सनातन धर्म में किसी भी शुभ कार्य को शुरू करने से पहले पंचांग देखने की परंपरा रही है। 5 सितंबर 2026, शनिवार के दिन भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, आज का दिन विशेष रूप से शनिदेव की आराधना के लिए उत्तम माना गया है। पंचांग के अनुसार, नवमी तिथि रात्रि 09:53 बजे तक प्रभावी रहेगी, जिसके बाद दशमी तिथि का आरंभ हो जाएगा।
आज के दिन सूर्य दक्षिणायन और शरद ऋतु में रहेंगे। चंद्रमा की स्थिति पर नजर डालें तो सुबह 10:18 बजे तक चंद्रमा वृषभ राशि में रहेंगे और इसके बाद मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे। नक्षत्रों की बात करें तो मृगशिरा नक्षत्र रात्रि 09:30 बजे तक रहेगा, जिसके उपरांत आर्द्रा नक्षत्र का संचार होगा। आज का दिन धार्मिक अनुष्ठानों और दैनिक कार्यों की योजना बनाने के लिए पंचांग के अनुसार महत्वपूर्ण है।
शुभ और अशुभ मुहूर्त की जानकारी
किसी भी महत्वपूर्ण कार्य को करने के लिए शुभ समय का चयन करना आवश्यक होता है। आज के दिन ब्रह्म मुहूर्त सुबह 03:55 से 04:41 बजे तक रहेगा, जो आध्यात्मिक कार्यों के लिए श्रेष्ठ माना जाता है। इसके अलावा, दोपहर 11:54 से 12:45 बजे तक अभिजीत मुहूर्त रहेगा, जिसे किसी भी नए कार्य की शुरुआत के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। अमृत काल का समय दोपहर 01:17 से 02:46 बजे तक रहेगा।वहीं, पंचांग में कुछ समय ऐसे भी होते हैं जिन्हें अशुभ माना जाता है और इस दौरान महत्वपूर्ण कार्यों से बचने की सलाह दी जाती है। आज राहुकाल सुबह 09:00 बजे से 10:30 बजे तक रहेगा। इसके अतिरिक्त, गुलिक काल सुबह 06:00 से 07:30 बजे तक और यमगंड दोपहर 01:30 से 03:00 बजे तक रहेगा। इन अवधियों में किसी भी नए या मांगलिक कार्य को करने से परहेज करना उचित माना जाता है।
शनिवार का विशेष धार्मिक उपाय
चूंकि आज शनिवार का दिन है, इसलिए शनिदेव की पूजा का विशेष महत्व बताया गया है। धार्मिक परंपराओं के अनुसार, आज के दिन शनि मंदिर में जाकर या घर पर ही शनिदेव की विधि-विधान से पूजा करना फलदायी माना जाता है। भक्त आज पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीपक जला सकते हैं और शनि चालीसा का पाठ कर सकते हैं। यह उपाय शनिदेव की कृपा प्राप्ति के लिए पारंपरिक रूप से प्रचलित है।सूर्योदय से लेकर चंद्रास्त तक का समय
आज सूर्योदय सुबह 06:01 बजे और सूर्यास्त सायं 06:38 बजे होगा। चंद्रोदय मध्यरात्रि 12:32 बजे (6 सितंबर) और चंद्रास्त दोपहर 02:10 बजे (5 सितंबर) होगा। पंचांग के अनुसार, आज का दिन आध्यात्मिक चिंतन और शनिदेव की उपासना के लिए समर्पित है।
आज के व्रत-त्योहार
जन्माष्टमी व्रत का पारण आज प्रात: काल में होगा। इसके अलावा आज दही हांडी और श्री गोगा नवमी का पर्व भी मनाया जा रहा है।
जन्माष्टमी व्रत के पारण का समय
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जन्माष्टमी व्रत का पारण सूर्योदय के पश्चात करना शुभ होता है, जिस दौरान न तो अष्टमी तिथि हो और न ही रोहिणी नक्षत्र का संयोग बन रहा हो। भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि 5 सितंबर 2026 की सुबह 12 बजकर 13 मिनट पर समाप्त हो गई है, जबकि कल 4 सितंबर को देर रात 11 बजकर 04 मिनट पर रोहिणी नक्षत्र समाप्त हो गया था। ऐसे में आज 5 सितंबर 2026, जन्माष्टमी व्रत का पारण सुबह 6 बजकर 1 मिनट के बाद करना शुभ रहेगा।
