Dussehra 2026: दशहरा यानी विजयादशमी का त्योहार पूरे देश में धूमधाम से मनाया जाता है। यह दिन बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। मान्यता है कि इसी दिन भगवान श्रीराम ने रावण का वध किया था। वहीं, मां दुर्गा ने महिषासुर का अंत करके देवताओं को उसके अत्याचारों से मुक्ति दिलाई थी। इस दिन लोग पूजा-पाठ करते हैं, रावण दहन देखते हैं और अपने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करते हैं।
साल 2026 में दशहरा 20 अक्टूबर को मनाया जा रहा है। इस दिन कुछ खास चीजों को देखना भी शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, इनके दर्शन से नई उम्मीद, सौभाग्य और सफलता की कामना की जाती है। आइए जानते हैं विजयादशमी पर किन 5 चीजों को देखना शुभ माना जाता है।
1. नीलकंठ पक्षी के दर्शन
दशहरे के दिन नीलकंठ पक्षी दिखाई देना शुभ संकेत माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि विजयादशमी पर इस पक्षी के दर्शन होने से अच्छे समय की शुरुआत होती है और कामकाज में सफलता मिलने की उम्मीद बढ़ती है। नीलकंठ पक्षी का संबंध भगवान शिव से भी जोड़ा जाता है।
पौराणिक कथा के अनुसार, समुद्र मंथन के दौरान निकले हलाहल विष को भगवान शिव ने संसार की रक्षा के लिए अपने कंठ में धारण कर लिया था। विष के प्रभाव से उनका कंठ नीला पड़ गया, जिसके बाद उन्हें नीलकंठ कहा जाने लगा। इसी वजह से नीलकंठ पक्षी को शुभता से जोड़कर देखा जाता है।
2. मछली का दिखना
विजयादशमी के दिन कहीं जाते समय तालाब, नदी या पानी में मछली दिखाई दे जाए, तो इसे भी शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मछली के दर्शन जीवन में तरक्की, सौभाग्य और सफलता की उम्मीद से जुड़े हैं। पौराणिक मान्यता के मुताबिक, भगवान विष्णु ने मत्स्य अवतार धारण करके सृष्टि की रक्षा की थी। यही वजह है कि हिंदू धर्म में मछली को विशेष महत्व दिया जाता है। हालांकि, इसे धार्मिक आस्था और परंपरा के रूप में ही देखना चाहिए।
3. कछुए के दर्शन
दशहरे के दिन कछुआ दिखाई देना भी कुछ धार्मिक मान्यताओं में शुभ संकेत माना जाता है। कछुए को धैर्य, स्थिरता और लंबे समय तक टिके रहने का प्रतीक माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि इसके दर्शन परिवार में सुख-शांति और जीवन में स्थिरता की कामना से जुड़े हैं। पौराणिक कथा के अनुसार, समुद्र मंथन के समय भगवान विष्णु ने कच्छप अवतार लिया था। उन्होंने अपनी पीठ पर मंदराचल पर्वत को सहारा दिया था, ताकि समुद्र मंथन की प्रक्रिया पूरी हो सके। इसी वजह से कछुए को भगवान विष्णु से जोड़कर देखा जाता है।
4. विजय तारा के दर्शन
विजयादशमी की शाम को विजय तारा के दर्शन करना भी शुभ माना जाता है। धार्मिक परंपराओं में इसे विजय और सफलता की कामना से जोड़ा जाता है। मान्यता है कि शाम के समय शुभ मुहूर्त में पूजा-पाठ करके अपने कामों में सफलता की प्रार्थना करनी चाहिए। हालांकि, विजय तारा को किसी एक खास तारे के रूप में पहचानना हर परंपरा में समान नहीं है। इसलिए इसे लेकर अलग-अलग मान्यताएं मिल सकती हैं। इस दिन लोग भगवान श्रीराम का स्मरण करते हैं और अपने जीवन में आने वाली चुनौतियों पर जीत हासिल करने की प्रार्थना करते हैं।
5. शमी के पेड़ के दर्शन
दशहरे पर शमी के पेड़ की पूजा करना और उसके दर्शन करना भी शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, शमी का संबंध विजय, साहस और मंगलकामना से है। कई जगहों पर विजयादशमी के दिन शमी के पेड़ की पूजा की जाती है और परिवार की खुशहाली की प्रार्थना की जाती है। पौराणिक परंपराओं में शमी के पेड़ का संबंध पांडवों के अज्ञातवास और उनके शस्त्रों को सुरक्षित रखने की कथा से भी जोड़ा जाता है। इसी कारण इसे विजयादशमी के पर्व पर विशेष महत्व दिया जाता है।
