Mole On Saturn Finger Meaning: शरीर पर मौजूद अधिकतर तिलों के महत्व और संकेतों के बारे में सामुद्रिक शास्त्र में विस्तार से बताया गया है। माना जाता है कि तिल के जरिए व्यक्ति के स्वभाव, व्यक्तित्व और भविष्य में उनके साथ घटने वाली कई घटनाओं का आकलन किया जा सकता है। सामुद्रिक शास्त्र में शनि की उंगली पर मौजूद तिल से भी शुभ-अशुभ संकेत मिलते हैं। हस्तरेखा शास्त्र में हाथ की सबसे बड़ी उंगली यानी मध्यमा उंगली को शनि की उंगली के नाम से जाना जाता है। इस उंगली का सीधा संबंध शनि ग्रह से है, जो न्याय, कर्म, अनुशासन, जिम्मेदारी और गंभीरता के कारक हैं। आज यहां पर आप शनि की उंगली पर मौजूद तिल से जुड़े संकेतों के बारे में ही विस्तार से जानेंगे।
दाएं हाथ की शनि उंगली पर तिल होना कैसा होता है?
- पहले पर्व पर-
- दूसरे पर्व पर-
दाएं हाथ की शनि उंगली के दूसरे पर्व पर तिल होना अशुभ होता है। ऐसे लोगों को आएदिन किसी न किसी बीमारी का सामना करना ही पड़ता है। खासकर, हड्डियों से जुड़ी समस्याएं इन्हें ज्यादा परेशान करती हैं।
- तीसरे पर्व पर-
भक्ति टाइम्स पर ये भी पढ़ें- आईब्रो के ठीक नीचे तिल होना कैसा होता है? सामुद्रिक शास्त्र से जानें शुभ-अशुभ संकेत
बाएं हाथ की शनि उंगली पर तिल होना कैसा होता है?
- पहले पर्व-
- दूसरे पर्व पर-
- तीसरे पर्व पर-
शनि पर्वत पर तिल होने का मतलब
हाथ की सबसे बड़ी उंगली के ठीक नीचे वाले स्थान को शनि पर्वत कहा जाता है। जिन लोगों के दाएं हाथ के शनि पर्वत पर तिल होता है, उन्हें उम्र 36 तक संघर्ष करना ही पड़ता है। इस उम्र के बाद इन लोगों के जीवन में स्थिरता आती है और ये विभिन्न सुखों का आनंद लेते हैं। वहीं, बाएं हाथ के शनि पर्वत पर तिल होना अशुभ होता है। ऐसे लोगों के जीवन में अचानक बड़े बदलाव आते हैं। यदि ये लोग जल्दबाजी में कोई फैसला लेते हैं तो उसके अशुभ प्रभाव का सामना इन्हें लंबे समय तक करना पड़ता है। खासकर, पैसों से जुड़े फैसले इन्हें सोच-समझकर लेने चाहिए।
नोट: यहां बताई गई बातें सामुद्रिक शास्त्र और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित हैं। Bhakti Times इसकी पुष्टि नहीं करता है।
