सावन पूर्णिमा यानी रक्षाबंधन के अवसर पर 28 अगस्त को आकाश में एक महत्वपूर्ण खगोलीय घटना घटित होने जा रही है। इस दिन चंद्रमा कुंभ राशि में राहु के साथ गोचर करते हुए ग्रहण की स्थिति में होंगे। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, यह चंद्र ग्रहण शतभिषा नक्षत्र में घटित होगा। ग्रहण की कुल अवधि 3 घंटे 18 मिनट की होगी, जो सुबह 8 बजकर 4 मिनट से शुरू होकर सुबह 11 बजकर 22 मिनट तक रहेगी।
ग्रहण के प्रभाव को लेकर ज्योतिष शास्त्र में सूतक काल का विशेष महत्व बताया गया है। सामान्यतः ग्रहण से 9 घंटे पूर्व सूतक लग जाता है, जिसके अनुसार सूतक 27 अगस्त की रात 11 बजकर 54 मिनट से प्रभावी हो जाना चाहिए था। हालांकि, खगोलीय स्थिति के अनुसार यह चंद्र ग्रहण भारत में दृश्य नहीं होगा, इसलिए धार्मिक मान्यताओं के आधार पर भारत में इसका सूतक काल मान्य नहीं माना जाएगा। फिर भी, ज्योतिषीय दृष्टिकोण से इस ग्रहण का प्रभाव अगले 15 दिनों तक सभी राशियों पर बना रहेगा।
राशियों पर चंद्र ग्रहण का प्रभाव
मेष राशि के लिए यह ग्रहण ग्यारहवें भाव में है, जिससे जातकों को जोखिम भरे कार्यों से बचने की सलाह दी गई है। वृषभ राशि के जातकों को कार्यक्षेत्र में सहकर्मियों के साथ तालमेल बिठाकर चलने की आवश्यकता है। मिथुन राशि के लिए यह ग्रहण भाग्य भाव में है, जहां स्वास्थ्य और खानपान पर विशेष ध्यान देना अनिवार्य होगा। कर्क राशि के स्वामी चंद्रमा स्वयं ग्रहण से प्रभावित हो रहे हैं, इसलिए मानसिक तनाव और आर्थिक निवेश में सावधानी बरतनी चाहिए।सिंह राशि के जातकों को क्रोध पर नियंत्रण रखने और कार्यस्थल पर अधिकारियों से विवाद से बचने की आवश्यकता है। कन्या राशि के लिए यह ग्रहण छठे भाव में है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति सतर्क रहना होगा। तुला राशि के जातकों के लिए यह समय सुखद और लाभदायक रहने की संभावना है, जबकि वृश्चिक राशि के लिए यह ग्रहण सामान्य रूप से शुभ फलदायी रहेगा।
धनु राशि के जातकों को जल्दबाजी में निर्णय लेने से बचना चाहिए। मकर राशि के लिए यह ग्रहण दूसरे भाव में है, जो कार्यक्षेत्र में अनुकूलता और मान-सम्मान में वृद्धि ला सकता है। कुंभ राशि में ही ग्रहण लगने के कारण इस राशि के जातकों को स्वास्थ्य और रिश्तों के प्रति विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। अंत में, मीन राशि के जातकों के लिए यह ग्रहण खर्चों में वृद्धि और स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही न बरतने का संकेत दे रहा है।
