Navratri Colours: इस साल 13 अक्टूबर 2026, मंगलवार को नवरात्रि का तीसरा दिन मनाया जा रहा है। नवरात्रि में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है और हर दिन के साथ एक खास रंग भी जोड़ा जाता है। ऐसे में भक्तों के मन में सवाल रहता है कि आज मां चंद्रघंटा की पूजा के लिए किस रंग के कपड़े पहनना शुभ रहेगा। धार्मिक मान्यताओं में लाल रंग को शक्ति, साहस और ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। यही वजह है कि मां दुर्गा की पूजा में लाल रंग का खास महत्व बताया जाता है। अगर आप भी नवरात्रि के तीसरे दिन पूजा के लिए तैयार हो रहे हैं, तो जानिए लाल रंग का महत्व।
नवरात्रि के तीसरे दिन कौन-से रंग के कपड़े पहनें?
नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा के लिए लाल रंग के कपड़े पहनना एक पारंपरिक विकल्प है। लाल रंग को शक्ति, उत्साह, साहस और आत्मविश्वास से जोड़कर देखा जाता है। मां दुर्गा की पूजा में भी इस रंग का इस्तेमाल काफी प्रचलित है। ऐसे में कई भक्त लाल रंग की साड़ी, सूट या कुर्ता पहनकर माता की आराधना करते हैं।
अगर आपको पूरे लाल रंग के कपड़े पहनना पसंद नहीं है, तो आप अपने पहनावे में इस रंग को छोटे तरीके से भी शामिल कर सकते हैं। लाल दुपट्टा, चुनरी, साड़ी का बॉर्डर या लाल रंग की कोई एक्सेसरी आपके लुक को खास बना सकती है। पूजा के लिए ऐसे कपड़े चुनें जिनमें आप आराम महसूस करें और आसानी से पूजा कर सकें।
मां चंद्रघंटा की पूजा में लाल रंग का क्या महत्व है?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, लाल रंग शक्ति और पराक्रम का प्रतीक माना जाता है। मां चंद्रघंटा का स्वरूप भी साहस और शक्ति से जुड़ा हुआ है। देवी सिंह पर सवार हैं और उनके हाथों में कई तरह के अस्त्र-शस्त्र हैं। उनका यह स्वरूप बुराई के खिलाफ खड़े होने और मुश्किल परिस्थितियों का हिम्मत से सामना करने की प्रेरणा देता है।
नवरात्रि के तीसरे दिन लाल रंग पहनकर मां की पूजा करना कई भक्तों के लिए अपनी आस्था व्यक्त करने का एक तरीका है। हालांकि, कपड़ों के रंग से जुड़े नियम अलग-अलग परंपराओं में भिन्न हो सकते हैं। पूजा में सबसे महत्वपूर्ण बात श्रद्धा और साफ मन से माता का स्मरण करना है।
मां चंद्रघंटा की पूजा से जुड़ी खास बातें
मां चंद्रघंटा को मां दुर्गा का तीसरा स्वरूप माना जाता है। उनके माथे पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र सुशोभित है, इसी कारण उनका नाम चंद्रघंटा पड़ा। देवी का यह रूप शांति और शक्ति के मेल का प्रतीक माना जाता है।
नवरात्रि के तीसरे दिन पूजा करते समय आप लाल रंग के कपड़े पहन सकते हैं, चमेली के फूल चढ़ा सकते हैं और मां के मंत्र का जाप कर सकते हैं। अगर आपके घर में कोई पारंपरिक पूजा-विधि चली आ रही है, तो उसका पालन भी कर सकते हैं। ध्यान रखें कि नवरात्रि में रंगों से जुड़ी मान्यताएं अलग-अलग पंचांगों और परंपराओं में बदल सकती हैं। इसलिए लाल रंग को मां की पूजा के लिए एक पारंपरिक विकल्प मानें और अपनी श्रद्धा के साथ पर्व मनाएं।
