व्रत त्योहार

Jyeshtha Gauri Puja 2026: तीन दिवसीय ज्येष्ठ गौरी उत्सव का आज दूसरा दिन, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त और तीनों दिनों का महत्व

Jyeshtha Gauri Puja 2026 Today: आज 18 सितंबर 2026, शुक्रवार को ज्येष्ठ गौरी उत्सव का दूसरा दिन है। चलिए जानें तीन दिवसीय ज्येष्ठ गौरी उत्सव का महत्व और शुभ मुहूर्त के बारे में।

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आज ज्येष्ठ गौरी पूजा का शुभ मुहूर्त क्या है?

Jyeshtha Gauri Festival 2026: महाराष्ट्र और कोंकण क्षेत्र में हर साल बहुत ही धूमधाम से ज्येष्ठ गौरी का पर्व मनाया जाता है, जिसका जश्न तीन दिनों तक चलता है। इन 3 दिनों में माता पार्वती के देवी गौरी स्वरूप और उनके रूप में महालक्ष्मी की पूजा की जाती है। कई स्थानों पर मां गौरी को गणेश जी की बहन के रूप में ज्येष्ठ और कनिष्ठ के 2 स्वरूपों में पूजा जाता है। साथ ही व्रत रखने और दान करने का विधान है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ज्येष्ठ गौरी की पूजा और व्रत रखने से विवाहित महिलाओं के घर में सुख-शांति का वास होता है और अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद मिलता है। वहीं, कुंवारी कन्याओं को मनचाहे वर की प्राप्ति का आशीर्वाद मिलता है।

द्रिक पंचांग के अनुसार, इस बार कल 17 सितंबर 2026 से ज्येष्ठ गौरी पर्व का आरंभ हुआ है। आज ज्येष्ठ गौरी पर्व का दूसरा दिन है, जिसे ज्येष्ठ गौरी पूजा के नाम से जाना जाता है। वहीं, ज्येष्ठ गौरी पर्व का तीसरा व आखिरी दिन कल 19 सितंबर 2026 को है। आज यहां पर आप इन 3 दिनों के महत्व और शुभ मुहूर्त के बारे में जानेंगे।