व्रत त्योहार

Durva Ashtami Vrat Katha 2026: आज दूर्वा अष्टमी पर जरूर पढ़ें ये कथा, विघ्नहर्ता गणेश की कृपा से जीवन में बढ़ेंगी खुशियां

Durva Ashtami 2026 Vrat Today: भगवान गणेश को समर्पित दूर्वा अष्टमी का व्रत आज 18 सितंबर 2026 को रखा जा रहा है। चलिए जानें आज दूर्वा अष्टमी व्रत की पूजा के दौरान पढ़ी जाने वाली गणपति बप्पा और दूर्वा से जुड़ी कथा के बारे में।

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दूर्वा अष्टमी व्रत की कथा हिंदी में

Durva Ashtami Vrat Katha 2026: दूर्वा अष्टमी का दिन भगवान गणेश को समर्पित है, जिन्हें विघ्नों को हरने वाले, बुद्धि और विवेक का देवता माना जाता है। इस दिन गणपति बप्पा की विशेष रूप से पूजा की जाती है। साथ ही उन्हें दूर्वा की 21 गांठें अर्पित की जाती हैं। मान्यता है कि दूर्वा अष्टमी पर तप-त्याग करने से जीवन में आ रही परेशानियां कम होती हैं। जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है तथा घर-परिवार में सुख-समृद्धि का वास होता है। द्रिक पंचांग के अनुसार, हर साल भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को दूर्वा अष्टमी मनाई जाती है। साल 2026 में आज 18 सितंबर, शुक्रवार को दूर्वा अष्टमी मनाई जा रही है।

दूर्वा अष्टमी की पूजा के दौरान गणेश जी को समर्पित पौराणिक कथा पढ़ने का भी विधान है। आज यहां पर आप दूर्वा अष्टमी पर पढ़ी जाने वाली दो पौराणिक कथाओं के बारे में जानेंगे।