हिंदू धर्म में दिवाली के अगले दिन गोवर्धन पूजा और अन्नकूट का विशेष महत्व होता है। आमतौर पर यह त्योहार दिवाली के ठीक अगले दिन मनाया जाता है, लेकिन साल 2026 में तिथियों की गणना के कारण इसमें बदलाव देखने को मिल रहा है। इस वर्ष दिवाली 8 नवंबर को मनाई जाएगी, जिसके बाद गोवर्धन पूजा की सही तारीख को लेकर भक्तों के मन में सवाल उठ रहे हैं।
पंचांग के अनुसार, गोवर्धन पूजा कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को मनाने का विधान है। पंडित राकेश झा के अनुसार, इस बार प्रतिपदा तिथि 9 नवंबर 2026 को दोपहर 12 बजकर 32 मिनट पर शुरू होगी और इसका समापन 10 नवंबर 2026 को दोपहर 2 बजकर 1 मिनट पर होगा। शास्त्र सम्मत नियमों और उदया तिथि (सूर्योदय के समय मौजूद तिथि) के आधार पर, 10 नवंबर 2026, मंगलवार को ही गोवर्धन पूजा का आयोजन किया जाएगा।
गोवर्धन पूजा 2026: शुभ मुहूर्त और पूजा विधि
गोवर्धन पूजा के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि से निवृत्त होने के बाद घर के आंगन में गाय के गोबर से गोवर्धन पर्वत और भगवान श्रीकृष्ण की आकृति बनाई जाती है। इस दिन भगवान के समक्ष घी का दीपक प्रज्वलित कर फल, फूल और विभिन्न प्रकार के पकवानों का भोग लगाया जाता है। पूजा के पश्चात जल का लोटा लेकर गोवर्धन पर्वत की सात बार परिक्रमा करने की परंपरा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन अन्नकूट का प्रसाद ग्रहण करने से पूरे वर्ष सुख-समृद्धि बनी रहती है।
इस वर्ष गोवर्धन पूजा के लिए मुख्य मुहूर्त इस प्रकार हैं: प्रातःकाल पूजा मुहूर्त सुबह 06:41 बजे से 08:51 बजे तक रहेगा। इसके अलावा, अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:44 बजे से दोपहर 12:27 बजे तक और गोधूलि मुहूर्त शाम 05:31 बजे से 05:57 बजे तक रहेगा।
सोमवती अमावस्या का विशेष संयोग
तिथियों के इस फेरबदल के बीच 9 नवंबर को एक विशेष संयोग भी बन रहा है। प्रतिपदा तिथि के दोपहर में शुरू होने के कारण, उस दिन सुबह के समय सोमवती अमावस्या का अद्भुत योग रहेगा। मान्यता है कि सोमवती अमावस्या के दिन स्नान और दान-पुण्य करने से पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है और जीवन के कष्टों का निवारण होता है।
