Ayudha Puja 2026: आज 20 अक्टूबर 2026, मंगलवार को आयुध पूजा का पर्व मनाया जा रहा है। इस दिन लोग उन चीजों की पूजा करते हैं, जिनकी मदद से वे अपना काम करते हैं। इनमें वाहन, कंप्यूटर, मशीनें, औजार, किताबें और दूसरे जरूरी उपकरण शामिल हैं। दक्षिण भारत में आयुध पूजा को लेकर खास उत्साह देखने को मिलता है। इस पर्व के पीछे भावना यह है कि हमारे काम को आसान बनाने वाले साधनों के प्रति सम्मान और आभार जताया जाए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, आयुध पूजा करने से काम में सफलता और सुख-समृद्धि की कामना की जाती है। आइए जानते हैं इस दिन का शुभ मुहूर्त, पूजा करने का तरीका और इसका महत्व।
आयुध पूजा का शुभ मुहूर्त 2026 (Ayudha Puja Shubh Muhurat)
आयुध पूजा परंपरागत रूप से नवरात्रि की नवमी तिथि पर की जाती है। हालांकि, अलग-अलग क्षेत्रों और परिवारों में पूजा के नियम और समय अलग हो सकते हैं। दिल्ली के पंचांग के अनुसार, इस दिन के प्रमुख मुहूर्त इस प्रकार हैं।
आयुध पूजा की तारीख: 20 अक्टूबर 2026, मंगलवार
नवमी तिथि समाप्त: दोपहर 12:50 बजे
अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:43 बजे से दोपहर 12:28 बजे तक
विजय मुहूर्त: दोपहर 1:59 बजे से 2:45 बजे तक
अपराह्न काल: दोपहर 1:14 बजे से 3:30 बजे तक
ध्यान दें कि ये समय दिल्ली के पंचांग के अनुसार दिए गए हैं। नवमी तिथि और पूजा के मुहूर्त में स्थानीय पंचांग के अनुसार अंतर हो सकता है। पूजा करने से पहले अपने क्षेत्र के पंचांग और पारिवारिक परंपरा को जरूर देख लें।
आयुध पूजा की विधि क्या है? (Ayudha Puja Vidhi)
आयुध पूजा करने के लिए बहुत ज्यादा सामग्री की जरूरत नहीं होती। आप घर में उपलब्ध सामान्य पूजा सामग्री से भी यह पूजा कर सकते हैं।
1. सुबह स्नान करके साफ कपड़े पहनें और पूजा की जगह को साफ कर लें।
2. जिन औजारों, मशीनों या वाहनों की पूजा करनी है, उन्हें अच्छी तरह साफ करें।
3. भगवान गणेश और मां दुर्गा का स्मरण करके पूजा शुरू करें।
4. उपकरणों पर हल्दी, कुमकुम, अक्षत और फूल अर्पित करें।
5. दीपक जलाएं और फल या मिठाई का भोग लगाएं।
6. अपने काम में तरक्की, सुरक्षा और सफलता की प्रार्थना करें।
अगर आप वाहन की पूजा कर रहे हैं, तो उसे सुरक्षित जगह पर खड़ा करके पूजा करें। मशीनों की सफाई या पूजा करते समय उन्हें बंद रखें और बिजली से जुड़े उपकरणों के मामले में सुरक्षा का ध्यान रखें।
