Surya Yam Kendra Yog 2026: 26 अक्टूबर 2026 को सूर्य और यम (प्लूटो) के बीच 90 डिग्री का कोण बना है। ज्योतिष में इस तरह के कोण को स्क्वायर आस्पेक्ट कहा जाता है, जबकि कुछ मॉडर्न एस्ट्रोलॉजी पद्धतियों में इसे केंद्र संबंध भी कहा जाता है। इस दौरान सूर्य तुला राशि में नीच अवस्था में हैं और यम मकर राशि में हैं। सूर्य को आत्मविश्वास, मान-सम्मान, नेतृत्व और अधिकार का कारक माना जाता है। वहीं, यम यानी प्लूटो को गहरे बदलाव, शक्ति, नियंत्रण और पुराने ढांचे में परिवर्तन से जोड़ा जाता है। ऐसे में इन दोनों ग्रहों का 90 डिग्री का संबंध अहंकार, अधिकार, जिम्मेदारियों और जीवन में बदलाव से जुड़े मामलों में दबाव बढ़ाने वाला माना जाता है।
सूर्य और यम के इस कोण का असर सभी राशियों पर एक जैसा नहीं होगा। सूर्य तुला राशि में नीच के हैं, इसलिए आत्मविश्वास, कामकाज और दूसरों के साथ तालमेल बनाए रखने में अतिरिक्त सावधानी की जरूरत हो सकती है। दूसरी तरफ, यम का प्रभाव पुराने मामलों को सामने लाने और उन परिस्थितियों में बदलाव की जरूरत दिखाने से जोड़ा जाता है, जिन्हें लंबे समय से नजरअंदाज किया जा रहा हो।
चंद्र राशि से ग्रहों के भाव और तुला-मकर के बीच बनने वाले वर्ग संबंध को देखते हुए मेष, कर्क, तुला और मकर राशि वालों को विशेष सावधानी रखनी चाहिए। किसी के लिए रिश्तों में तनाव बढ़ सकता है, तो किसी के लिए करियर, घर-परिवार या निजी फैसले चुनौती बन सकते हैं। आइए जानते हैं कि इन राशियों पर इसका क्या असर हो सकता है और परेशानियों को कम करने के लिए कौन-सा उपाय करना चाहिए।
मेष राशि
मेष राशि वालों के लिए सूर्य तुला राशि में सातवें भाव और यम मकर राशि में दसवें भाव को प्रभावित करेंगे। सातवां भाव शादी, जीवनसाथी और बिजनेस पार्टनरशिप का है, जबकि दसवां भाव करियर, जिम्मेदारियों और सामाजिक प्रतिष्ठा से जुड़ा है। ऐसे में निजी रिश्तों और कामकाज के बीच तालमेल बनाने में परेशानी हो सकती है। जीवनसाथी को लग सकता है कि आप काम को ज्यादा महत्व दे रहे हैं, जबकि ऑफिस में किसी सहकर्मी या वरिष्ठ अधिकारी के साथ अधिकारों को लेकर मतभेद हो सकते हैं।
बिजनेस करने वालों को पार्टनर के साथ किसी समझौते या जिम्मेदारी पर दोबारा चर्चा करनी पड़ सकती है। इस दौरान गुस्से में कोई फैसला लेने या अपनी बात मनवाने की जिद करने से बचें। रविवार को सूर्य को जल अर्पित करें और 'ॐ घृणि सूर्याय नमः' मंत्र का 11 बार जाप करें। रिश्तों में सामने वाले की बात सुनें और कारोबारी समझौते लिखित रूप में स्पष्ट रखें।
कर्क राशि
कर्क राशि वालों के लिए सूर्य चौथे भाव और यम सातवें भाव को प्रभावित करेंगे। चौथा भाव घर, माता, प्रॉपर्टी और मानसिक शांति से जुड़ा है, जबकि सातवां भाव जीवनसाथी, पार्टनरशिप और दूसरे लोगों के साथ समझौतों का प्रतिनिधित्व करता है। ऐसे में घर-परिवार और रिश्तों से जुड़े मामलों में तनाव बढ़ सकता है। प्रॉपर्टी खरीदने-बेचने या घर की मरम्मत से जुड़े कामों में देरी हो सकती है।
जीवनसाथी या बिजनेस पार्टनर के साथ किसी घरेलू खर्च, निवेश या जिम्मेदारी को लेकर मतभेद हो सकते हैं। परिवार के किसी पुराने मुद्दे को लेकर बातचीत दोबारा शुरू हो सकती है। इस दौरान किसी की बात को व्यक्तिगत रूप से लेने के बजाय समाधान पर ध्यान देना जरूरी होगा। सोमवार को भगवान शिव का जलाभिषेक करें और 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का 108 बार जाप करें। प्रॉपर्टी या साझेदारी से जुड़े दस्तावेजों की जांच किए बिना कोई फैसला न लें।
तुला राशि
तुला राशि वालों के लिए यह योग विशेष महत्व रखता है, क्योंकि सूर्य इसी राशि में नीच के हैं। सूर्य पहले भाव को और यम चौथे भाव को प्रभावित करेंगे। पहला भाव व्यक्तित्व, आत्मविश्वास और व्यक्तिगत फैसलों से जुड़ा है, जबकि चौथा भाव घर, परिवार और मानसिक शांति का है। ऐसे में अपने फैसलों को लेकर असमंजस हो सकता है या परिवार के किसी पुराने मुद्दे के कारण मानसिक दबाव बढ़ सकता है।
नौकरीपेशा लोगों को अपनी क्षमता साबित करने के लिए अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ सकती है। वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत में सावधानी जरूरी होगी। घर या प्रॉपर्टी से जुड़ा कोई फैसला भी आपकी प्राथमिकताओं में बदलाव ला सकता है। इस दौरान दूसरों के व्यवहार को लेकर तुरंत निष्कर्ष निकालने और गुस्से में प्रतिक्रिया देने से बचें। रोज सुबह सूर्य को तांबे के पात्र से जल अर्पित करें और जरूरतमंद व्यक्ति को गेहूं या गुड़ दान करें। अपनी दिनचर्या व्यवस्थित रखें और बड़े फैसले शांत मन से लें।
मकर राशि
मकर राशि वालों के लिए सूर्य दसवें भाव और यम पहले भाव को प्रभावित करेंगे। दसवां भाव करियर, नौकरी, बिजनेस और प्रतिष्ठा से जुड़ा है, जबकि पहला भाव व्यक्तित्व, व्यवहार और जीवन की दिशा का प्रतिनिधित्व करता है। ऐसे में कामकाज की जिम्मेदारियों और निजी जरूरतों के बीच संतुलन बनाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। नौकरीपेशा लोगों को किसी महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट में दबाव का सामना करना पड़ सकता है या वरिष्ठ अधिकारियों की अपेक्षाएं बढ़ सकती हैं।
कारोबारियों को अपनी रणनीति में बदलाव करना पड़ सकता है। किसी पुरानी गलती या अधूरे काम को सुधारने की जरूरत भी सामने आ सकती है। यम के प्रभाव को बदलाव के संकेत के रूप में देखते हुए उन तरीकों की समीक्षा करें, जो अब आपके लिए काम नहीं कर रहे हैं। शनिवार को जरूरतमंद व्यक्ति को काले तिल दान करें और 'ॐ शं शनैश्चराय नमः' मंत्र का 108 बार जाप करें। काम की जिम्मेदारियों को प्राथमिकता के अनुसार बांटें और बिना पूरी जानकारी के कोई बड़ा फैसला न लें।
डिसक्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। Bhakti Times इसकी पुष्टि नहीं करता है।
