धर्म

Gajendra Moksha: संकट से तुरंत मुक्ति के लिए करें गजेंद्र मोक्ष स्तोत्र का पाठ, पढ़ें इसकी कथा, पाठ और महत्व

Gajendra Moksha: गजेंद्र मोक्ष स्तोत्र भगवान विष्णु की शरणागति और भक्ति का प्रतीक माना जाता है। श्रीमद्भागवत महापुराण में वर्णित गजेंद्र की कथा सिखाती है कि कठिन परिस्थितियों में धैर्य, विश्वास और ईश्वर का स्मरण मनुष्य को संबल देता है। आगे पढ़ें गजेंद्र संपूर्ण मोक्ष स्तोत्र अर्थ सहित...

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गजेंद्र मोक्ष स्तोत्र

Gajendra Moksha: हिंदू धार्मिक परंपरा में भगवान विष्णु की भक्ति और शरणागति से जुड़े अनेक स्तोत्रों का विशेष महत्व बताया गया है। इनमें गजेंद्र मोक्ष स्तोत्र की कथा बेहद भावपूर्ण है। यह केवल एक हाथी और मगरमच्छ के संघर्ष की कहानी नहीं, बल्कि उस क्षण की कथा है जब अपनी पूरी शक्ति समाप्त होने के बाद गजेंद्र ने स्वयं को भगवान के चरणों में समर्पित कर दिया। मान्यता है कि सच्चे मन से भगवान का स्मरण करने पर भक्त को कठिन परिस्थितियों में भी आशा और संबल मिलता है।

गजेंद्र मोक्ष का मूल प्रसंग श्रीमद्भागवत महापुराण के अष्टम स्कंध में आता है। दूसरे अध्याय में गजेंद्र के संकट का वर्णन है, जबकि तीसरे अध्याय में उसकी भगवान विष्णु के प्रति प्रार्थना और उसके बाद भगवान द्वारा उद्धार का प्रसंग मिलता है। अध्याय 3 में 33 श्लोक हैं। आगे पढ़ें गजेंद्र संपूर्ण मोक्ष स्तोत्र (Gajendra Moksha Stotram Lyrics) अर्थ सहित....