करवा चौथ का पावन पर्व सुहागिन महिलाओं के लिए विशेष महत्व रखता है। इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और सुखद वैवाहिक जीवन की कामना के साथ निर्जला व्रत रखती हैं। हालांकि, कई बार मौसम की खराबी या बादलों के कारण चंद्रमा के दर्शन में बाधा आती है, जिससे व्रती महिलाओं की चिंता बढ़ जाती है। इस वर्ष भी दिल्ली-एनसीआर समेत देश के कई हिस्सों में चक्रवाती तूफान 'अर्नब' के प्रभाव के चलते आसमान में बादल छाए हुए हैं, जिससे चंद्रमा के दीदार को लेकर संशय बना हुआ है।
धार्मिक मान्यताओं और विशेषज्ञों के अनुसार, यदि किसी कारणवश चंद्रमा दिखाई न दे, तो व्रत को अधूरा नहीं छोड़ना चाहिए। पंडित राकेश झा का कहना है कि ऐसी स्थिति में घबराने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि शास्त्रों में इसके लिए वैकल्पिक मार्ग बताए गए हैं। यदि श्रद्धा और विश्वास के साथ पूजा की जाए, तो व्रत का फल अवश्य प्राप्त होता है।
चंद्रमा न दिखने पर व्रत खोलने के उपाय
पंडित राकेश झा के अनुसार, यदि आकाश में बादल होने के कारण चंद्रमा के दर्शन संभव न हों, तो महिलाएं अपने पति का चेहरा देखकर व्रत खोल सकती हैं। शास्त्रों में पति को साक्षात परमेश्वर का स्वरूप माना गया है। ऐसी स्थिति में चंद्रमा की सांकेतिक आरती उतारें और पूरी श्रद्धा के साथ प्रार्थना करें। इसके बाद पति के हाथों से जल ग्रहण करके आप अपना व्रत संपन्न कर सकती हैं।इसके अलावा, आधुनिक तकनीक का सहारा लेना भी एक व्यावहारिक विकल्प है। यदि आपके शहर में मौसम खराब है, तो जरूरी नहीं कि हर जगह स्थिति वैसी ही हो। आप देश के किसी अन्य शहर में रहने वाले अपने किसी परिजन या मित्र को वीडियो कॉल कर सकती हैं। फोन के माध्यम से चंद्रमा के लाइव दर्शन करके आप अर्घ्य दे सकती हैं और अपना व्रत खोल सकती हैं। यह तरीका उन महिलाओं के लिए काफी मददगार साबित होता है जो चंद्रमा को देखकर ही व्रत खोलने की परंपरा का पालन करना चाहती हैं।
