धर्म

Bach Baras Ki Aarti: बछ बारस की पूजा में जरूर पढ़ें गौ माता की आरती, यहां देखें लिरिक्स और पूजा विधि और महत्व

Bach Baras Ki Aarti: बछ बारस या गोवंश द्वादशी पर गौ माता और बछड़े की पूजा की जाती है। इस दिन पूजन कर गौ माता की आरती पढ़ी जाती है। आगे पढ़ें आरती के लिखित लिरिक्स, पूजा विधि और महत्व।

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बछ बारस पर पढ़ें गौ माता की आरती

Bach Baras Ki Aarti: बछ बारस का पर्व मां और संतान के पवित्र प्रेम को समर्पित माना जाता है। इसे गोवंश द्वादशी और बच्छ बारस के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन महिलाएं अपनी संतान की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और सुखी जीवन की कामना से व्रत रखती हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, बछ बारस पर गाय और उसके बछड़े की पूजा करने से परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है।

बछ बारस की पूजा में गौ माता को स्नान कराकर रोली, अक्षत, फूल और अन्य पूजन सामग्री अर्पित की जाती है। इसके बाद विधि-विधान से पूजा कर गौ माता की आरती की जाती है। यह पूजा केवल धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि गाय के प्रति कृतज्ञता और सम्मान व्यक्त करने का माध्यम भी है। भारतीय संस्कृति में गाय को ममता, पालन-पोषण और समृद्धि का प्रतीक माना गया है। आगे बछ बारस (Bach Baras 2026) के पावन पर्व पर पढ़ें गौ माता की आरती के लिरिक्स...