दीपावली के पांच दिवसीय महापर्व की शुरुआत धनतेरस से होती है। इस वर्ष धनतेरस की तिथि को लेकर लोगों में असमंजस की स्थिति है क्योंकि त्रयोदशी तिथि दो दिनों तक व्याप्त रहेगी। पंचांग के अनुसार, कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि 6 नवंबर को सुबह 10:31 बजे से शुरू होकर 7 नवंबर की सुबह 10:49 बजे तक रहेगी। ऐसे में श्रद्धालु इस बात को लेकर संशय में हैं कि पर्व कब मनाएं और खरीदारी कब करें। शास्त्र सम्मत रूप से धनतेरस का पर्व 6 नवंबर को ही मनाया जाना उचित है। यद्यपि त्रयोदशी तिथि 7 नवंबर की सुबह तक है, लेकिन धनतेरस की पूजा प्रदोष काल (सूर्यास्त के बाद का समय) में की जाती है, जो 6 नवंबर को ही प्राप्त हो रहा है। इसलिए, पूजा और दीपदान का मुख्य कार्य 6 नवंबर को ही संपन्न करना श्रेयस्कर है। हालांकि, खरीदारी के लिए 7 नवंबर की सुबह 10:49 बजे तक का समय भी उपलब्ध रहेगा।
धनतेरस पूजा और खरीदारी के शुभ मुहूर्त
धनतेरस पर पूजा के लिए प्रदोष काल को सबसे उत्तम माना गया है। इस वर्ष 6 नवंबर को शाम 5:33 बजे से रात 8:51 बजे तक पूजा का सबसे शुभ समय है। इसी अवधि में यम दीप (यमराज के निमित्त दीपक) जलाना भी अत्यंत शुभ माना जाता है। इसके अलावा, दिन में अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:43 बजे से दोपहर 12:26 बजे तक रहेगा। यदि आप चौघड़िया के अनुसार खरीदारी करना चाहते हैं, तो शाम 4:10 बजे से 5:32 बजे तक 'चल' और रात 8:48 बजे से 10:26 बजे तक 'लाभ' का चौघड़िया शुभ रहेगा।परंपरा के अनुसार, धनतेरस की रात घर के बाहर दक्षिण दिशा की ओर मुख करके एक दीपक जलाया जाता है, जिसे यम दीपक कहते हैं। मान्यता है कि परिवार के सभी सदस्यों के घर आ जाने के बाद इसे जलाने से अकाल मृत्यु का भय दूर होता है। इसके साथ ही, घर में 13 घी के दीपक जलाना भी शुभ माना जाता है।
क्या खरीदना होगा शुभ और क्यों?
धनतेरस पर खरीदारी को सुख-समृद्धि में वृद्धि का प्रतीक माना जाता है। इस दिन साबुत धनिया खरीदना विशेष रूप से शुभ माना गया है, जिसका उपयोग लक्ष्मी पूजन में किया जाता है। मान्यता है कि पूजा के बाद इस धनिये को गमले या बगीचे में बोने से घर में समृद्धि बनी रहती है।इस वर्ष धनतेरस शुक्रवार के दिन पड़ रहा है और कन्या राशि में चंद्रमा व शुक्र की युति बन रही है। पंडित राकेश झा के अनुसार, इस विशेष खगोलीय स्थिति के कारण इस वर्ष चांदी, हीरा और स्टील की खरीदारी करना अत्यंत लाभकारी हो सकता है। विशेष रूप से स्टील के बर्तनों में निवेश करना इस बार शुभ फलदायी माना गया है।
