ke Bhajan
नंद के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की...
आनंद उमंग भयो, जय हो नन्द लाल की।
नन्द के आनंद भयो, जय कन्हिया लाल की॥
बृज में आनंद भयो, जय यशोदा लाल की।
हाथी घोडा पालकी, जय कन्हिया लाल की॥
जय हो नंदलाल की, जय यशोदा लाल की।
गोकुल में आनंद भयो, जय कन्हिया लाल की॥
आनंद उमंग भयो, जय हो नन्द लाल की।
नन्द के आनंद भयो, जय कन्हिया लाल की॥
बृज में आनंद भयो, जय यशोदा लाल की।
हाथी घोडा पालकी, जय कन्हिया लाल की॥
आनंद उमंग भयो, जय हो नन्द लाल की।
नन्द के आनंद भयो, जय कन्हिया लाल की॥
बृज में आनंद भयो, जय यशोदा लाल की।
नन्द के आनंद भयो, जय कन्हिया लाल की॥
आनंद उमंग भयो, जय हो नन्द लाल की।
गोकुल में आनंद भयो, जय कन्हिया लाल की॥
जय हो नंदलाल की, जय यशोदा लाल की।
हाथी घोडा पालकी, जय कन्हिया लाल की॥
आनंद उमंग भयो, जय हो नन्द लाल की।
नन्द के आनंद भयो, जय कन्हिया लाल की॥
बृज में आनंद भयो, जय यशोदा लाल की।
नन्द के आनंद भयो, जय कन्हिया लाल की॥
आनंद उमंग भयो, जय हो नन्द लाल की।
नन्द के आनंद भयो, जय कन्हिया लाल की॥
कोटि ब्रह्माण्ड के अधिपति लाल की।
हाथी घोडा पालकी, जय कन्हिया लाल की॥
गौ चरने आये, जय हो पशुपाल की।
गोकुल में आनंद भयो, जय कन्हिया लाल की॥
कोटि ब्रह्माण्ड के अधिपति लाल की।
नन्द के आनंद भयो, जय कन्हिया लाल की॥
गौ चरने आये, जय हो पशुपाल की।
नन्द के आनंद भयो, जय कन्हिया लाल की॥
पूनम के चांद जैसी शोभी है बाल की।
हाथी घोडा पालकी, जय कन्हिया लाल की॥
आनंद उमंग भयो, जय हो नन्द लाल की।
गोकुल में आनंद भयो, जय कन्हिया लाल की॥
कोटि ब्रह्माण्ड के अधिपति लाल की।
नन्द के आनंद भयो, जय कन्हिया लाल की॥
गौ चरने आये, जय हो पशुपाल की।
नन्द के आनंद भयो, जय कन्हिया लाल की॥
भक्तो के आनंद्कनद जय यशोदा लाल की।
हाथी घोडा पालकी, जय कन्हिया लाल की॥
जय हो यशोदा लाल की, जय हो गोपाल की।
गोकुल में आनंद भयो, जय कन्हिया लाल की॥
कोटि ब्रह्माण्ड के अधिपति लाल की।
नन्द के आनंद भयो, जय कन्हिया लाल की॥
गौ चरने आये, जय हो पशुपाल की।
नन्द के आनंद भयो, जय कन्हिया लाल की॥
आनद से बोलो सब जय हो बृज लाल की।
हाथी घोडा पालकी, जय कन्हिया लाल की॥
जय हो बृज लाल की,पावन प्रतिपाल की।
गोकुल में आनंद भयो, जय कन्हिया लाल की॥
कोटि ब्रह्माण्ड के अधिपति लाल की।
नन्द के आनंद भयो, जय कन्हिया लाल की॥
गौ चरने आये, जय हो पशुपाल की।
नन्द के आनंद भयो, जय कन्हिया लाल की॥
आनंद उमंग भयो, जय हो नन्द लाल की।
नन्द के आनंद भयो, जय कन्हिया लाल की॥
बृज में आनंद भयो, जय यशोदा लाल की।
नन्द के आनंद भयो, जय कन्हिया लाल की॥
जय हो नंदलाल की, जय यशोदा लाल की।
हाथी घोडा पालकी, जय कन्हिया लाल की॥
आनंद उमंग भयो, जय हो नन्द लाल की।
हाथी घोडा पालकी, जय कन्हिया लाल की॥
बृज में आनंद भयो, जय यशोदा लाल की।
नन्द के आनंद भयो, जय कन्हिया लाल की॥
जय हो नंदलाल की, जय यशोदा लाल की।
नन्द के आनंद भयो, जय कन्हिया लाल की॥
आनंद उमंग भयो, जय हो नन्द लाल की।
नन्द के आनंद भयो, जय कन्हिया लाल की॥
बृज में आनंद भयो, जय यशोदा लाल की।
नन्द के आनंद भयो, जय कन्हिया लाल की॥
जन्म लियो कान्हा ने...
बोलो जय जयकार जन्म लियो कान्हा ने,
झुम उठो संसार जन्म लियो कान्हा ने,
छाई खुशी अपार जन्म लियो कान्हा ने,
सोले कला अवतार जन्म लियो कान्हा ने,
अरे बोलो जय जयकार...
जन्म लियो जब कान्हा ने तो ऐसी माया फिरगी,
कडके बिजली आसमान में काली घटाये घिरगी,
बरसे मुसलधार जन्म लियो कान्हा ने ,
अरे बोलो जय जयकार...
किस्मत से है आई देखो आज कैसी शुभघडियां,
बन्दी घर के ताले टूटे खुल गई है हथकडियां,
सोगे पहरेदार जन्म लियो कान्हा ने,
अरे बोलो जय जयकार...
वासुदेव चले कान्हा को ले जब गोकुल की राही,
कान्हा के दर्शन करने को जमुना भी चढ आई,
पहुंच नन्द के द्वार जन्म लियो कान्हा ने,
अरे बोलो जय जयकार...
नन्द बाबा और मात यशोदा फूले नही समाये,
ब्रज भुमि मे ग्वाल गोपियां मिलके खुशी मनाये,
गाये रामोतार जन्म लियो कान्हा ने,
अरे बोलो जय जयकार...
छोटी छोटी गैया छोटे छोटे ग्वाल...
छोटी छोटी गैया, छोटे छोटे ग्वाल ।
छोटो सो मेरो मदन गोपाल ॥
आगे आगे गैया पीछे पीछे ग्वाल।
बीच में मेरो मदन गोपाल॥
छोटी छोटी गैया छोटे छोटे ग्वाल...
कारी कारी गैया, गोरे गोरे ग्वाल।
श्याम वरण मेरो मदन गोपाल॥
छोटी छोटी गैया छोटे छोटे ग्वाल...
घास खाए गैया, दूध पीवे ग्वाल।
माखन खावे मेरो मदन गोपाल॥
छोटी छोटी गैया छोटे छोटे ग्वाल...
छोटी छोटी लकुटी, छोले छोटे हाथ।
बंसी बजावे मेरो मदन गोपाल॥
छोटी छोटी गैया छोटे छोटे ग्वाल...
छोटी छोटी सखियां, मधुबन बाग।
रास राचावे मेरो मदन गोपाल॥
छोटी छोटी गैया छोटे छोटे ग्वाल...
