हिंदू पंचांग के अनुसार, शरद पूर्णिमा का पर्व इस वर्ष 25 अक्टूबर को मनाया जाएगा। धार्मिक दृष्टि से इस तिथि का विशेष महत्व माना गया है। मान्यताओं के अनुसार, शरद पूर्णिमा की रात चंद्रमा अपनी सोलह कलाओं से परिपूर्ण होते हैं, जिसके कारण यह रात अत्यंत पुण्यदायी और विशेष मानी जाती है। इस दिन खुले आसमान के नीचे खीर रखने की परंपरा सदियों से चली आ रही है, जिसे लेकर कई लोक मान्यताएं प्रचलित हैं। शरद पूर्णिमा की रात चंद्रमा की किरणों को अमृत के समान माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि इस रात चंद्रमा की रोशनी में खीर रखने से उसमें विशेष गुण समाहित हो जाते हैं। यही कारण है कि भक्त रात भर खीर को चांदनी में रखते हैं और अगले दिन सुबह स्नान के बाद इसे प्रसाद के रूप में ग्रहण करते हैं।
व्रत त्योहार
शरद पूर्णिमा 2026: जानिए क्यों खुले आसमान के नीचे रखी जाती है खीर, क्या है इसके पीछे की मान्यता?
- Authored By: Bhakti Times
- Updated Oct 22, 2026, 01:41 PM IST
इस साल 25 अक्टूबर को शरद पूर्णिमा मनाई जाएगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस रात चंद्रमा अपनी सोलह कलाओं से परिपूर्ण होते हैं। जानें खीर को चांदनी में रखने की परंपरा और इसके पीछे के कारण।
शरद पूर्णिमा 2026: जानिए क्यों खुले आसमान के नीचे रखी जाती है खीर, क्या है इसके पीछे की मान्यता?
