धर्म

सुख-दुख से परे रहने का रहस्य बताते हैं अष्टावक्र गीता के ये श्लोक, बदल देंगे जीवन को देखने का नजरिया

Ashtavakra Gita Hindi: अष्टावक्र गीता भारतीय दर्शन का एक ऐसा ग्रंथ है, जिसमें आत्मज्ञान, वैराग्य और मुक्ति को बहुत गहराई से समझाया गया है।

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Ashtavakra Gita Hindi

Ashtavakra Gita Hindi: भारतीय दर्शन के प्रमुख ग्रंथों में से एक अष्टावक्र गीता (Ashtavakra Gita) में राजा जनक और ऋषि अष्टावक्र के बीच संवाद के जरिए जीवन के कई बड़े सवालों के जवाब मिलते हैं। अष्टावक्र गीता में महर्षि अष्टावक्र ने राजा जनक को जीवन के उलझनों से बाहर निकलने का रास्ता बताया है। उनके अनुसार, सच्ची मुक्ति केवल संसार छोड़ देने में नहीं, बल्कि मन की इच्छाओं, मोह, अहंकार और सुख-दुख के बंधनों से आजाद होने में है। अष्टावक्र के ये श्लोक समझाते हैं कि इंसान दुनिया में रहते हुए भी भीतर से शांत, स्वतंत्र और संतुष्ट रह सकता है।

श्लोक

1- निर्वासनो निरालंबः स्वच्छंदो मुक्तबंधनः।