Krishna Chhathi Bhog: जन्माष्टमी के बाद जब घर में बाल गोपाल की छठी मनाई जाती है, तो माहौल एक बार फिर उत्सव और भक्ति से भर जाता है। मान्यता है कि जिस तरह परिवार में नवजात शिशु के जन्म के छठे दिन उसकी छठी मनाई जाती है, उसी भाव से भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप की भी छठी मनाने की परंपरा है। इस दिन लड्डू गोपाल को नए वस्त्र पहनाकर उनका विशेष श्रृंगार किया जाता है और उन्हें बच्चे की तरह स्नेहपूर्वक भोग लगाया जाता है।
इस वर्ष जन्माष्टमी 4 सितंबर 2026 को मनाई गई थी। ऐसे में कान्हा जी की छठी 9 सितंबर 2026, बुधवार को मनाई जाएगी। छठी के भोग में कई तरह के सात्विक पकवान शामिल किए जाते हैं, लेकिन कढ़ी-चावल और माखन-मिश्री का विशेष महत्व माना जाता है। आइए विस्तार से जानते हैं कान्हा जी की छठी (Krishna Chhathi 2026) के भोग की संपूर्ण लिस्ट...
छठी में लगाएं कढ़ी-चावल का भोग
कान्हा जी की छठी के मौके पर कई घरों में कढ़ी-चावल बनाने की परंपरा है। इसे बेहद सादगी और सात्विक तरीके से तैयार किया जाता है। कढ़ी में प्याज और लहसुन का इस्तेमाल न करते हुए इसे पूजा के लिए उपयुक्त बनाया जाता है। कढ़ी-चावल तैयार होने के बाद सबसे पहले इसे बाल गोपाल को अर्पित करें। भोग की थाली में तुलसी दल रखना न भूलें। धार्मिक मान्यताओं में भगवान विष्णु और उनके अवतार श्रीकृष्ण को तुलसी अत्यंत प्रिय मानी गई है।
माखन-मिश्री का भोग भी कान्हा का खास
बाल कृष्ण का नाम आते ही माखन की याद आना स्वाभाविक है। बचपन में माखन चुराने की उनकी लीलाएं भक्तों के बीच बेहद लोकप्रिय हैं। इसलिए छठी के अवसर पर माखन-मिश्री का भोग खास तौर पर लगाया जाता है। आप ताजे माखन में मिश्री मिलाकर इसे छोटे कटोरे में रख सकते हैं। इसके ऊपर तुलसी दल रखकर भगवान को अर्पित करें। यह भोग न केवल पारंपरिक है, बल्कि बाल कृष्ण के प्रति वात्सल्य भाव को भी दर्शाता है।
पंचामृत और मिठाइयां भी करें अर्पित
छठी पूजा में पंचामृत को भी भोग में शामिल किया जा सकता है। दूध, दही, घी, शहद और चीनी से तैयार पंचामृत भगवान को अर्पित करें। इसी पंचामृत का इस्तेमाल लड्डू गोपाल के अभिषेक में भी किया जा सकता है।
इसके अलावा पेड़ा, खीर, मालपुआ, हलवा, रबड़ी, पंजीरी और पंचमेवा जैसी सात्विक मिठाइयां भी भोग में रखी जा सकती हैं। घर में जो मिठाई पारिवारिक परंपरा के अनुसार बनाई जाती हो, उसे भी श्रद्धापूर्वक अर्पित किया जा सकता है।
फलों का भी लगाएं भोग
कान्हा जी की छठी पर मौसमी फलों को भी भोग में शामिल किया जा सकता है। केला, सेब, अंगूर, अनार और अन्य ताजे फल भगवान को अर्पित करें। फलों को अच्छी तरह धोकर साफ थाली में रखें। चाहें तो भोग की थाली में फल, मिठाई, माखन-मिश्री और पंचामृत को अलग-अलग रखकर सुंदर तरीके से सजा सकते हैं।
लड्डू गोपाल की पूजन विधि
छठी के दिन सबसे पहले घर और पूजा स्थल की अच्छी तरह सफाई करें। इसके बाद लड्डू गोपाल को स्नान कराकर पंचामृत से अभिषेक करें। उन्हें साफ और नए वस्त्र पहनाएं। चंदन का तिलक लगाकर फूलों और आभूषणों से उनका श्रृंगार करें। चाहें तो बाल गोपाल को पालने में भी सजा सकते हैं। इसके बाद धूप-दीप जलाकर श्रीकृष्ण की पूजा करें और सभी भोग एक-एक करके अर्पित करें। अंत में आरती करें और भगवान से परिवार की सुख-समृद्धि की प्रार्थना करें। पूजा के बाद भोग को प्रसाद के रूप में सभी लोगों में बांटें।
