Ravan Dahan Time Today: आज 20 अक्टूबर 2026 को देशभर में दशहरे का त्योहार मनाया जा रहा है। रावण दहन की तैयारियां भी लगभग पूरी हो चुकी हैं। शाम होते ही कई शहरों में रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन किया जाएगा। ऐसे में लोगों के मन में सवाल है कि आखिर आज रावण दहन कितने बजे होगा और इसके लिए कौन सा समय शुभ माना जा रहा है? अगर आप भी परिवार के साथ रावण दहन देखने जाने वाले हैं, तो यहां जानिए शुभ मुहूर्त और दिल्ली-एनसीआर में होने वाले कार्यक्रमों से जुड़ी जरूरी बातें।
आज 20 अक्टूबर को रावण दहन कितने बजे होगा?
दशहरे पर रावण दहन आमतौर पर सूर्यास्त के बाद किया जाता है। पंचांग के अनुसार, इस बार भी शाम का समय पुतला दहन के लिए शुभ माना जा रहा है। दिल्ली में आज सूर्यास्त शाम 5 बजकर 47 मिनट पर होगा। ऐसे में इसके बाद रावण दहन के कार्यक्रम शुरू हो सकते हैं। कुछ पंचांग आधारित रिपोर्टों में रावण दहन के लिए शाम 5:47 बजे से रात 8:23 बजे तक का समय बताया गया है। हालांकि, ध्यान रखें कि यह एक सामान्य शुभ समय है। अलग-अलग शहरों में सूर्यास्त के समय और स्थानीय परंपराओं के हिसाब से मुहूर्त में अंतर हो सकता है। वहीं, रामलीला समितियां अपने कार्यक्रम के अनुसार पुतला दहन का समय तय करती हैं।
रावण दहन का शुभ समय
दशहरा की तारीख: 20 अक्टूबर 2026, मंगलवार
दशमी तिथि शुरू: दोपहर 12:50 बजे
दशमी तिथि समाप्त: 21 अक्टूबर को दोपहर 2:11 बजे
दिल्ली में सूर्यास्त: शाम 5:47 बजे
रावण दहन का सामान्य शुभ समय: शाम 5:47 बजे से रात 8:23 बजे तक
विजय मुहूर्त: दोपहर 1:59 बजे से 2:45 बजे तक
अपराह्न पूजा मुहूर्त: दोपहर 1:14 बजे से 3:30 बजे तक
ध्यान दें कि ये समय दिए गए पंचांग विवरण पर आधारित हैं। अपने शहर के स्थानीय पंचांग से मुहूर्त की पुष्टि कर लेना बेहतर रहेगा।
दिल्ली-नोएडा में आज कितने बजे जलेगा रावण?
दिल्ली-एनसीआर में दशहरे का त्योहार बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। दिल्ली से लेकर नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद तक कई जगहों पर रामलीला का आयोजन होता है। दशहरे की शाम राम-रावण युद्ध के मंचन के बाद रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले जलाए जाते हैं। दिल्ली में सूर्यास्त शाम 5:47 बजे होने के कारण इसके बाद का समय रावण दहन के लिए उपयुक्त माना जा रहा है। लेकिन हर जगह पुतला दहन एक ही समय पर हो, यह जरूरी नहीं है। कहीं पहले रामलीला का मंचन होगा, तो कहीं अतिथियों के आने और दूसरे कार्यक्रमों के बाद पुतले जलाए जाएंगे। इसलिए अगर आप परिवार या दोस्तों के साथ रावण दहन देखने जा रहे हैं, तो घर से निकलने से पहले संबंधित रामलीला मैदान की समय-सारणी जरूर देख लें। इससे आपको कार्यक्रम में पहुंचने में आसानी होगी।
दशहरे पर क्यों किया जाता है रावण दहन?
दशहरा बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन भगवान श्रीराम ने रावण का वध किया था। वहीं, मान्यता है कि मां दुर्गा ने भी इसी दिन महिषासुर का संहार किया था। इसी वजह से विजयादशमी को विजय और धर्म की स्थापना से जोड़कर देखा जाता है। रावण दहन के जरिए लोगों को यह संदेश दिया जाता है कि अहंकार, अन्याय और बुराई चाहे कितनी भी बड़ी क्यों न हो, अंत में जीत सत्य और अच्छाई की ही होती है। यही वजह है कि हर साल दशहरे पर लोग उत्साह के साथ रावण दहन देखने पहुंचते हैं।
